सागर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू: पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के प्रश्न पर विधानसभा में सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी जानकारी
तीनबत्ती न्यूज: 21 जुलाई, 2026
सागर। मध्यप्रदेश विधानसभा में खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा उठाए गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि सागर संभागीय मुख्यालय में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि एयरपोर्ट निर्माण का कार्य मुख्यतः केंद्र सरकार की एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में आता है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सागर के आसपास विमानतल निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि के चिन्हांकन हेतु जिला कलेक्टर को पत्र भेजा गया है, जिससे आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से सागर संभागीय मुख्यालय पर एयरपोर्ट निर्माण के संबंध में सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई तथा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने की स्थिति की जानकारी मांगी थी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उत्तर में स्पष्ट किया कि सागर में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उपयुक्त भूमि का चयन होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में इस महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि सागर संभाग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के लिए एयरपोर्ट की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल क्षेत्र के उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य तथा प्रशासनिक दृष्टि से भी पूरे संभाग को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने इस विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए उत्तर से स्पष्ट हुआ है कि सागर में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हांकन का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही एयरपोर्ट की मांग को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
सिविल न्यायालय प्रश्न पर विधानसभा में दिया गया उत्तर
खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह द्वारा उठाए गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि खुरई स्थित सिविल न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्रित की जा रही है। जानकारी प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक निर्णय एवं आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री ने विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने विधानसभा में प्रश्न के माध्यम से खुरई स्थित सिविल न्यायालय भवन की वर्तमान स्थिति, नवीन न्यायालय भवन की स्वीकृति की समय-सीमा तथा वर्तमान भवन में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय आने वाले नागरिकों को हो रही असुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने अपने प्रश्न में उल्लेख किया कि खुरई का वर्तमान सिविल न्यायालय भवन वर्ष 1964-65 में निर्मित हुआ था और अब लंबे समय से उपयोग में होने के कारण नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि नए भवन की स्वीकृति कब तक प्रदान की जाएगी तथा क्या वर्तमान भवन में न्यायिक कार्यों के संचालन के दौरान माननीय न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों को स्थानाभाव और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में दिए गए लिखित उत्तर में बताया कि इस संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्रित की जा रही है। जानकारी प्राप्त होने के बाद विषय पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। उन्होंने विधानसभा के माध्यम से इस महत्वपूर्ण जनहित के विषय को उठाकर शासन का ध्यान आकर्षित किया है, ताकि खुरई क्षेत्र के अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों एवं आम नागरिकों को बेहतर न्यायिक अधोसंरचना उपलब्ध हो सके।







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