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दमोह तहसीलदार रोबिन जैन निलंबित, सागर संभागायुक्त ने जारी किए आदेश

दमोह तहसीलदार रोबिन जैन निलंबित, सागर संभागायुक्त ने जारी किए आदेश



तीनबत्ती न्यूज: 10 अक्टूबर, 2026

सागर। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में कथित अनियमितताओं, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों में लापरवाही और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन में कमी के आरोपों के चलते दमोह जिले की दमयंती नगर तहसील के तहसीलदार रोबिन जैन को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में सागर संभागायुक्त कार्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया।

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जारी आदेश के अनुसार विभिन्न राजस्व प्रकरणों में नामांतरण, अतिक्रमण तथा अन्य प्रशासनिक कार्यवाहियों के दौरान प्रक्रियागत त्रुटियों और कथित लापरवाही का उल्लेख किया गया है। संबंधित मामलों के निराकरण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

कलेक्टर कार्यालय दमोह रहेगा मुख्यालय

सागर संभागायुक्त द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1965 के प्रावधानों के तहत तहसीलदार रोबिन जैन के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, जिला दमोह निर्धारित किया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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13 अक्टूबर को सागर पहुंचेगी सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: बालाजी मंदिर में लगेगा बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार

13 अक्टूबर को सागर पहुंचेगी सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: बालाजी मंदिर में लगेगा बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार

• पुष्पवर्षा से होगा स्वागत, हनुमान चालीसा पाठ और हवन के बाद होगा दिव्य दरबार



तीनबत्ती न्यूज: 10 अक्टूबर, 2026

सागर। सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के तहत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 13 अक्टूबर को सागर पहुंचेंगे। बागेश्वर धाम से पन्ना और दमोह होते हुए रथयात्रा सागर जिले के गढ़ाकोटा और रहली से होकर सागर नगर में प्रवेश करेगी। आज बालाजी मंदिर परिसर में आयोजक डॉ रजनीश विश्वकर्मा, डॉ अनिल तिवारी, भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह, डॉ तरुण बड़ोनिया, शिवशंकर मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, विवेक तिवारी, अंकु चौरसिया, अनिल पीपरा, संजू ठाकुर ने आज मीडिया को पूरी जानकारी दी।

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रथयात्रा के सागर नगर में प्रवेश के बाद बम्हौरी चौराहा, आरटीओ, सिग्नल तिली चौराहा होते हुए श्री बालाजी मंदिर परिसर पहुंचेगी। यहां सागर जिला शिष्य मंडल एवं सुंदरकांड मंडल द्वारा रथयात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा भी की जाएगी।


बालाजी मंदिर में होगा दिव्य दरबार

प्रेस नोट के अनुसार, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मंच पर पहुंचने से पहले करीब 51 बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन किया जाएगा। इसके बाद हनुमान चालीसा की चौपाइयों का पाठ और मंत्रोच्चार के साथ हवन किया जाएगा। इसके बाद श्री बालाजी मंदिर परिसर में दिव्य दरबार आयोजित होगा।

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रात्रि में बालाजी परिसर में विश्राम करेंगे। अगले दिन सुबह बालाजी सरकार की पूजा, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण के बाद रथयात्रा आगे रवाना होगी।

मकरोनिया होते हुए आगे बढ़ेगी यात्रा

14 अक्टूबर को रथयात्रा मोतीनगर चौराहा, ओम स्टील, रेलवे ब्रिज भगवानगंज और रजाखेड़ी चौराहा होते हुए मकरोनिया की ओर जाएगी। विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद यात्रा आगे के लिए रवाना होगी।


आयोजन समिति द्वारा रथयात्रा के लिए आवास, संत निवास, भोजन, पेयजल, पंडाल, पार्किंग, साफ-सफाई, पुलिस कंट्रोल, चिकित्सा और प्रसादी वितरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

आयोजकों ने अपील की है कि सनातन हिंदू एकता रथयात्रा और बालाजी मंदिर में होने वाले दिव्य दरबार की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। आयोजन का उद्देश्य “जात-पात से बड़ा हमारा राष्ट्र है, राष्ट्र ही सर्वोपरि है” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना बताया गया है।

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डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के 12 शिक्षक विश्व के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल

विश्व के सर्वश्रेष्ठ 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में डॉ. गौर केंद्रीय विश्ववि‌द्यालय के 12 शिक्षक 


तीनबत्ती न्यूज: 10 अक्टूबर, 2026

सागर। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (अमेरिका) और एल्सवियर पब्लिशर्स द्वारा विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित वैश्विक सूची जारी की गई है। इस सूची में सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) के 12 शिक्षकों एवं वैज्ञानिकों ने स्थान बनाकर विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम रोशन किया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों की तुलना में यह संख्या सर्वाधिक है।

एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड द्वारा इस अध्ययन के तहत दो सूचियां बनाई जाती है. एक सूची जिसमे सम्पूर्ण कैरियर डेटा को करियर के आरम्भ से कैलेंडर वर्ष के अंत तक संकलित किया जाता किया है और दूसरी सूची कैलेंडर वर्ष के दौरान प्राप्त उद्धरणों के आधार पर बनाई जाती है।

सम्पूर्ण कैरियर डेटा की सूची में डॉक्टर विश्ववि‌द्यालय के 6 शिक्षकों को स्थान मिला है. इसमें फार्मेसी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एन. के. जैन, प्रो. एस. पी. व्यास, प्रो संजय कुमार जैन, रसायन विभाग के पूर्वअध्यक्ष प्रो. ए. पी. मिश्रा तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा शामिल हैं.

वार्षिक सूची में फार्मेसी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एन. के. जैन, प्रो. एस. पी. व्यास, प्रो संजय कुमार जैन, तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, डॉ. विकास जैन, बॉटनी विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. एम. एल. खान, जिओलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफ. ए. के. सिंह, डॉ. वंदना सोनी, बॉटनी विभाग की डॉ. सोनल माथुर, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा क्रिमिनोलॉजी एवं फोरेंसिक साइंस विभाग की डॉ. वंदना विनायक शामिल हैं.

इस तरह कुल मिलाकर विश्वविद्यालय के 12 शिक्षक इस महत्त्वपूर्ण सूची में स्थान बनाने में सफल हुए हैं। यह मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक है.

इस सूची को विज्ञान के 22 क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों से संबंधित वैज्ञानिकों के डाटाबेस एवं एल्सिवियर प्रकाशन और स्कोपस के विश्व स्तर के साइटेशन डेटाबेस के कम्पोजिट स्कोर के आधार पर तैयार किया जाता है. इस सूची में विश्वविद्यालय के कई पूर्व शिक्षक एवं पुरा छात्र, जो देश-विदेश विभिन्न संस्थाओ में कार्यरत हैं, भी शामिल हैं. विश्वविद्यालय के शिक्षकों की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने बधाई दी है और हर्ष व्यक्त किया है.

ये रहे वैज्ञानिक

प्रो. एन. के. जैन भैषजिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्हें शिक्षण और अनुसंधान में 43 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनके शोध में नावेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम और चिकित्सा उपकरणों के नियामक पहलू शामिल हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में 500 से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं जिन्हे 20000 से अधिक बार उद्धृत किया गया है.

फार्मेसी विभाग के पूर्व आचार्य, प्रो सुरेशप्रसाद व्यास को उच्चस्तरीय शोध के लिए इस सातवीं बार सूची में स्थान मिला है. उन्होंने लाइपोसोम बायोटेक्नोलॉजी, ओरल वक्सीनशन, लक्ष्यभेदी टीबी उपचार, नावेल ड्रग डिलीवरी पर उत्कृष्ट शोध किया है जो ४०० शोध पत्रों के रूप में प्रकाशित है और 20000 से अधिक बार उल्लेखित है.

प्रो. संजय के जैन, फार्मेसी विभाग सेवानिवृत्त आचार्य को उच्चस्तरीय शोध के लिए सातवीं बार इस सूची में स्थान मिला है. उन्होंने बड़ी आंत और मस्तिष्क की बीमारियों के लिए लक्ष्यभेदी दवाओं का विकास किया है जिसके लिए उन्हें 2018 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा विजिटर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. इनके 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं जिनका 15000 बार उल्लेख हुआ है व इन्हे 03 अंतराष्ट्रीय व 01 राष्ट्रीय पेटेंट प्राप्त हैं.

प्रो. एम. एल. खान को उच्चस्तरीय शोध के लिए पांचवीं बार इस सूची में स्थान मिला है प्रो. खान विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रोफेसर हैं. इनका शोध कार्य पर्यावरण, जैव विविधता संरक्षण एवं वानिकी से संबंधित है. इनके निर्देशन में मध्य प्रदेश की जैव विविधता से जुड़ी तीन शोध परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनका शोध कार्य 180 शोध पत्रों के रूप में प्रकाशित है जिनका 11000 से अधिक बार उद्धरण किया गया है जिसके लिए उन्हें 2021 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा विजिटर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है

प्रो. नवीन कानगो लगातार पांचवीं बार इस सूची में शामिल किये गए हैं. वे माइक्रोबायोलोजी एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष हैं और इनका शोध कार्य सूक्ष्मजैवीय एन्जाइम्स का स्वास्थ्यवर्धक प्री-बायोटिक, बायो-एथेनोल, मुर्गी के पंखों के अपघटन एवं बहुउपयोगी नैनोपार्टिकल्स बनाने पर आधारित है. इनका शोध कार्य 86 शोध पत्रों के रूप में प्रकाशित है जिनका 3100 से अधिक बार उद्धरण किया गया है. कवक और जीवाणुओं पर इन्हे 25 वर्ष से अधिक का शोध का अनुभव है और उन्हें माइकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया द्वारा फेलोशिप और मेमोरियल अवाई प्रदान किये गए हैं.


प्रोफ़ेसर ए. के. सिंह की प्रमुख शोध रुचियों में आग्नेय शैल-विज्ञान (Igneous Petrology) और हिमालयी विवर्तनिकी (Himalayan Tectonics) शामिल हैं। उनका शोध महा‌द्वीपीय टकराव, सबडक्शन और ऑब्डक्शन के दौरान महाद्वीपीय एवं महासागरीय क्रस्ट तथा लिथोस्फेरिक मेंटल के भू-गतिकीय विकास (Geodynamic Evolution) को समझने पर केंद्रित है। इसके लिए वे होल-रॉक जियोकेमिस्ट्री, मिनरल केमिस्ट्री, आइसोटोपिक सिग्नेचर तथा U-Pb जियोक्रोनोलॉजी जैसी उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करते हैं। वे क्रोमाइटाइट्स एवं मेंटल पेरिडोटाइट्स में Ni-Cu-PGE की विशेषताओं तथा फेल्सिक, मैफिक और अल्ट्रामैफिक चट्टानों में महत्वपूर्ण खनिजीकरण की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन करते हैं।

प्रो. ए. पी. मिश्रा :  विश्वविश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ आचार्य हैं. इनका कार्यक्षेत्र सिंथेटिक और संरचनात्मक अकार्बनिक रसायन विज्ञान, समन्वय रसायन विज्ञान, जैव अकार्बनिक, नैनो सामग्री, अल्ट्रासोनिक्स है. इनका शोध कार्य 60 शोध पत्रों के रूप में प्रकाशित है.

डॉ. वंदना विनायक :  क्रिमिनोलॉजी एवं फोरेंसिक साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं एवं उनका शोधकार्य डायटम्स और माइक्रोअलगी से जैव ईधन एवं पिगमेंट्स उत्पादन की नैनोटेक्नोलाजी पर केंद्रित हैं. इनका शोध कार्य 80 से अधिक शोध पत्रों के रूप में प्रकाशित है जिनका 3000 से अधिक बार उल्लेख हुआ है.

प्रोफेसर वंदना सोनी :  वर्तमान में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उनका शोध मुख्यतः टार्गेटेड ड्रग डिलीवरी, ब्रेन ड्रग डिलीवरी तथा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर केंद्रित है। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें वर्ष 2021 में APTI वुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में, कंट्रोल्ड रिलीज़ सोसायटी-2025, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में उनके शोध को सराहा गया तथा 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से शीर्ष 55 में उन्होंने स्थान प्राप्त कर विश्ववि‌द्यालय एवं देश का गौरव बढ़ाया है।

डॉ. प्रशांत केशरवानी : फार्मेसी विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वे पहले भारतीय वैज्ञानिक हैं जिन्हें इंटरनेशनल USERN लॉरेट्स-2023 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें भारत सरकार के SERB-DST रामानुजन फेलोशिप से भी सम्मानित किया गया। डॉ. केशरवानी ने 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और 30 से अधिक पुस्तकों का संपादन किया है। उनका प्रमुख शोध क्षेत्र कैंसर उपचार हेतु नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित औषधि वितरण प्रणाली है। डॉ. केशरवानी को अमेरिका, मलेशिया और भारत में शिक्षण, शोध एवं औद्योगिक क्षेत्र में 12 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

वनस्पति विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल माथुर को विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों (2025) में लगातार दूसरी शामिल किया गया है। उनका शोध जलवायु परिवर्तन, पौधों, विशेषकर फसलों में अजैविक तनाव प्रतिक्रियाओं और तनाव न्यूनीकरण हेतु पादप-सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाओं पर केंद्रित है। उनके 3,600 से अधिक उद्धरण हैं, जिनमें ह-इंडेक्स 19 और 10-इंडेक्स 23 है।

डॉ. विकास जैन के शोध का क्षेत्र स्तन कैंसर (एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर) और मेलेनोमा के खिलाफ लक्षित नैनो-चिकित्सा (टार्गेटेड नैनो थेरेप्यूटिक्स) का विकास करना है। उन्होंने ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर (टीएनबीसी) में बेहतर चिकित्सीय परिणामों के लिए दवाओं, जैविक पदार्थों (बायोलॉजिकल्स) और फाइटोकॉन्स्टिट्यूएंट्स (पादप घटकों) को पुनरुद्दे‌शित (रिपर्पज) भी किया है। उनके 77 प्रकाशन (पब्लिकेशंस), 2250 साइटेशन (सिटेशंस) हैं।



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Sagar News: राशन वितरण में 3.20 लाख की गड़बड़ी : विक्रेता और सहायक विक्रेता पर: FIR

Sagar News : राशन वितरण में 3.20 लाख के खाद्यान्न का अपयोजन, विक्रेता-सहायक विक्रेता पर FIR



तीनबत्ती न्यूज: 09 अक्टूबर, 2026

सागर। रहली अनुविभाग के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान समनापुर कला में राशन वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद विक्रेता और सहायक विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में 3 लाख 20 हजार 780 रुपये मूल्य के खाद्यान्न के अपयोजन का मामला सामने आया है।

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जांच के दौरान यह भी पाया गया कि विक्रेता एवं सहायक विक्रेता द्वारा हितग्राहियों के POS मशीन में राशन की एंट्री कर पर्ची निकाली गई, लेकिन वास्तविक रूप से राशन का वितरण नहीं किया गया। इसके स्थान पर हितग्राहियों को नगद राशि दिए जाने की अनियमितता भी सामने आई।

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प्रकरण में संबंधितों का कृत्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 की विभिन्न कंडिकाओं का उल्लंघन पाया गया है। यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय है।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के आदेशानुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, रहली द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान की विक्रेता सीमा दांगी एवं सहायक विक्रेता महीप सिंह के विरुद्ध थाना रहली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्रशासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता और हितग्राहियों के राशन में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

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13 अक्टूबर को सागर आएंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री!: बालाजी मंदिर में होगा दिव्य दरबार और सत्संग

13 अक्टूबर को सागर आएंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री : बालाजी मंदिर में होगा दिव्य दरबार और सत्संग

• सनातन सद्भाव एकता रथ यात्रा के तहत धर्मश्री स्थित बालाजी मंदिर पहुंचेंगे महाराज श्री: विधायक शैलेंद्र जैन ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की


तीनबत्ती न्यूज: 09 अक्टूबर, 2026

सागर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज 13 अक्टूबर को सनातन सद्भाव एकता रथ यात्रा के तहत सागर आएंगे। उनके आगमन पर धर्मश्री स्थित बालाजी मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम, दिव्य दरबार और सत्संग का आयोजन प्रस्तावित है। महाराज श्री के आगमन को लेकर प्रशासन और आयोजन से जुड़े सदस्यों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने बालाजी मंदिर परिसर में बागेश्वर धाम शिष्य मंडल और प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, यात्रा मार्ग और श्रद्धालुओं की सुविधाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

न्यू आरटीओ मार्ग से तिली होते हुए बालाजी मंदिर पहुंचेंगे महाराज श्री

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज न्यू आरटीओ मार्ग से सागर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद तिली मार्ग से होते हुए धर्मश्री स्थित बालाजी मंदिर पहुंचेंगे। यहां रात्रि विश्राम के साथ दिव्य दरबार और सत्संग का आयोजन प्रस्तावित है।


सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर जोर

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने अधिकारियों और शिष्य मंडल के सदस्यों के साथ आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। बैठक में सुरक्षा प्रबंध, यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

बैठक में ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, यातायात डीएसपी मयंक चौहान, सीएसपी ललित कश्यप, नगर निगम उपायुक्त एस.एस. बघेल, अभियंता लखन अहिरवार, मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल, गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा, कैंट थाना प्रभारी रोहित डेंगरे, सिविल लाइन थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह और मकरोनिया थाना प्रभारी नितिन पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा इंजीनियर आयुष शुक्ला, इंजीनियर संजय तिवारी, बबलू चौरसिया, लक्ष्मण सिंह और विशाल खटीक सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

बागेश्वर धाम शिष्य मंडल की ओर से रजनीश विश्वकर्मा, अजय श्रीवास्तव, शिवशंकर मिश्रा, संजू ठाकुर, विवेक तिवारी, अंकू चौरसिया, रूपेश दुबे, तरुण बड़ोनिया और अनिल पीपरा सहित अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए।

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Sagar News : स्वामित्व योजना: काम न करने वाले पटवारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: कलेक्टर के निलंबन और टर्मिनेशन के निर्देश

स्वामित्व योजना में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, पटवारियों का होगा निलंबन और परिवीक्षाधीनों की सेवा समाप्ति

• कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लंबित प्रकरणों का सत्यापन कर जल्द रजिस्ट्री कराने के दिए निर्देश


तीनबत्ती न्यूज 9 अक्टूबर 2026

सागर। स्वामित्व योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के विरुद्ध अब सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने योजना की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में सत्यापन पूरा कराकर हितग्राहियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही मिलने पर परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति तथा अन्य पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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पटवारी अपने हल्के में जाकर पूरी कराएं प्रक्रिया

कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देशित किया कि स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। प्रत्येक पटवारी अपने हल्का क्षेत्र में प्रकरणों का इनिशिएशन और सत्यापन सुनिश्चित करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं।

उन्होंने कहा कि संबंधित पटवारी अपने क्षेत्र में जाकर स्वामित्व योजना के हितग्राहियों से चर्चा करें और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर रजिस्ट्री में आ रही बाधाओं को दूर करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

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पोर्टल पर समय-सीमा में सबमिट हों प्रकरण

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का पोर्टल पर सत्यापन कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में सबमिट किया जाए। उन्होंने एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और प्रगति पर नजर रखने को कहा।

कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार निलंबन एवं सेवा समाप्ति की कार्रवाई के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत और संयुक्त कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

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सागर में 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त, जमा राशि होगी राजसात: नगर निगम सागर की बड़ी कार्रवाई

सागर में 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त, जमा राशि होगी राजसात

• अंतिम नोटिस के बाद भी शेड बनाकर डेयरी शुरू नहीं करने पर नगर निगम की कार्रवाई


तीनबत्ती न्यूज: 09 अक्टूबर, 2026

सागर। रतौना-हफसिली डेयरी विस्थापन परियोजना के तहत आवंटित प्लॉट पर निर्धारित समय-सीमा में शेड निर्माण कर डेयरी संचालित नहीं करने वाले 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं। नगर निगम प्रशासन ने इन संचालकों की जमा राशि राजसात करने की कार्रवाई भी की है। यह कार्रवाई महापौर परिषद द्वारा पारित निर्णय के अनुसार नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर की गई।

नगर निगम द्वारा डेयरी विस्थापन स्थल पर संचालकों को सशर्त अस्थायी रूप से प्लॉट आवंटित किए गए थे। आवंटन की शर्तों के अनुसार 15 दिन के भीतर शेड का निर्माण कर डेयरी संचालन शुरू करना अनिवार्य था। निर्धारित समय में शर्तों का पालन नहीं करने पर नगर निगम आयुक्त ने 17 अगस्त 2026 को 155 डेयरी संचालकों को अंतिम नोटिस जारी किया था।

7 दिन का दिया गया था अंतिम मौका

अंतिम नोटिस में संबंधित डेयरी संचालकों को सात दिन के भीतर शेड निर्माण कर डेयरी शुरू करने और अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद कई संचालकों ने निर्धारित समय में शर्तों का पालन नहीं किया। कुछ ने जवाब प्रस्तुत नहीं किए, जबकि कई के जवाब असंतोषजनक पाए गए।

नगर निगम के अनुसार, जारी नोटिसों में से 118 डेयरी संचालकों की पावती प्राप्त हुई। इनमें से 46 संचालकों ने जवाब प्रस्तुत किए। जवाबों की जांच में 13 संचालकों के जवाब संतोषजनक पाए गए, जबकि 33 के जवाब असंतोषजनक रहे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कुल 105 डेयरी संचालकों के प्लॉट आवंटन निरस्त कर जमा राशि राजसात करने की कार्रवाई की गई।

शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित डेयरी संचालन पर जोर

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, डेयरी विस्थापन परियोजना का उद्देश्य शहर में डेयरी संचालन को व्यवस्थित करना, शहरी क्षेत्रों में पशुपालन से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को कम करना और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना है। इसके लिए आवंटित प्लॉट पर निर्धारित शर्तों के अनुसार शेड निर्माण और डेयरी संचालन शुरू करना जरूरी है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि डेयरी विस्थापन परियोजना की शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने IPU में AI और रोजगार के भविष्य पर भारत का पक्ष रखा

वैश्विक मंच पर गूंजी भारत की आवाज: AI का भविष्य ऐसा हो, जिसमें कामगारों के अधिकार सुरक्षित रहें और कोई पीछे न छूटे

• 153वीं IPU असेंबली में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने रोजगार, कौशल विकास और मानव गरिमा पर दिया संदेश


तीनबत्ती न्यूज: 09 अक्टूबर, 2026

सागर/आरूशा। तंजानिया के आरूशा शहर में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) असेंबली में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं मध्य प्रदेश के सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने ‘AI और कार्य का भविष्य’ विषय पर भारत का पक्ष रखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोजगार के बदलते स्वरूप और कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

डॉ. वानखेड़े ने कहा कि AI का उद्देश्य केवल उत्पादकता बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि विकास को समावेशी बनाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और मानव गरिमा की रक्षा करना भी होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी बदलाव के दौर में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि विकास की प्रक्रिया में कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।



AI बदल रही है काम करने का तरीका

डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारे काम करने, व्यवसाय संचालित करने और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के तरीकों को तेजी से बदल रही है। AI के माध्यम से नवाचार, उत्पादकता और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ पारंपरिक नौकरियों और कौशलों के स्वरूप में भी बदलाव आएगा।

ऐसे में कामगारों को नए कौशल उपलब्ध कराना, उन्हें बदलती तकनीक के लिए तैयार करना तथा उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

AI के क्षेत्र में भारत की पहल का किया उल्लेख

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि भारत की युवा आबादी, मजबूत तकनीकी क्षेत्र और तेजी से विकसित हो रहा डिजिटल बुनियादी ढांचा देश को AI आधारित विकास के लिए विशेष अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने इंडिया AI मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत कंप्यूटिंग संसाधनों, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार में निवेश के माध्यम से एक मजबूत और समावेशी AI व्यवस्था विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

AI के विकास के साथ कामगारों के अधिकारों की रक्षा जरूरी

अपने संबोधन में डॉ. वानखेड़े ने सांसदों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ कामगारों, मौलिक अधिकारों और जनहित की रक्षा करना भी आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि भारत में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति AI सहित तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करती है।

उन्होंने Digital Sansad, Parliament Digital Library, National e-Vidhan Application और Sansad Bhashini जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक सुलभ, प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए भी तकनीक का उपयोग कर रहा है।

डॉ. लता वानखेड़े ने AI को वैश्विक अवसर के साथ-साथ वैश्विक चुनौती बताते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि तकनीक का लाभ किसी एक देश या वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों को तकनीक, कंप्यूटिंग संसाधनों, डेटा और कौशल विकास के अवसरों तक समान और उचित पहुंच मिलनी चाहिए।

उन्होंने भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 का उल्लेख करते हुए AI के युग में मानव कौशल, प्रशिक्षण और नए कौशल सीखने के लिए वैश्विक सहयोग की महत्ता को रेखांकित किया।

अपने संबोधन के समापन में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि AI का उपयोग नए अवसर पैदा करने, कामगारों के अधिकारों की रक्षा करने और मानव गरिमा को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिम्मेदार नवाचार, सही कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भविष्य के कार्यक्षेत्र की प्रमुख आवश्यकताएं बताया।

डॉ. वानखेड़े ने कहा कि तकनीकी प्रगति की वास्तविक सफलता केवल मशीनों की क्षमता या आर्थिक उत्पादकता से नहीं, बल्कि इस बात से तय होगी कि उसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक कितना पहुंचता है।


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