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बंडा मामला: मिथाइल अल्कोहल से प्रभावित 17 मरीज डिस्चार्ज, 5 का इलाज जारी

बंडा मामला: मिथाइल अल्कोहल से प्रभावित 17 मरीज डिस्चार्ज, 5 का इलाज जारी


तीनबत्ती न्यूज: 15 सितम्बर, 2026

सागर। बंडा मामले में मिथाइल अल्कोहल के सेवन से प्रभावित मरीजों के उपचार में राहत की खबर सामने आई है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सागर में भर्ती मरीजों में से 17 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 5 मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया ने बताया कि 6 सितंबर 2026 को बंडा मामले में बीएमसी सागर में कुल 102 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें 75 मरीजों को आंखों से संबंधित परेशानियां हुई थीं।

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चिकित्सकीय जांच के अनुसार, संभवतः मिथाइल अल्कोहल के सेवन से शरीर में बनने वाले फॉर्मिक एसिड के कारण ऑप्टिक नर्व में एक्सोनल इंजरी और सूजन की स्थिति उत्पन्न हुई। चिकित्सकों के अनुसार ऐसी स्थिति सामान्यतः 3-4 से 4-6 सप्ताह में सामान्य होने की संभावना रहती है।

प्रारंभ में प्रभावित 22 मरीजों की आंखों की रोशनी पूरी तरह बंद हो गई थी। इन सभी मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में मिथाइल प्रेडनिसोलोन थेरेपी दी गई। उपचार के बाद 17 मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

वहीं, शेष 5 मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख एवं सतत निगरानी में उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन मरीजों के स्वास्थ्य में भी सुधार अपेक्षित है।


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बंडा शराब कांड: तीन दिन में पीड़ित परिवारों के खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि : मंत्री गोविंद राजपूत • तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजा

बंडा शराब कांड: तीन दिन में पीड़ित परिवारों के खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि : मंत्री गोविंद राजपूत

• तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजा



तीनबत्ती न्यूज, 14 सितंबर 2026

सागर। बंडा क्षेत्र में दूषित शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों का हाल जानने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सोमवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद चिकित्सकों से उपचार की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में चर्चा की।

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मंत्री ने कहा कि बंडा की यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रशासनिक कार्रवाई जारी

बंडा  में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक मौतें हो चुकी है। करीब कई पीड़ितों का अभी इलाज के लिए भर्ती है। उधर प्रशासन ने 30 के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिनमें 18 आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। इनमें दो मुख्य आरोपियों रवि लखेरा और शिवानज्य राजपूत को शार्ट इनकाउंटर से पकड़ा। इस कांड के दो मुख्य आरोपी मनीष लोधी और मनीष साहू फरार है।  शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। आरोपियों के मकानों पर बुलडोज़र चला तो दो शराब दुकानों के लाइसेंस  और तीन आरोपियों के शस्त्र लायसेंस और एक आरोपी की क्रेशर की लीज निरस्त की है। इसके साथ ही भारी मात्रा में अवैध शराब भी जिले भर में पकड़ी गई है। अभी तक आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के तीन अधिकारी। सस्पेंड किए गए है। SDM, sdop सहित आधा दर्जन अधिकारियों को हटाया गया है। सीएम डॉ मोहन यादव ने सागर आकर पीड़ितो से हालचाल जाना और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। 

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तीन दिन में खातों में पहुंचेगी मुआवजा राशि

गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि दूषित शराब के सेवन से जिन लोगों की मृत्यु हुई है या जो प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन पीड़ित परिवारों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजा

बीएमसी में निरीक्षण के दौरान मंत्री को जानकारी मिली कि सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह और गोविंद अहिरवार की आंखों में गंभीर परेशानी है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तीनों मरीजों को बेहतर उपचार के लिए तत्काल भोपाल भेजने की व्यवस्था कराई। मंत्री ने भोपाल एम्स के चिकित्सकों से दूरभाष पर चर्चा कर मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद तीनों मरीजों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल भेजा गया।

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राजपूत ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार उनके इलाज का पूरा ध्यान रखेगी।

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शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई, बोले- पुलिस-प्रशासन ने कमर तोड़ दी

शराब मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस और प्रशासन पूरी ताकत के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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दिग्विजय सिंह पर पलटवार, बोले- 'ट्वीट मास्टर' हैं

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा बंडा मामले को लेकर की गई टिप्पणियों पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को उनकी पार्टी का हाईकमान और कांग्रेस गंभीरता से नहीं लेते हैं तथा प्रदेश की जनता ने उन्हें नकार दिया है। राजपूत ने कहा कि दिग्विजय सिंह की उम्र 80 वर्ष हो चुकी है और उन्हें अपनी उम्र को देखते हुए भगवान का भजन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए वे बैठे-बैठे ट्वीट कर अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं।

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मंत्री ने दिग्विजय सिंह को 'ट्वीट मास्टर' बताते हुए तंज कसा कि वे बिना शहद के छत्ते की तरह हैं, जिसमें शहद और मधुमक्खियां गायब हो गई हैं और अकेला छत्ता घूमता रहता है।

जीतू पटवारी को नसीहत- गंभीर मामले में राजनीति न करें

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए मंत्री राजपूत ने कहा कि अभी उनमें बचपना है और उन्हें राजनीति में और गंभीर होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए तथा उन्हें राहत पहुंचाने की दिशा में काम करना चाहिए।


'25 साल की राजनीति में जुआ, सट्टा और शराब का साथ नहीं दिया'

अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से राजनीति में हैं, लेकिन उन्होंने या उनके परिवार ने कभी जुआ, सट्टा और शराब जैसी सामाजिक बुराइयों का समर्थन नहीं किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को न तो संरक्षण दिया गया और न ही किसी प्रकार की मदद की गई। राजनीति में रोजाना हजारों लोग मिलते हैं। लोग माला पहनाते हैं, फूल देते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। केवल किसी व्यक्ति के साथ फोटो होने या उसके द्वारा माला पहनाने का अर्थ यह नहीं है कि उससे किसी प्रकार की घनिष्ठता है अथवा उसे संरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार


मंत्री ने कहा कि बंडा की दुखद घटना में जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता पहुंचाई जा रही है।


उन्होंने कहा कि पीड़ितों को जिस भी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी, सरकार उसे उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी।

बैठक में घटना की स्थिति, मरीजों के उपचार, पीड़ित परिवारों को दी जा रही सहायता और आरोपियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

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सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। • सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच • शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में

सागर : बंडा शराबकांड में 11 मौतें, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर मरीजों का जाना हाल; बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

• सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच

• शराब कांड में 20 पर FIR: 10 आरोपी पुलिस हिरासत में



तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर। सागर जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली/अवैध शराब के सेवन से हुई  11 मौतों के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।अभी करीब 100 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है। रविवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर पहुंचे। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) और जिला अस्पताल पहुंचकर उपचार करा रहे मरीजों का हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर एवं त्वरित उपचार के निर्देश दिए।

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ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में पहुंचे डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीएमसी के ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही मरीजों के परिजनों से भी चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार उनके साथ है।


डिप्टी सीएम ने अस्पताल प्रबंधन और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम 24 घंटे उपलब्ध रहे तथा दवाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाए।

अब तक 11 लोगों की मौत

मीडिया से चर्चा करते हुए राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बीएमसी सहित अन्य अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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निष्पक्ष जांच और दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की पूरी समीक्षा की जा रही है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसे ध्वस्त किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

प्रशासन और पुलिस को भी दिए निर्देश

डिप्टी सीएम ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

घटना के बाद जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए एयरलिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है, जबकि बीएमसी सागर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का उपचार जारी है।


ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह, कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी शशिंद्र चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, BMC के प्रभारी डीन डॉ. गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

अवैध शराब प्रकरण में उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा


बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने इलाजरत मरीजों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 109 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिनमें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 85 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 12 को आईसीयू में रखा गया है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में 17 एवं बंडा सिविल हॉस्पिटल में 7 मरीज उपचाररत हैं।जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शराब का स्त्रोत जांच का विषय

बताया गया कि जहरीली शराब का स्रोत जांच का विषय है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं। इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्यवाही की जा रही है।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है।

समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अपना पक्ष रखते हुए विस्तृत जांच और उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की।

डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।


बैठक में सागर विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरा सिंह राजपूत,श्री श्याम तिवारी,  श्रीमती रानी कुशवाहा, कमिश्नर श्री अनिल सुचारी, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री एस एस चौहान, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, जिला पंचायत सीईओ श्री जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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सागर: संदिग्ध जहरीली-नकली शराब मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 20 आरोपी नामजद, 10 गिरफ्तार

बंडा एवं शाहगढ़ तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संदिग्ध अवैध एवं नकली शराब के सेवन से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले में पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में 20 आरोपियों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार बंडा क्षेत्र के नौराज, गूगरा खुर्द, दलपतपुर, पाटन, चौका, छापरी एवं बमूरा भेड़ा सहित आसपास के गांवों में संदिग्ध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। प्रभावित लोगों को बंडा अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से भोपाल भेजा गया।

20 आरोपियों पर नामजद मामला

बंडा थाने में अपराध क्रमांक 0658/2026, दिनांक 06 सितंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 3(5), 123 तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 49-ए के तहत 20 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार इन पर संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े होने के आरोप हैं।

10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

शराब कहां बनी और कहां से हुई सप्लाई, जांच जारी

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। टीमें संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध शराब कहां तैयार की गई, किन लोगों ने इसे सप्लाई किया और किन क्षेत्रों में इसकी बिक्री हुई।

घटनास्थल एवं संबंधित स्थानों से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। शराब के नमूनों को वैज्ञानिक एवं रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम एवं विसरा जांच के आधार पर मौतों के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है।


पांच अधिकारी निलंबित, एक मुख्यालय अटैच

मामले में राज्य शासन और आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी विभाग की प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी एवं उपायुक्त आबकारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय अटैच किया गया है।

वहीं सहायक आबकारी आयुक्त सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग ने भी घटना के संबंध में लापरवाही के आरोप में बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।


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बीएमसी सागर में स्व. नीलम यादव का देहदान, मेडिकल शिक्षा के लिए परिवार का प्रेरणादायी निर्णय: अभी तक 12 देहदान

बीएमसी सागर में स्व. नीलम यादव का देहदान: मेडिकल शिक्षा के लिए परिवार ने लिया प्रेरणादायी निर्णय

• 30 वर्षीय नीलम यादव के पार्थिव शरीर को एनाटॉमी विभाग ने शिक्षण एवं अनुसंधान के लिए किया स्वीकार, महाविद्यालय परिवार ने परिजनों के प्रति जताया आभार


तीनबत्ती न्यूज: 29 अगस्त 2026

सागर:  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में आज एक प्रेरणादायी और समाजोपयोगी देहदान का कार्य संपन्न हुआ। बीना निवासी स्व. कुमारी नीलम यादव के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के उद्देश्य से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को दान किया।

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परिजनों की सहमति एवं आदेशानुसार स्व. नीलम यादव के पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए एनाटॉमी विभाग द्वारा स्वीकार किया गया। देहदान का यह निर्णय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, क्योंकि इससे भविष्य के चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना का अध्ययन करने तथा चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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परिवार ने किया अनुकरणीय कार्य

स्व. नीलम यादव की आयु 30 वर्ष थी और वे हाउसिंग बोर्ड बस्ती, राजीव गांधी वार्ड, बीना स्टेशन, सागर, मध्यप्रदेश की निवासी थीं। उनके पिता महेन्द्र सिंह यादव और भाई सोनू यादव सहित परिवार के सदस्यों ने इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. अमर गंगवानी, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ शंकर रॉय सहित विभाग के सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष ने देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्व. नीलम यादव के परिजनों को इस महान एवं समाजोपयोगी कार्य के लिए धन्यवाद दिया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

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बीएमसी में 12वां देहदान, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, शासन के आदेश के तहत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में यह 12वां देहदान है, जिसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। महाविद्यालय परिवार ने स्व. नीलम यादव के परिवार और इस पुनीत कार्य से जुड़े सभी लोगों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

महाविद्यालय परिवार ने कहा कि स्व. नीलम यादव के परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा और समाज के हित में सदैव याद रखा जाएगा। उनके पार्थिव शरीर के माध्यम से भावी चिकित्सकों को सीखने का अवसर मिलेगा और यह देहदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

महाविद्यालय परिवार ने स्व. कुमारी नीलम यादव के परिवार एवं रामपाल महाराज के अनुयायियों के प्रति इस समाजोपयोगी एवं पुण्य कार्य के लिए सम्मान और आभार व्यक्त किया।

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बीएमसी में 9 नेत्रदाताओं के परिजनों का सम्मान, नेत्रदान के लिए किया जागरूक

बीएमसी में 9 नेत्रदाताओं के परिजनों का सम्मान :  नेत्रदान के लिए किया जागरूक


तीनबत्ती न्यूज: 25 अगस्त 2026

सागर। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) के आई बैंक में मंगलवार को गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मरणोपरांत कॉर्निया दान कर किसी दृष्टिहीन के जीवन में रोशनी लाने वाले 9 नेत्रदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया।

समारोह का उद्देश्य नेत्रदाताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। बीते एक वर्ष में कॉर्निया दान करने वाले स्व. सत्य कुमार चक्रवर्ती, स्व. लालचंद गंगवानी, स्व. ताराबाई फाबवानी, स्व. लाधाराम, स्व. लक्ष्मी बाई वाधवानी, स्व. कामता प्रसाद दहिया, स्व. किरण सिंघई, स्व. भारती जैन एवं स्व. सुगंधी बाई जैन के परिजनों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।



कार्यक्रम में बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर, मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश राज्य नेत्र विज्ञान सोसायटी (MPSOS) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंघई तथा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र चौबे मौजूद रहे। समाजसेवी पंकज सिंघई ने बताया कि उनके माता-पिता ने भी नेत्रदान और देहदान किया था। उन्होंने समाज के लोगों से इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की।

पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत बीएमसी की नर्सिंग एवं पैरामेडिकल छात्राओं ने नेत्रदान जागरूकता पर पोस्टर तैयार किए। उत्कृष्ट पोस्टर बनाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।


डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने कहा कि नेत्रदान ऐसा महादान है, जिसके माध्यम से व्यक्ति मृत्यु के बाद भी किसी दूसरे के जीवन में रोशनी ला सकता है। उन्होंने बताया कि बीएमसी आई बैंक में मरणोपरांत कॉर्निया दान और कॉर्निया प्रत्यारोपण सर्जरी की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने समाज से अंधत्व निवारण के इस अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की।


मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व से जोड़ना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। मरणोपरांत कॉर्निया दान से जरूरतमंद लोगों को दृष्टि प्रदान करने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे, आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान, रोशी जैन सहित नेत्र रोग विभाग की टीम, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बुंदेलखंड मेडिकल कालेज के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी, बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की सौगात : बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

• डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के निरंतर प्रयासों से मिली बड़ी उपलब्धि




तीनबत्ती न्यूज: 22 अगस्त 2026

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को 60 नर्सिंग सीटों की मंजूरी मिल गई है। यह उपलब्धि संस्थान के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के पिछले दो वर्षों से किए जा रहे निरंतर प्रयासों, प्रशासनिक पहल और दूरदर्शी कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है। नर्सिंग कॉलेज को मिली इस मंजूरी से सागर सहित पूरे बुंदेलखंड अंचल में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

वर्ष 2024 में नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश पर रोक लग गई थी। इसके बाद संस्थान की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने, आवश्यक मानकों को पूरा करने तथा पुनः मान्यता और नर्सिंग सीटें प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। लंबे प्रयासों के बाद अब कॉलेज को 60 सीटों की मंजूरी मिलना बीएमसी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस उपलब्धि पर डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है।


क्षेत्रीय विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का रास्ता खुला


बीएमसी सागर बुंदेलखंड क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। नर्सिंग कॉलेज में 60 सीटों की उपलब्धता से चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

इसका लाभ सागर के अलावा दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को अब नर्सिंग शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


प्रशिक्षित नर्सिंग अमले की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती


नर्सिंग की 60 सीटों की मंजूरी से भविष्य में प्रशिक्षित और कुशल नर्सिंग स्टाफ तैयार करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ बीएमसी के साथ-साथ आसपास के शासकीय अस्पतालों को भी मिल सकता है।

कुशल नर्सिंग कर्मियों की उपलब्धता से मरीजों की देखभाल, उपचार व्यवस्था और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इस तरह नर्सिंग शिक्षा का विस्तार आने वाले समय में पूरे बुंदेलखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


डीन के प्रयासों को मिली सफलता


बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर के कुशल नेतृत्व और सतत प्रयासों से संस्थान को यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि 60 नर्सिंग सीटों का मिलना बीएमसी के शैक्षणिक एवं चिकित्सीय विस्तार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे अंचल के छात्र-छात्राओं को अपने घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही भविष्य में अस्पतालों को दक्ष एवं प्रशिक्षित नर्सिंग अमला उपलब्ध होगा, जो जन-स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बीएमसी के शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग को मिली 60 सीटों की मंजूरी को क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विद्यार्थियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होगा।

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BMC Sagar में 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता की बची जान, 24 घंटे में वेंटिलेटर से बाहर

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता, 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता को मिला नया जीवन

BMC Sagar doctors successfully treat 85-year-old snake bite patient

तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर । बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की त्वरित कार्यशैली एवं बेहतर समन्वय से सर्पदंश की गंभीर स्थिति में पहुंची 85 वर्षीय वृद्धा की जान बचाई गई। छतरपुर जिले के बक्सवाहा (भीमपुरा) निवासी श्रीमती बाजरानी बसुदेव को गंभीर हालत में बीएमसी लाया गया था।

सर्पदंश के विषैले प्रभाव के चलते वृद्धा को सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी विभाग की टीम ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार शुरू किया। इसके बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट, एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं दी गईं।

महज 24 घंटे में हुआ सुधार

डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लगातार निगरानी एवं उपचार के परिणामस्वरूप मरीज की हालत में महज 24 घंटे के भीतर उल्लेखनीय सुधार हुआ और उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से बाहर निकाल लिया गया। पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद वृद्धा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

इस सफल उपचार में इमरजेंसी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र उइके, सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ जैन तथा मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडे के मार्गदर्शन में रेसिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रेसिडेंट डॉक्टरों में डॉ. मोनालिसा, डॉ. श्वेता, डॉ. विशाल, डॉ. दृष्टि, डॉ. मंजुनाथ, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. सर्वेश गांवकर, डॉ. रुचिका अनुरागी, डॉ. शशांक जैन, डॉ. यशवंत एवं डॉ. स्वप्नजीत सिंह अरोड़ा शामिल रहे। वहीं नर्सिंग अधिकारी श्री अरुण चोरड़िया, सुश्री ऋचा, सुश्री इंद्रा विश्वकर्मा, सुश्री नीतू अहिरवार एवं सुश्री मनीषा राठौर का भी उपचार में महत्वपूर्ण योगदान रहा।


बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और नर्सिंग स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल तथा समर्पित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि गंभीर सर्पदंश के मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यकता पड़ने पर वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

वृद्धा के परिजनों ने बीएमसी प्रबंधन, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए नि:शुल्क जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा और समय पर उपचार के लिए धन्यवाद दिया।


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IMR कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की विशेष बैठक, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर सख्त निर्देश

सागर: मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी पहल, जिला अस्पताल-BMC और स्वास्थ्य अमले की संयुक्त समीक्षा

कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सागर में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। जिले में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहली बार जिला चिकित्सालय, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन वास्तविक कारणों की पहचान करना है जिनके चलते मरीज प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर जिला अस्पताल या बीएमसी पहुंचते हैं और बाद में मातृ अथवा शिशु मृत्यु के मामलों में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप (Timely Intervention) सुनिश्चित किया जाए।

गंभीर एनीमिया और हाई ब्लड प्रेशर बने प्रमुख कारण

समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मातृ मृत्यु के मामलों में गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया तथा गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (Pregnancy Induced Hypertension) की समस्या पाई गई। इसके अलावा हेपेटिक फेलियर, पोस्टपार्टम हैमरेज, एक्लेम्पसिया और प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं भी प्रमुख कारण रहीं।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित ब्लड प्रेशर (BP) और हीमोग्लोबिन (HB) जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा जोखिम वाले मामलों की लगातार निगरानी रखी जाए।

हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी बर्थ मैपिंग

बैठक में निर्णय लिया गया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की बर्थ मैपिंग की जाएगी। संभावित प्रसव तिथि से 7 से 15 दिन पहले ऐसी महिलाओं को संबंधित अस्पताल के बर्थ वेटिंग एरिया में भर्ती कराया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

इसके साथ ही आशा, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने तथा परिवार को भी निर्धारित अस्पताल की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर बोले— हाई-रिस्क मां तो बच्चा भी हाई-रिस्क

बैठक में बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि यदि मां हाई-रिस्क गर्भवती है तो उससे जन्म लेने वाला शिशु भी हाई-रिस्क श्रेणी में आता है। इसलिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से समय पूर्व प्रसव और नवजात जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

नवजात मृत्यु के कारणों की भी हुई समीक्षा

आईएमआर की समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश शिशु मृत्यु जन्म के बाद पहले 28 दिनों (नियोनेटल पीरियड) में हो रही हैं। इसके प्रमुख कारण समय से पहले जन्म (Prematurity) और जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी (Birth Asphyxia) पाए गए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांच समय पर कराई जाए, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक दवाओं का नियमित सेवन सुनिश्चित कराया जाए तथा समय से पहले प्रसव रोकने के लिए हाई-रिस्क मामलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए।

डेथ ऑडिट केवल औपचारिकता नहीं बने

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैटरनल डेथ रिव्यू (MDR) और चाइल्ड डेथ रिव्यू (CDR) पूरी गंभीरता के साथ किए जाएं। फॉर्म-1 से फॉर्म-6 तक की सभी जानकारी पारदर्शिता के साथ भरी जाए तथा बीएमसी, जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय की संयुक्त टीम नियमित ऑडिट कर कमियों को दूर करे।

बीएमओ को मैदानी अमले की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम, आशा सुपरवाइजर और सीएचओ के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, समयबद्धता और चिन्हांकन की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।

प्रसव के बाद भी होगी विशेष निगरानी

कलेक्टर ने कहा कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी गर्भावस्था के दौरान जांच। आशा और एएनएम प्रसूता के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें, आवश्यक परामर्श दें और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का रिकॉर्ड अपडेट रखें।

उन्होंने अनमोल 2.0 पोर्टल पर वास्तविक समय में डेटा अपडेट करने, असुरक्षित डिलीवरी पर नजर रखने तथा नियमित टीकाकरण अभियान को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश भी दिए।

"समन्वय से बचाई जा सकती है हर जान"

बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि यदि मैदानी स्वास्थ्य अमला और विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर काम करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे ताकि जिले में एक भी मां या नवजात की असमय मृत्यु न हो।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत सहित बीएमसी, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

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BMC सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता: 70 वर्षीय महिला के पेट से 1 किलो की विशाल गांठ निकाली, हाई-रिस्क सर्जरी रही सफल

BMC सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता: 70 वर्षीय महिला के पेट से 1 किलो की विशाल गांठ निकाली, हाई-रिस्क सर्जरी रही सफल



तीनबत्ती न्यूज:  30 जुलाई 2026

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर ने एक बार फिर जटिल शल्य चिकित्सा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम ने 70 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 1 किलोग्राम वजनी और 15×20 सेंटीमीटर आकार की विशाल एडनेक्सल (ओवेरियन) सिस्ट को सफलतापूर्वक निकालकर मरीज को नई जिंदगी दी।

बड़ा बाजार निवासी श्रीमती मुन्नी बाई लंबे समय से पेट दर्द और सूजन से परेशान थीं। जांच में उनके पेट एवं श्रोणि क्षेत्र में बड़ी गांठ पाई गई। अल्ट्रासाउंड और सीईसीटी जांच के बाद इसे एडनेक्सल सिस्ट के रूप में चिन्हित किया गया।

मरीज पिछले चार वर्षों से क्रॉनिक डायरिया की समस्या से भी पीड़ित थीं, जिससे ऑपरेशन का जोखिम काफी बढ़ गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सभी आवश्यक जांच और हाई-रिस्क कंसेंट के बाद सर्जरी का निर्णय लिया।

18 जुलाई 2026 को विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. सिफ्टी बंगा, स्नातकोत्तर छात्रा डॉ. रिंशु सुजोरिया, स्क्रब नर्स राखी गौतम एवं आकांक्षा वर्मा की टीम ने एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी कर दाहिनी ओर स्थित विशाल सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकाल दिया।

सर्जरी की सफलता में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल एनेस्थीसिया प्रबंधन और सतत मॉनिटरिंग से ऑपरेशन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी सामान्य रही और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालिया फॉलो-अप में मरीज पूरी तरह स्वस्थ और दर्दमुक्त पाई गईं।

बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने सफल ऑपरेशन पर पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान में आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों की बदौलत अब जटिल एवं हाई-रिस्क सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। उन्होंने इसे बुंदेलखंड क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


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BMC Sagar में VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 CHO हुए प्रशिक्षित, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती

 BMC सागर में तीन दिवसीय VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हुए प्रशिक्षित

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती, महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की पहल



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में 27 से 29 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सागर, दमोह एवं पन्ना जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग और शीघ्र उपचार की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।



प्रशिक्षण में सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया, डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह ने प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण डॉ. संदीप गौतम, नोडल अधिकारी (एनसीडी), जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान, समय पर उपचार तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

डीन ने NHM का जताया आभार

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं NHM का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को मजबूत करने के साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग देने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रशिक्षण रहा उपयोगी

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा महिला स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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सागर BMC में सनसनी: अस्थि रोग वार्ड के स्टोर रूम में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच शुरू

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के स्टोर रूम में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, मचा हड़कंप



तीनबत्ती न्यूज: 20 जुलाई, 2026

सागर। सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के अस्थि रोग विभाग (अस्थि रोग वार्ड नंबर 14) में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब वार्ड के अंदर बने स्टोर रूम से एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद हुआ। शव करीब दो दिन से अधिक पुराना बताया जा रहा है, जिससे वार्ड में तेज दुर्गंध फैल गई थी। इस घटना ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए है। 


दुर्गंध आने पर मरीजों ने की शिकायत

जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 14 में भर्ती मरीजों को लगातार आ रही बदबू के बाद उन्होंने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की। जब अस्पताल स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो पता चला कि दुर्गंध अंदर बने स्टोर रूम से आ रही है। संदेह होने पर तुरंत गोपालगंज थाना पुलिस को सूचना दी गई। जानकार लोगों का कहना है कि मृतक की शिनाख्ती से मेडिकल प्रबंधन की व्यवस्थाओं का खुलासा होगा। स्टोर रूम से लाश मिलना बेहद गंभीर घटना है। 

सागर BMC के वार्ड नंबर 14 के स्टोर रूम में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस

अंदर से बंद था दरवाजा

सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्टोर रूम का दरवाजा खुलवाया। अंदर का नजारा देखकर सब हैरान रह गए—स्टोर रूम के अंदर एक पुरुष का शव पड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार, स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम/मोर्चरी के लिए भेज दिया है।

पुलिस व प्रबंधन का क्या कहना है?

  • गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा  के अनुसार "शव की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो पाई है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि मृतक अस्पताल में भर्ती कोई मरीज था या किसी मरीज का परिजन। मामला दर्ज कर घटना के सभी बिंदुओं पर बारीक जांच की जा रही है।"
  • BMC अधीक्षक राजेश जैन के अनुसार "घटना बेहद गंभीर है। मामले के हर पहलू की गहन जांच कराई जा रही है। यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा के सवाल पर कहा कि सभी पहलुओं की जांच हो रही है। मृतक की शिनाख्ती से बहुत कुछ पता चलेगा। इसके अलावा सुरक्षा के  लिएजो भी बेहतर होगा उसे किया जायेगा"
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सागर बीएमसी को सीताराम रसोई परिवार ने दी HFNC मशीन, गंभीर नवजातों को मिलेगा आधुनिक उपचार

सीताराम रसोई परिवार ने बीएमसी को भेंट की अत्याधुनिक HFNC मशीन, गंभीर नवजातों को मिलेगा बेहतर उपचार


तीनबत्ती न्यूज: 18 जुलाई, 2026

सागर। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के शिशु रोग विभाग में नवजात शिशुओं की चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए सीताराम रसोई परिवार ने अत्याधुनिक एचएफएनसी (High Flow Nasal Cannula-HFNC) मशीन दान स्वरूप भेंट की। इस आधुनिक जीवनरक्षक उपकरण के मिलने से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को बेहतर ऑक्सीजन सपोर्ट मिलेगा और कई मामलों में वेंटिलेटर की आवश्यकता भी कम हो सकेगी।

बीएमसी में आयोजित कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने मशीन का लोकार्पण करते हुए संस्था के सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज और चिकित्सा संस्थानों के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी बनती हैं तथा आधुनिक उपकरणों से नवजातों को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष जैन ने किया। इस अवसर पर सीताराम रसोई परिवार के संरक्षक प्रकाश चौबे सहित हिमांशु मिश्रा, मनोज वर्मा, प्रभात चौबे, प्रभात जैन, दिलीप मुखारिया, राजीव चौरसिया, संजीव चौरसिया और राजेश गुप्ता उपस्थित रहे।

पहले भी दे चुके हैं चिकित्सा उपकरण

संस्था ने इससे पहले भी शिशु रोग विभाग को फोटोथेरेपी मशीन सहित कई आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए हैं। संस्था के संरक्षक प्रकाश चौबे ने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी जिंदगी की रक्षा से बड़ा कोई सामाजिक दायित्व नहीं है। संस्था समाज के सहयोग को जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी।

वेंटिलेटर की जरूरत कम करेगी HFNC तकनीक

शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार, एचएफएनसी मशीन गंभीर रूप से बीमार नवजातों को उच्च प्रवाह वाली ऑक्सीजन उपलब्ध कराती है। इससे कई मामलों में वेंटिलेटर जैसी जटिल और आक्रामक प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ती तथा नवजातों के फेफड़ों को सुरक्षित रखते हुए उनकी रिकवरी तेजी से होती है।

वरिष्ठ चिकित्सक रहे मौजूद

कार्यक्रम में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष जैन, डॉ. शालिनी हजेला, डॉ. रूपा अग्रवाल, डॉ. अजीत असाटी, डॉ. महेंद्र सिंह चौहान सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। डॉ. अंकित जैन ने संस्था का आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉ. रविकांत अरजरिया, डॉ. अमर गंगवानी, डॉ. अंजलि पटेल, डॉ. संजय प्रसाद, डॉ. शीला जैन, डॉ. राघवेंद्र चौबे सहित मेडिकल कॉलेज का स्टाफ मौजूद रहा।

मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि समाज के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों का विस्तार हो रहा है। सीताराम रसोई परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई HFNC मशीन से गंभीर रूप से बीमार नवजातों को समय पर बेहतर उपचार मिलेगा और बाल रोग विभाग की आपातकालीन सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

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सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सीताराम रसोई परिवार ने शिशु रोग विभाग को अत्याधुनिक HFNC मशीन भेंट की। इससे गंभीर नवजातों को बेहतर ऑक्सीजन सपोर्ट और आधुनिक उपचार मिलेगा।

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सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


तीनबत्ती न्यूज: 06 जुलाई, 2026

सागर। सागर में सड़क दुर्घटना में 52 वर्षीय श्रीमती भारती जैन के आकस्मिक निधन के बाद उनकी बेटियों ने मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान कराकर मानवता की मिसाल पेश की। इस प्रेरणादायी निर्णय से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।

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स्थानीय चकराघाट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास रहने वाली श्रीमती भारती जैन का सड़क हादसे में निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में उनकी बेटियों प्रियांशी, गुंजन और मिनी ने बताया कि उनकी मां जीवनभर नेत्रदान करने की इच्छा व्यक्त करती थीं। उनके निधन के तुरंत बाद परिजनों और दामाद प्रखर जैन ने बिना विलंब किए मोहन फाउंडेशन को सूचना दी।

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सूचना मिलते ही मोहन फाउंडेशन ने बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के आई बैंक की प्रभारी डॉ. सारिका चौहान को अवगत कराया। इसके बाद आई बैंक की टीम तत्काल बीएमसी की मोर्चरी पहुंची और परिजनों की लिखित सहमति तथा सभी चिकित्सीय मानकों का पालन करते हुए कॉर्निया सुरक्षित निकालकर आई बैंक में संरक्षित किया गया।

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परिवार का निर्णय समाज के लिए प्रेरणा

बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपार दुख के समय भी जैन परिवार ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए बेटियों द्वारा लिया गया यह निर्णय दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बनेगा।

वहीं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने भी परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में आई बैंक की टीम के डॉ. अंजलि वीरानी पटेल, डॉ. पुरवा, डॉ. मोदी, डॉ. अजय, डॉ. हर्षिता सहित नर्सिंग स्टाफ राम लखन मीणा, ओमप्रकाश कुमावत एवं अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

क्या है नेत्रदान?

चिकित्सकों के अनुसार नेत्रदान वास्तव में कॉर्निया दान होता है। यह पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है और मृत्यु के 4 से 6 घंटे के भीतर इसे पूरा करना आवश्यक होता है। बीएमसी सागर के आई बैंक में यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।

नेत्रदान से संबंधित जानकारी या आकस्मिक सूचना के लिए आई बैंक हेल्पलाइन: 7697271108 पर संपर्क किया जा सकता है।


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