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सागर जिला अस्पताल के SNCU ने रचा जीवन का चमत्कार, 915 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन

सागर जिला अस्पताल के SNCU ने रचा जीवन का चमत्कार, 915 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई 2026

सागर: । मध्यप्रदेश शासन की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सकारात्मक परिणाम सागर जिला चिकित्सालय में देखने को मिला। जिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी, विशेषज्ञ उपचार एवं समर्पित देखभाल से महज 915 ग्राम वजन वाले गंभीर नवजात को नया जीवन मिला। स्वस्थ होने के बाद नवजात को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।



जानकारी के अनुसार, रहली विकासखंड के ग्राम पीराहार निवासी लीला बाई आदिवासी ने 1 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे शिशु को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी। उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और हृदय गति भी सामान्य से कम थी। गंभीर स्थिति को देखते हुए नवजात को तत्काल जिला चिकित्सालय के SNCU में भर्ती किया गया।

तत्काल उपचार से बची जान

SNCU प्रभारी डॉ. सौरभ जोशी ने बिना समय गंवाए बैग एंड मास्क वेंटिलेशन देकर शिशु की जान बचाई। इसके बाद नवजात को सी-पैप (CPAP) मशीन के माध्यम से श्वसन सहायता प्रदान की गई। भर्ती के समय बच्चे का वजन मात्र 915 ग्राम था, जो सामान्य नवजात की तुलना में काफी कम था।



20 दिन तक ट्यूब फीडिंग, कंगारू मदर केयर से मिला लाभ

चिकित्सकीय टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं दीं। उपचार के दौरान खून की कमी होने पर नवजात को रक्त भी चढ़ाया गया। लगभग 20 दिनों तक ट्यूब फीडिंग के माध्यम से पोषण दिया गया, जिसके बाद कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना शुरू किया गया।

साथ ही कंगारू मदर केयर (KMC) के जरिए मां और शिशु के बीच त्वचा से त्वचा का संपर्क कराया गया, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।

915 ग्राम से बढ़कर 1.415 किलोग्राम हुआ वजन

चिकित्सकों ने शिशु के वजन, श्वसन, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी की। उपचार के सकारात्मक परिणामस्वरूप 15 जुलाई 2026 तक नवजात का वजन बढ़कर 1.415 किलोग्राम हो गया। सभी आवश्यक जांचें सामान्य आने के बाद चिकित्सकों ने शिशु को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया।

नवजात के माता-पिता ने सफल उपचार के लिए डॉ. सौरभ जोशी, चिकित्सकीय टीम और पूरे नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया।


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भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- यहां सबकुछ उपलब्ध

भारत टेक्स-2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को दिया मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता, बोले- हमारे राज्य में आपके लिए सबकुछ उपलब्ध


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई, 2026

भोपाल/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स-2026 में देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में शामिल है तथा यहां उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध हैं।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक और वन-टू-वन मीटिंग कर राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की नई बयार बह रही है। उन्होंने कुंभ मेले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह कुंभ के दौरान एक विशेष वातावरण बनता है, उसी तरह भारत टेक्स-2026 में वस्त्र उद्योग का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आयोजन और अधिक प्रभावशाली एवं व्यापक हुआ है।

पीएम मित्र पार्क से मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी जा चुकी है। इस परियोजना से लगभग तीन लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि मालवा-निमाड़ क्षेत्र के छह लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे खेत से लेकर फैक्ट्री और वैश्विक बाजार तक वस्त्र उद्योग की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।

मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योगों के लिए सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। राज्य में जल विद्युत, सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के कारण ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे उद्योगों के संचालन की लागत कम होती है और निवेशकों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है।



महेश्वरी और चंदेरी साड़ी हमारी पहचान

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का वस्त्र उद्योग ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है। राजा विक्रमादित्य के समय से लेकर महारानी अहिल्याबाई होल्कर तक वस्त्र परंपरा को बढ़ावा मिला। महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां आज देश-दुनिया में मध्यप्रदेश की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वस्त्र संस्कृति देश की आर्थिक मजबूती का आधार है।

डेढ़ साल में 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। मई 2026 तक की सभी लंबित सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से उद्योगों को हस्तांतरित कर दी गई है। पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 5,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी उद्योगों को प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों के लिए भरोसेमंद साझेदार है और निवेशकों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों से मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने का आग्रह करते हुए कहा कि "एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।"


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सागर में ‘एकात्म मानव दर्शन और विकसित भारत 2047’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ, विधायक शैलेंद्र जैन बोले- यही विकसित भारत का मार्ग

सागर में ‘एकात्म मानव दर्शन और विकसित भारत 2047’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ, विधायक शैलेंद्र जैन बोले- यही विकसित भारत का मार्ग



तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई, 2026

सागर। उच्च शिक्षा विभाग की पीएम-ऊषा परियोजना (सॉफ्ट कंपोनेंट तृतीय चरण) के अंतर्गत पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा "पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रणीत एकात्म मानव दर्शन और विकसित भारत 2047" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय की शोध पत्रिका 'शोध क्षितिज' के पंडित दीनदयाल उपाध्याय विशेषांक का भी विमोचन किया गया।



मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानव दर्शन' ही विकसित भारत 2047 के निर्माण का सशक्त मार्ग है। उन्होंने कहा कि पंडित जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और अंत्योदय की भावना को समर्पित रहा। उन्होंने विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय परिसर में विधायक निधि से शेड निर्माण कराने की घोषणा भी की।



श्री राम दरबार मंदिर मकरोनिया के महंत केशव गिरी महाराज ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन परिवार, समाज और राष्ट्र को जोड़ने वाला दर्शन है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सभी के प्रति समान दृष्टि रखकर राष्ट्र कल्याण के लिए कार्य करता है, वही सच्चे अर्थों में दीनदयाल के विचारों का प्रतिनिधि बनता है।



महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन आज वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने युवाओं से इस विचारधारा को आत्मसात कर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विशिष्ट वक्ता एवं उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. राधावल्लभ शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद, आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन की ही व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। वहीं मुख्य वक्ता डॉ. विश्वास चौहान ने भारतीय ऋषि परंपरा, आश्रम व्यवस्था तथा व्यष्टि और समष्टि के संतुलन पर प्रकाश डाला।

सारस्वत वक्ता डॉ. श्रीजी सेठ ने कहा कि एकात्म मानववाद पूंजीवाद और साम्यवाद की सीमाओं से आगे बढ़कर भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित समग्र विकास का दर्शन प्रस्तुत करता है।



संगोष्ठी की संयोजक डॉ. संगीता मुखर्जी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी पांच वैचारिक सत्रों में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के शिक्षाविद और शोधकर्ता विकसित भारत-2047 की अवधारणा पर मंथन कर रहे हैं। पीएम-ऊषा परियोजना की समन्वयक डॉ. इमराना सिद्दीकी ने परियोजना के अंतर्गत किए गए कार्यों की जानकारी दी।

तकनीकी सत्रों में हुआ गहन मंथन

प्रथम तकनीकी सत्र में शासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय, बंडा के प्राचार्य डॉ. कुलदीप यादव ने एकात्म मानव दर्शन के चार आधार—व्यष्टि, समष्टि, सृष्टि और परमेष्ठी—पर विस्तार से विचार रखे। अध्यक्षता कर रहीं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की डॉ. अनुपम शर्मा ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में इस दर्शन की प्रासंगिकता बताई।

द्वितीय एवं तृतीय तकनीकी सत्र में ओएसडी आर.के. गोस्वामी ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 का उल्लेख करते हुए उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। ओएसडी डॉ. भावना यादव ने कहा कि एकात्म मानव दर्शन जीवन मूल्यों और सिद्धांतों के समन्वय पर आधारित राष्ट्रीय व्यवस्था का आधार है।

मुख्य वक्ता डॉ. सर्वेश्वर उपाध्याय ने इसे वैश्विक आर्थिक व्यवस्था का संतुलित मॉडल बताया, जबकि डॉ. अमर कुमार जैन ने कहा कि यह दर्शन भारतीय मूल्यों के साथ विकास की नई दिशा प्रदान करता है। इस दौरान शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में डॉ. नीरज दुबे, डॉ. गोपा जैन, डॉ. विनय शर्मा, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. शैलेंद्र राजपूत, डॉ. प्रज्ञा दुबे, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. अंकुर गौतम सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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सागर नगर निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने पर जोर, कटरा बाजार से 21 जुलाई तक हॉकर्स जोन में जायेंगे हाथठेला

सागर नगर निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने पर जोर, कटरा बाजार से 21 जुलाई तक हटेंगे हाथ-ठेले: हॉकर्स जोन में जायेंगे





तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई , 2026

सागर। नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने, शहर की विकास परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कटरा बाजार के हाथ-ठेला व्यवसायियों को 21 जुलाई 2026 तक निर्धारित हॉकर्स जोन में स्थानांतरित करने की समय-सीमा तय की गई।

बैठक में विधायक शैलेन्द्र जैन, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, कलेक्टर प्रतिभा पाल तथा नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसुविधाओं से जुड़ी सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय में पूरा कर आम नागरिकों के लिए उपयोगी बनाया जाए।




राजस्व बढ़ाने के लिए जीआईएस मैपिंग और एनर्जी ऑडिट

बैठक में नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने के लिए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से बड़ी संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर संपत्ति कर का तार्किक निर्धारण तथा बकाया कर की त्वरित वसूली की रणनीति पर चर्चा हुई। राजघाट परियोजना के बिजली खर्च और रखरखाव लागत की समीक्षा करते हुए सोलर पैनल लगाने की संभावनाएं तलाशने तथा एनर्जी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को भी ऊर्जा दक्ष (एनर्जी एफिशिएंसी) मॉडल पर विकसित करने पर सहमति बनी।

आवास योजनाएं और ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना में तेजी

विधायक शैलेन्द्र जैन ने कनेरा देव (ईडब्ल्यूएस) एवं मेनपानी आवास परियोजनाओं में लंबित आवंटन और हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों ने राशि जमा कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उन्हें शीघ्र आवास उपलब्ध कराया जाए।

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर एवं मैकेनिक नगर परियोजनाओं को टेंडर प्रक्रिया के बाद तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

डेयरी विस्थापन में होगी सख्ती

बैठक में डेयरी विस्थापन की समीक्षा करते हुए तय किया गया कि जिन डेयरी संचालकों ने भूखंड आवंटन और नोटिस मिलने के बावजूद पशुओं का स्थानांतरण नहीं किया और नए स्थल पर शेड भी नहीं बनाए, उनके आवंटन निरस्त कर जमा राशि राजसात की जाएगी। ऐसे भूखंड नए पात्र आवेदकों को नियमानुसार दिए जाएंगे।

21 जुलाई तक हॉकर्स जोन में होगा स्थानांतरण

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कटरा बाजार की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए हाथ-ठेला व्यवसायियों को एक सप्ताह के भीतर निर्धारित हॉकर्स जोन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वार्डों में हॉकर्स जोन विकसित कर उन्हें क्रियाशील बनाने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई 2026 के बाद कटरा बाजार और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण या यातायात बाधित करने वालों के विरुद्ध नगर निगम और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से वैधानिक कार्रवाई और जब्ती अभियान चलाएंगे।

महापौर और निगम अध्यक्ष ने जताई प्रतिबद्धता

महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि नगर निगम को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। वहीं निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि परिषद शहर के समग्र विकास, वित्तीय अनुशासन और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

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पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने खुरई में 131 करोड़ के कृषि महाविद्यालय की नींव, गढ़ौला जागीर में 36 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण

खुरई में विकास की दो बड़ी सौगात: 131 करोड़ के अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय की नींव, 36 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण



तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई, 2026

सागर/खुरई। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने मंगलवार को खुरई विधानसभा क्षेत्र को शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में दो बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने खुरई में 131.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्व. अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय का भूमिपूजन किया तथा गढ़ौला जागीर में 36 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि उच्च माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोहों को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि 5000 करोड़ रुपये की बीना नदी सिंचाई परियोजना और कृषि महाविद्यालय का संगम खुरई की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई, आधुनिक कृषि शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ेगी तथा युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।



कृषि महाविद्यालय प्रदेश में 12 वर्षों का इकलौता नया संस्थान

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2016-17 में उनके प्रयासों से खुरई में कृषि महाविद्यालय स्वीकृत हुआ और 2018 में इसकी पढ़ाई शुरू हुई। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाला यह एकमात्र कृषि महाविद्यालय है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस महाविद्यालय को छिंदवाड़ा स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे पुनः खुरई वापस लाया गया।



उन्होंने बताया कि महाविद्यालय परिसर के लिए 12 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जबकि ग्राम सुनैटी में 75 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक कृषि अनुसंधान केंद्र विकसित किया जाएगा। भवन, छात्रावास और अन्य अधोसंरचना के लिए 131 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कृषि शिक्षा से बढ़ेगी किसानों की आय

अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि कृषि महाविद्यालय नई तकनीक, उन्नत बीज, जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किसानों की लागत कम करने तथा उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुरूप नई फसल किस्मों पर अनुसंधान से खेती अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेगी।



उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बीना नदी परियोजना के लिए किए गए निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कृषि शिक्षा और सिंचाई को एक साथ मजबूत कर रही है।



कुलगुरु बोले—खुरई का कृषि महाविद्यालय बड़ी उपलब्धि

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलगुरु प्रो. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि खुरई में कृषि महाविद्यालय की स्थापना तत्कालीन मंत्री भूपेन्द्र सिंह के प्रयासों से संभव हुई। उन्होंने बताया कि पहले चरण में महाविद्यालय भवन और कन्या छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2018 से अब तक पांच बैच यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और कई विद्यार्थी विभिन्न सेवाओं में चयनित हुए हैं।


गढ़ौला जागीर का सांदीपनि विद्यालय बनेगा ग्रामीण शिक्षा का मॉडल

गढ़ौला जागीर में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि विकासखंड मुख्यालय के बजाय ग्रामीण क्षेत्र में सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था, ताकि आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

लगभग 12 एकड़ परिसर में बने इस विद्यालय में जूनियर एवं सीनियर ब्लॉक, आधुनिक प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, डाइनिंग हॉल, कैंटीन और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। अब तक करीब 28 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं।

छात्रावास और खेल सुविधाएं भी होंगी विकसित

उन्होंने बताया कि अगले चरण में छात्रावास, खेल मैदान, वॉकिंग ट्रैक, बैडमिंटन, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट सहित अन्य खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

शानदार रहा पहला परीक्षा परिणाम

भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि विद्यालय का पहला परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक रहा। आठ विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना तथा दो विद्यार्थियों को मेधावी छात्र योजना के तहत स्कूटी प्रदान की गई। विद्यालय में सभी विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है तथा कंप्यूटर शिक्षा, खेल, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जा रहा है।

वृक्षारोपण का किया आह्वान

लोकार्पण समारोह में छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गणेश वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सरपंच प्रतिनिधि शत्रुघ्न सिंह ने 18 जुलाई को ग्राम पंचायत में 2100 पौधे लगाने की जानकारी दी। इस पर भूपेन्द्र सिंह ने विद्यालय परिसर में भी व्यापक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

दोनों कार्यक्रमों में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. प्रमोद कुमार मिश्रा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।



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सागर: कलेक्टर प्रतिभा पाल का डीईओ कार्यालय पर औचक निरीक्षण, तीन अधिकारियों पर नोटिस के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल का जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर औचक निरीक्षण, तीन अधिकारियों पर नोटिस के निर्देश





तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई , 2026

सागर। जिले में शासकीय विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन सामग्री के वितरण में गंभीर लापरवाही, विभागीय कार्यों में शिथिलता तथा लंबे समय से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।



इनको मिले नोटिस

कलेक्टर ने नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी सागर तथा पाठ्यपुस्तक वितरण प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्य सामग्री पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

विभागीय जांच प्रकरणों पर भी सख्ती

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया। विभागीय जांच से जुड़े मामलों के लंबे समय से लंबित रहने और जिम्मेदारियों के निर्वहन में उदासीनता पाए जाने पर सतर्कता शाखा (विभागीय जांच) प्रभारी के विरुद्ध भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।



शिक्षकों के लंबित स्वत्वों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति, जीपीएफ/डीपीएफ आहरण, एरियर, अन्य स्वत्वों के भुगतान तथा कर्मचारियों की पदोन्नति, क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



लैपटॉप और स्कूटी वितरण का होगा भौतिक सत्यापन

कलेक्टर ने विभाग के माध्यम से स्वीकृत लैपटॉप और स्कूटी वितरण की समीक्षा करते हुए पूर्व में किए गए वितरण और शेष स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी रिकॉर्ड को शासकीय पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट रखने के लिए स्थापना शाखा और आईटी सेल को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

सीएम हेल्पलाइन और आरटीआई प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, आरटीआई आवेदनों तथा लेखा परीक्षा संबंधी आपत्तियों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र हित और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कर्तव्य विमुखता अक्षम्य है। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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सागर में 24 जुलाई को 'युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार' नाटक का मंचन, पद्माकर सभागार में होगी 55वीं प्रस्तुति

सागर में 24 जुलाई को होगा नाटक 'युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार' का मंचन, पद्माकर सभागार में 

तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई, 2026

सागर। नादब्रह्म संस्था द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर आधारित नाटक 'युगप्रवर्तक डॉक्टर हेडगेवार' का मंचन 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को शाम 6:30 बजे पद्माकर सभागार, सागर में किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।



नादब्रह्म संस्था के प्रचार-प्रसार संयोजक रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि संस्था अब तक देश के विभिन्न राज्यों में इस नाटक की 54 सफल प्रस्तुतियां दे चुकी है और सागर में इसका 55वां मंचन होगा। उन्होंने कहा कि इस नाटक को दर्शकों का देशभर में भरपूर स्नेह और सराहना मिली है।

कार्यक्रम संयोजक अरविंद्र उपाध्ये ने बताया कि नाटक की पहली प्रस्तुति 1 अप्रैल 2025 को नागपुर में एक प्रयोग के रूप में की गई थी, जिसके बाद लगातार विभिन्न शहरों में इसका मंचन हो रहा है। सागर के बाद जबलपुर और सतना में भी इस नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न शहरों में यह आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि सागर में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कार भारती सहयोगी संस्था के रूप में सहभागिता निभा रही है।



संस्कार भारती के जिला संयोजक डॉ. मनीष बोहरे ने सागर शहर के नागरिकों से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह नाटक अपने आप में एक अनूठा प्रयोग है, क्योंकि इसकी पूरी प्रस्तुति रिकॉर्डेड प्ले के रूप में तैयार की गई है, जो दर्शकों को फिल्म जैसा अनुभव कराती है। लगभग 2 घंटे 15 मिनट की अवधि वाला यह नाटक अपनी प्रस्तुति और प्रभावशाली मंचन के कारण दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।



प्रेस वार्ता में आनंद बालापूरे (रंग व्यवस्थापक, नागपुर), नगर कार्यवाह जीवन उपाध्याय तथा जिला शारीरिक प्रमुख जय मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मोबाइल शॉर्ट फिल्म 'सच की कीमत' को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ रैंक, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की उपलब्धि

मोबाइल से बनी 'सच की कीमत' ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान, डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की फिल्म को ब्रॉन्ज़ रैंक




तीनबत्ती न्यूज: 15 जुलाई, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों द्वारा मोबाइल फोन से निर्मित लघु फिल्म ‘सच की कीमत’ को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित टॉकिंग फिल्म्स ऑनलाइन (TFO) की 6वीं एनुअल स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ रैंक प्राप्त हुई है। प्रतियोगिता के परिणाम 27 जून 2026 को ऑनलाइन घोषित किए गए। विजेता टीम को ब्रॉन्ज़ रैंक के साथ ऑनलाइन प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।

यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता और सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट फिल्म निर्माण कौशल का प्रमाण मानी जा रही है।



'टॉकिंग फिल्म्स ऑनलाइन' (TFO) शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और सिनेमा प्रेमियों का ऑनलाइन मंच है, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में महामारी और लॉकडाउन के दौरान सिनेमा पर सार्थक संवाद एवं लेखन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी। संस्था की सह-संस्थापक गीता विश्वनाथ और निखिला एच. हैं। यह मंच प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता आयोजित करता है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आधारित है फिल्म

'सच की कीमत' फिल्म अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech and Expression) जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर आधारित है। पूरी फिल्म केवल मोबाइल फोन के माध्यम से तैयार की गई है। प्रभावशाली कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति के कारण फिल्म ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।



फिल्म में धर्मेंद्र लोधी, राधा लोधी, मोहम्मद ज़ैद, मोहम्मद जुबेर और रितेश कुशवाहा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। वहीं श्रेया, अनीश, आराध्य, साक्षी, सक्षम और निहारिका ने सहयोगी कलाकार के रूप में अभिनय किया।

फिल्म की कहानी आशुतोष क्षत्रि एवं राधा लोधी ने लिखी है। संगीत और निर्देशन का दायित्व भी आशुतोष क्षत्रि ने निभाया।

शिक्षकों के मार्गदर्शन में मिली सफलता

फिल्म निर्माण में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरी टीम को विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विवेक कुमार जायसवाल और डॉ. अलीम अहमद खान का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय एवं विभाग में हर्ष का वातावरण है।

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