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Sagar News: एक्सीलेंस स्कूल के 200 वर्ष: जनवरी में होगा भव्य ऐतिहासिक आयोजन

Sagar News: एक्सीलेंस स्कूल के 200 वर्ष: जनवरी में होगा भव्य ऐतिहासिक आयोजन


तीनबत्ती न्यूज: 08 अक्तूबर, 2026

सागर। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, सागर की स्थापना के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनवरी माह में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति की तैयारी बैठक हुई। बैठक में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की।

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विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि पुरानी गवर्नमेंट स्कूल और वर्तमान शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सागर की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है। विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अनेक विद्यार्थी देश और प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे हैं तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय के 200 वर्ष पूर्ण होना ऐतिहासिक अवसर है और इसे यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री को आमंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।

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विद्यालय परिसर में होगा मुख्य समारोह

जनवरी में मुख्य कार्यक्रम विद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए अक्टूबर में साइकिल रैली भी प्रस्तावित है। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, वयोवृद्ध पूर्व विद्यार्थियों का सम्मान और स्मारिका का विमोचन प्रमुख आकर्षण होंगे।

द्विशताब्दी वर्ष के लोगो का विमोचन

बैठक में विद्यालय के द्विशताब्दी वर्ष के विशेष लोगो का विमोचन भी किया गया। इसका उपयोग टी-शर्ट, स्टिकर और अन्य प्रचार सामग्री में किया जाएगा। लोगो विद्यालय की 200 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक होगा।

3 से 4 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना

आयोजन की तैयारियों से अब तक विद्यालय के करीब 2500 पूर्व विद्यार्थी जुड़ चुके हैं। हाल के वर्षों में विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थियों को भी जोड़ा जा रहा है। मुख्य समारोह में लगभग 3 से 4 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।

अमर शहीद प्रदीप कुमार लारिया के नाम पर है विद्यालय

उल्लेखनीय है कि विधायक शैलेंद्र कुमार जैन के प्रयासों से शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय का नाम सागर के अमर शहीद प्रदीप कुमार लारिया के नाम पर किया गया है। विद्यालय की द्विशताब्दी का यह आयोजन उसकी ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

ये रहे शामिल

बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, प्राचार्य सुधीर तिवारी, दिलीप श्रीवास्तव, अखिलेश शुक्ला, आर.के. वैद्य, डॉ. एस.के. शुक्ला, हरिराम सिंह ठाकुर, स्वदेश तिवारी, प्रवीण पंडे, मनोज श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, विक्रम सोनी, बीजू थॉमस, अनुराग चतुर्वेदी एवं विनय चौबे सहित विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी एवं आयोजन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।

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सागर में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन सख्त, बेसमेंट में संचालन पर होगी कार्रवाई • छात्र सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन की कोचिंग संचालकों के साथ बैठक

सागर में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन सख्त, बेसमेंट में संचालन पर होगी कार्रवाई

• छात्र सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन की कोचिंग संचालकों के साथ बैठक, CCTV, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट के दिए निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 8 अक्टूबर 2026

सागर। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सागर पुलिस और प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों के संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

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थाना गोपालगंज परिसर में आयोजित बैठक में करीब 25 से 30 कोचिंग संस्थानों के संचालक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में प्रवेश-निकासी व्यवस्था, आपातकालीन निकासी, अग्नि सुरक्षा, CCTV कैमरे, विद्युत सुरक्षा, पार्किंग और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।

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बेसमेंट में कोचिंग संचालन पर होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा मानकों और लागू नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम आगामी दिनों में शहर के कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कमी या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।


30 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग रखना अनिवार्य

कोचिंग संस्थानों में प्रवेश और निकास द्वार, क्लासरूम, रिसेप्शन, पार्किंग तथा मुख्य गलियारों में उच्च गुणवत्ता वाले नाइट विजन CCTV कैमरे चालू स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए हैं। कैमरों की रिकॉर्डिंग का कम से कम 30 दिन का बैकअप सुरक्षित रखना होगा।


इमरजेंसी एग्जिट और निकासी मार्ग रहेंगे बाधामुक्त

प्रत्येक कोचिंग संस्थान को Emergency Evacuation Plan तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आग या किसी अन्य आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निकासी मार्ग स्पष्ट और सुगम होना चाहिए।

सीढ़ियों, गलियारों और आपातकालीन रास्तों में फर्नीचर, सामान या वाहन खड़े कर रास्ता बाधित नहीं किया जा सकेगा।


क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने पर भी निगरानी

अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए कि किसी भी कक्ष में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को न बैठाया जाए। कक्षाओं में पर्याप्त जगह और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना होगी।

फायर सेफ्टी और बिजली व्यवस्था की होगी जांच

कोचिंग संस्थानों में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र क्रियाशील स्थिति में रखने और स्टाफ व शिक्षकों को उनके प्राथमिक उपयोग का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खुले या असुरक्षित विद्युत तार, ओवरलोडिंग, असुरक्षित विद्युत उपकरण और ज्वलनशील सामग्री के भंडारण पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।


कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी

कोचिंग संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों, गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। छात्राओं की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देने तथा कोचिंग संस्थानों के बाहर असामाजिक तत्वों के जमावड़े को रोकने के लिए आवश्यकतानुसार सुरक्षा गार्ड रखने के निर्देश दिए गए।

पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस

कोचिंग की कक्षाएं शुरू और समाप्त होने के समय सड़कों पर भीड़ और यातायात बाधित न हो, इसके लिए वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही संस्थानों के सूचना पट्ट पर डायल 112, एम्बुलेंस 108, महिला हेल्पलाइन 1090 और स्थानीय पुलिस थाने के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।


लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोचिंग संचालकों को अपनी संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक का आयोजन थाना गोपालगंज परिसर में किया गया। इसमें नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेश द्विवेदी, थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी तथा शहर के करीब 25 से 30 कोचिंग संस्थानों के संचालक एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में कोचिंग संचालकों ने निर्देशों का पालन करने और छात्रों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

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सागर में कांग्रेस का पैदल मार्च, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

सागर में कांग्रेस का पैदल मार्च, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

तीनबत्ती न्यूज:8 अक्टूबर 2026

सागर। जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भगवानगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से सदर मुहाल स्थित शास्त्री चौक तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला रस्सी से बांधकर अपने साथ ले गए। शास्त्री चौक पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त के छायाचित्र वाले पोस्टर जलाए गए। कांग्रेस ने इसे 'इतिहास का काला दिवस' बताते हुए कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की गाड़ियों के साथ वाटर कैनन भी मौजूद रहे।

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'मोदी सरकार राहुल गांधी पर 45 मामले दर्ज करवा चुकी'

सभा को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री के साथ नेता प्रतिपक्ष का भी सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को पार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार और अमित शाह तथा नितिन नवीन के इशारे पर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद जब चुनाव आयोग से जवाबदेही मांगने जा रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों पर कार्रवाई को संविधान पर हमला बताया।

पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बनाकर लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव आयोग को कभी निष्पक्षता का प्रतीक माना जाता था, उसकी भूमिका पर आज सवाल उठ रहे हैं।



'देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात'

पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेखा चौधरी ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि देश के सांसद ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

'लोकतंत्र बचाने की लड़ाई'

पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमित रामजी दुबे ने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने सागर में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध शराब, जुआ और सट्टे पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की जरूरत है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम का संचालन सिंटू कटारे ने किया, जबकि आभार डॉ. किरण लता सोनी ने व्यक्त किया।प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष जगदीश यादव, रामकुमार पचौरी, मुकुल पुरोहित, राकेश राय, सागर साहू, पप्पू गुप्ता, कमलेश तिवारी, शरद पुरोहित, नरेंद्र मिश्रा, हेमराज रजक, पीयूष अवस्थी, जितेंद्र रोहण, माधवी चौधरी, शैलेंद्र तोमर, अवधेश तोमर, अरविंद पंथी, आनंद हैला, आनंद तोमर, चक्रेश सिंघई, शिव शंकर, गुड्डू यादव, नीलोफर, चमन अंसारी, नीलेश अहिरवार, रोहित, जितेंद्र चौधरी, रेखा सोनी, गीता कुशवाहा, सुलेखा राय, हीरालाल, मयंक ठक्कर, टीकाराम दीवान, सुरेश पंजवानी, बाबू मछंदर, हरिश्चंद्र सोनवार, जतिन चौकसे, उत्तम तावड़े, ताहिर खान एडवोकेट, अखिल सिद्दीकी, अर्चना कनौजिया, जगदेव सिंह ठाकुर, मजहर अली चौधरी, मीना, पवन पटेल, विनीत जैन, कुंजी लाल लडिया, सुनील ठेकेदार, गंगाराम अहिरवार, बाबू प्रजापति, सुल्तान कुरैशी, नौशाद अब्बासी, फिरदौस कुरैशी, शहबाज खान, डॉ. दिनेश पटेरिया, लीलाधर सूर्यवंशी, जयराम खाती, वसीम खान, दीनदयाल तिवारी, साजिद राइन, शेरू खान, संदीप अहिरवार, पवन जाटव, संजय जैन, अजय लहरिया, राजा पठान, कुंदन जाट, अतीक खान, अलीम, ताज्जु भाई जान, प्रशांत सोनी, सुनील पाहवा, अनिल दक्ष, गगन जैन, निखिल जैन, अशोक नागवानी, पप्पू गोस्वामी, वीरेंद्र महावते, पवन मडिया, विनोद रैकवार, सुरेश रैकवार, संजय रैकवार, श्रीदास रैकवार, सुनील ठाकुर, प्रभात भंडारी, अरविंद ठाकुर, गगन साहू, अजय राजपूत, कल्लू पटेल, रोहित मांडले, आनंद अहिरवार, नरेश ट्रेलर, समीर मकरानी, शाहबाज कुरैशी, सना भाई जान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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एएनसी पंजीयन और स्वास्थ्य लक्ष्यों में पिछड़ने पर होगी कार्रवाई : निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण • कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

एएनसी पंजीयन और स्वास्थ्य लक्ष्यों में पिछड़ने पर होगी कार्रवाई : निजी अस्पतालों का भी निरीक्षण

• कलेक्टर प्रतिभा पाल ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

तीनबत्ती न्यूज: 08 अक्तूबर, 2026

सागर: सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने एएनसी पंजीयन, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, एनीमिया प्रबंधन और अनमोल पोर्टल पर डाटा अपलोडिंग में लापरवाही को गंभीरता से लिया। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन राजसात करने सहित कार्रवाई के निर्देश दिए।

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कलेक्टर ने अप्रैल से सितंबर 2026 तक अनमोल 2.0 के माध्यम से हुए एएनसी पंजीयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से लक्ष्य और उपलब्धि की जानकारी ली। लक्ष्य के अनुरूप एएनसी पंजीयन नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फील्ड में जाकर गर्भवती महिलाओं से संपर्क कर शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच अथवा संबंधित गतिविधि जिस दिन हो, उसी दिन उसका डाटा अनमोल पोर्टल पर अपलोड किया जाए। डाटा में कमी या त्रुटि मिलने पर तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।

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एनीमिया प्रबंधन में लापरवाही पर वेतन राजसात

कलेक्टर ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समीक्षा करते हुए शहरी क्षेत्र में एचआरपी की संख्या में कमी के कारणों की जानकारी ली और एचआरपी रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए।

सीवियर एनीमिया प्रबंधन का लक्ष्य प्राप्त नहीं होने पर संबंधित सीएचओ के सात दिवस का वेतन राजसात करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने सभी बीएमओ को अपने-अपने सेक्टर में एएनसी सहित निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं के लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस सेक्टर की उपलब्धि जिले के औसत 88 प्रतिशत से कम पाई जाएगी, वहां संबंधित बीएमओ के सात दिवस का वेतन राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी।

बीएमओ पर भी कार्रवाई के निर्देश

बैठक में बीएमओ की उपस्थिति और कार्यों की समीक्षा की गई। बीना बीएमओ के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने और एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।


केसली, जैसीनगर और राहतगढ़ ब्लॉक में लापरवाही एवं लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने पर आगामी आदेश तक संबंधित बीएमओ के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। केसली, राहतगढ़, मालथौन सहित अन्य ब्लॉकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा कर कमियां दूर करने को कहा गया।


निजी अस्पताल और नर्सिंग होम का होगा निरीक्षण

कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सागर क्षेत्र में चिकित्सकों को स्वयं मौके पर जाकर एएनसी पंजीयन सहित स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखने और आवश्यक कार्रवाई की रिपोर्ट सात दिवस में प्रस्तुत करने को कहा गया।नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान के लाइसेंस के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

समग्र आईडी से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण


बैठक में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने और समग्र आईडी से संबंधित कमियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि समग्र आईडी के अभाव में किसी हितग्राही को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो ऐसी समस्या का तत्काल निराकरण किया जाए।

उन्होंने सभी बीएमओ को क्षेत्र में जाकर लोगों से सीधे संवाद करने तथा जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।


कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपने कार्यों तथा डाटा की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें।


बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जगदीश कुमार गोमे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया सहित सभी बीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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स्वतंत्रता सेनानी से ऑनलाइन ठगी, CM मोहन यादव ने 1.80 लाख की सहायता दी : मंत्री गोविंद राजपूत की पहल पर लिया संज्ञान

संग्राम सेनानी से ऑनलाइन ठगी, मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वेच्छानुदान से 1.80 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया संज्ञान, पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

तीनबत्ती न्यूज: 8 अक्टूबर 2026

सागर। सागर के अरिहंत विहार कॉलोनी निवासी वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ताराचंद जैन के साथ हुई ऑनलाइन ठगी के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सहायता राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने अपनी स्वेच्छानुदान मद से 1 लाख 80 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है।

जानकारी के अनुसार, विगत जुलाई माह में ताराचंद जैन के बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी के माध्यम से दो बार में कुल 1 लाख 76 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मदद की गुहार लगाई।

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मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर के मोहली आगमन के दौरान ताराचंद जैन की मुख्यमंत्री से भेंट कराई और उन्हें ऑनलाइन ठगी की पूरी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने मामले पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सागर आईजी और एसपी को प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से तत्काल 1.80 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राष्ट्र की धरोहर हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि ऐसे महान सेनानी हमारे बीच उपस्थित हैं और उनका आशीर्वाद मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री और मंत्री का जताया आभारराशि स्वीकृत किए जाने पर रामपुरा वार्ड पार्षद प्रतिनिधि पराग बजाज एवं जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य देवेन्द्र फुसकेले ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का आभार व्यक्त किया है।

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सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया नया कार्य विभाजन, अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

सागर में प्रशासनिक कामकाज में बदलाव, कलेक्टर ने जारी किया नया कार्य विभाजन आदेश

• वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारियां सौंपीं, राजस्व, निर्वाचन, कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों सहित विभिन्न शाखाओं का प्रभार तय


तीनबत्ती न्यूज: 08 अक्टूबर 2026

सागर । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने शासकीय कार्यों के बेहतर संचालन एवं प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से जिले में पदस्थ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य नवीन कार्य विभाजन आदेश जारी किया है। आदेश के तहत अधिकारियों को विभिन्न विभागों, शाखाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का प्रभार सौंपा गया है।

नवीन कार्य विभाजन के अनुसार अधिकारियों की जिम्मेदारियां इस प्रकार रहेंगी—

जगदीश कुमार गोमे को पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित कई विभागों का दायित्व

श्री जगदीश कुमार गोमे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं पदेन अपर कलेक्टर (विकास) को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समस्त योजनाओं का मुख्य दायित्व सौंपा गया है। वे मनरेगा में अतिरिक्त जिला कार्यक्रम अधिकारी के रूप में भी कार्य करेंगे। इसके अलावा कृषि, उद्यानिकी, पशुचिकित्सा, मत्स्य विभाग, सर्व शिक्षा अभियान, तकनीकी शिक्षा, श्रम-रोजगार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।


रवीश श्रीवास्तव संभालेंगे जनशिकायत और राजस्व संबंधी शाखाएं


संयुक्त कलेक्टर श्री रवीश श्रीवास्तव को जन-शिकायत निवारण एवं राजस्व से जुड़ी महत्वपूर्ण शाखाओं का प्रभार दिया गया है। वे सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई, सीएम मॉनिट/पीजी सेल, भू-अभिलेख, राजस्व लिपिक, न्यायिक शाखा और समय-सीमा (टीएल) शाखा का कार्य देखेंगे। जिला आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।


आरती यादव को निर्वाचन एवं वित्तीय संबंधी जिम्मेदारियां


संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव को जिले के वित्तीय एवं निर्वाचन संबंधी प्रमुख दायित्व सौंपे गए हैं। वे उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य एवं स्थानीय) के रूप में कार्य करेंगी। निर्वाचन शाखा के आहरण-संवितरण अधिकारी का दायित्व भी उनके पास रहेगा। इसके साथ ही वे जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) में पीओ डूडा तथा नजारात शाखा की प्रभारी होंगी।


शैलेश द्विवेदी को कानून व्यवस्था और शहरी सेवाओं का प्रभार


डिप्टी कलेक्टर श्री शैलेश द्विवेदी को कानून व्यवस्था एवं शहरी सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। वे सागर शहरी एवं कैंट क्षेत्र के नगर दण्डाधिकारी (सिटी मजिस्ट्रेट) के रूप में कार्य करेंगे। इसके अलावा नजूल अधिकारी सागर नगर, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 41 के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, शस्त्र लाइसेंस तथा जिला आपूर्ति नियंत्रक का प्रभार भी संभालेंगे।


रजत सोनी संभालेंगे कलेक्टर कार्यालय की आंतरिक व्यवस्था


डिप्टी कलेक्टर श्री रजत सोनी को कलेक्टर कार्यालय की आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व दिया गया है। वे मंत्री, सांसद एवं जनप्रतिनिधियों के पत्र शाखा, कलेक्ट्रेट की अधीक्षक एवं सहायक अधीक्षक शाखा, आवक-जावक, अल्प बचत तथा स्टेनो/रीडर-टू-कलेक्टर शाखा का कार्य देखेंगे।


मोना दांगी को समाधान ऑनलाइन सहित विभिन्न शाखाओं की जिम्मेदारी


डिप्टी कलेक्टर सुश्री मोना दांगी को समाधान ऑनलाइन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन एवं धर्मस्व शाखा, प्रपत्र-लेखन सामग्री तथा चरित्र एवं अन्य प्रकार के शासकीय सत्यापन का प्रभार सौंपा गया है। वे समाचार-पत्रों में प्रकाशित खबरों एवं शिकायतों की जांच का कार्य भी देखेंगी। इसके अलावा जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।

रोहित वर्मा को सागर अनुविभाग का प्रशासनिक दायित्व


डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम (राजस्व) सागर श्री रोहित वर्मा को सागर उपखंड का मुख्य प्रशासनिक दायित्व सौंपा गया है। वे अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) के रूप में भू-राजस्व संहिता के तहत पीठासीन अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगे। साथ ही भू-अर्जन अधिकारी, राहत कार्यों के संचालक तथा जनपद पंचायत सागर के विकास कार्यों के पर्यवेक्षक के रूप में भी कार्य करेंगे।


प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता और समन्वय पर जोर


नवीन कार्य विभाजन आदेश के माध्यम से जिले में विभिन्न प्रशासनिक शाखाओं और विभागों की जिम्मेदारियां अधिकारियों के बीच स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। इससे राजस्व, जनशिकायत, निर्वाचन, कानून व्यवस्था, ग्रामीण विकास, शहरी सेवाओं और अन्य विभागीय कार्यों के संचालन में समन्वय एवं कार्य सुविधा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

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शाहपुर में मजबूत हो रही जल प्रदाय व्यवस्था, 15 वार्डों में शुरू हुआ ट्रायल रन

शाहपुर में मजबूत हो रही जल प्रदाय व्यवस्था, 15 वार्डों में शुरू हुआ ट्रायल रन

1.75 एमएलडी जल शोधन संयंत्र सहित परियोजना का 94 प्रतिशत काम पूरा, 2,700 घरों तक पहुंचे जल कनेक्शन



तीनबत्ती न्यूज: 07 अक्टूबर, 2026

सागर। शाहपुर नगर में नागरिकों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल प्रदाय परियोजना का काम तेजी से पूर्णता की ओर है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा संचालित इस परियोजना का करीब 94 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। संचालन एवं संधारण सहित परियोजना की लागत लगभग 17.47 करोड़ रुपये है।

परियोजना के तहत शाहपुर में 1.75 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन और अन्य जरूरी अधोसंरचना तैयार की गई है।

47 किलोमीटर वितरण नेटवर्क पूरा

परियोजना के अंतर्गत 7 किलोमीटर रॉ-वाटर राइजिंग मेन पाइपलाइन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं 47 किलोमीटर वितरण नेटवर्क भी पूरी तरह बिछाया जा चुका है।

5.17 किलोमीटर क्लियर वाटर राइजिंग मेन में से अब तक 3.80 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। दशहरा मैदान में 320 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

2,700 घरों को मिले जल कनेक्शन

नागरिकों को परियोजना का लाभ पहुंचाने के लिए घरेलू जल कनेक्शन का काम भी तेजी से किया गया है। कुल 2,738 कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले 2,700 घरेलू जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यह लक्ष्य का लगभग 98.61 प्रतिशत है।

15 वार्डों में ट्रायल रन शुरू

शाहपुर के 15 वार्डों में जल प्रदाय व्यवस्था का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। इसके माध्यम से नई व्यवस्था को वास्तविक परिस्थितियों में परखा जा रहा है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली तकनीकी कमियों और आवश्यक सुधारों को समय रहते दूर किया जा रहा है।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद शाहपुर के नागरिकों को अधिक व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों शेष कार्य

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल प्रदाय अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। शाहपुर में विकसित की जा रही आधुनिक जल प्रदाय व्यवस्था से नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि परियोजना के शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ ही संचालन एवं संधारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गूंजी चीतों की दहाड़, बुंदेलखंड बना प्रदेश का तीसरा चीता आवास • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को किया विमुक्त, नर का नाम ‘व्योम’ और मादा का ‘नीरा’ रखा; अगले माह दो और चीते आएंगे

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गूंजी चीतों की दहाड़, बुंदेलखंड बना प्रदेश का तीसरा चीता आवास


• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को किया विमुक्त, नर का नाम ‘व्योम’ और मादा का ‘नीरा’ रखा; अगले माह दो और चीते आएंगे


तीनबत्ती न्यूज: 7 अक्टूबर 2026

सागर।बुंदेलखंड की धरती पर बुधवार को करीब डेढ़ सदी बाद एक बार फिर चीतों की मौजूदगी दर्ज हुई। सागर जिले के नौरादेही क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को विमुक्त कर मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना के एक नए अध्याय की शुरुआत की। इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का तीसरा चीता आवास क्षेत्र बन गया।

मुख्यमंत्री ने विमुक्त किए गए दोनों चीतों का नामकरण भी किया। नर चीता, जिसका पूर्व नाम थोलो था, अब ‘व्योम’ और मादा चीता, जिसका पूर्व नाम सीसीबी-3 था, अब ‘नीरा’ के नाम से जानी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से शुरू हुआ चीता पुनर्स्थापना अभियान मध्यप्रदेश में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कूनो और गांधीसागर के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों की मौजूदगी से बुंदेलखंड भी विश्व के वन्यजीव संरक्षण मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है।

लगभग 150 वर्ष बाद बुंदेलखंड में चीतों की वापसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 160 से 170 वर्ष पहले चीतों की मौजूदगी के प्रमाण मिलते हैं। इतने लंबे अंतराल के बाद बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की वापसी ऐतिहासिक अवसर है। वर्ष 2022 में मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना की शुरुआत हुई थी और इसके बाद चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की विशेषता यह है कि यहां टाइगर के साथ चीते भी प्राकृतिक आवास में रहेंगे। क्षेत्र में नीलगाय, चिंकारा, हिरण सहित अनेक वन्यप्राणी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रजातियों के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

‘जियो और जीने दो’ की भावना से वन्यजीव संरक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के हितों और उनकी आजीविका की चिंता करना भी सरकार का दायित्व है। वन्यजीव और मानव के बीच संतुलन बनाते हुए ‘जियो और जीने दो’ की भावना से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि करीब 41 वर्ष पूर्व जब इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था, तब स्थानीय लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाकर ही संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है।


पर्यटन और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभयारण्यों में पर्यटन, जंगल सफारी और अन्य गतिविधियों से होने वाली आय में स्थानीय ग्रामीणों और समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पर्यटकों से प्राप्त राशि में समितियों को भी हिस्सा दिया जा रहा है, ताकि जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बफर क्षेत्र के गांवों में होम स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण अपने घरों में एक से तीन कमरे तैयार कर पर्यटकों को सुविधा दे सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से करीब दो से तीन लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में खेती की जमीन सीमित होने के कारण पशुपालन और दूध उत्पादन ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। किसान कल्याण वर्ष में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और समितियों के माध्यम से किसानों से दूध खरीदकर उन्हें उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना

चीता विमुक्ति के बाद आयोजित राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर वन्यजीव संरक्षण को लेकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के समय चीता तो छोड़िए, टाइगर भी कम होते गए और जंगल खाली हो गए, जबकि भाजपा सरकार में जंगल आबाद हुए हैं। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक पप्पू भी है जो मानता ही नहीं है” और सत्ता की चाह में वह जो कर रहा है, भगवान उसे सद्बुद्धि दे।

अगले माह दो और चीते आएंगे

मुख्यमंत्री ने बताया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार को दो चीते विमुक्त किए गए हैं। अगले माह दो और चीते यहां लाए जाएंगे। इससे क्षेत्र में चीतों का कुनबा बढ़ेगा और यह उनके लिए स्थायी एवं अनुकूल आवास के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती वन्यप्राणियों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में टाइगर की संख्या देश में सर्वाधिक है। गिद्ध संरक्षण, कछुआ संरक्षण, चंबल के घड़ियाल और नदियों के जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वन्यजीव संरक्षण केवल किसी एक प्रजाति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का विषय है

बुंदेलखंड में पर्यटन की नई संभावनाएं

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि लंबे समय से बुंदेलखंड में चीतों की पुनर्स्थापना की चर्चा होती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष फोकस और प्रयासों से अब यह महत्वपूर्ण पहल साकार हुई है। उन्होंने कहा कि चीतों की वापसी से बुंदेलखंड के इतिहास में नया अध्याय जुड़ा है।

दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने स्थानीय युवाओं को विभिन्न भाषाओं का प्रशिक्षण देने और गाइड प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि युवाओं को पर्यटन से रोजगार मिल सके।


पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि इस क्षेत्र का इतिहास वन और पर्यावरण संरक्षण के संघर्ष से जुड़ा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में बसाहट एवं पुनर्वास, आजीविका से जुड़े कार्यक्रम और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं और बच्चों के लिए अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं के प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की मांग भी रखी।


वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार वर्ष 2026 के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। इनमें उप संचालक पुनीत गोरेवाल, सहायक वन संरक्षक राजा खरे, वन क्षेत्रपाल कार्तिकेय शुक्ला, वनपाल दिलीप वाघमारे, वनपाल एवं डॉग हैंडलर पदम सिंह राजपूत, वनरक्षक एवं डॉग हैंडलर रामकृष्ण पराशरी, वनरक्षक गौतम शर्मा एवं आलोक प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पेंच, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, कूनो और पन्ना सहित विभिन्न वन क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षा, प्रबंधन, गौर पुनर्स्थापना और निगरानी में उल्लेखनीय योगदान दिया है।


पुस्तिकाओं का विमोचन और ‘चीता मित्र’ से संवाद

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गिद्ध संख्या आकलन एवं वन्यजीव संरक्षण, ‘हमार वीडीटीआर’ और ‘बाघिन दीदी’ पुस्तिकाओं का विमोचन किया। उन्होंने ‘चीता मित्र’ और ‘बाघिन दीदी’ से संवाद कर उनके अनुभवों और कार्यों की जानकारी भी ली। कार्यक्रम के अंत में वन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक गोपाल भार्गव, विधायक शैलेन्द्र जैन, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक बृज बिहारी पटेरिया, विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, भाजपा नेता श्याम तिवारी, सागर ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष रानी कुशवाहा, संभागायुक्त दिलीप कुमार, आईजी इरशाद वली, डीआईजी एस.एस. चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मोहाली हेलीपेड आगमन, हुआ भव्य स्वागत

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता विमुक्त कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज विधानसभा रेहली के मोहाली हेलीपेड पर आगमन हुआ। हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।


इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्री राहुल लोधी, रेहली विधायक श्री गोपाल भार्गव, सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, देवरी विधायक श्री बृज बिहारी पटेरिया  श्री श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों में आईजी श्री इरशाद वली, डीआईजी श्री एस.एस. चौहान, एसपी श्री अनुराग सुजानिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

439 हेक्टेयर में तैयार हुआ चीता आवास

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के सुरक्षित और अनुकूल आवास के लिए करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। चीतों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ सुरक्षित बाड़े, निगरानी, सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

वन विभाग की टीम चीतों की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है, जिससे चीता, टाइगर और अन्य वन्यजीवों के बीच प्राकृतिक संतुलन बना रहे।


2,339 वर्ग किलोमीटर में फैला है टाइगर रिजर्व

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों में भी इसका कुल



क्षेत्रफल करीब 2,339.12 वर्ग किलोमीटर दर्ज है। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय, भालू सहित अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं। रिजर्व की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह क्षेत्र ऊपरी विंध्य क्षेत्र का हिस्सा है और सागर, दमोह तथा नरसिंहपुर में विस्तृत है। 



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