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सागर जिलेभर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई : मुनमुन ढाबा का अवैध निर्माण ध्वस्त; राहतगढ़ में 4 प्रतिष्ठान सील

Sagar News: जिलेभर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई : मुनमुन ढाबा का अवैध निर्माण ध्वस्त; राहतगढ़ में 4 प्रतिष्ठान सील


तीनबत्ती न्यूज: 13 सितंबर 2026

सागर: बंडा शराब कांड के बाद शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरुद्ध सागर जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के सख्त निर्देशों के बाद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा अतिक्रमण हटाने और अवैध रूप से संचालित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा रही है।

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इसी क्रम में मुनमुन ढाबा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ढाबे को पूर्व में सील किया जा चुका था। जांच में शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण पाए जाने और सील किए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने आज बुलडोजर कार्रवाई की।

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कार्रवाई के दौरान एसडीएम सागर श्री रोहित वर्मा, तहसीलदार श्री राहुल गौड़ सहित राजस्व अमला एवं पुलिस बल मौजूद रहा।


राहतगढ़ में चार प्रतिष्ठान सील


राहतगढ़ क्षेत्र में भी राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय भूमि पर संचालित ढाबों और दुकानों के विरुद्ध कार्रवाई की। इन स्थानों पर पूर्व में अवैध रूप से शराब पिलाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी।

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कार्रवाई के दौरान ग्राम लालवाग में एक ढाबे और एक दुकान, जबकि ग्राम नया खेड़ा में दो गुमटियों को सील किया गया। संबंधित संचालकों को भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियां नहीं करने की चेतावनी दी गई।कार्रवाई में तहसीलदार श्री निर्मल सिंह राठौर, थाना प्रभारी श्री मुकेश सिंह ठाकुर, नायब तहसीलदार श्री गोरे लाल सहित राजस्व एवं पुलिस अमला मौजूद रहा।



गौरझामर में स्कूल-अस्पताल के पास से अवैध गुमटियां हटाईं


देवरी के थाना गौरझामर क्षेत्र में भी 13 सितंबर को राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। शासकीय स्कूल एवं अस्पताल के आसपास बनी अवैध गुमटियों को हटाया गया। इसके अलावा शराब दुकान के पास बनाए गए अवैध अहाते और गुमटियों को भी हटाकर स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

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यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयवीर सिंह भदौरिया एवं श्री नरेन्द्र सोलंकी तथा एसडीओपी श्री अरुण कुमार उइके के मार्गदर्शन में और एसडीएम श्री मुनौवर खान के निर्देशन में की गई। मौके पर थाना प्रभारी गौरझामर निरीक्षक नसीर फारुकी, नायब तहसीलदार श्री चंद्रभान सिंह दीवान सहित राजस्व अमला एवं पुलिस बल मौजूद रहा।

जिलेभर में जारी रहेगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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बंडा प्रकरण में आरोपी पर बड़ी कार्रवाई, क्रेशर लीज निरस्त; 15 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के सदस्य करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात

बंडा प्रकरण में आरोपी पर बड़ी कार्रवाई, क्रेशर लीज निरस्त; 15 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के सदस्य करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात

तीनबत्ती न्यूज : 13 सितंबर 2026

सागर। बंडा जहरीली शराब प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई का सिलसिला जारी रखते हुए प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा के नाम स्वीकृत पत्थर क्रशर के उत्खनन पट्टे (खनिज लीज) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। वहीं, घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली के सदस्य प्रियांक कानूनगो 15 सितंबर को सागर जिले के बंडा पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

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आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की क्रशर लीज निरस्त

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने बंडा तहसील के ग्राम मसवासी में सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा के नाम स्वीकृत पत्थर क्रशर के उत्खनन पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई की है।

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प्रशासन के अनुसार जांच में पाया गया कि लीज धारक द्वारा स्वीकृत अनुबंध की समयसीमा का पालन नहीं किया जा रहा था तथा खनिज नियमों एवं निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद कलेक्टर ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ग्राम मसवासी स्थित उक्त पत्थर क्रशर की खनिज लीज तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों तथा खनिज नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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15 सितंबर को बंडा पहुंचेंगे NHRC सदस्य

बंडा जहरीली शराब प्रकरण में मानव अधिकारों से जुड़े पहलुओं को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य श्री प्रियांक कानूनगो 15 सितंबर को सागर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री कानूनगो 15 सितंबर को सुबह 11 बजे बंडा पहुंचेंगे। यहां वे जहरीली शराब के सेवन से प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेंगे और प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे।

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इसके बाद वे दोपहर 12 बजे पन्ना के लिए रवाना होंगे। बंडा शराब प्रकरण में प्रशासन की कार्रवाई और प्रभावित परिवारों से NHRC सदस्य की प्रस्तावित मुलाकात को घटना की जांच और मानवाधिकार संबंधी पहलुओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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दिग्विजय सिंह ने बंडा शराब कांड पर सरकार को घेरा, SP हटाने और उनकी EOW जांच की मांग • बंडा कांड के चार पीड़ित परिवारों को लिया गोद • कलेक्टर ने नहीं उठाए फोन, करेंगे शिकायत • भार्गव - भूपेंद्र और गोविंद राजपूत वाली भाजपा में बताया फर्क

दिग्विजय सिंह ने बंडा शराब कांड पर सरकार को घेरा, SP हटाने और उनकी EOW जांच की मांग

• बंडा कांड के चार पीड़ित परिवारों को लिया गोद

• कलेक्टर ने नहीं उठाए फोन, करेंगे शिकायत

• भार्गव - भूपेंद्र और गोविंद राजपूत वाली भाजपा में बताया फर्क 

तीनबत्ती न्यूज: 13 सितम्बर, 2026

सागर। बंडा शराब कांड को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज रविवार को सागर में मीडिया से चर्चा की। उन्होंने शनिवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। दिग्विजय सिंह ने सागर के पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजानिया को हटाकर एसपी की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से कराने की मांग की।दिग्विजय सिंह ने  बुंदेली भाषा में कहा कि वे आज दुखी मन से यहां आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंडा ही नहीं, पूरे जिले में अपराधियों को प्रशासन और नेताओं का संरक्षण मिल रहा है। उनका सवाल था कि बिना प्रशासन की मदद के इतना बड़ा अवैध शराब का नेटवर्क कैसे चल सकता है।

बंडा जहरीली शराब कांड: ₹30 हजार का इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार • पुलिस टीम को देखकर आरोपी ने किए तीन फायर, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली; कट्टा, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद •अभी तक दो आरोपी शार्ट इन काउंटर से पकड़े गये

SP की भूमिका पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने सागर एसपी अनुराज सुजानिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुरैना में पूर्व में हुई जहरीली शराब की घटना का भी जिक्र किया। उस समय मुरैना में अनुराग सुजानिया एसपी थे। आज सागर में घटना दोहराई गई। उन्होंने कुछ व्यक्तियों के साथ पुलिस अधिकारियों के कथित संबंधों की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी की अवैध वसूली को लेकर भी जनचर्चा है। हालांकि उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से प्रमाण सामने नहीं रखे। उन्होंने कहा कि यदि  एसपी पर जो आरोप लगाए है वे प्रमाणित नहीं हैं तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकते है।अवैध वसूली के आरोपों को वे अदालत में प्रमाणित कर देंगे। उन्होंने कहा कि मेरी सीएम डॉ मोहन यादव से मांग है कि एसपी को हटाकर उनकी जांच eow से कराए। 

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बंडा शराब कांड का आरोपी दिवांजय राजपूत का शार्ट इन काउंटर

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‘सागर गोल्ड’ बनाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि अवैध शराब बनाने और सप्लाई करने वालों पर अब तक पर्याप्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जितनी मौतें हुई हैं, उनके अनुरूप मामलों में FIR दर्ज होनी चाहिए और अवैध शराब जहां से खरीदी गई, उस नेटवर्क से जुड़े लोगों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। जहरीली शराब पीने वालो ने सागर गोल्ड शराब पी है। इसके मालिकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शराब ठेकेदार जंडेल सिंह गुर्जर पर भी कोई  एक्शन नहीं हुआ। 

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उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मुख्य आरोपियों को बचाने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि खेतों में शराब फेंकने के बजाय यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो वे लोग शराब एसपी के बंगले के सामने फेंकने की बात कहते।

30 परिवारों से मिले, चार परिवारों को गोद लेने की घोषणा

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने  बंडा में करीब 30 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की है। उनके अनुसार शराब कांड से प्रभावित परिवार बेहद खराब आर्थिक स्थिति में हैं और कई परिवारों के सामने खाने तक का संकट है। उन्होंने घोषणा की कि वे शराब कांड से प्रभावित चार परिवारों को गोद लेंगे। इन परिवारों को अपनी ओर से 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने तथा बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की बात कही। 

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उन्होंने चारों पीड़ित परिवारों में प्रत्येक परिवार  को 10-10 हजार रूपए की राशि प्रतिमाह देने तथा उनके अनाथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है।इनमें झोली ग्राम के मृतक  भोला अहिरवार,  धुरमार ग्राम के रामस्वरूप अहिरवार, खतोरा खुई ग्राम के भोपाली आदिवासी (पत्नी - माया) तथा हनौती ग्राम के -धनसींग आदिवासी ( पत्नी -मीना) शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि वे शराब कांड से प्रभावित परिवारों की जिम्मेदारी लें।

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मृतकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मृतकों के परिवारों को अभी तक पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को असंवेदनशील बताते हुए प्रभावित परिवारों को नौकरी देने की मांग की।

कलेक्टर ने नहीं उठाए फोन, करेंगे शिकायत

उन्होंने कहा कि उन्होंने  सागर कलेक्टर से फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। इसकी शिकायत वे मुख्य सचिव से करने की बात कही। उन्होंने प्रभावित करीब 40 परिवारों के सदस्यों को नौकरी देने की मांग रखी।

अवैध शराब और राजनीतिक संरक्षण के आरोप

दिग्विजय सिंह ने कुछ शराब कारोबारियों और राजनीतिक लोगों के बीच कथित संबंधों की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज होने के बाद नाम बदलकर शराब के ठेके लेने की कोशिश की गई। उन्होंने मंत्री गोविंद राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर भी आरोप लगाए।

भार्गव ,भूपेंद्र और गोविंद राजपूत की भाजपा का फर्क

उन्होंने कहा कि इस समय बुंदेलखंड में भाजपा में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव - भूपेंद्र सिंह वाली भाजपा और पंजा छाप भाजपा यानि गोविंद सिंह राजपूत है। इसमें गोविंद राजपूत पूरे मजे में है। कांग्रेस सरकार में भी परिवहन  विभाग लिया और फिर भाजपा में। उन्होंने कहा कि गोपाल भार्गव 1984 में युवा कांग्रेस में थे। उनकी इच्छा रहली से टिकिट की थी। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए। अभी भी है। वर्तमान में गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह शुद्ध भाजपाई है। और गोविंद राजपूत पंजा छाप भाजपाई है। राजपूत ने कांग्रेस और अब भाजपा दोनों जगह खूब सुख लिए।

उन्होंने बियर बार और शराब कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों एवं कारोबार की जांच की मांग भी उठाई। साथ ही DCR और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भाजपा विधायक प्रदीप लारिया पर भी शराब ठेकेदारों से सांठगांठ के आरोप लगाए। 

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी अवैध शराब को लेकर शिकायतें हुई थीं और ग्रामसभा में प्रस्ताव तक पारित किए गए थे, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। गांव में भाजपा नेता राजेंद्र तिवारी के भतीजे  पटवारी ने शराब पीड़ित लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया। ये हाल गांव के। 

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उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई जरूरी है, लेकिन बड़े अपराधियों तक भी कार्रवाई पहुंचनी चाहिए।दिग्विजय सिंह ने कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। आबकारी विभाग, पुलिस और शराब बनाने वाली डिस्टलरीज की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे ऐसी आबकारी नीति के पक्ष में नहीं हैं, जो नशे को बढ़ावा दे। हालांकि जो डिस्टलरीज वैधानिक रूप से शराब का निर्माण कर रही हैं, उनके संबंध में भी नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।दिग्विजय सिंह ने बिना हॉलमार्क या निर्धारित वैधानिक पहचान के शराब की बिक्री को अवैध बताते हुए कहा कि ऐसी शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए और इसके पूरे नेटवर्क की जांच की जानी चाहिए।

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‘जिनसे जांच कराई जा रही है, उन्हीं पर भरोसा नहीं’

दिग्विजय सिंह ने सरकार द्वारा कराई जा रही जांच पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों या एजेंसियों से जांच कराई जा रही है, उन पर उन्हें भरोसा नहीं है। उनका आरोप था कि जांच दोषियों को बचाने के लिए कराई जा रही है। प्रशासन पूरी तरह से आरोपियों को बचाने में जुटा है। 

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‘सनातन धर्म का अर्थ किसी दूसरे का नाश नहीं’

मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रस्तावित सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी और उज्जैन से अयोध्या तक जाएगी। यात्रा में प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। उन्होंने कहा कि यात्रा में सनातन, बौद्ध, सिख और जैन धर्म सहित विभिन्न धार्मिक परंपराओं पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ यह नहीं है कि हिंदुओं की तरक्की हो और बाकी लोगों का नाश हो। उन्होंने सभी को एक बताते हुए कहा कि “सबका मालिक एक है।”

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दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि विचारधारा से है। उन्होंने भाजपा और हिंदू संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए तथा धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल को बंद करने की मांग की।

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राम मंदिर और RSS को लेकर भी सवाल

उन्होंने राम मंदिर निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े खर्च और चंदे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।RSS को लेकर उन्होंने कहा कि संगठन के पंजीयन और कोविड काल में कथित आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सवाल उन्होंने उठाए हैं तथा इस संबंध में सरकार से जवाब मांगा है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि धर्म का इस्तेमाल चुनावी राजनीति के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भी अपनी विचारधारा के साथ जनता के बीच जाना चाहिए।

ये रहे शामिल

इस दौरान जिलाध्यक्ष द्वय भूपेंद्र मोहासा, महेश जाटव, पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, तरवर सिंह लोधी, आनंद अहिरवार, सुरेंद्र सुहाने, अमित रामजी दुबे, रिचा सिंह, माधवी चौधरी, रेखा चौधरी, सिंटू कटारे, नीरज मुखारया , संदीप सबलोक, आशीष ज्योतिषी, राज कुमार धनौरा, अभिषेक गौर, रामकुमार पचौरी, अवधेश तोमर, शैलेन्द्र तोमर, चंदन सुहाने, शिव शंकर यादव, कपिल पचौरी,  बब्बू यादव, विजय साहू, कमलेश तिवारी,आनंद हेला, आदि मौजूद रहे।



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सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


सागर: मां की अंतिम इच्छा पूरी कर बेटियों ने कराया मरणोपरांत नेत्रदान, दो लोगों की जिंदगी में लौटेगा उजाला


तीनबत्ती न्यूज: 06 जुलाई, 2026

सागर। सागर में सड़क दुर्घटना में 52 वर्षीय श्रीमती भारती जैन के आकस्मिक निधन के बाद उनकी बेटियों ने मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मरणोपरांत नेत्रदान कराकर मानवता की मिसाल पेश की। इस प्रेरणादायी निर्णय से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नई रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।

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स्थानीय चकराघाट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास रहने वाली श्रीमती भारती जैन का सड़क हादसे में निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में उनकी बेटियों प्रियांशी, गुंजन और मिनी ने बताया कि उनकी मां जीवनभर नेत्रदान करने की इच्छा व्यक्त करती थीं। उनके निधन के तुरंत बाद परिजनों और दामाद प्रखर जैन ने बिना विलंब किए मोहन फाउंडेशन को सूचना दी।

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सूचना मिलते ही मोहन फाउंडेशन ने बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी), सागर के आई बैंक की प्रभारी डॉ. सारिका चौहान को अवगत कराया। इसके बाद आई बैंक की टीम तत्काल बीएमसी की मोर्चरी पहुंची और परिजनों की लिखित सहमति तथा सभी चिकित्सीय मानकों का पालन करते हुए कॉर्निया सुरक्षित निकालकर आई बैंक में संरक्षित किया गया।

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परिवार का निर्णय समाज के लिए प्रेरणा

बीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अपार दुख के समय भी जैन परिवार ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि मां की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए बेटियों द्वारा लिया गया यह निर्णय दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बनेगा।

वहीं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने भी परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जागरूकता और मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में आई बैंक की टीम के डॉ. अंजलि वीरानी पटेल, डॉ. पुरवा, डॉ. मोदी, डॉ. अजय, डॉ. हर्षिता सहित नर्सिंग स्टाफ राम लखन मीणा, ओमप्रकाश कुमावत एवं अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

क्या है नेत्रदान?

चिकित्सकों के अनुसार नेत्रदान वास्तव में कॉर्निया दान होता है। यह पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है और मृत्यु के 4 से 6 घंटे के भीतर इसे पूरा करना आवश्यक होता है। बीएमसी सागर के आई बैंक में यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध है।

नेत्रदान से संबंधित जानकारी या आकस्मिक सूचना के लिए आई बैंक हेल्पलाइन: 7697271108 पर संपर्क किया जा सकता है।


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