दानवीर , सागर विवि के संस्थापक डॉ हरि सिंह गौर की जयंती,26 नवम्बर ।

शनिवार, 6 नवंबर 2021

"याद आयेगी तुम्हें मेरी वफ़ा मेरे बाद..... " ★ "यार मुहम्मद "यार" की पुण्य तिथि पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा

"याद आयेगी तुम्हें मेरी वफ़ा मेरे बाद..... "
 ★ "यार मुहम्मद "यार" की पुण्य तिथि पर कवि सम्मेलन एवं मुशायरा


सागर ।  बज़्मे-दाग़ एवं ब्लश एंड पैलेट इवेंट के संयुक्त तत्वाधान में यार मुहम्मद "यार" की पाँचवी पुण्य तिथि पर आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आगाज नगर के लोकप्रिय विधायक मान. शैलेंद्र जैन जी ने यार साहिब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया, उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजक अमित आठिया व राहुल पाठक को बधाई देते हुए कहा कि यार साहिब से मेरा कई साहित्यिक व सामाजिक आयोजनों में मिलना हुआ  वो उम्दा शाइर के साथ बा-खुलुस इंसान थे। साथ उन्हें अल्लामा - इक़बाल के शेर के साथ श्रृद्धांजलि दी। "हजारों साल नरगिस अपनी बे-नूरी पे रोती है। चमन में तब कहीं होता है एक दीदावर पैदा।।" कार्यक्रम के प्रथम चरण का संचालन बज़्मे-दाग़ के अध्यक्ष सिराज सागरी ने किया। महमान शाइरों एवं अतिथियों का स्वागत अभय मौर्य, मधुर गोस्वामी, शफीक अनवर, दिलशाद सागरी, ने किया। इस अवसर पर नगर सक्रिय संस्था श्यामालम् द्वारा यार साहिब को श्रद्धांजलि स्वरूप उनकी चालीस गजलों का यारां शीर्षक के नाम से प्रकाशित कराई गई पुस्तक की प्रथम प्रति यार साहिब के पुत्र मुहम्मद इमरान और मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन को श्यामलम् के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र ने भेंट की। स्थानीय साहित्यकार एवं गाँधीवादी विचारधारा के अनुयायी आशीष ज्योतिषी ने कहा आज राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बनाने वाले शाइर अशोक मिजाज़ "बद्र" ने शुरुआती दौर में उर्दू की तालीम यार साहिब से ली। यार साहिब सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल थे।


कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत डा. गजाधर सागर ने सरस्वती वंदना एवं असगर पयाम ने नाते-पाक से की जिसका संचालन महमान शाइर शाहिद दमोही ने किया। जहाँ एक ओर नगर के कव्वाल महबूब ताज ने "यार" साहिब की गजल गयी वहीं दूसरी ओर मायूस सागरी, पं. हरगोविंद "विश्व", अशोक मिजाज " बद्र", नाजिर दमोही, ताहिर दमोही, फ़ैजल दमोही, अनुज सोनी, महेंद्र निगोड़ी, अमित आठिया, शफीक अनवर, अबरार अहमद, नईम माहिर, दिलशाद सागरी, आदर्श दुबे, ईश्वर दयाल गोस्वामी, असगर पयाम, गजाधर् सागर, आदि ने काव्य पाठ किया।


साथ ही बुंदेलखंड हिंदी साहित्य सांस्कृतिक विकास मंच के संयोजक व महामंत्री मणिकांत चौबे "बे-लिहाज", जिला अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे, दयानंद वार्ड पार्षद दिनेश साहू, हरिओम केशरवानी, मतीन मकरानी, मु. शफीक लाल बाबू, मुस्तकीम खान, अब्दुल रसीद बंडा वाले, वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष आज़म मौलाना, सगीर मिस्त्री, असलम मिस्त्री, जाकिर होटल, शरीफ़ रुई वाले, संतोष सोनी मारुति आदि ने श्रद्धांजलि दी। अंत में बज़्मे-दाग़ के कोषाध्यक्ष अबरार अहमद ने सबका आभार व्यक्त किया।

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