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गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण


सागर  : गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण


तीनबत्ती न्यूज : 30 जुलाई 2026

सागर सागर जिले के बंडा विकासखंड स्थित आचार्य विद्यासागर दयोदय गौशाला में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को पहुंचकर गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पशु चिकित्सा एम्बुलेंस का लोकार्पण किया, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और गौ-सेवा के प्रति संवेदनशीलता का परिचय दिया।

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गौसेवा में नजर आईं कलेक्टर प्रतिभा पाल, अनाथ बछिया को बोतल से पिलाया दूध, गौशाला में किया पौधारोपण

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गौ सेवा करते दिखाई कलेक्टर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गाय की बछिया को चारा खिलाया तथा एक अनाथ छोटी बछिया को बोतल से दूध पिलाकर उसकी देखभाल की। उन्होंने गौशाला परिसर में मुनगा के पौधे और नेपियर घास का रोपण भी किया, जिससे पशुओं के पोषण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

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2,200 गौवंश की व्यवस्थाओं की सराहना

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने हरी झंडी दिखाकर पशु चिकित्सा एम्बुलेंस को रवाना किया। उन्होंने गौशाला में लगभग 2,200 निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन की सराहना की। सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौवंश के लिए बनाए गए विशेष वार्ड की व्यवस्थाओं पर भी संतोष व्यक्त किया।



लंबित अनुदान जल्द जारी करने के निर्देश

गौशाला समिति द्वारा अतिरिक्त भूमि आवंटन के अनुरोध पर कलेक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग को लंबित अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला में साइलेज इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने को भी कहा।


इस अवसर पर एसडीएम बंडा श्रीमती आरती यादव, तहसीलदार श्री मोहित जैन, उपसंचालक पशुपालन डॉ. डी.डी. चढ़ार, जिला नोडल अधिकारी (गौपालन समिति) श्री बलराम सिंह ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


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सागर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मकान से ₹4.04 लाख की अवैध शराब जब्त: 564.780 बल्क लीटर शराब के साथ आरोपी पर केस • कहां से आई शराब इसकी जांच में जुटी पुलिस

सागर: पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मकान से ₹4.04 लाख की अवैध शराब जब्त:  564.780 बल्क लीटर शराब के साथ आरोपी पर केस

• कहां से आई शराब इसकी जांच में जुटी पुलिस


तीनबत्ती न्यूज: 30 जुलाई, 2026

सागर। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गढ़ाकोटा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने विभिन्न ब्रांडों की देशी एवं विदेशी शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 बताई गई है। मामले में आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिलेभर में जुआ, सट्टा एवं अवैध शराब के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में थाना गढ़ाकोटा पुलिस ने यह कार्रवाई की।

मकान में मिला अवैध शराब का भंडार

पुलिस के अनुसार 29 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गढ़ाकोटा के बजरंग वार्ड स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण कर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस ने अब्दुल गनी पिता शुभराती खान निवासी बजरंग वार्ड के मकान पर दबिश दी और नियमानुसार तलाशी ली।

तलाशी के दौरान मकान के एक बंद कमरे से विभिन्न ब्रांडों की शराब बरामद हुई। जब्त शराब में सागर गोल्ड व्हिस्की, मैक डबल नं. 1, बॉम्बे व्हिस्की, आईबी व्हिस्की, मेजिक मोमेंट्स, रॉयल स्टैग व्हिस्की तथा लीमाउंट स्ट्रॉन्ग बीयर शामिल हैं। कुल 564.780 बल्क लीटर शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4,04,180 है।

पुलिस ने पूरी शराब जब्त कर आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई थी और इसके सप्लाई नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गढ़ाकोटा निरीक्षक गौरव सिंह तिवारी, उपनिरीक्षक प्रेमनारायण शुक्ला, प्रधान आरक्षक डाल सिंह, राजेश पाण्डेय, विमलेश भटेले, बसंत मिश्रा तथा आरक्षक रवि पटैल, राहुल राय, थिरवम, प्रवीण, राजदीप तिवारी एवं कौस्तुभ मणि पाठक की सराहनीय भूमिका रही।


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समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर बोले: मूंग किसान आंदोलन की सफलता लोकतंत्र की जीत, छात्र आंदोलन फिर होगा तेज

समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर बोले: मूंग किसान आंदोलन की सफलता लोकतंत्र की जीत, छात्र आंदोलन फिर होगा तेज


तीनबत्ती न्यूज, 30 जुलाई 2026

सागर। समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए मूंग किसानों के आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि सरकार को इसके लिए किसानों को बधाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते किसानों की मांगों पर ध्यान दिया होता तो भोपाल में बड़े प्रदर्शन की नौबत नहीं आती।

रघु ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो सप्ताह तक चले किसान आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही। उन्होंने आंदोलन के दौरान पुलिस के संयम की भी सराहना करते हुए कहा कि 21 बैरिकेड टूटने के बावजूद पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया, जो एक सकारात्मक उदाहरण है।

अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अरब देशों की बदलती रणनीति से नई परिस्थितियां बन रही हैं। उनका कहना था कि यदि खाड़ी देशों की एकजुटता बढ़ती है तो संघर्ष लंबा चल सकता है और भारत को इसके संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि भविष्य में नए स्वरूप के साथ फिर उभर सकता है। उनके अनुसार छात्रों की मांगें और बढ़ेंगी तथा सरकार और छात्रों के बीच टकराव की संभावना भी बनी हुई है।

मध्यप्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रघु ठाकुर ने कहा कि राजधानी से लेकर जिला स्तर तक प्रशासन अपेक्षित प्रभावशीलता नहीं दिखा पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है तथा सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से विकास की काल्पनिक तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है।

उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों ने लोकतंत्र को नई दिशा दी है। जब जनता का सैलाब उठता है तो सरकारें भी निर्णय लेने के लिए मजबूर होती हैं और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

1 अगस्त को होगा व्याख्यान एवं सम्मान समारोह

रघु ठाकुर ने बताया कि 1 अगस्त को बाबूभाई स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। व्याख्यान का विषय "भारत में लोकतंत्र का भविष्य" रहेगा। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अनुराधारा शंकर मुख्य अतिथि होंगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में न्यास की ओर से बुंदेलखंड से संबंधित तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। साथ ही कोरोना काल में उल्लेखनीय सेवा देने वाले दिवंगत चिकित्सक डॉ. डी  के गोस्वामी की स्मृति में उनकी पत्नी डॉ. भीमा का सम्मान किया जाएगा।

 "जनता की जायज मांगों की अनदेखी लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं"

 समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जनता की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाए तो आंदोलनों की नौबत नहीं आती।

उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वोच्च स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संयमित भाषा का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार आंदोलन के दौरान अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया और बाद में दबाव बनने पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से संवेदनशील होकर जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

रघु ठाकुर ने कहा कि जनता की उचित मांगों को लंबे समय तक दरकिनार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "कायरता और क्रूरता एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि NEET परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा मई माह में सबसे पहले लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) ने उठाया था और समय रहते इस पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी।


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PM आवास योजना की किस्त के लिए 8 हजार की रिश्वत लेते रोजगार सहायक को रंगे हाथों पकड़ा लोकायुक्त पुलिस सागर ने

दमोह: प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते ग्राम रोजगार सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार


तीनबत्ती न्यूज : 30 जुलाई 2026

सागर। लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दमोह जिले के जबेरा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत परासई माल के ग्राम रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई।

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पीएम आवास की किश्त में मांगी रिश्वत

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता संजू रैकवार, निवासी ग्राम पंचायत परासई माल, तहसील जबेरा, जिला दमोह के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। योजना की दो किस्तें जारी हो चुकी थीं, जबकि तीसरी किस्त जारी कराने और आवास की लोकेशन सही कराने के एवज में ग्राम रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

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शिकायतकर्ता ने 13 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय सागर पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने 30 जुलाई को जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी ग्राम रोजगार सहायक को ग्राम पंचायत कार्यालय परासई माल में शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

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टीम में यह रहे शामिल

ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके ने किया। कार्रवाई में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की तथा लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम शामिल रही। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त सागर ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 8435794333 पर की जा सकती है।

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सागर में पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में विश्व का विराट माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन सम्पन्न, 50 हजार श्रद्धालुओं ने रचा आस्था का इतिहास

सागर में रचा गया आस्था, भव्यता और दिव्यता का इतिहास

• परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ विश्व का विराट "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान

• लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति, कई किलोमीटर तक उमड़ा आस्था का सैलाब, एक माह की अथक तैयारियों ने रचा सनातन का स्वर्णिम अध्याय


तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई, 2026

सागर: सागर की पावन धरा ने आज एक ऐसे ऐतिहासिक, अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया, जिसने सनातन संस्कृति की विराटता, वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर, धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे।



लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। दिन-रात हजारों स्वयंसेवक, आचार्य, साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे। विशाल यज्ञशाला का निर्माण, भव्य मंडपों की स्थापना, हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात, पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं। लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था।


देशभर से आए श्रद्धालु

29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं। मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे। अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

आस्था की भव्यता और दिव्यता का संगम

यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, विशाल मंडपों, अलंकृत वेदियों, दिव्य श्री यंत्र, पुष्पों की सुगंध, दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया। 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया। शंखनाद, घंटानाद, डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया।


इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन, जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया। यह केवल पूजन नहीं, बल्कि लोकमंगल, विश्वशांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था।



इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई। देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा, नेपाल से रुद्राक्ष, दिल्ली से फल, पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प, सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल, उड़ीसा से 31 हजार नारियल, वाराणसी से कुश, पवित्री, सुपारी, हवन सामग्री, कलावा, शहद एवं श्रृंगार सामग्री, हरिद्वार से गंगाजल, बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल, इंदौर से शक्कर, नागपुर से किशमिश, छत्तीसगढ़ से चावल, बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप, तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा, एक लाख बीड़ा पान, एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई। यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो।



महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं, शंखों, पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ। श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया। जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे, सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ।


लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की। प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना, विश्वास, परिवार का मंगल, राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा।


सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई। एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि, वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज, शंखों का महाघोष, डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था।


इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, धर्म की प्रतिष्ठा, मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा, संस्कार, सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।


आज सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया। भव्यता, दिव्यता, अनुशासन, वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था, सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं, तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता—रचा जाता है।

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BMC Sagar में VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 CHO हुए प्रशिक्षित, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती

 BMC सागर में तीन दिवसीय VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हुए प्रशिक्षित

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती, महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की पहल



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में 27 से 29 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सागर, दमोह एवं पन्ना जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग और शीघ्र उपचार की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।



प्रशिक्षण में सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया, डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह ने प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण डॉ. संदीप गौतम, नोडल अधिकारी (एनसीडी), जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान, समय पर उपचार तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

डीन ने NHM का जताया आभार

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं NHM का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को मजबूत करने के साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग देने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रशिक्षण रहा उपयोगी

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा महिला स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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सागर: कार और ओमनी वैन की टक्कर, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल

सागर: सुरखी में कार और ओमनी वैन की भिड़ंत, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया जिला अस्पताल



तीनबत्ती न्यूज, 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र के बननान गांव में कार और ओमनी वैन की आमने-सामने टक्कर में सात लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना बुधवार सुबह 11:38 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सुरखी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरवी वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंचे आरक्षक दीपक जैन और पायलट संदीप सिंह दांगी ने देखा कि कार और ओमनी वैन की टक्कर में सात लोग घायल हो गए हैं। डायल-112 टीम ने बिना देर किए सभी घायलों को एफआरवी वाहन से शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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सागर: शून्य मृत्यु दर लक्ष्य के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश

सागर में मातृ-शिशु सुरक्षा पर कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, 'शून्य मृत्यु दर' लक्ष्य के लिए मैदानी अमले को दिए कड़े निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने और 'शून्य मृत्यु दर' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले का ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। गढ़ाकोटा में आयोजित प्रशिक्षण में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर पहली एएनसी (ANC) जांच नहीं होने से कई गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार एएनसी जांच समयबद्ध तरीके से कराना अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी योग्य दंपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा नवविवाहित दंपत्तियों से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला के पंजीयन से लेकर प्रसव और बच्चे के नियमित टीकाकरण तक लगातार ट्रैकिंग सुनिश्चित करें।

प्रशिक्षण में आशा और एएनएम को घर-घर जाकर परिजनों की काउंसलिंग करने, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए गए। संभावित प्रसव तिथि के आधार पर जटिल मामलों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से 7 से 10 दिन पहले ही बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में चिन्हित सभी हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं का शत-प्रतिशत फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए। बीएमओ, सीएचओ और एएनएम साप्ताहिक बैठकों में हाई-रिस्क मामलों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही अनमोल और युविन पोर्टल पर समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित डेटा अपडेट किया जाए तथा प्रतिदिन डेटा का विश्लेषण कर कमियों में तत्काल सुधार किया जाए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु जीवन की सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का विषय है। सही समय पर सही कदम उठाकर प्रत्येक जीवन की रक्षा करना ही स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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