दानवीर , सागर विवि के संस्थापक डॉ हरि सिंह गौर की जयंती,26 नवम्बर ।

शुक्रवार, 12 नवंबर 2021

गो सेवा संघ ने मनाई गोपाष्टमी

गो सेवा संघ ने मनाई गोपाष्टमी 

सागर। विधायक शैलेंद्र जैन गोपाष्टमी के पावन पुनीत अवसर पर  गौ सेवा संघ द्वारा आयोजित गोपाष्टमी के कार्यक्रम में कामधेनु आयोग के अध्यक्ष डॉ वल्लभभाई कथीरीया के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और गौ पूजन किया कार्यक्रम को मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि आज गोपाष्टमी पर्व पर हम सभी एकत्रित हुए हैं,हमारा सागर गौ सेवकों से भरा हुआ है जो निरंतर अपने खर्च पर गोवंश की सेवा एवं उनका इलाज करते आ रहे हैं और मै भी ऐसे गो सेवकों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहता हू उन्होंने कहा कि गौ सेवकों के आग्रह पर मेरे द्वारा गोवंश के इलाज के लिए दो एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं जो शहर में विभिन्न स्थानों पर घायल अवस्था में पडे गोवंश के इलाज के लिए उपलब्ध रहती है एवं गो वंश के इलाज के लिए गो सेवकों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
    उन्होंने कहा कि हमें इस अवसर पर संकल्प लेना होगा कि हम वास्तव में गाय को अपनी माता माने और सिर्फ उसके दूध से बने हुए उत्पादों का उपयोग करें ताकि लोगों में जनजागृति का भाव पैदा हो, इसके अलावा गौ माता के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो इसका प्रयास किया जाना चाहिए आगामी विधानसभा सत्र में मैच के संबंध में मांग रखूंगा इससे पशुपालकों आर्थिक स्तर भी मजबूत होगा और उनमें गोवंश के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
 गौ माता का दूध और अन्य पदार्थ हमारे लिए अमृततुल्य औषधि है इनका गोबर और गोमूत्र से अनेकों पदार्थ बनाए जाते हैं जो अनेकों प्रकार की व्याधियों मिटाने में सहायक सिद्ध होते हैं आज हम रासायनिक खाद का उपयोग करके कैंसर के रोग को बड़ी मात्रा में अपना चुके हैं इसका मुख्य कारण गाय के गोबर से बनी खाद का उपयोग ना करना है उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा को मैंने अपने जीवन में उतारा है वह मेरे दिन की शुरुआत गौ सेवा से शुरू होती है मैंने अपने घर में एक छोटी सी गौशाला बनाई है सबसे पहले गो माता को रोटी खिला कर ही दिन की शुरुआत करता हूं
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कामधेनु आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर बल्लभ भाई कथीरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि आज गोपाष्टमी पर तो हम सभी एकत्रित हैं गौ माता के गुणगान कर रहे हैं परंतु क्या वास्तव में हम गौ माता की सेवा के रूप में कार्य करते हैं आज जब हमारे हिंदू भाई गौ माता के दूध का उपयोग कर उन्हे सड़क पर छोड़ देता है और फिर कसाई उनका कत्ल कर देता है तब हम उस कसाई को कोसते हैं क्या हमारा नैतिक दायित्व नहीं है कि हम गौ माता को सड़क पर ना छोड़ें जिस प्रकार उनकी सेवा जब वह दूध देती हैं करते हैं, हमेशा करते रहे उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों में गौ हत्या प्रतिबंध कानून बनाया गया है इसे देशभर में लागू करने के लिए 1961 में दो करोड़ लोगों के द्वारा हस्ताक्षर करके राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया था और उसके बाद 1969 में एक आंदोलन हुआ लोगों ने गोली खाकर के विरुद्ध आवाज उठाई थी उन्होंने कहा कि हमें जन जागरण के लिए अभियान चलाना होगा और गाय के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व को लोगों को बताना होगा ताकि लोग गौमाता को सिर्फ दूध दुहने का माध्यम ना समझें उनकी उपयोगिता और धार्मिक महत्व को भी समझे, उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बनने के बाद उन्होंने इसकी चिंता करते हुए अलग से गोवंश एवं अन्य जीवों की रक्षा के लिए मंत्रालय बनाया है यह मंत्रालय के गठन के बाद हम सभी जीवो की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं उसमें गौमाता हमारी प्राथमिकता है उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि एक भी गौ माता सड़क पर घूमती ना मिले इसके लिए प्रयास करें।
कार्यक्रम का संचालन गौ सेवा संघ के संगठन मंत्री सोनू श्याम उपाध्याय ने किया आभार राहुल पटेल लंबरदार ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रतिभा रामेश्वर चौबे,अखिलेश घोसी,विनय पांडे, फूलचंद पटेल, उभय मिश्रा, बिट्टू पहलवान, राहुल वैद्य, नमन सोनी, भगवानदास लंबरदार,नारायण प्रसाद लंबरदार, संदीप रावत उपस्थित थे ।*गो सेवा संघ द्वारा आयोजित गोपाष्टमी कार्यक्रम में विधायक शैलेंद्र जैन एवं कामधेनु आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर बल्लभ भाई कथीरिया  हुए सम्मिलित*

*गौ माता के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो- शैलेंद्र जैन*

*गौमाता के संरक्षण के लिए जनजागृति लाना होगा- डॉ बल्लभ भाई कथिरिया*
सागर। विधायक शैलेंद्र जैन गोपाष्टमी के पावन पुनीत अवसर पर  गौ सेवा संघ द्वारा आयोजित गोपाष्टमी के कार्यक्रम में कामधेनु आयोग के अध्यक्ष डॉ वल्लभभाई कथीरीया के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और गौ पूजन किया कार्यक्रम को मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि आज गोपाष्टमी पर्व पर हम सभी एकत्रित हुए हैं,हमारा सागर गौ सेवकों से भरा हुआ है जो निरंतर अपने खर्च पर गोवंश की सेवा एवं उनका इलाज करते आ रहे हैं और मै भी ऐसे गो सेवकों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहता हू उन्होंने कहा कि गौ सेवकों के आग्रह पर मेरे द्वारा गोवंश के इलाज के लिए दो एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं जो शहर में विभिन्न स्थानों पर घायल अवस्था में पडे गोवंश के इलाज के लिए उपलब्ध रहती है एवं गो वंश के इलाज के लिए गो सेवकों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
    उन्होंने कहा कि हमें इस अवसर पर संकल्प लेना होगा कि हम वास्तव में गाय को अपनी माता माने और सिर्फ उसके दूध से बने हुए उत्पादों का उपयोग करें ताकि लोगों में जनजागृति का भाव पैदा हो, इसके अलावा गौ माता के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय हो इसका प्रयास किया जाना चाहिए आगामी विधानसभा सत्र में मैच के संबंध में मांग रखूंगा इससे पशुपालकों आर्थिक स्तर भी मजबूत होगा और उनमें गोवंश के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
 गौ माता का दूध और अन्य पदार्थ हमारे लिए अमृततुल्य औषधि है इनका गोबर और गोमूत्र से अनेकों पदार्थ बनाए जाते हैं जो अनेकों प्रकार की व्याधियों मिटाने में सहायक सिद्ध होते हैं आज हम रासायनिक खाद का उपयोग करके कैंसर के रोग को बड़ी मात्रा में अपना चुके हैं इसका मुख्य कारण गाय के गोबर से बनी खाद का उपयोग ना करना है उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा को मैंने अपने जीवन में उतारा है वह मेरे दिन की शुरुआत गौ सेवा से शुरू होती है मैंने अपने घर में एक छोटी सी गौशाला बनाई है सबसे पहले गो माता को रोटी खिला कर ही दिन की शुरुआत करता हूं
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कामधेनु आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर बल्लभ भाई कथीरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि आज गोपाष्टमी पर तो हम सभी एकत्रित हैं गौ माता के गुणगान कर रहे हैं परंतु क्या वास्तव में हम गौ माता की सेवा के रूप में कार्य करते हैं आज जब हमारे हिंदू भाई गौ माता के दूध का उपयोग कर उन्हे सड़क पर छोड़ देता है और फिर कसाई उनका कत्ल कर देता है तब हम उस कसाई को कोसते हैं क्या हमारा नैतिक दायित्व नहीं है कि हम गौ माता को सड़क पर ना छोड़ें जिस प्रकार उनकी सेवा जब वह दूध देती हैं करते हैं, हमेशा करते रहे उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों में गौ हत्या प्रतिबंध कानून बनाया गया है इसे देशभर में लागू करने के लिए 1961 में दो करोड़ लोगों के द्वारा हस्ताक्षर करके राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया था और उसके बाद 1969 में एक आंदोलन हुआ लोगों ने गोली खाकर के विरुद्ध आवाज उठाई थी उन्होंने कहा कि हमें जन जागरण के लिए अभियान चलाना होगा और गाय के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व को लोगों को बताना होगा ताकि लोग गौमाता को सिर्फ दूध दुहने का माध्यम ना समझें उनकी उपयोगिता और धार्मिक महत्व को भी समझे, उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बनने के बाद उन्होंने इसकी चिंता करते हुए अलग से गोवंश एवं अन्य जीवों की रक्षा के लिए मंत्रालय बनाया है यह मंत्रालय के गठन के बाद हम सभी जीवो की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं उसमें गौमाता हमारी प्राथमिकता है उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि एक भी गौ माता सड़क पर घूमती ना मिले इसके लिए प्रयास करें।
कार्यक्रम का संचालन गौ सेवा संघ के संगठन मंत्री सोनू श्याम उपाध्याय ने किया आभार राहुल पटेल लंबरदार ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रतिभा रामेश्वर चौबे,अखिलेश घोसी,विनय पांडे, फूलचंद पटेल, उभय मिश्रा, बिट्टू पहलवान, राहुल वैद्य, नमन सोनी, भगवानदास लंबरदार,नारायण प्रसाद लंबरदार, संदीप रावत उपस्थित थे ।

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