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डॉ गौर विवि : शिक्षाशास्त्र विभाग की बड़ी उपलब्धि, दो छात्र शोध टीमों को ICSSR से मिली परियोजना

डॉ गौर विवि :  शिक्षाशास्त्र विभाग की बड़ी उपलब्धि, दो छात्र शोध टीमों को ICSSR से मिली परियोजना

• ₹4.90 लाख की शोध परियोजनाएं स्वीकृत, ‘युवा शोध प्रतिभा योजना’ के तहत विद्यार्थियों का चयन


तीनबत्ती न्यूज: 13 अक्टूबर, 2026

सागर। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के शिक्षाशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग के ITEP B.Com B.Ed. सातवें सेमेस्टर की दो छात्र शोध टीमों को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली की प्रतिष्ठित ‘ICSSR युवा शोध प्रतिभा योजना: Youth and Decolonisation’ के अंतर्गत शोध परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। दोनों परियोजनाओं के लिए कुल 4.90 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

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डॉ गौर विश्वविद्यालय के 2 छात्र शोध दलों को ICSSR से मिली परियोजना

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ITEP बैच चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के शुरुआती बैचों में शामिल है। मध्यप्रदेश में डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का इन परियोजनाओं के लिए चयन विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध अभिरुचि और नवाचार की भावना को दर्शाता है।

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पहली परियोजना: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक सहभागिता पर शोध

भूमिका चौरसिया के नेतृत्व में विदि आनंद अहिरवार और प्रियंश चढ़ार की टीम को 2.50 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। परियोजना का शीर्षक “Indian Philosophy-Based Psychological Intervention for Enhancing Well-being, Resilience and Academic Engagement among Secondary Students” है।

इस शोध के अंतर्गत भारतीय दर्शन पर आधारित मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप के माध्यम से माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के कल्याण, मानसिक दृढ़ता और शैक्षणिक सहभागिता को बेहतर बनाने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

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दूसरी परियोजना: पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार होगा शैक्षणिक मॉड्यूल

अक्षय दुबे के नेतृत्व में तरुण रिछारिया और उन्नति राज की टीम को 2.40 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना का शीर्षक “Developing and Testing a TEK-Based Environmental Conservation Module for Secondary School Students” है।

इस शोध के अंतर्गत TEK आधारित पर्यावरण संरक्षण मॉड्यूल विकसित करने और माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच उसकी प्रभावशीलता का परीक्षण करने पर काम किया जाएगा।

कुलपति ने दी बधाई

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश दुबे ने दोनों छात्र शोध टीमों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताते हुए शिक्षाशास्त्र विभाग के संकाय सदस्यों, शोध मार्गदर्शक और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष एवं शैक्षिक अध्ययन शाला के अधिष्ठाता प्रो. अनिल कुमार जैन सहित विभाग के सभी संकाय सदस्यों ने चयनित विद्यार्थियों को परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं और सहयोग का आश्वासन दिया।

दोनों शोध परियोजनाएं शिक्षाशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रवीण कुमार टी. डी. के मार्गदर्शन में संचालित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की यह उपलब्धि विद्यार्थियों में शोध संस्कृति, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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सांसद रजनीश अग्रवाल ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग उठाई : केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

सांसद रजनीश अग्रवाल ने डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की मांग उठाई : केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र


तीनबत्ती न्यूज: 05 अक्टूबर, 2026

सागर। राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से पत्र भेजकर डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में स्थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। 

उल्लेखनीय है डॉ गौर केंद्रीय विवि सागर में पिछले एक साल से अधिक समय से स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हुई है। पिछले हफ्ते प्रो नागेश दुबे को प्रभारी कुलपति बनाया गया है। 

सांसद श्री अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से स्थायी कुलपति का पद रिक्त होने के कारण विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं अकादमिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं तथा भविष्य की दृष्टि से बनाई जाने वाली योजनाओं में भी शिथिलता आ रही है।

उन्होंने कहा कि डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के उच्च शिक्षा जगत का एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। यह संस्थान क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध एवं नवाचार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


राज्यसभा सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि विश्वविद्यालय में कुलपति चयन की आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कराने की कृपा की जाए, ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और विद्यार्थियों को इसका समुचित लाभ प्राप्त हो।

श्री अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान के दीर्घकालिक विकास, अकादमिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के हित में स्थायी नेतृत्व का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।

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राज्यपाल डॉ. मंगुभाई पटेल से मिले जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, लिया मार्गदर्शन

राज्यपाल डॉ. मंगुभाई पटेल से मिले जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, लिया मार्गदर्शन


तीनबत्ती न्यूज: 15 सितम्बर, 2026

भोपाल। जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के नव नियुक्त कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के हित में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं को लेकर कुलाधिपति से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

यह भी पढ़ें: डॉ. गौर विश्वविद्यालय और जीवाजी विश्वविद्यालय के बीच होगा शैक्षणिक समझौता • जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु पद का कार्यभार संभालने के बाद पहली बार सागर पहुंचे प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत, डॉ. गौर को किया नमन

भेंट के दौरान विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। कुलगुरु प्रो. राजपूत ने विश्वविद्यालय की आगामी कार्ययोजनाओं और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी भी दी।

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प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।

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राज्यपाल ने रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में चार संकायाध्यक्ष किए नामित

रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर की कार्य परिषद में संकायाध्यक्ष नामित किए गए ::चार डीन बने कार्य परिषद सदस्य 



तीनबत्ती न्यूज: 18 जुलाई, 2026

सागर। मध्यप्रदेश के राज्यपाल तथा प्रदेश के समस्त शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति द्वारा रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर में चार संकायाध्यक्षों को विश्वविद्यालय की कार्य पारिषद के सदस्य नामित किया है। राज्यपाल के उपसचिव द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 23 की उपधारा 1 के खंड-2 के प्रावधान अन्तर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायाध्यक्षों में से विज्ञान संकाय के डीन डॉ. आलोक कुमार जैन (प्राध्यापक- भौतिकी) ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्‍तर महाविद्यालय, दमोह,  जीवविज्ञान संकाय की डीन डॉ. गोपा जैन (प्राध्यापक- प्राणीशास्त्र) शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर, कला संकाय के डीन डॉ. विनय कुमार शर्मा (प्राध्यापक- अंग्रेजी) शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर और वाणिज्य संकाय के डीन डॉ. सुभाष कुमार अग्रवाल (प्राध्यापक-वाणिज्य) शासकीय स्नातकोत्‍तर महाविद्यालय, दमोह को कार्य परिषद का सदस्य नामित किया गया है।

इस अवसर पर कुलगुरू प्रो. विनोद कुमार मिश्रा ने विश्वविद्यालय में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि कार्य परिषद में संकाय अध्यक्ष श्रेणी से सदस्यों को नामित किए जाने से कार्य परिषद में अकादमिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा जिससे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक विकास को मजबूती मिलेगी तथा विश्वविद्यालय नए सोपानों को पूर्ण करेगा। 

कुलसचिव प्रो. शक्ति जैन ने सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के विकास में कार्य परिषद की अहम भूमिका होती है, आप सभी के सहयोग से निश्चित ही विश्वविद्यालय एक श्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान बनेगा।

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