Editor: Vinod Arya | 94244 37885

14 अगस्त से तुलसी फाउंडेशन की नवम कांवड़ यात्रा शुरू, बरमान से नर्मदा जल लेकर 17 अगस्त को सागर पहुंचेगी

14 अगस्त को बरमान के लिए रवाना होंगे कांवड़ यात्री, 17 अगस्त को सागर में होगा जलाभिषेक

•तुलसी फाउंडेशन की नवम कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। तुलसी फाउंडेशन द्वारा आयोजित होने वाली नवम कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित मुहूर्त एवं शंखनाद बैठक में यात्रा की रूपरेखा तय की गई। बैठक में मार्गदर्शक महंत श्री घनश्यामदास जी महाराज ने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव की कृपा प्राप्ति का सरल एवं पवित्र माध्यम है। यह यात्रा श्रद्धा, सेवा, अनुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थ यात्राओं का विशेष महत्व है और कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं एवं शिवभक्तों से सेवा-भाव के साथ तैयारियों में जुटने तथा अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस पुण्य यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया।

बैठक में यात्रा संयोजक हरिराम सिंह ठाकुर ने बताया कि तुलसी फाउंडेशन की नवम कांवड़ यात्रा 14 से 17 अगस्त 2026 तक आयोजित होगी। 14 अगस्त को कांवड़ यात्री बरभान के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम को मां नर्मदा की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु कांवड़ में नर्मदा जल लेकर लगभग 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा प्रारंभ करेंगे। यात्रा 17 अगस्त को सागर पहुंचेगी, जहां देव रामबाण मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं महाआरती की जाएगी।

यात्रा के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं

बैठक में यात्रा को सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने के लिए विभिन्न दायित्व सौंपे गए।

प्रशासनिक व्यवस्था प्रभारी: गिरीश कांत तिवारी

सह प्रभारी: राजेश मिश्रा

पंजीयन प्रभारी: जुगल किशोर पचौरी

सह पंजीयन प्रभारी: प्रहलाद रैकवार

कोषाध्यक्ष: कैलाश चौरसिया

सह कोषाध्यक्ष: मुकेश साहू

तुलसी फाउंडेशन कांवड़ यात्रा के अध्यक्ष प्रदीप राजौरिया ने सभी कार्यकर्ताओं से यात्रा को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आग्रह किया।

सह संयोजक राम अवतार पांडेय ने कहा कि इस वर्ष यात्रा को और अधिक प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभानी होगी। शेष दायित्व भी शीघ्र निर्धारित किए जाएंगे। बैठक में पंडित मनोज व्यास ने शुभ मुहूर्त निकालकर कांवड़ यात्रा का शंखनाद किया।

ये रहे शामिल

बैठक में नरेंद्र चौबे, सिंटू कटारे, शंभू खटीक, विजय तिवारी, प्रदीप तिवारी, ब्रजमोहन पाठक, जुगल किशोर पचौरी, अनिल दुबे सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। संचालन अनिल दुबे ने किया तथा आभार सिंटू कटारे ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रहलाद रैकवार, नरेंद्र साहू, मनोज शर्मा, सिद्धार्थ शर्मा, दीपक शर्मा, सचिन साहू, अभय दुबे, नरेंद्र पाराशर, हेमराज पटेल, शैलेन्द्र चौरसिया, जगमोहन रैकवार, सुरेश विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।


Share:

सागर में गुरुपूजन महोत्सव की तैयारियां तेज: 23 जुलाई को संत राजेंद्रदास देवाचार्य का भव्य स्वागत, शहरभर में सजेंगे मंगल द्वार

सागर में गुरुपूजन महोत्सव की तैयारियां तेज, 23 जुलाई को संत राजेंद्रदास देवाचार्य का होगा भव्य स्वागत


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। गुरु भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के महापर्व गुरुपूजन महोत्सव को लेकर सागर में तैयारियां तेज हो गई हैं। मलूकपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में संतों के स्वागत की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं, जबकि शिष्य मंडल पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।

गुरुपूजन महोत्सव का आयोजन 23 जुलाई को प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक तिली रोड स्थित होटल रॉयल पैलेस, किला कोठी में किया जाएगा। आयोजन के दौरान दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारा भी शुरू होगा।

यह आयोजन अजब श्री सेवा समिति, अजब धाम एवं मलूक पीठ परिवार, जिला दमोह एवं सागर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

आयोजन समिति प्रमुख प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में गुरु पूजन, आध्यात्मिक प्रवचन, भजन-कीर्तन तथा गुरु दीक्षा जैसे विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इस अवसर पर संत राजेंद्रदास देवाचार्य एवं महंत श्री राम अनुग्रह दास (छोटे सरकार) सहित अनेक संतों का गुरु परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया जाएगा।

सानोंधा से निकलेगा स्वागत कारवां

आयोजकों के अनुसार संत श्री का स्वागत ग्राम सानोंधा से प्रारंभ होगा। वहां से स्वागत यात्रा बहेरिया, मकरोनिया, सिविल लाइन, तहसीली सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई आयोजन स्थल पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा, आरती और जयघोष के साथ संतों का अभिनंदन करेंगे। हरिनाम संकीर्तन और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।

शहरभर में सजेंगे मंगल द्वार

गुरुपूजन महोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों पर आकर्षक मंगल द्वार, स्वागत बैनर, धार्मिक ध्वज और पुष्प सज्जा की जाएगी। आयोजन स्थल को भी भव्य एवं आध्यात्मिक स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य वातावरण का अनुभव हो सके।

गुरु सेवा में जुटे श्रद्धालु

गुरु सेवा को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इसी भावना के साथ शिष्य मंडल स्वागत, भंडारा, जल सेवा और अन्य व्यवस्थाओं में पूरे समर्पण के साथ जुटा हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सेवा कार्यों में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।

इच्छुक श्रद्धालुओं को मिलेगी गुरु दीक्षा

आयोजन समिति प्रमुख प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि गुरु महाराज की आज्ञा के अनुसार इच्छुक श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा प्रदान की जाएगी। सनातन परंपरा में गुरु दीक्षा को आत्मिक जागरण और साधना के मार्ग का प्रथम चरण माना जाता है। इसके माध्यम से साधक को आध्यात्मिक जीवन की दिशा तथा गुरु कृपा का संरक्षण प्राप्त होता है।

-  डेस्क तीनबत्ती न्यूज

Share:

एक दिन में 1.20 लाख पौधे लगाने का संकल्प : 18 जुलाई को प्रत्येक नागरिक बने अभियान का सहभागी : पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह

एक दिन में 1.20 लाख पौधे लगाने का संकल्प : 18 जुलाई को प्रत्येक नागरिक बने अभियान का सहभागी : पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह                  •एक पेड़ माँ के नाम अभियान


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में 18 जुलाई को एक ही दिन में 1 लाख 20 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। यह केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का महाअभियान है। उन्होंने क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, युवा, किसान, मातृशक्ति, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति ‘‘एक पेड़ माँ के नाम‘‘ अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। उन्होंने कहा कि लगाया हुआ पौधा तभी सार्थक है, जब वह वृक्ष बनकर समाज, प्रकृति और मानव जीवन की सेवा करे।

भारतीय संस्कृति में बसे है वृक्ष

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को केवल हरियाली का प्रतीक नहीं माना गया है, बल्कि उन्हें जीवन, धर्म, प्रकृति और सृष्टि के आधार के रूप में सम्मान दिया गया है। हमारे वेद, उपनिषद, पुराण और स्मृतियां वृक्षों को देवतुल्य मानकर उनके संरक्षण और संवर्धन का संदेश देती हैं। आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, तब हजारों वर्ष पूर्व भारतीय ऋषियों द्वारा दिया गया प्रकृति संरक्षण का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच जिस संतुलन की कल्पना की थी, वही आज पूरे विश्व के लिए मार्गदर्शक बन रहा है।

जीवनदायिनी और रोग नाशक वृक्ष

उन्होंने कहा कि अथर्ववेद में वनस्पतियों को जीवनदायिनी और रोगों का नाश करने वाली शक्ति बताया गया है, जबकि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है - ‘‘अश्वत्थः सर्ववृक्षाणाम्‘‘, अर्थात सभी वृक्षों में मैं पीपल हूँ। यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति भारतीय चिंतन की गहराई का प्रमाण है। पीपल, वट, नीम, बेल, तुलसी, आंवला, अशोक और अन्य पूजनीय वृक्षों की परंपरा हमारे पूर्वजों ने इसलिए विकसित की, ताकि समाज वृक्षों की रक्षा को अपना नैतिक और धार्मिक दायित्व समझे तथा प्रकृति का संतुलन बना रहे।

शास्त्रों में वर्णन 

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे पुराणों में भी वृक्षों के महत्व का अत्यंत प्रभावी वर्णन मिलता है। शास्त्रों में कहा गया है - ‘‘दशकूपसमावापी, दशवापीसमो ह्रदः। दशह्रदसमः पुत्रो, दशपुत्रसमो द्रुमः॥‘‘ अर्थात दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के समान एक वृक्ष का महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषियों ने यह समझ लिया था कि वृक्ष केवल फल, फूल और छाया देने वाले जीवित संसाधन नहीं हैं, बल्कि वे जल, वायु, मिट्टी, जैव विविधता और सम्पूर्ण जीवन चक्र के आधार हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान भी आज उसी सत्य की पुष्टि कर रहा है, जिसे भारतीय संस्कृति हजारों वर्षों से स्वीकार करती आई है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, प्रदूषण कम करते हैं, तापमान नियंत्रित रखते हैं, वर्षा चक्र को संतुलित बनाए रखने में सहायता करते हैं तथा मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। यही कारण है कि आज वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व बन चुका है।


श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार एक परिपक्व वृक्ष प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में कार्बन अवशोषित करता है और अनेक लोगों के लिए स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शहरों में बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में वृक्ष प्राकृतिक शीतलता प्रदान करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की नमी बनाए रखने, पशुओं को आश्रय देने और जैविक संतुलन को सुरक्षित रखने में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए वृक्षों की संख्या बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।

गिरते भूजल को बचाने का संकल्प

उन्होंने कहा कि देश के अनेक हिस्सों में लगातार गिरता भूजल स्तर और अनियमित वर्षा प्रकृति के असंतुलन का संकेत है। वृक्ष वर्षा के जल को धरती के भीतर पहुंचाने, भूजल का पुनर्भरण करने तथा जल स्रोतों को जीवित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि जल संरक्षण को सफल बनाना है, तो बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के साथ-साथ वृक्षों का संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि जल और वृक्ष एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है।


उन्होंने कहा कि आज प्रदूषण और बदलती जीवनशैली के कारण अनेक प्रकार की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में वृक्ष मानव जीवन के सबसे बड़े प्राकृतिक संरक्षक बनकर सामने आते हैं। वृक्ष वायु को शुद्ध करते हैं, धूल और धुएँ के कणों को रोकते हैं, वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं तथा मानसिक तनाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेद में नीम, आंवला, बेल, अशोक, अर्जुन और पीपल जैसे वृक्षों को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। इन वृक्षों का उपयोग हजारों वर्षों से भारतीय चिकित्सा पद्धति में किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हम स्वस्थ समाज का निर्माण करना चाहते हैं तो वृक्षों की संख्या बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, जितना बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना।

संरक्षण जरूरी 

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण करना उससे भी अधिक आवश्यक है। अक्सर बड़े उत्साह के साथ पौधारोपण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद पौधों की देखरेख नहीं हो पाती, जिससे उनका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। एक छोटा-सा पौधा वर्षों की देखभाल के बाद विशाल वृक्ष बनता है और तब जाकर वह समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह जितने पौधे लगाए, उनकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभाए।


उन्होंने कहा कि आज बढ़ती आबादी, तेजी से हो रहे शहरीकरण और अंधाधुंध वृक्षों की कटाई ने प्रकृति के संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भीषण गर्मी, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और बढ़ता प्रदूषण हमें लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि यदि समय रहते प्रकृति के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए वृक्षारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम मानने की बजाय जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज का प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक युवा इस अभियान का सहभागी बने, तभी इसके वास्तविक और स्थायी परिणाम सामने आएँगे।

शामिल हो अभियान में 

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि 18 जुलाई को खुरई विधानसभा क्षेत्र में एक ही दिन में 1 लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य केवल एक संख्या प्राप्त करना नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना विकसित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान में जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, नगरीय निकायों, शासकीय विभागों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, किसानों, युवाओं और मातृशक्ति की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। यदि समाज एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाएगा तो खुरई विधानसभा क्षेत्र पूरे प्रदेश के लिए पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरेगा।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ष्एक पेड़ माँ के नामष् अभियान ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए खुरई विधानसभा क्षेत्र में भी प्रत्येक नागरिक से आग्रह किया गया है कि वह अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि माँ जीवन देती है और वृक्ष जीवन को सुरक्षित रखते हैं, इसलिए यह अभियान भारतीय संस्कृति, मातृभक्ति और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम है।


श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यदि स्वच्छ हवा, शुद्ध जल, संतुलित जलवायु और सुरक्षित भविष्य देना है तो वृक्षारोपण को केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजीवन का स्थायी संस्कार बनाना होगा। प्रत्येक पौधा भविष्य का प्रहरी है और प्रत्येक वृक्ष मानव सभ्यता की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें जो अमूल्य धरोहर प्रदान की है, उसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।


उन्होंने कहा कि वे खुरई विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, युवा, किसान, महिला, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्था तथा जनप्रतिनिधि से आत्मीय आग्रह करते हैं कि वे 18 जुलाई के इस महाअभियान में पूरे उत्साह के साथ सहभागी बनें। प्रत्येक व्यक्ति ष्एक पेड़ माँ के नामष् अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता के बल पर खुरई विधानसभा क्षेत्र न केवल एक ही दिन में 1 लाख 20 हजार पौधारोपण का लक्ष्य प्राप्त करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पूरे प्रदेश के लिए एक नई मिसाल भी स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि हरित, समृद्ध, स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है और यही अभियान का मूल उद्देश्य भी है।



Share:

खुरई विधानसभा में 8.50 करोड़ रुपये से तीन पुलों के निर्माण को मंजूरी,

खुरई विधानसभा क्षेत्र में 8.50 करोड़ से तीन पुलों के निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति

•खुरई के तीन विद्यालयों में 501 छात्र-छात्राओं को मिली अध्ययन सामग्री और निःशुल्क साइकिलें


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। खुरई विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण सड़कों को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के प्रस्ताव पर मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने क्षेत्र के तीन क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 849.84 लाख रुपये (लगभग 8.50 करोड़ रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है।

जारी आदेश के अनुसार बेसरा तिगड्डा से दुगांहाकलां मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण 134.94 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। वहीं तोड़ाकाछी से बरोदिया नौशाद मार्ग पर पुल के पुनर्निर्माण पर 237.07 लाख रुपये तथा बिसराहा से रतनपुर मार्ग पर पुल निर्माण के लिए 477.82 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अनुसार तीनों परियोजनाओं की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और वर्षा के दौरान लोगों को होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने इन परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इन पुलों के निर्माण से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध होगी।


सम्मान को समाजसेवा से जोड़ने की अनूठी पहल


पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने गुरुवार को ‘‘सम्मान जो समाज के काम आए‘‘ अभियान के अंतर्गत खुरई विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री एवं निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया। इस दौरान शासकीय हाई स्कूल विनायठा, शासकीय माध्यमिक शाला गोलनी तथा शासकीय प्राथमिक शाला बहारपुर में कुल 501 छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री तथा 47 विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।


शासकीय हाई स्कूल विनायठा में 15 साइकिलों के साथ 173 विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित की गई। इसी प्रकार शासकीय माध्यमिक शाला गोलनी में 12 साइकिलों सहित 108 विद्यार्थियों तथा शासकीय प्राथमिक शाला बहारपुर में 20 साइकिलों के साथ 220 छात्र-छात्राओं को अध्ययन सामग्री प्रदान की गई।

इस अवसर पर श्रीमती सरोज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने सार्वजनिक सम्मान समारोहों में फूल-मालाओं और गुलदस्तों से सम्मान स्वीकार करने के स्थान पर समाजोपयोगी सामग्री प्राप्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सम्मान करना चाहता है तो वह ऐसी सामग्री भेंट करे जो विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक हो। यही कारण है कि विभिन्न कार्यक्रमों में प्राप्त कॉपी, पुस्तकें, स्कूल बैग, पानी की बोतल, लंच बॉक्स, पेन सहित अन्य उपयोगी सामग्री अब विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तक पहुँचाई जा रही है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जमना प्रसाद अहिरवार, मंडल अध्यक्ष राजपाल सिंह, राहुल सिंह, महेश सिंह, मंडल महामंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, प्रभात सिंह, बंटी सिंह, राहुल सिंह राजपूत, वृंदावन सिंह, बहादुर सिंह, चाली सिंह, सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह, जगदीश सिंह, भरत सिंह(जामुनखेड़ी), राजकुमार सिंह (जामुनखेड़ी), नन्हें भाई, रामसेवक सिंह, आदर्श सिंह, दिलवार मुहास, बलवीर सिंह सहित जनप्रतिनिधि, विद्यालय परिवार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


Share:

बांदरी पुलिस की बड़ी सफलता: दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और हत्या के 3 फरार आरोपी गिरफ्तार

बांदरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दुष्कर्म, हत्या के प्रयास और हत्या के 3 फरार आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल



तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई ,2026

सागर। सागर जिले की बांदरी थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी खुरई प्रवीण अस्थाना के पर्यवेक्षण में की गई।

पुलिस के अनुसार, पहला आरोपी मानसिंह लोधी पिछले छह माह से दुष्कर्म के मामले में फरार था। उस पर नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर ग्राम रूरावन से उसे गिरफ्तार किया।

दूसरे मामले में अप्रैल 2026 में ग्राम मोठी स्थित सड़क निर्माण सामग्री प्लांट के पास यश राजपूत पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार आरोपी रोहित लठार, निवासी जिला जींद (हरियाणा), को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।

तीसरी कार्रवाई हाल ही में ग्राम हनोता में जमीन विवाद के दौरान हुई हत्या के मामले में की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी नरेंद्र लोधी को सागर से गिरफ्तार किया। इस मामले में पहले ही चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

तीनों मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह गुर्जर, आरक्षक जयराम यादव, राजेश यादव, अरविंद एवं सत्येंद्र राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


Share:

BTIPS के बी.फार्मा अंतिम वर्ष का शानदार परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

BTIPS B.Pharm Final Year Result 2026 : BTIPS के बी.फार्मा अंतिम वर्ष का शानदार परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन



तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

सागर। बाबूलाल ताराबाई इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (BTIPS) के बी.फार्मा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने आरजीपीवी द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है।

घोषित परिणाम के अनुसार सोमन कुर्मी एवं राजेश अहिरवार ने 8.55 एसजीपीए प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं कुलदीप विश्वकर्मा, मानसी मिश्रा, ओम श्रीवास्तव, श्रद्धा जैन, सीता रैकवार, सुरभि कुर्मी एवं यशवंत दांगी ने 8.18 एसजीपीए के साथ संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दीप्ति कुर्मी और सिद्धि जैन ने 8.09 एसजीपीए अर्जित कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

संस्थान प्रबंधन ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकांश विद्यार्थियों का देश की प्रतिष्ठित दवा कंपनियों में कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से चयन भी हो चुका है। यह परिणाम संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी संकाय और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है।

संस्थान के चेयरमैन, सीईओ एवं प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान के विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य एवं फार्मेसी क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर देश का नाम रोशन करेंगे।

संस्थान के समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ ने भी विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

Share:

स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

कटनी की स्लीमनाबाद टनल का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया। 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई, विंध्य-महाकौशल को मिलेगा बड़ा लाभ।

•सीएम डॉ. मोहन यादव ने देखा इंजीनियरिंग का चमत्कार, स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर


तीनबत्ती न्यूज: 17 जुलाई, 2026

भोपाल/कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कटनी जिले में देश की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण किया। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह टनल नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाएगी। इसके शुरू होने से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इसे मध्यप्रदेश का "इंजीनियरिंग मार्वल" बताते हुए कहा कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की खेती, पेयजल और आर्थिक विकास की दिशा बदल देगी। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों ने इस असंभव माने जाने वाले कार्य को संभव बनाया।



उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में परियोजना कई कठिनाइयों से घिर गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पूरा करने का संकल्प नहीं छोड़ा। अब यह परियोजना अंतिम चरण में है और जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।

हर मिनट 25 हजार लीटर पानी बना सबसे बड़ी चुनौती

टनल निर्माण के दौरान इंजीनियरों को बेहद कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मार्बल, लाइमस्टोन और डोलोमाइट की कठोर चट्टानों के बीच खुदाई के दौरान प्रति मिनट लगभग 25 हजार लीटर पानी का रिसाव हो रहा था। कई स्थानों पर जमीन धंसने की स्थिति भी बनी।

निर्माण में लगी अमेरिकी मशीन क्षतिग्रस्त होने के बाद जर्मनी से अत्याधुनिक हेरेनकनेक्ट मशीन मंगाई गई। विशेष ग्राउटिंग तकनीक के जरिए जल रिसाव को नियंत्रित कर निर्माण कार्य पूरा किया गया।

100 साल तक सुरक्षित रहेगी टनल

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली यह टनल इतनी मजबूत बनाई गई है कि भीषण भूकंप का भी इस पर असर नहीं होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इसका डिजाइन कम से कम 100 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा।



बिना बिजली के पहुंचेगा नर्मदा का पानी

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नर्मदा का पानी बिना किसी पंप और बिजली के केवल गुरुत्वाकर्षण के सहारे सोन नदी बेसिन तक पहुंचेगा। इससे सिंचाई की लागत भी कम होगी।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब और हरियाणा जैसी पहचान बना सकता है।

1610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत

वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 799 करोड़ रुपये थी, लेकिन कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग के कारण लागत बढ़कर 1610.47 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में परियोजना का 96.66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

किन जिलों को मिलेगा लाभ

परियोजना से कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांव लाभान्वित होंगे। कुल 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

— डेस्क ,तीनबत्ती न्यूज

Share:

जन्मदिन पर विधायक शैलेन्द्र जैन ने आचार्य विभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद, जैन समाज ने किया सम्मान

जन्मदिन पर विधायक शैलेन्द्र जैन ने आचार्य विभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद, जैन समाज ने किया आत्मीय अभिनंदन


तीनबत्ती न्यूज: 16 जुलाई 2026

सागर। जन्मदिवस के अवसर पर सागर विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने श्री गौराबाई दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचकर पूज्य आचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज ससंघ के दर्शन किए, पाद प्रक्षालन कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान सकल जैन समाज के वरिष्ठजनों एवं श्रद्धालुओं ने विधायक का आत्मीय अभिनंदन करते हुए जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।

आचार्य श्री विभव सागर महाराज ने विधायक शैलेन्द्र जैन को धर्म, सेवा, सदाचार और लोककल्याण के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का आशीर्वचन दिया। उन्होंने विधायक के स्वस्थ, दीर्घायु, यशस्वी एवं जनसेवा से परिपूर्ण जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने हस्तलिखित शुभकामना-पत्र की भेंट भी विधायक को प्रदान की।



विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि संतों का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। गुरुजनों के सान्निध्य से सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना और अधिक सुदृढ़ होती है। उन्होंने अपने जन्मदिवस पर समाज, प्रदेश और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना करते हुए सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।



आचार्य श्री के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजजनों एवं शुभचिंतकों ने विधायक शैलेन्द्र जैन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।



इस अवसर पर संतोष जैन (घड़ी), अशोक जैन (पीड़रुआ), पराग बजाज, श्रेयांश जैन, संजय सवाई, निलेश जैन, महेंद्र बलेह, अमित बैसाखिया, अभय बरायठा,श्री कांत जैन, प्रासुक जैन, चेतराम अहिरवार, अजय जैन लंबरदार, संजय शास्त्री, राजकुमार पडेले, नवीन जैन सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु-भगिनियां उपस्थित रहीं।

Share:

www.Teenbattinews.com

Archive