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सागर: कार और ओमनी वैन की टक्कर, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल

सागर: सुरखी में कार और ओमनी वैन की भिड़ंत, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया जिला अस्पताल



तीनबत्ती न्यूज, 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र के बननान गांव में कार और ओमनी वैन की आमने-सामने टक्कर में सात लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना बुधवार सुबह 11:38 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सुरखी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरवी वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंचे आरक्षक दीपक जैन और पायलट संदीप सिंह दांगी ने देखा कि कार और ओमनी वैन की टक्कर में सात लोग घायल हो गए हैं। डायल-112 टीम ने बिना देर किए सभी घायलों को एफआरवी वाहन से शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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सागर: शून्य मृत्यु दर लक्ष्य के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश

सागर में मातृ-शिशु सुरक्षा पर कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, 'शून्य मृत्यु दर' लक्ष्य के लिए मैदानी अमले को दिए कड़े निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने और 'शून्य मृत्यु दर' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले का ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। गढ़ाकोटा में आयोजित प्रशिक्षण में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर पहली एएनसी (ANC) जांच नहीं होने से कई गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार एएनसी जांच समयबद्ध तरीके से कराना अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी योग्य दंपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा नवविवाहित दंपत्तियों से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला के पंजीयन से लेकर प्रसव और बच्चे के नियमित टीकाकरण तक लगातार ट्रैकिंग सुनिश्चित करें।

प्रशिक्षण में आशा और एएनएम को घर-घर जाकर परिजनों की काउंसलिंग करने, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए गए। संभावित प्रसव तिथि के आधार पर जटिल मामलों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से 7 से 10 दिन पहले ही बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में चिन्हित सभी हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं का शत-प्रतिशत फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए। बीएमओ, सीएचओ और एएनएम साप्ताहिक बैठकों में हाई-रिस्क मामलों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही अनमोल और युविन पोर्टल पर समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित डेटा अपडेट किया जाए तथा प्रतिदिन डेटा का विश्लेषण कर कमियों में तत्काल सुधार किया जाए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु जीवन की सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का विषय है। सही समय पर सही कदम उठाकर प्रत्येक जीवन की रक्षा करना ही स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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सागर कलेक्ट्रेट में 1 अगस्त से बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक, आईएसआई मार्क हेलमेट हुआ अनिवार्य

सागर कलेक्ट्रेट में 1 अगस्त से बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक, आईएसआई मार्क हेलमेट अनिवार्य



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार 1 अगस्त 2026 से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नवीन कंपोजिट भवन स्थित कलेक्टर कार्यालय सहित सभी संभागीय एवं जिला प्रमुख कार्यालयों पर लागू होगी। अब दोपहिया वाहन चालक केवल आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनकर ही कार्यालय परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना हेलमेट कार्यालय परिसर में पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों पर समान रूप से लागू

यह आदेश जिले के सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों पर समान रूप से लागू रहेगा। कलेक्टर ने सभी से शासन के सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

प्रशासन का मानना है कि हेलमेट का नियमित उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से कार्यालय परिसरों में भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।


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सागर में 29 जुलाई को होगा विश्व का सबसे बड़ा माँ राजराजेश्वरी कुमकुमार्चन

विश्व के सबसे बड़े माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन के लिए मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर अपने पूर्ण वैभव में तैयार

• 31 हजार कलश, 15 हजार पूजन थालियों से सजा दिव्य परिसर, 50 हजार श्रद्धालुओं के स्वागत की सभी तैयारियाँ पूर्ण


• 29 जुलाई को सागर में रचा जाएगा इतिहास, परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में होगा कलियुग का सबसे प्रभावी माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन


तीनबत्ती न्यूज: 28 जुलाई, 2026

सागर। धर्मनगरी सागर कल एक ऐसे ऐतिहासिक आध्यात्मिक महाआयोजन की साक्षी बनने जा रही है, जिसकी भव्यता और दिव्यता देश ही नहीं, विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। 29 जुलाई को मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के पावन सान्निध्य में विश्व का सबसे बड़ा "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" आयोजित होगा। इस महाअनुष्ठान की सभी तैयारियाँ अंतिम रूप ले चुकी हैं और पूरा परिसर अपने दिव्य एवं भव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार है।



पूरे आयोजन स्थल को 31 हजार पवित्र कलशों एवं 15 हजार पूजन थालियों से अलंकृत किया गया है। विशाल परिसर में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के बैठने, पूजन करने एवं दर्शन करने की समुचित व्यवस्थाएँ की गई हैं। भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक सजावट, विशाल यज्ञ एवं अर्चन स्थल, सुव्यवस्थित मार्ग, पेयजल, प्रसाद वितरण, चिकित्सा, सुरक्षा और पार्किंग सहित प्रत्येक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है।


मंगलवार को परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आयोजन समितियों, वेदाचार्यों एवं सेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि देशभर से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित एवं दिव्य वातावरण में माँ राजराजेश्वरी की आराधना का पुण्य लाभ प्राप्त हो सके।


यह माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कलियुग का सबसे प्रभावी लक्ष्मी-प्राप्ति महाअनुष्ठान माना जाता है। शास्त्रों में माँ राजराजेश्वरी को आदिशक्ति एवं समस्त सिद्धियों की अधिष्ठात्री देवी बताया गया है। माँ की कृपा से साधक के जीवन में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, वैभव और लक्ष्मी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिव्य अर्चन में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करने से व्यक्ति के जीवन के अनेक कष्ट, विघ्न एवं बाधाएँ दूर होती हैं तथा आध्यात्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महाअनुष्ठान कालसर्प दोष सहित विभिन्न प्रकार के ग्रहदोषों के शमन, जीवन की अनेक बाधाओं के निवारण, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। श्रद्धा एवं विश्वास के साथ माँ राजराजेश्वरी की आराधना करने वाले भक्तों पर माँ की विशेष कृपा बरसती है और उनके जीवन में मंगलमय परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।


आयोजन समिति ने बताया कि यह विराट महाअनुष्ठान पूर्णतः निःशुल्क है। इसमें सम्मिलित होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क या पंजीयन आवश्यक नहीं है। समाज के हर वर्ग, हर आयु एवं प्रत्येक श्रद्धालु को इस ऐतिहासिक आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया गया है।


आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर, सागर पहुँचकर माँ राजराजेश्वरी के इस विश्वविख्यात महाअनुष्ठान का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा इतिहास के साक्षी बनें।

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NSD विद्यार्थियों ने मानव संग्रहालय में सीखी ‘अंकीय भावना’ नाट्य परंपरा, हिमालयन विलेज और जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में “अंकीय भावना नाट्य” पर व्याख्यान सुना,मानव संग्रहालय के हिमालयन विलेज एवं जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन भ्रमण


तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

भोपाल :  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला के पाँचवें दिन विविध अकादमिक एवं संग्रहालयीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। दिन का प्रमुख आकर्षण संग्रहालय के सहायक कीपर श्री एन. सकमाचा सिंह द्वारा दिया गया व्याख्यान रहा।


श्री सकमाचा सिंह ने अपने व्याख्यान में “अंकीय भावना” (Ankiya Bhaona) -नाट्य परंपरा का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाट्य विधा  असम की विशिष्ट वैष्णव नाट्य परंपरा है, जिसका मंचन मुख्यतः माजुली नदी द्वीप स्थित वैष्णव सत्रों (सतरा) आश्रम में किया जाता है। व्याख्यान में उन्होंने माजुली नदी द्वीप की सांस्कृतिक विरासत, वैष्णव संप्रदाय की परंपराओं तथा अंकीय भावना नाट्य की संरचना, प्रस्तुति शैली, गायन-वादन, वेशभूषा, संगीत, अभिनय तथा सूत्रधार की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।


व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत रुचि एवं एकाग्रता के साथ विषय को सुना। व्याख्यान के उपरांत आयोजित परिचर्चा में विद्यार्थियों ने अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका श्री सकमाचा सिंह ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय की गहन जानकारी साझा की। संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों के लिए भारतीय पारंपरिक रंगमंच की इस महत्वपूर्ण धरोहर को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।



कार्यशाला संयोजक श्री राजेंद्र झरिया ने बताया कि NSD के छात्र छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की हिमालयन विलेज प्रदर्शनी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक जीवन शैली, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन किया। इसके पश्चात उन्होंने संग्रहालय के संरक्षण (कंजर्वेशन) अनुभाग का अवलोकन कर संग्रहालयीय धरोहरों के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं वैज्ञानिक देखभाल की प्रक्रियाओं को निकट से समझा।



दिन के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों ने श्यामला हिल्स स्थित मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समुदायों की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं जीवन-दर्शन को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया तथा संग्रहालय की अवधारणा और प्रस्तुति शैली की सराहना की।


संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला विद्यार्थियों को भारतीय रंग परंपराओं, लोक एवं जनजातीय संस्कृति तथा संग्रहालय विज्ञान के विविध आयामों से परिचित कराने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम का संचालन संग्रहालय के पुस्तकालय प्रभारी डॉ मोहम्मद रेहान ने किया।

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सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर



तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

सागर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की अध्यक्षता में जिले की व्यापक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

एसपी अनुराग सुजानिया ने सभी थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण, गंभीर मामलों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध विवेचना, फरार एवं इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की प्रभावी तामील तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संगठित एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी पर भी विशेष जोर दिया।



बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रात्रि गश्त, कॉम्बिंग गश्त और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

एसपी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत और अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा व विश्वास का वातावरण मजबूत करना सागर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया।

फोकस में रहे प्रमुख निर्देश

  • लंबित अपराधों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण।
  • फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी।
  • महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई।
  • साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष फोकस।
  • अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा के खिलाफ सतत अभियान।
  • रात्रि गश्त और कॉम्बिंग गश्त को और प्रभावी बनाना।
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
  • पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील एवं पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करना।


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खुरई के 23 हाई-हायर सेकंडरी स्कूलों में होंगे निर्माण कार्य, डीपीआर बनाने के आदेश जारी

खुरई विधानसभा क्षेत्र के 23 हाई/हायर सेकंडरी स्कूलों में अपेक्षित निर्माण कार्यों की डीपीआर बनाने के आदेश जारी

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के पत्र पर लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रक्रिया प्रारंभ की


तीनबत्ती न्यूज: 28 जुलाई, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह के पत्र पर मप्र शासन के लोक शिक्षण संचालनालय ने पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रमुख अभियंता को खुरई विधानसभा क्षेत्र के 23 शासकीय हाईध्हायर सेकेण्डरी स्कूलों के अंतर्गत नवीन शाला भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, प्रयोगशाला, शौचालय एवं बाउंड्री वाल निर्माण कार्यों की डीपीआर बनाने के आदेश जारी किए हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने गत 2 जुलाई,2026 को पत्र लिखकर विधानसभा क्षेत्र की 23 हाई/,हायर सेकंडरी स्कूलों मेंनवीन शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशाला, शौचालय एवं बाउंड्री वाल आदि की कमियां दूर करने को कहा था। पूर्व मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह के पत्र पर कार्यवाही करते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई व मालथौन विकासखण्डों के रोंड़ा,सेवन, अकेली, कुमरोल, शास कन्या हायर सेकंडरी ललिता शास्त्री खुरई, शास कन्या हाईस्कूल खुरई, भीलोन, खिरिया कलां, निर्तला, लोंगर, पहरगुवां, अमारी रमगढ़ा, बाहरपुर, बेसरा, इमलिया खुर्द, धनौरा, बरोदिया नौनगर, सिलोधा, विनायठा, बसिया गौंड़, महुना जाट, धांगर, शिवाजी वार्ड खुरई स्थित हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के विद्यालय परिसरों का भ्रमण कर प्रस्तावित निर्माण कार्यों की डीपीआर बना कर शीघ्र भेजने के लिए ईएनसी, पीडब्ल्यूडी के लिए कहा है।पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए अच्छी सुविधाओं से युक्त विद्यालय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जैसे ही डीपीआर तैयार हो कर लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल में प्रस्तुत होंगी उनके अनुसार निर्माण कार्य स्वीकृत किए जाकर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।

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दांतों की सुरक्षा हुई अत्याधुनिक, लेकिन जागरूकता जरूरी : डॉ. प्रिया सिसोदिया | FICOI फेलोशिप

दांतों की सुरक्षा हुई अत्याधुनिक, लेकिन जागरूकता अभी भी जरूरी : डॉ. प्रिया सिसोदिया

FICOI फेलोशिप प्राप्त कर सागर लौटीं डॉ. प्रिया, बोलीं- हर छह माह में कराएं दांतों की जांच



तीनबत्ती न्यूज: 28 जुलाई, 2026

सागर। दांतों के उपचार के क्षेत्र में तकनीक तेजी से बदल रही है और अब आधुनिक सुविधाओं के कारण दंत रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक हो गया है। इसके बावजूद लोगों में दांतों की देखभाल और नियमित जांच को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह बात सागर की युवा दंत चिकित्सक डॉ. प्रिया सिसोदिया ने कही।

हाल ही में चेन्नई में आयोजित International Congress of Oral Implantology (ICOI), U.S.A. द्वारा डॉ. प्रिया सिसोदिया को प्रतिष्ठित Fellowship (FICOI) से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और समर्पण का प्रमाण है।


तीसरी पीढ़ी में भी दांतों का इलाज करने वाली

सागर के प्रसिद्ध सिसोदिया दंत चिकित्सक परिवार की तीसरी पीढ़ी से जुड़ी डॉ. प्रिया सिसोदिया ने बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) के साथ University of Manchester से Master of Public Health (MPH) की डिग्री प्राप्त की है और वर्तमान में सागर में अपनी सेवाएं दे रही हैं।

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उन्होंने बताया कि आज के समय में केवल दांतों का उपचार ही नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ के दृष्टिकोण से भी मरीजों का मूल्यांकन आवश्यक हो गया है। कई बीमारियां किसी विशेष क्षेत्र, समुदाय, जीवनशैली या आदतों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में बीमारी के मूल कारणों को समझकर उपचार करना अधिक प्रभावी साबित होता है।


दांतों को लेकर भ्रांतियां

डॉ. प्रिया ने कहा कि समाज में दांतों की देखभाल को लेकर आज भी कई भ्रांतियां मौजूद हैं, जबकि आधुनिक दंत चिकित्सा में काफी बदलाव आ चुका है। सही प्रकार के टूथब्रश का चयन, समय-समय पर उसे बदलना तथा ब्रश को साफ एवं कीटाणुरहित स्थान पर रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि अधिकांश लोग सुबह ब्रश करने को प्राथमिकता देते हैं, जबकि रात में सोने से पहले ब्रश करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। इससे दांतों और मसूड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को हर छह माह में एक बार दंत परीक्षण (Dental Check-up) अवश्य कराना चाहिए, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाकर उपचार किया जा सके।

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डॉ. प्रिया सिसोदिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ अब दांतों का इलाज पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सटीक और आरामदायक हो गया है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि लोग मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें और नियमित दंत परीक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।


- तीनबत्ती न्यूज.कॉम

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