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MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों •दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति •बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी •अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों 

•दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति

•बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी

•अतिथि शिक्षकों को मानदेय  के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

तीनबत्ती न्यूज:29 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए करीब 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, ग्रामीण विकास और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण

मंत्रि-परिषद ने अग्निवीरों को प्रदेश की विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह आरक्षण पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर लागू होगा।निर्णय के अनुसार गृह विभाग के आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) पदों पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। विशेष सशस्त्र बल में भी यही व्यवस्था रहेगी।

जेल प्रहरी के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वन रक्षक के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, जबकि आबकारी आरक्षक के पद पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

अतिथि शिक्षकों के लिए 5,329 करोड़ रुपये

मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कराया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।


कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि

सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गणवेश के लिए राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों और पालकों के खातों में उपलब्ध कराने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए होगी।

सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को 1,052 करोड़

सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परियोजना का उद्देश्य बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।


दमोह-कटनी फोरलेन के लिए 4,470 करोड़

मंत्रि-परिषद ने 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित चार-लेन बनाने के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3,245 करोड़ रुपये

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तीन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए कुल 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये शामिल हैं।


सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला अस्पताल


सिंगरौली जिला चिकित्सालय को 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तरीय करने के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसमें अतिरिक्त 155 बिस्तरों के साथ आंतरिक एवं बाहरी विकास कार्य, बायोमेडिकल उपकरण और अस्पताल फर्नीचर आदि शामिल हैं।


छिन्दवाड़ा मेडिकल साइंसेज अस्पताल के लिए 953.69 करोड़


छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और अन्य भवनों के निर्माण तथा संबंधित सेवाओं और बाहरी विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

दतिया और नीमच की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

दतिया जिले की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना से करीब 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

नीमच की रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे गांधीसागर जलाशय से पानी उठाकर करीब 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।


उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना के लिए 358 करोड़

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है। इसके लिए करीब 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी नहर के माध्यम से पानी को गंभीर नदी की ओर मोड़ने की योजना है।

ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़


भूमि के अंतरण पर उपकर को ग्रामीण विकास निधि में स्थानांतरित करने की योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।

विमुक्त और घुमन्तु समुदायों के लिए एक रुपये किलो खाद्यान्न

विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों को एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

हथकरघा विभाग में 12 नए पद

मऊगंज, छिन्दवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ जिलों में नए जिला हाथकरघा कार्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन, कुल 12 नए पद सृजित किए जाएंगे। हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।

विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें उच्च न्यायालय भवन एवं आवासीय परिसर के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये सहित अधिवक्ता कल्याण, एडीआर सेंटर, लोक अदालत तथा आईटी और पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।


न्यायालयों में प्रोसेस सर्वर योजना के लिए 622 करोड़

अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायालयीन पत्रों की तामिली से जुड़े प्रोसेस सर्वर के वेतन, भत्तों और यात्रा देयकों के लिए योजना को 2026 से 2031 तक जारी रखने हेतु 622 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वनोपज और खनिज परिवहन की नई दरें

मंत्रि-परिषद ने वनोपज एवं खनिज वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क और एनओसी शुल्क की नई दरों को भी मंजूरी दी। सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे।

खनिज वनोपज की पहली श्रेणी में शामिल लाइम स्टोन, डोलोमाइट, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड सहित अन्य खनिजों के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन शुल्क होगा। दूसरी श्रेणी में फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल और मिट्टी पत्थर के लिए 52 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है।


न्यायालय भवनों के लंबित कार्यों के लिए 691 करोड़

केन्द्र प्रवर्तित योजना 'न्यायालय भवनों का निर्माण' के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार की निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की 691 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि का भुगतान राज्य योजना में उपलब्ध राशि से किए जाने की अनुमति भी मंत्रि-परिषद ने दी।


बैठक में लिए गए इन निर्णयों में युवाओं के रोजगार अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और ग्रामीण एवं न्यायिक अधोसंरचना से संबंधित योजनाओं को आगामी वर्षों में जारी रखने और विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।

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सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बण्डा में नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 37 आरोपी गिरफ्तार • 11 हजार खाली और 900 भरे क्वार्टर जब्त, डाई मशीनें आदि बरामद

सागर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बण्डा में नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 37 आरोपी गिरफ्तार

• 11 हजार खाली और 900 भरे क्वार्टर जब्त, डाई मशीनें आदि बरामद

तीनबत्ती न्यूज: 19 सितम्बर, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित सागर जिले के शराबकाण्ड में पुलिस ने आज बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बण्डा क्षेत्र में "सागर गोल्ड" नाम से जहरीली और अमानक नकली शराब बनाकर बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 52 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है। करीब 50 लोगों की पीड़ित है जिनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ा है। एसपी अनुराग सुजानिया, एएसपी जयवीर सिंह और नरेंद्र सोलंकी ने आज मीडिया के सामने  जहरीली अवैध शराब के कारोबार का खुलासा किया। 


कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

6 सितंबर 2026 को सागर पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना बण्डा क्षेत्र के कुछ गांवों में संदिग्ध शराब के सेवन से लोगों की मृत्यु हुई है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और प्रभावित लोगों से पूछताछ की। इस मामले में थाना बण्डा और थाना विनायका में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किए गए।

बंडा शराब कांड: दो आरोपियों के परिजनों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त, एक पिस्टल और दो 315 बोर राइफल जब्त करने के आदेश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।


साजिश और कार्यप्रणाली का खुलासा

पुलिस विवेचना में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

साझेदारी और ठेकों की आड़: आरोपी चंदू राजा (चन्द्रभान) ने लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ विनायका में पार्टनरशिप की थी। वहीं, अवैध शराब तस्करी में लिप्त लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर के साथ बरेठी स्थित मदिरा दुकान में अघोषित पार्टनरशिप की, ताकि लाइसेंसी दुकानों के जरिए नकली शराब खपाई जा सके।

यह भी पढ़ें: बंडा जहरीली शराब कांड: ₹30 हजार का इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार • पुलिस टीम को देखकर आरोपी ने किए तीन फायर, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली; कट्टा, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद •अभी तक दो आरोपी शार्ट इन काउंटर से पकड़े गये

नकली शराब का आइडिया: शिवांजय राजपूत (छापरी) और उसके दोस्त रोहित पटेल (पिपरिया) ने मुरैना के दिनेश शिवहरे के संपर्क में आकर चंदू राजा को नकली शराब बनाने का विचार दिया। चंदू राजा के सहमति देने पर ग्राम ततरवारा स्थित उसके घर पर नकली शराब बनाने का काम शुरू हुआ।



सामग्री और परिवहन:

 दिल्ली की RN केमिकल फर्म के मालिक अनुपम गिरी ने दिल्ली से 5 ड्रम इंडस्ट्रियल स्पिरिट/थिनर सागर भेजा।

* ग्वालियर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से खाली बोतलें, रैपर और ढक्कन पहुंचाए गए।

* मुरैना से दिनेश शिवहरे अपने साथियों के साथ बण्डा आया और ततरवारा में नकली शराब तैयार की।

 नेटवर्क और बिक्री: तैयार अमानक शराब को ततरवारा और आसपास के गांवों (नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा, पाटन आदि) के कमीशनदारों और ठेकों के जरिए बेचा गया।



मुख्य आरोपी की मौत और साथी की आंख की रोशनी गई

अमानक शराब इतनी जहरीली थी कि खुद मुख्य आरोपी दिनेश शिवहरे और उसका साथी देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव इसकी चपेट में आ गए। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन भांडा फूटने के डर से आरोपी उसे जबरन डिस्चार्ज कराकर मुरैना ले जाने लगे। रास्ते में दिनेश शिवहरे की मृत्यु हो गई, जबकि देवा जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।

ग्वालियर, दिल्ली और मुरैना में पुलिस की छापेमारी

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने अंतरराज्यीय नेटवर्क पर दबिश देकर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:

 * ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिंकू जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव (सभी निवासी मुरैना)।

 * राजू सेंगर (ग्वालियर) - इसकी निशानदेही पर 11,050 खाली बोतलें और डाई मशीनें जब्त की गईं।

 * पंकज राय (ग्वालियर) - बहोड़ापुर स्थित फैक्ट्री से 180ml बोतल बनाने वाली डाई मशीन जब्त।

 * अनुपम गिरी (कराला, नई दिल्ली) - RN केमिकल फर्म का मालिक, जिसने स्पिरिट की सप्लाई की थी।

 * रोहित पटेल (पिपरिया, गढ़ाकोटा)।



जब्त की गई सामग्री

 * 4 डाई मशीनें: बोतल बनाने की (पट्टीदार, प्लेन एवं 'बॉम्बे' लिखी हुई)।

 * 11,050 खाली बोतलें (180ml) एवं 900 तैयार शराब की बोतलें।

 * 250 प्लास्टिक कैप्सूल (कच्ची सामग्री)।

 * ढक्कन सील करने की मशीन।

अपराधिक पृष्ठभूमि

 * चंदू उर्फ चन्द्रभान: इसके खिलाफ बण्डा, देवरी, केसली और विनायका थानों में हत्या के प्रयास (307), आबकारी एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराओं के तहत 9 मामले दर्ज हैं।

 * बंटी शर्मा (बारदाना सप्लायर): इसके खिलाफ मुरैना, ग्वालियर और शिवपुरी में अवैध शराब निर्माण के आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पिछले अपराधों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।


प्रशासन की कार्यवाही जारी

सीएम डॉ मोहन यादव के सख्त कार्रवाई के निर्देश पर प्रशासन सख्ती किए है।  प्रशासन ने आरोपियों के मकानों और ठिकानों पर बुलडोजर चलाया है।छह शराब दुकानें सील की गई। आरोपियों के हथियारों के लायसेंस निरस्त किए है। पूरे जिले में अवैध शराब के ठिकानों पर छापामार कार्यवाही चल रही है। इसके अलावा आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के तीन अधिकारी कर्मचारी सस्पेंड हो चुके है। 




बंडा में नकली सागर गोल्ड शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 11 हजार से ज्यादा खाली बोतलें और मशीनें जब्त


सागर। बंडा क्षेत्र में नकली एवं अमानक शराब के निर्माण और बिक्री के मामले में सागर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नकली शराब की बोतलें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, बोतलों को सील करने की मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, बोतल बनाने के कैप्सूल सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है। मामले में अब तक 52 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 37 की गिरफ्तारी की जा चुकी है।


पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था।


बंडा के ततरवारा में तैयार होती थी नकली शराब


जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी नकली शराब तैयार कर उसे लाइसेंसी शराब दुकानों की आड़ में आसपास के क्षेत्रों में खपाने की योजना पर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शुदा आरोपी रवि लखेरा से पूछताछ में मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और आशीष साहू के साथ नकली शराब बनाने की योजना सामने आई।


पूछताछ में आरोपी चंदू राजा उर्फ चंद्रभान ने भी बताया कि उसका शराब ठेकेदारों से संपर्क था और उसने विनायका क्षेत्र के लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ साझेदारी की थी। वहीं बंडा निवासी लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर से संपर्क के कारण बरेठी शराब दुकान में भी अघोषित साझेदारी की बात जांच में सामने आई।


पुलिस के मुताबिक चांदपरी निवासी शिवांजय राजपूत और पिपरिया निवासी रोहित पटेल ने चंदू राजा को नकली अमानक शराब बनाने का आइडिया दिया था। इसके बाद मुरैना निवासी दिनेश शिवहरे और उसके साथियों को ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने के लिए बुलाया गया। शराब की बोतलों के रैपर और अन्य सामग्री ग्वालियर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से सागर पहुंचाई गई थी।


चंदू राजा के घर पर बनाई जा रही थी नकली शराब


पुलिस के अनुसार दिनेश शिवहरे और उसके साथियों ने ग्राम ततरवारा में चंदू राजा के घर पर नकली अमानक शराब तैयार की। तैयार शराब की पेटियां चंदू राजा ने अपने सहयोगियों के माध्यम से लाइसेंसी दुकान की आड़ में आसपास के गांवों में कमीशन पर बिकवाईं।


जांच के मुताबिक नौराज़, गूगरा, छापरी, जगथर, बमुराभेड़ा, पाटन और आसपास के गांवों में इस नकली शराब को पहुंचाया गया। इसी शराब के सेवन के बाद आरोपी दिनेश शिवहरे और उसके साथी देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की तबीयत बिगड़ने की बात पुलिस जांच में सामने आई। दिनेश शिवहरे को इलाज के लिए बंसल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर मुरैना ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। देवा उर्फ देवेंद्र जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।


ग्वालियर में फैक्ट्री से भी जब्त की मशीनें


आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को ग्वालियर और मुरैना भेजा गया। वहां मुख्य आरोपी दिनेश शिवहरे के भाई ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव और टिंकू जाटव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद राजू सेंगर और पंकज राय की संलिप्तता सामने आई।


राजू सेंगर की निशानदेही पर ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र से 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, एक बॉम्बे लिखी हुई डाई, एक प्लेन डाई और 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल जब्त किए गए। इसके बाद पंकज राय की निशानदेही पर ग्वालियर की राय कॉलोनी स्थित फैक्ट्री में दबिश देकर 180 एमएल की शराब की बोतल बनाने वाली दो डाई मशीनें जब्त की गईं।


दिल्ली से सागर भेजा जा रहा था शराब बनाने का केमिकल


जांच के दौरान नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लिक्विड के परिवहन की कड़ी दिल्ली से जुड़ी मिली। पुलिस के अनुसार पांच ड्रम दिल्ली से सागर भेजे गए थे। दिल्ली पहुंची पुलिस टीम ने लॉजिस्टिक कंपनी के माध्यम से केमिकल के स्रोत की जानकारी जुटाई।


पूछताछ में दिल्ली निवासी आरएन केमिकल फर्म के मालिक/संचालक अनुपम गिरी ने बताया कि उसी के माध्यम से पांच प्लास्टिक ड्रमों में औद्योगिक स्पिरिट/थिनर दिल्ली से सागर ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजा गया था। पुलिस ने अनुपम गिरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई से नकली शराब बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ।


कई जिलों में पहले भी गतिविधियां करने की बात सामने आई


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि इस तरह की अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां पूर्व में भी अन्य लोगों के साथ मिलकर कई जिलों में की गई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके पुराने साथियों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।


जांच में पुलिस ने यह भी कहा है कि गिरोह का उद्देश्य अधिक मुनाफा कमाना था और ऐसे स्थानों का चयन किया जाता था, जहां प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण आम लोगों तक गतिविधियों की जानकारी आसानी से नहीं पहुंच सके।


आठ आरोपी गिरफ्तार


पुलिस प्रेस नोट के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, टिंकू उर्फ सुरेंद्र उचोड़िया जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव, राजू सेंगर, पंकज राय, आरएन केमिकल फर्म के संचालक अनुपम गिरी और रोहित पटेल शामिल हैं।


यह सामग्री हुई जब्त


पुलिस ने कार्रवाई में 180 एमएल की प्लास्टिक शराब बोतल बनाने वाली दो डाई मशीन, 11,050 खाली प्लास्टिक बोतलें, बॉम्बे लिखी डाई, प्लेन डाई, 250 प्लास्टिक बोतल बनाने के कैप्सूल, 900 प्लास्टिक की 180 एमएल बोतलें और शराब की बोतल सील करने वाली मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त की है।


चंदू राजा का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया


पुलिस के अनुसार ततरवारा निवासी चंदू उर्फ चंद्रभान के खिलाफ बंडा थाने में वर्ष 2006, 2007, 2012 और 2022 सहित कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा देवरी और केसली थानों में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है। वर्ष 2026 के विनायका थाने के एक मामले में भी उसका नाम दर्ज है।


पुलिस ने बताया कि बारदाना सप्लाई करने वाले बंटी शर्मा के खिलाफ भी मुरैना और ग्वालियर जिले में अवैध शराब फैक्ट्री संचालन से संबंधित पूर्व के प्रकरण दर्ज हैं।

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अमानक शराब से प्रभावित 10 गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, 226 लोगों की जांच • 37 मरीजों में नेत्र संबंधी समस्या, 189 में अन्य रोगों की पहचान

अमानक शराब से प्रभावित 10 गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, 226 लोगों की जांच

• 37 मरीजों में नेत्र संबंधी समस्या, 189 में अन्य रोगों की पहचान

तीनबत्ती न्यूज: 16 सितंबर 2026

सागर। बण्डा एवं शाहगढ़ विकासखंड में अमानक शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों की जांच और उपचार के लिए जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित गांवों में सात दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को दोनों विकासखंडों के 10 गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए गए।


बण्डा विकासखंड के पाटन, चौका, बमूरा एवं छापरी तथा शाहगढ़ विकासखंड के नौराज, गूगरा खुई, डिलोना, खटोरा खुर्द, बुढ़ना एवं घुरमार में शिविर आयोजित किए गए।


शिविरों में मेडिकल ऑफिसर, नेत्र चिकित्सक, नेत्र सहायक और सीएचओ की ड्यूटी लगाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया।

226 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बुधवार को आयोजित शिविरों में कुल 226 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 37 मरीज नेत्र रोग से संबंधित पाए गए, जबकि 189 मरीजों में अन्य रोगों की पहचान हुई। कुछ मरीज पूर्व उपचार के बाद फॉलोअप के लिए भी शिविर में पहुंचे।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मरीजों की आवश्यक जांच कर उन्हें चिकित्सकीय सलाह दी गई तथा जरूरत के अनुसार आगे के उपचार एवं फॉलोअप के लिए निर्देशित किया गया।

मॉनिटरिंग दल ने लिया जायजा


स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों की व्यवस्थाओं और जांच कार्य की निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सागर द्वारा गठित मॉनिटरिंग दल ने विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। दल ने शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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बंडा जहरीली शराब कांड : भगवती मानव कल्याण संगठन ने CBI जांच और 25 लाख मुआवजे की मांग, भाकपा ने सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज से जांच कराने की उठाई मांग

बंडा जहरीली शराब कांड : भगवती मानव कल्याण  संगठन ने CBI जांच और 25 लाख मुआवजे की मांग, भाकपा ने सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज से जांच कराने की उठाई मांग


तीनबत्ती न्यूज: 8 सितंबर 2026

सागर। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने जांच और कार्रवाई को लेकर आवाज तेज कर दी है। भगवती मानव कल्याण संगठन, शाखा सागर ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पूरे घटनाक्रम की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में गठित समिति से कराने की मांग की है।

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भगवती मानव कल्याण संगठन ने उठाए सवाल

संगठन ने अपने ज्ञापन में दावा किया कि बंडा विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब के सेवन से अब तक 30 से 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि लाइसेंसी दुकानों से गांवों तक पहुंचाई गई कथित अवैध शराब के सेवन से यह घटना हुई।


संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने 5 सितंबर को बिना फोरेंसिक जांच के संबंधित शराब को पीने योग्य बताते हुए क्लीनचिट दे दी थी। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, 7 सितंबर को सानौधा थाना क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने एक पेटी कथित जहरीली शराब पकड़कर आबकारी विभाग को सूचना दी थी। संगठन का कहना है कि नौराज गांव, जहां चार मौतें हुई हैं, वहीं से शराब बरामद हुई।

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ज्ञापन में संगठन ने सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और पूर्व में मुरैना में उनके कार्यकाल के दौरान हुई शराब से मौतों का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की।

यह भी पढ़ें: सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। • सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच • शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में

संगठन की आठ प्रमुख मांगें


मृतक परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

पीड़ित परिवारों का एक वर्ष तक निःशुल्क इलाज कराया जाए।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की जाए।

दोषी अधिकारियों को निलंबित करने के बजाय बर्खास्त किया जाए।

निलंबित पुलिस एवं आबकारी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए।

सागर कलेक्टर और एसपी को तत्काल हटाया जाए।

जिले की सभी लाइसेंसी शराब दुकानों को स्थायी रूप से बंद किया जाए।

मामले की सीबीआई जांच के साथ पांच आईएएस अधिकारियों और पांच समाजसेवियों की टीम से भी जांच कराई जाए।


संगठन ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवारों और आमजन के साथ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।


भाकपा ने सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज से जांच की मांग की

इधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला परिषद के नेतृत्व में भी मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी ने कहा कि नकली शराब से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है और मामले की जांच की दिशा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने आशंका जताई कि यदि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

भाकपा ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में गठित समिति से कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।


पार्टी ने अवैध शराब के उत्पादन और बिक्री में संलिप्त लोगों की चल-अचल संपत्तियां राजसात करने, आबकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके पद के अनुरूप कार्यों की समयबद्ध रिपोर्ट लेने, आबकारी विभाग के खुफिया तंत्र को मजबूत करने और अवैध व नकली शराब के उत्पादन-विक्रय के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की मांग की।


इसके अलावा पीड़ित परिवारों को समुचित इलाज और मानवीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई।


भाकपा के प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव कामरेड चन्द्रकुमार, अधिवक्ता देवेंद्र सिंघई, गोवर्धन पटेल और आशीष भायजी सहित अन्य लोग शामिल रहे।



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गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण


सागर  : गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण


तीनबत्ती न्यूज : 30 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले के बंडा विकासखंड स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को पहुंचकर गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशु चिकित्सा एम्बुलेंस का लोकार्पण किया, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और गौ-सेवा के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया।

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गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण

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गौ सेवा करते दिखाई कलेक्टर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गाय की बछिया को चारा खिलाया तथा एक अनाथ छोटी बछिया को बोतल से दूध पिलाकर उसकी देखभाल की। उन्होंने गौशाला परिसर में मुनगा के पौधे और नेपियर घास का रोपण भी किया, जिससे पशुओं के पोषण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

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2,200 गौवंश की व्यवस्थाओं की सराहना

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर पशु चिकित्सा एम्बुलेंस को रवाना किया। उन्होंने गौशाला में लगभग 2,200 निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन की सराहना की। सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंश के लिए बनाए गए विशेष वार्ड की व्यवस्थाओं पर भी संतोष व्यक्त किया।



लंबित अनुदान जल्द जारी करने के निर्देश

गौशाला समिति द्वारा अतिरिक्त भूमि आवंटन के अनुरोध पर कलेक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग को लंबित अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला में साइलेज इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को भी कहा।


इस अवसर पर एसडीएम बंडा श्रीमती आरती यादव, तहसीलदार श्री मोहित जैन, उपसंचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढ़ार, जिला नोडल अधिकारी (गौपालन समिति) श्री बलराम सिंह ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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