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खुरई में कृषि महाविद्यालय भवन के लिए 15 करोड़ जारी, नए आईटीआई और खाद उपलब्धता का मुद्दा भी विधानसभा में उठा

खुरई में कृषि महाविद्यालय भवन के लिए 15 करोड़ जारी, नए आईटीआई और खाद उपलब्धता का मुद्दा भी विधानसभा में उठा



तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश विधानसभा में खुरई विधानसभा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों को लेकर सरकार ने अहम जानकारी दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने बताया कि पंडित अटल बिहारी वाजपेयी कृषि महाविद्यालय, खुरई के नवीन भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए शासन द्वारा प्रथम किश्त के रूप में 15 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।

मंत्री ने विधानसभा में दिए लिखित उत्तर में बताया कि महाविद्यालय भवन के प्रथम चरण और छात्रावास निर्माण के लिए वर्तमान में निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया जारी है। निविदा स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा तथा कार्य पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक एवं छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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यह प्रश्न खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में उठाया था। उन्होंने महाविद्यालय भवन, छात्रावास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण की प्रगति और समय-सीमा की जानकारी मांगी थी। सरकार के जवाब से स्पष्ट हुआ कि परियोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

खुरई नए शासकीय आईटीआई की प्राथमिकता सूची में शामिल

कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा में बताया कि विभाग की नीति के अनुसार प्रत्येक विकासखंड में एक शासकीय आईटीआई स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है और खुरई विकासखंड भी इस प्राथमिकता सूची में शामिल है।

विधायक भूपेन्द्र सिंह ने खुरई में नए शासकीय आईटीआई की स्वीकृति तथा मालथौन आईटीआई भवन के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया था।

मंत्री ने बताया कि मालथौन आईटीआई भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाना है। फिलहाल परियोजना निविदा स्तर पर है। निविदा स्वीकृत होने, कार्यादेश जारी होने और अनुबंध प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन विकासखंडों में अभी तक शासकीय आईटीआई नहीं हैं, वहां चरणबद्ध तरीके से संस्थान स्थापित किए जाएंगे।


खाद उपलब्धता को लेकर भी विधानसभा में उठा सवाल

खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में किसानों को डीएपी, यूरिया एवं सुपर फॉस्फेट की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने सरकार से पूछा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में इन उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता क्या है, मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, कितने किसानों को टोकन जारी किए गए हैं और कितनी मात्रा में खाद वितरित की गई है।

विधायक ने कहा कि खेती के मौसम में किसानों को समय पर खाद मिलना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने सरकार का ध्यान क्षेत्र के किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की मांग की।


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सागर नगर निगम में 8 एल्डरमैन नियुक्त, शासन ने जारी की सूची

सागर नगर निगम में 8 एल्डरमैन नियुक्त, शासन ने जारी की सूची




तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

सागर। मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग (मंत्रालय, भोपाल) द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 9 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के तहत सागर नगर पालिक निगम के लिए 8 एल्डरमैन (नामनिर्दिष्ट पार्षदों) की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। एल्डरमैन की लंबे समय बाद सूची जारी हुई। जबकि नगरनिगम का कार्यकाल एक साल से भी कम बचा है। 

राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार सागर नगर निगम परिषद के लिए मनोनीत किए गए सभी 8 एल्डरमैन के नाम, उनके पिता/पति का नाम और पूर्ण पते निम्नलिखित हैं।

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सागर नगर निगम के एल्डरमैन की सूची (नाम व पते सहित):

  1. श्री महेश जैन
    • पिता का नाम: स्व. श्री ज्ञानचंद जैन
    • पता: वार्ड क्रमांक 6, झंडा चौक, गोपालगंज, सागर
  2. श्री धर्मेन्द्र रजक
    • पिता का नाम: श्री रमेश कुमार रजक
    • पता: लक्ष्मीपुर वार्ड, वार्ड क्रमांक 42, सागर
  3. श्री जुगल प्रजापति
    • पिता का नाम: श्री राजेश कुमार प्रजापति
    • पता: संत कबीर वार्ड, वार्ड क्रमांक 37, सागर
  4. श्री सुबोध पराशर
    • पिता का नाम: स्व. श्री सरजू प्रसाद पराशर
    • पता: तिली वार्ड, वार्ड क्रमांक 46, सागर
  5. श्री विवेक सोढिया
    • पिता का नाम: स्व. श्री विजय सोढिया
    • पता: वल्लभ नगर वार्ड, वार्ड क्रमांक 24, सागर
  6. श्री राजेन्द्र ठाकुर
    • पिता का नाम: स्व. श्री इन्द्रदेव सिंह ठाकुर
    • पता: बड़ा जीना परकोटा वार्ड, वार्ड क्रमांक 10, सागर
  7. श्रीमती आशालता सिलाकारी
    • पति/पिता का नाम: संतोष कुमार सिलाकारी / स्व. श्री जीवनलाल सिलाकारी
    • पता: चकराघाट वार्ड, वार्ड क्रमांक 40, सागर
  8. श्री अभिषेक (अंकु) चौरसिया
    • पिता का नाम: श्री दयाशंकर चौरसिया
    • पता: तिली वार्ड, वार्ड क्रमांक 46, सागर 

सूची जारी होने के बाद नवनिर्युक्त एल्डरमैन और उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है तथा बधाइयों का दौर जारी है।

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पूरी खबर फेसबुक पर देखने क्लिक करे : नगरनिगम सागर में बने 8 एल्डरमैन


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मध्यप्रदेश के 13 नगर निगमों में एल्डरमैन नामित, इंदौर ,सागर-भोपाल समेत पूरी सूची जारी

मध्यप्रदेश शासन ने 13 नगर पालिक निगमों में एल्डरमैन नियुक्त किए :  देखें सूची


तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा राज्य के 13 प्रमुख नगर पालिक निगमों में नए पार्षदों को नामांकित किया गया है। यह आदेश 19 जुलाई 2026 को जारी किया गया, जो मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 9 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी हुआ है। हालांकि नगरीय निकायों का कार्यकाल अगले साल जुलाई में खत्म हो जायेगा। सरकार ने आखिरी साल में एल्डरमैनो की नियुक्ति की है। 

विभागीय आदेश के अनुसार, ये नामांकन वर्तमान परिषद के कार्यकाल या राज्य शासन के आगामी आदेशों तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेंगे। शासन ने 13 नगर निगमों में विभिन्न वार्डों के लिए पार्षदों की नियुक्ति की है।

यहाँ नामांकित पार्षदों की पूरी सूची शहरवार दी गई है:

1. नगर पालिक निगम मुरैना

  • श्रीमती ऊषा बांदिल (वार्ड 23)
  • श्री राजेन्द्र राठौर (वार्ड 02)
  • श्री अरविन्द भदौरिया (वार्ड 42)
  • श्री दिनेश शर्मा (वार्ड 13)
  • श्रीमती निधि गुप्ता (वार्ड 05)
  • श्री सोनेराम प्रजापति (वार्ड 07)
  • श्री वृन्दावन लाल (वार्ड 13)
  • श्री महावीर कोरी (वार्ड 28)

2. नगर पालिक निगम सागर

  • श्री महेश जैन (वार्ड 06)
  • श्री धर्मेन्द्र रजक (वार्ड 42)
  • श्री जुगल प्रजापति (वार्ड 37)
  • श्री सुबोध पाराशर (वार्ड 46)
  • श्री विवेक सोडिया (वार्ड 24)
  • श्री राजेन्द्र ठाकुर (वार्ड 10)
  • श्रीमती आशालता सिलाकारी (वार्ड 40)
  • श्री अभिषेक (अंकु) चौरसिया (वार्ड 46)

3. नगर पालिक निगम रीवा

  • श्री सत्यप्रकाश सचदेवा (वार्ड 33)
  • श्री राजेन्द्र शुक्ला (वार्ड 04)
  • श्रीमती सरस्वती गुप्ता (वार्ड 19)
  • श्री मनोज पटेल (वार्ड 12)
  • श्री राजकुमार जायसवाल (वार्ड 14)
  • श्री प्रकाश सोनी (वार्ड 37)
  • श्री बुद्धसेन नापित (वार्ड 41)
  • श्री ज्ञानेन्द्र सिंह (वार्ड 37)

4. नगर पालिक निगम सतना

  • श्रीमती चन्द्रशखी डोहर (वार्ड 12)
  • श्री हर्ष जैसवाल (वार्ड 43)
  • श्री सौरभ नायक (वार्ड 07)
  • श्री सुनील सेनानी (वार्ड 21)
  • श्री समर बहादुर सिंह (वार्ड 06)
  • श्री निधि गोपाल गुप्ता (वार्ड 44)
  • श्री कमलेश दाहिया (वार्ड 27)
  • श्री शास्त्री शैलेष कुमार तिवारी (वार्ड 04)

5. नगर पालिक निगम सिंगरौली

  • श्री कालिका गुप्ता (वार्ड 08)
  • श्रीमती किरण सोनी (वार्ड 41)
  • श्री गिरजा पाण्डेय (वार्ड 31)
  • श्री मान प्रसाद पाल (वार्ड 45)
  • श्री सम्पत्त शाह (वार्ड 30)
  • श्रीमती किरण सागर खैरवार (वार्ड 08)
  • श्री नीरज सिंह परिहार (वार्ड 30)
  • श्री हरिदास गुप्ता (वार्ड 40)

6. नगर पालिक निगम कटनी

  • श्री वेंकटेश मिश्रा (वार्ड 21)
  • श्रीमती शोभा कुरील (वार्ड 29)
  • श्री प्रमोद तिवारी (वार्ड 23)
  • श्री अम्बरीष वर्मा अंबू (वार्ड 17)
  • श्री आशुतोष शुक्ला (वार्ड 13)
  • श्री नरेश अग्रवाल (वार्ड 15)
  • श्री अभिषेक शर्मा (वार्ड 15)
  • श्री अनुराग त्रिसोलिया (वार्ड 03)

7. नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा

  • श्री आलोक साहू (वार्ड 26)
  • श्रीमती माया बंदेवार (वार्ड 42)
  • श्री जितेन्द्र शाह (वार्ड 04)
  • श्री दिनेश यादव (वार्ड 08)
  • श्री मोरेश्वर हिवसे (वार्ड 33)
  • श्री चंचलेश साहू (वार्ड 29)
  • श्री ओम चौरसिया (वार्ड 04)
  • श्री अरविन्द राजपूत (वार्ड 23)

8. नगर पालिक निगम भोपाल

  • श्री श्याम विजयवर्गीय (वार्ड 06)
  • श्री महेश तिवारी (वार्ड 84)
  • श्री सुनील द्विवेदी (वार्ड 57)
  • श्री प्रदीप लोधी (नहर भोपाल)
  • श्री लीलाधर यादव (वार्ड 27)
  • श्री प्रमोद पोलघंटरवार (वार्ड 46)
  • श्री राजेश साहू (जहांगीराबाद भोपाल)
  • श्री रवि गोयल (वार्ड 49)
  • श्री दीपक सक्सेना (पीरगेट भोपाल)
  • श्री विनोद चौरसिया (वार्ड 18, 14)
  • श्री डी.के सक्सेना (पंजाबी बाग भोपाल)
  • श्री विजय सिंह (करौंद, भोपाल)

9. नगर पालिक निगम खण्डवा

  • श्रीमती शारदा तांदलें (वार्ड 06)
  • श्री तजेन्द्र बाथम (वार्ड 43)
  • श्री स्वर्णजीत सिंह चड्ढा (वार्ड 24)
  • श्री मंगलेश तोमर (वार्ड 16)
  • डॉ. शिवशंकर गुर्जर (वार्ड 48)
  • श्री लोकेन्द्र सिंह गौड़ (वार्ड 27)
  • श्री महेश चौधरी (वार्ड 43)
  • श्री रमाकांत पांडे (वार्ड 08)

10. नगर पालिक निगम बुरहानपुर

  • श्री हीरालाल बडगुजर (वार्ड 01)
  • श्री बलराज नावानी (वार्ड 40)
  • श्रीमती उमा कपूर (वार्ड 11)
  • श्री शिवकुमार पासी (वार्ड 08)
  • श्री रुद्रेश्वर ऐंडोले (वार्ड 44)
  • श्री चिंतामण महाजन (वार्ड 38)
  • श्री विपुल कानगो (वार्ड 11)
  • श्री विजय शेवाडे (लालबाग बुरहानपुर)

11. नगर पालिक निगम उज्जैन

  • श्री मुकेश मालवीय (उज्जैन)
  • श्री अशोक देवडा (उज्जैन)
  • श्री मनीष खण्डेलवाल (उज्जैन)
  • श्री अरविन्द्र उपाध्याय (उज्जैन)
  • श्री मुकेश चौधरी (उज्जैन)
  • श्री धर्मेन्द्र बरुआ (उज्जैन)
  • श्री शैलेन्द्र यादव (उज्जैन)
  • श्री मधुकर राव (उज्जैन)

12. नगर पालिक निगम देवास

  • श्री राजेश यादव (वार्ड 34)
  • श्री अर्जुन चौधरी (वार्ड 44, 04)
  • श्रीमती प्रिया शर्मा (वार्ड 03)
  • श्री चेतन योगी (वार्ड 13)
  • श्री हरीश देवलीया (वार्ड 34)
  • श्री दिनेश सांखला (वार्ड 23)
  • श्री संतोष वर्मा (वार्ड 24)
  • श्री सचिन सोनी (वार्ड 37)

13. नगर पालिक निगम रतलाम

  • श्री मंगल लोढ़ा (वार्ड 26)
  • श्री राकेश परमार (वार्ड 29)
  • श्रीमती पूजा बोहरा (वार्ड 49)
  • श्री दिनेश मिश्रा (राकेश मिश्रा) (वार्ड 03)
  • श्री हेमंत राहोरी (वार्ड 23)
  • श्री प्रभु नेका (वार्ड 15)
  • श्री गोपाल शर्मा (वार्ड 26)
  • श्री नारायण सांकला (वार्ड 09)









यह आदेश मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार प्रमोद कुमार शुक्ला, उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा हस्ताक्षरित है।

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सागर: संकल्प फाउंडेशन ने 1500 पौधारोपण का आंकड़ा पार किया, 11 हजार पौधों का लक्ष्य

पौधरोपण सिर्फ शुरुआत, हर पौधे को वृक्ष बनाना हमारा संकल्प: रिशांक तिवारी

संकल्प फाउंडेशन ने 1500 पौधारोपण का आंकड़ा किया पार, 11 हजार पौधे लगाने और संरक्षण का लक्ष्य


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से संकल्प फाउंडेशन द्वारा शहर में लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को राजीव नगर वार्ड स्थित पं. रविशंकर स्कूल के पीछे पानी की टंकी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के करीब दो दर्जन पौधे लगाए गए। इस अभियान के साथ ही फाउंडेशन ने शहर में 1500 पौधारोपण का महत्वपूर्ण पड़ाव भी पार कर लिया।

संकल्प फाउंडेशन का लक्ष्य शहरभर में 11 हजार पौधों का रोपण एवं उनका संरक्षण करना है। फाउंडेशन का कहना है कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना अभियान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।



संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष रिशांक तिवारी ने कहा कि पौधरोपण तो केवल शुरुआत है, हमारा वास्तविक संकल्प जनभागीदारी के माध्यम से हर पौधे को वृक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में सिर्फ एक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी ले ले, तो सागर शहर की हरियाली में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण की विरासत तैयार करना है।

उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि यदि किसी वार्ड, कॉलोनी, विद्यालय, मंदिर परिसर या अन्य उपयुक्त स्थान पर वृक्षारोपण की आवश्यकता हो तो संकल्प फाउंडेशन को सूचना दें। फाउंडेशन की टीम वहां पहुंचकर निःशुल्क पौधारोपण करेगी। उन्होंने नागरिकों से लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आग्रह किया।

राजीव नगर वार्ड के पार्षद प्रहलाद पटेल ने फाउंडेशन के अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वार्डवासी लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे, ताकि आने वाले वर्षों में यही पौधे क्षेत्र की हरियाली और स्वच्छ वातावरण की पहचान बनें।

कार्यक्रम में संकल्प फाउंडेशन के वार्ड अध्यक्ष नीरज करोसिया ने कहा कि अध्यक्ष रिशांक तिवारी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड के नागरिक मिलकर पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद प्रहलाद पटेल, कृष्णकुमार पटेल, बंटू दुबे, नीरज करोसिया, श्रवण करोसिया, विशाल करोसिया, कालीचरण करोसिया, वीरेंद्र करोसिया, मिलन जैन, श्रीराज, स्वराज उपाध्याय, सोनिल पाठक, अभिषेक साहू, भानुप्रताप सिंह राजपूत, शुभम सागर, देवाशीष दुबे, सागर जाटव, कार्तिक जाटव, मोनू लाड़िया, अजय, गोपाल पटेल, गौरव, नीतेश पटेल, कपिल नाहर, राम गुप्ता, छोटू करोसिया, भोला, सुनीता, आशा सहित फाउंडेशन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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नशे से खुद को बचाइए, देश अपने आप बच जाएगा: डॉ. कमलेश दुबे •युवा विचारक अविराज सिंह द्वारा आयोजित ‘‘नशे से दूरी है जरूरी‘‘ विषय पर संगोष्ठी में उद्बोधन, सैकड़ों युवाओं ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया

नशे से खुद को बचाइए, देश अपने आप बच जाएगा: डॉ. कमलेश दुबे

•युवा विचारक अविराज सिंह द्वारा आयोजित ‘‘नशे से दूरी है जरूरी‘‘ विषय पर संगोष्ठी में उद्बोधन, सैकड़ों युवाओं ने नशा मुक्ति का संकल्प लिया


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। नशामुक्त भारत विषय पर आयोजित युवा संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांताध्यक्ष डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि भारत आज जिन तीन बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनमें गरीबी, बेरोजगारी और इनसे उत्पन्न होने वाली नशे की समस्या सबसे गंभीर है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का जीवन बर्बाद नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक करने और सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। डा दुबे सागर में युवा विचारक अविराज सिंह द्वारा ‘‘नशे से दूरी है जरूरी‘‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित सैकड़ों युवाओं के बीच अपना उद्बोधन दे रहे थे। 


डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि संगोष्ठी स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने युवाओं की ऊर्जा और जागरूकता को महसूस किया। उन्होंने कहा कि दिन में मीडिया में नशे से जुड़ी घटनाओं की खबरें चल रही थीं, जिनमें युवा अपराधों में शामिल पाए जा रहे थे। सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में नशे के कारण युवाओं द्वारा कटरबाजी जैसी हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे समय में इसी शहर में अविराज सिंह द्वारा 500 से अधिक युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करते देखना एक आशा की किरण है।

डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि भारत की भूराजनीतिक स्थिति भी इस समस्या को और गंभीर बनाती है। एक ओर ‘‘गोल्डन ट्राइएंगल‘‘ (म्यांमार, लाओस और थाईलैंड) और दूसरी ओर ‘‘गोल्डन क्रेसेंट‘‘ (अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान) स्थित हैं। इन दोनों क्षेत्रों के बीच होने के कारण भारत नशीले पदार्थों के बड़े बाजारों में बदलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को कमजोर करने की एक सुनियोजित चुनौती भी हो सकती है।उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार केवल स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय हित भी जुड़े होते हैं। कई संगठित गिरोह और नेटवर्क युवाओं को नशे की गिरफ्त में लाने का प्रयास करते हैं। इसलिए युवाओं को सजग रहना होगा और अपने विवेक से सही-गलत का निर्णय करना होगा। 


डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि शराब और ड्रग्स के साथ-साथ गुटखा और तंबाकू भी गंभीर सामाजिक समस्या बन चुके हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार ऐसे हैं जहां किसी न किसी रूप में तंबाकू या गुटखे का सेवन किया जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जहां कई आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध नहीं थीं, वहां भी गुटखा ऊंचे दामों पर बिक रहा था। इससे स्पष्ट है कि नशे का कारोबार किस प्रकार लोगों की कमजोरियों का लाभ उठाता है। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े उत्पादों के प्रचार-प्रसार में बड़ी हस्तियों और फिल्मी कलाकारों का उपयोग किया जाता है, जिससे युवाओं के मन में इनके प्रति आकर्षण पैदा होता है। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास भी ऐसे उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं। समाज को इसके विरुद्ध जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि देश में नशे की समस्या बढ़ रही है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभानी होगी। समाज को नुकसान बेईमान लोगों की सक्रियता से कम और अच्छे लोगों की निष्क्रियता से अधिक होता है।


डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि उन्हें इस बात की अत्यंत प्रसन्नता है कि अवकाश के दिन भी बड़ी संख्या में युवा इस महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित हुए। यह इस बात का प्रमाण है कि देश का युवा केवल अपने भविष्य को लेकर ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र से जुड़े संवेदनशील विषयों के प्रति भी जागरूक है। उन्होंने इस विषय पर सार्थक पहल करने के लिए संगोष्ठी के आयोजक युवा नेता अविराज सिंह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत शुरुआत बनते हैं।


उन्होंने कहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास नशे से जुड़े उत्पादों की उपलब्धता समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। यदि कहीं भी ऐसी स्थिति दिखाई दे तो केवल आलोचना करने के बजाय जिम्मेदार नागरिक के रूप में संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को सबसे अधिक नुकसान बुरे लोगों की सक्रियता से नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की निष्क्रियता से होता है। डॉ. कमलेश दुबे ने कहा कि यदि किसी पड़ोसी के घर में आग लगी हो और हम यह सोचकर चुप रहें कि इससे हमारा कोई संबंध नहीं है, तो एक दिन वही आग हमारे घर तक भी पहुंच सकती है। इसी प्रकार यदि समाज में फैल रहे नशे के खिलाफ आज आवाज नहीं उठाई गई, तो उसका दुष्प्रभाव प्रत्येक परिवार तक पहुंचेगा। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी होगी।



उन्होंने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि यहां रहने वाले प्रत्येक नागरिक की चेतना का नाम है। जब हम स्वयं को बेहतर बनाएंगे, तभी देश भी बेहतर बनेगा। प्रत्येक व्यक्ति में प्रतिभा और क्षमता होती है, आवश्यकता केवल सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और सकारात्मक संकल्प की होती है। समाज में ऐसे नेतृत्व और योजनाओं की आवश्यकता है जो युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करें। डॉ.कमलेश दुबे ने कहा कि दुनिया को बदलने की चिंता करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं को नशे से बचाना चाहिए। यदि व्यक्ति स्वयं नशामुक्त रहेगा तो उसका परिवार, समाज और राष्ट्र भी मजबूत होगा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के नशे को स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहने का साहस विकसित करें। नशा धीरे-धीरे मनुष्य की बुद्धि, विवेक और निर्णय क्षमता को समाप्त कर देता है।


आयोजक युवा नेता अविराज सिंह ने कहा नशे को नहीं, जिंदगी को चुनें, देशभक्ति और विकास का नशा अपनाएं

युवा संगोष्ठी के आयोजक युवा नेता अविराज सिंह ने रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘‘नशामुक्त भारत, नशामुक्त युवा‘‘ संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘‘नशे से दूरी है जरूरी‘‘ विषय पर युवा संगोष्ठी आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण युवा शक्ति के हाथों होना है, लेकिन यदि युवा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो उसका भविष्य, परिवार, समाज और राष्ट्र सभी प्रभावित होते हैं। इसलिए प्रत्येक युवा का यह संकल्प होना चाहिए कि वह स्वयं भी नशे से दूर रहेगा और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेगा। अविराज सिंह ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति का जीवन बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसकी शिक्षा, रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालता है। साथ ही इसका दुष्प्रभाव समाज और राष्ट्रीय सुरक्षा तक पहुंचता है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय अध्ययनों का उल्लेख करते हुए बताया कि महानगरों में बड़ी संख्या में युवा कम उम्र में ही नशे की चपेट में आ रहे हैं, जो पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।


उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन में तीन सबसे बड़े संकट लेकर आता है-अंधकार, विनाश और बर्बादी। इससे शिक्षा में गिरावट आती है, रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं, मानसिक तनाव बढ़ता है, परिवार टूटते हैं तथा अपराध और हिंसा की घटनाओं में वृद्धि होती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष हजारों सड़क दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की होती है। अविराज सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार अवैध नशीले पदार्थों का वैश्विक कारोबार लाखों करोड़ रुपये का हो चुका है, जिससे अपराध, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि नशे पर खर्च किया गया धन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को भी मजबूती दे सकता है। इसलिए प्रत्येक युवा का कर्तव्य है कि वह न केवल स्वयं नशे से दूर रहे, बल्कि अपने मित्रों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।


उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित अनेक रिपोर्टें बताती हैं कि शराब और नशीले पदार्थ अनेक गंभीर बीमारियों तथा असमय मृत्यु का कारण बन रहे हैं। देश में होने वाली कई आत्महत्याओं के पीछे भी नशे की लत प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौती भी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें शराब या ड्रग्स का नहीं, बल्कि देशभक्ति, सेवा और राष्ट्र निर्माण का नशा करना चाहिए। भगवान के नाम का स्मरण, अच्छे संस्कार और सत्संग जीवन को ऊंचाइयों तक ले जाते हैं, जबकि कुसंग व्यक्ति को पतन की ओर धकेल देता है।


उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक से जुड़ी सबसे सक्षम पीढ़ी है। सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन या दूसरों को देखने के लिए नहीं, बल्कि सकारात्मक संदेश फैलाने और समाज में जागरूकता लाने के लिए किया जाना चाहिए। युवाओं को नवाचार, शोध, उत्पादन और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना होगा, तभी भारत विश्व का नेतृत्व करने में सक्षम बनेगा। अविराज सिंह ने कहा कि नशे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है कि युवा स्वयं को खेल, संगीत, साहित्य, लेखन, कला, विज्ञान, तकनीक और समाज सेवा जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें। उन्होंने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के बिचारपुर गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी युवा नशे की गिरफ्त में थे, वहीं खेलों के माध्यम से आज वह गांव राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा किसी भी बुराई से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश है कि जीवन में एक महान लक्ष्य चुनो और उसी को अपना जीवन बना लो। जब जीवन का उद्देश्य बड़ा होता है, तब नशे जैसी बुरी आदतों के लिए कोई स्थान नहीं बचता। खाली मन नशे की ओर आकर्षित होता है, जबकि लक्ष्यपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ता है।


कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद एवं माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अंशिका सोनी, क्रांति पटेल एवं पिहू दुबे ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन प्रत्यूषा जोशी और आकाश ने किया। इस अवसर पर संगोष्ठी के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांताध्यक्ष डॉ. कमलेश दुबे का स्वागत आयोजक युवा नेता अविराज सिंह ने हनुमानजी की प्रतिमा भेंटकर किया। वहीं अंश चैकसे ने अविराज सिंह तथा आशीष दुबे ने प्रतीक चैकसे का राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया। दीपक मेमोरियल एकेडमी की छात्राओं अनुभा जैन, क्रांति पटेल, अंशिका सोनी, पिहू दुबे ने वंदे मातरम और जन-गण-मन राष्ट्र गान की प्रस्तुति दी। अधिराज ने संकल्प पत्र का वाचन कर संकल्प दिलाया। दीपांशु दुबे ने आभार व्यक्त किया।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में डॉ. सुशील तिवारी, अनुराग प्यासी, संतोष रोहित, संध्या भार्गव, वरिष्ठ पार्षद राजकुमार पटेल, रूबी कृष्ण कुमार पटेल, सोमेश जड़िया, शैलेश जैन, सूरज घोसी, लक्ष्मण सिंह लोधी, महेश साहू, यशवंत करोसिया, प्रतीक चैकसे, शुभम घोसी, संतोष दुबे, नवीन भट्ट, अजय तिवारी (देवलचैरी), देवेंद्र सिंह बुंदेला, काशीराम मास्टर, सूर्यांश तिवारी, राजीव सोनी, प्रदीप पांडे, आदित्य सिंह ठाकुर, अजय जैन लंबरदार, राकेश चैबे, मनोज शुक्ला, गोलू प्रताप राय तथा बलराम सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन किए, 29 जुलाई के धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं की समीक्षा

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किए संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन, लिया आशीर्वाद


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर।  खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सविता सिंह राजपूत के साथ वेदांती आश्रम पहुंचकर संत श्री रावतपुरा सरकार के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कथा एवं 29 जुलाई को प्रस्तावित भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियों की जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की।

मंत्री श्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कथा में शामिल होने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग, चिकित्सा, विद्युत तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य धार्मिक आयोजन सागर शहर के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो।

29 जुलाई को होगा भव्य धार्मिक अनुष्ठान

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में शामिल होने की अपील करते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 29 जुलाई को मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर, धर्मश्री, सागर में मां राजराजेश्वरी कोटी हरिद्रा कुंकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में 25 हजार श्रद्धालु एक साथ बैठकर एक करोड़ अर्चन करेंगे। यह आयोजन सागर के सबसे भव्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होगा। मंत्री श्री राजपूत ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने रावतपुरा सरकार से लिया आशीर्वाद, धार्मिक आयोजन को लेकर की चर्चा



विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने  रावतपुरा आश्रम पहुंचकर परम पूज्य श्री श्री रविशंकर जी महाराज (रावतपुरा सरकार) के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर विधायक जैन ने महाराज श्री से आत्मीय भेंट कर आगामी धार्मिक आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि संत-महात्माओं का सानिध्य समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और सेवा भाव की प्रेरणा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि रावतपुरा सरकार के मार्गदर्शन में होने वाले धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।

भेंट के दौरान रावतपुरा सरकार ने विधायक जैन को आशीर्वाद प्रदान करते हुए जनसेवा के कार्यों में निरंतर सफलता एवं समाज के कल्याण के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। विधायक जैन ने आयोजन के सफल एवं गरिमामय संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी व्यक्त किया।

योगाचार्य विष्णु आर्य ने की आत्मीय भेंट



पूज्य संत श्री रावतपुरा सरकार से प्रसिद्ध योगाचार्य श्री विष्णु आर्य ने आत्मीय भेंट कर आशीर्वाद लिया।संत के सानिध्य में योग, धर्म और सेवा के विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। 

श्री विष्णु आर्य ने संत श्री के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए समाज में स्वास्थ्य और संस्कार के प्रचार का संकल्प दोहराया।संत श्री ने सभी के सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना की।



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सागर: पत्नी की हत्या कर फरार आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, जैसीनगर पुलिस ने कुल्हाड़ी भी बरामद की

पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर फरार आरोपी 48 घंटे में गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद


तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले की जैसीनगर पुलिस ने पत्नी की हत्या कर फरार हुए आरोपी को महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी राहतगढ़ योगेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व में थाना जैसीनगर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

चरित्र शंका में की पत्नी की हत्या

पुलिस के अनुसार 18 जुलाई 2026 को फरियादी कोमल सेन ने थाना जैसीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 जुलाई की रात करीब 11:45 बजे कृषि मंडी गेट, जैसीनगर के पास रहने वाले मनोहर सेन ने अपनी पत्नी रश्मि सेन पर चरित्र शंका के चलते धारदार कुल्हाड़ी से गर्दन पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जंगल की ओर फरार हो गया।

डायल-112 पहुंची, लेकिन नहीं बच सकी जान

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल रश्मि सेन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसीनगर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मामले में थाना जैसीनगर में अपराध क्रमांक 192/2026 के तहत धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) में हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से दबोचा आरोपी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तथा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

19 जुलाई को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मनोहर सेन केसली क्षेत्र के वनदेवी जंगल की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही जैसीनगर और केसली पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

हत्या स्वीकार, कुल्हाड़ी बरामद

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पत्नी पर संदेह के चलते आवेश में आकर हत्या की। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच जारी है।

इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका

इस अंधे हत्याकांड के त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक जे.पी. ठाकुर, प्रधान आरक्षक सहयोग कुमार, जयसिंह कुर्मी, हुकुम धुर्वे, कमलेश नामदेव, आरक्षक जितेन्द्र रजक, काजी सहित थाना जैसीनगर एवं थाना केसली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

भाषा बनी दीवार, लेकिन सागर पुलिस बनी सहारा: 4 घंटे की मेहनत के बाद बंगाली बुजुर्ग को परिवार से मिलाया



तीनबत्ती न्यूज: 19 जुलाई, 2026

सागर। सागर पुलिस ने संवेदनशीलता, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण पेश करते हुए बंगाली भाषा बोलने वाले एक बुजुर्ग को करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद उनके परिवार से मिला दिया। डायल-112, थाना गोपालगंज, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा के समन्वित प्रयासों से यह मानवीय कार्य संभव हो सका।

जिला अस्पताल में भटकते मिले थे बुजुर्ग

रविवार को डायल-112 को सूचना मिली कि जिला अस्पताल परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति काफी देर से भटक रहे हैं। वह बेहद परेशान थे और ऐसी भाषा में बात कर रहे थे जिसे आसपास मौजूद लोग समझ नहीं पा रहे थे। सूचना मिलते ही एफआरवी टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित थाना गोपालगंज ले आई।

भाषा बनी चुनौती, पुलिस ने नहीं मानी हार

थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बुजुर्ग से बातचीत कर उनकी पहचान और निवास की जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन भाषा अलग होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरक्षक दशरथ मालवीय और आनंद सिंधु उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम लेकर पहुंचे, जहां सीसीटीवी शाखा की टीम ने तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी पहचान का प्रयास शुरू किया।

लगातार बातचीत के दौरान पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग बंगाली भाषा बोल रहे हैं। काफी प्रयास के बाद बातचीत में उनके मुंह से "शनि मंदिर" शब्द सुनाई दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी तकनीक से मिला घर का रास्ता

सीसीटीवी शाखा ने शहर के विभिन्न कैमरों के फुटेज के जरिए शनि मंदिर क्षेत्र के दृश्य बुजुर्ग को दिखाए। स्थान पहचानते ही उनके हाव-भाव बदल गए और पुलिस को सही दिशा मिल गई।

इसके बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को शनि मंदिर क्षेत्र लेकर पहुंची। वहां से उन्होंने अपने घर का रास्ता बताना शुरू किया और पुलिस उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में सफल रही।

चार घंटे से परेशान था परिवार

जांच में पता चला कि बुजुर्ग के परिजन आर्मी अस्पताल में कार्यरत हैं और आर्मी क्षेत्र में रहते हैं। परिवार पिछले करीब चार घंटे से उनकी तलाश कर रहा था, हालांकि अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

जैसे ही पुलिस बुजुर्ग को सुरक्षित घर लेकर पहुंची, परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली और भावुक होकर सागर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

टीमवर्क और संवेदनशीलता की मिसाल

इस पूरे अभियान में डायल-112, एफआरवी स्टाफ, थाना गोपालगंज पुलिस, थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी शाखा ने मिलकर लगातार चार घंटे तक प्रयास किए। भाषा की बाधा, पहचान का अभाव और सीमित जानकारी के बावजूद पुलिस ने धैर्य, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की।


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