शुक्रवार, 8 अप्रैल 2022

कार्यो में लापरवाही , केसली जनपद पंचायत की CEO पूजा जैन को कमिश्नर ने किया निलंबित

कार्यो में लापरवाही , केसली जनपद पंचायत की CEO पूजा जैन को कमिश्नर ने किया निलंबित 


सागर ।  सागर संभाग कमिष्नर श्री मुकेष कुमार शुक्ला ने केसली जनपद पंचायत की सीईओ श्रीमती पूजा जैन को अपने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता, लापरवाही एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देषों की अवहेलना के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कमिष्नर श्री शुक्ला ने उक्त कार्यवाही कलेक्टर के प्रस्ताव पर मध्यप्रदेष सिविल सेवा नियम के तहत की है। निलंबन अवधि में श्रीमती जैन का मुख्यालय कार्यालय जिला पंचायत टीकमगढ़ नियत किया गया है। निलंबन अवधि में श्रीमती जैन को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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उल्लेखनीय है कि केसली जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा जैन द्वारा अपने पदीय दायत्वों के प्रति उदासीनता, लापरवाही एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अपहेलना की जा रही थी। श्रीमती जैन द्वारा शासन के द्वारा संचालित योजनाओं की भी नियमितसमीक्षा नहीं की जा रही थी। जनपद पंचायत केसली की प्रगति संतोषप्रद नहीं है, जिसके जारी होने वाली मासिक ग्रेडिंग प्रभावित होती है। साथ ही राज्य शासन द्वारा समय वैक्शीनेशन, आयुष्मान कार्ड आदि में भी केसली द्वारा अपेक्षित प्रगति अर्जित नहीं की जाती है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत केसली द्वारा अपने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता लापरवाही एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना के फलस्वरूप निम्नानुसार स्थिति निर्मित हुई है।


प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत जनपद पंचायत केसली में वित्तीय वर्ष 2021-22 के पूर्व के कुल स्वीकृत 12370 आवासों के विरुद्ध आज दिनांक तक की स्थिति में 1247 आवास अपूर्ण है, इनमें से 591 आवासों में तृतीय किस्त भी प्राप्त है । इसी वित्तीय वर्ष में 2021-22 के लक्ष्य के विरुद्ध आज दिनांक तक 25 हितग्राहियों के खाते फ्रीज नहीं किये गये है। जिससे हितग्राहियों को आवास स्वीकृति उपरान्त भी अभी तक प्रथम किश्त प्राप्त नहीं हो सकी है ।
आवास प्लस में राज्य शासन से समय-सीमा में सभी पात्र हितग्राहियों की आधार सीडिंग, मनरेगा जॉबकार्ड मैपिंग व पात्रता परीक्षण एवं पुर्नसत्यापन उपरान्त अपात्रों को पोर्टल से पृथक करते हुये प्राथमिकता सूची निर्धारण के निर्देशों के उपरान्त भी आज दिनांक की स्थिति में आवास प्लस डेटा वाली 54 ग्राम पंचायतों के विरूद्ध मात्र 39 ग्राम पंचायतों में आधार सीडिंग , 03 ग्राम पंचायतों में जॉबकार्ड मैपिंग एवं 41 ग्राम पंचायतों में डेटा क्लीनिंग का कार्य शेष है ।
माह फरवरी में वैक्शीनेशन 17 फरवरी के निर्धारित दैनिक लक्ष्य के विरुद्ध प्रथम डोज के मात्र 02. दूसरे एवं प्रीकॉषन डोज में निरक प्रगति अर्जित की गई।  इसके साथ ही उक्त दिनांक को वैक्सीनेशन के संबंध में कलेक्टर द्वारा आयोजित व्हीसी में भी बिना सूचना / अनुमति के अनुपस्थित रहीं। इसके
संबंध में कारण बताओ नोटिस 18 फरवरी को जारी किया गया है ।
 मनरेगा अन्तर्गत श्रमिकों की आधार सीडिंग की गई है जो कि जिले में अन्य जनपदों की तुलना में सर्वाधिक न्यून है। इसी प्रकार समय-सीमा मजदूरी भुगतान भी मात्र 91 प्रतिशत ही हुआ है, जो कि राज्य एवं जिले के औसत से भी कम है । लेबर बजट 2021-22 के निर्धारित लक्ष्य 9.70 लाख मानव दिवस के विरुद्ध अपेक्षित प्रगति परिलक्षित न होने के कारण जनपद पंचायत कंसली का लक्ष्य संशोधित करने की स्थिति निर्मित हुई।  संशोधित लक्ष्य 8ः30 होने के उपरात भी जनपद पंचायत द्वारा मात्र 6.35 लाख मानव दिवस ही सृजित किये गये, जो कि कुल लक्ष्य का 76 प्रतिशत रहा जबकि जनपद पंचायत केसली अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण श्रमिक नियोजन की सर्वाधिक संभावनाएं है ।
स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत सामुदायिक सोक पिट के निर्धारित लक्ष्य 692 के विरूद्ध केवल 183 सोक पिट का निर्माण एवं व्यक्तिगत सोकपिट के लक्ष्य 1075 के विरूद्ध मात्र 50 का ही निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार 500 से कम जनसंख्या वाले ओडीएफ प्लस हेतु लक्षित 73 ग्रामों में से मात्र 13 ग्राम ही ओडीएफ प्लस घोषित 
किये गये है। शासन निर्देशों के उपरान्त भी फलैगशिप कार्यक्रम की उपेक्षा करते हुए मात्र 02 ग्रामों में ही कचरा संग्रहण की व्यस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर से राशि आवंटन एवं निर्देशों क उपरान्त भी मात्र ( 01 कचरा वाहन का क्रय किया गया है। साथ ही सामुदायिक स्वच्छता परिसर में भी स्वीकृत 15 के विरूद्ध 50 प्रतिशत ही प्रगति अर्जित की गई है ।
आयुष्मान निरामय अन्तर्गत आयुष्मान कार्ड के निर्धारित शेष लक्ष्य 20944 के विरूद्ध 03 माह में मात्र 1169 आयुष्मान कार्ड बनाए गये है ।  श्रीमती जैन को दिये गये निर्देशों के उपरान्त भी 5 अपै्रल की समय-सीमा बैठक में भी अनुपस्थित रही है। जिससे शासन की प्राथमिकताओं और अन्य समन्वय के बिन्दुओं पर चर्चा नहीं हो सकी ।

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