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नंगे पैर निकले रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी

नंगे पैर निकले संत श्री रावतपुरा सरकार, झोली में मांगी गौमाता के लिए एक रोटी


तीनबत्ती न्यूज:  8 अगस्त 2026

सागर। गौमाता की मौन पीड़ा को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में गौसेवा के संस्कार को जागृत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक रोटी गाय के लिए’ पुण्य अभियान के तहत परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने सागर में अनूठी सेवा यात्रा की। वे नंगे पैर हाथों में झोली लेकर घर-घर पहुंचे और नागरिकों से गौमाता के लिए एक रोटी देने का आग्रह किया। इस दौरान विधायक शैलेंद्र जैन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने समाज के बीच पहुंचकर गौसेवा का संदेश देते हुए लोगों से अपने घर में बनने वाली पहली रोटी गौमाता के लिए निकालने का आह्वान किया। नंगे पैर, हाथ में झोली और आग्रह सिर्फ एक रोटी का—यह दृश्य नागरिकों के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा।



काली मंदिर से शुरू हुई सेवा यात्रा

अभियान के अंतर्गत सेवा यात्रा काली तिगड्डा स्थित काली मंदिर से प्रारंभ हुई। इसके बाद यात्रा छैल बिहारी मंदिर, बीजासेन मंदिर, गणेश घाट, राधा माधव मंदिर, गणेश मंदिर (खिरका) एवं गंगा मंदिर (रानीपुरा) होते हुए पुनः गणेश घाट स्थित गणेश मंदिर पहुंची।

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इस दौरान श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने विभिन्न स्थानों पर नागरिकों से संवाद किया और उनसे गौमाता के लिए अपने घर की पहली रोटी निकालने का आग्रह किया।


रोटी एकत्र करना ही नहीं, संस्कार जगाना उद्देश्य

अभियान का उद्देश्य केवल गौमाता के लिए रोटियां एकत्र करना नहीं है, बल्कि उस सनातन परंपरा और संस्कार को पुनः जनजीवन का हिस्सा बनाना है, जिसमें भोजन करने से पहले गौमाता के लिए एक अंश निकाला जाता था।

अभियान के माध्यम से समाज से सरल लेकिन महत्वपूर्ण संकल्प लेने की अपील की जा रही है—अपने घर की पहली रोटी गौमाता के नाम।


अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि एक रोटी भले ही छोटी हो, लेकिन किसी मौन जीव के लिए वही बड़ी सेवा बन सकती है। गौसेवा के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान के माध्यम से लोगों को नियमित रूप से गौमाता की सेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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मूंग-उड़द खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमला नदारद: पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने उठाए सवाल

मूंग-उड़द खरीदी केंद्र की कांग्रेसजनों ने जानी हकीकत, जिम्मेदार अमला मिला नदारद


तीनबत्ती न्यूज:08 अगस्त, 2026

सागर। कृषि उपज मंडी समिति परिसर में रबी सीजन वर्ष 2026-27 के लिए मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु बनाए गए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के खरीदी केंद्र का शनिवार तड़के मध्यप्रदेश शासन के पूर्व कृषि एवं सहकारिता मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कांग्रेसजनों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान खरीदी केंद्र पर कई अव्यवस्थाएं सामने आईं।

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निरीक्षण के दौरान केंद्र पर सर्वेयर के अलावा प्रबंधक सहित अन्य जिम्मेदार अमला मौजूद नहीं मिला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र का संचालन शासन के नियमों और निर्देशों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

भवन में जगह-जगह टपक रहा था पानी

निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्र के भवन में जगह-जगह से पानी टपकता मिला। भवन में रखा सामान भी पानी से भीग रहा था। इसके अलावा खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं मिला।



मौके पर मिली अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने अनुविभागीय अधिकारी सागर रोहित वर्मा सहित नागरिक आपूर्ति निगम और कृषि विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी केंद्र के संचालन में सामने आई अनियमितताओं और किसानों को हो रही संभावित परेशानियों से अवगत कराया।

चौधरी ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर खरीदी केंद्र का संचालन नियमानुसार कराने तथा किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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'शासन-प्रशासन के दावों की खुली पोल'

पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मूंग-उड़द खरीदी केंद्रों के नियमों के अनुसार संचालन को लेकर प्रशासनिक अमला गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि विपणन संघ के खरीदी केंद्र पर जिम्मेदार अमले की गैरमौजूदगी और सामने आई अव्यवस्थाओं ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है।



उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर अन्नदाता किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। शासन-प्रशासन को सभी खरीदी केंद्रों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करना चाहिए। केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं, जिम्मेदार अमले की मौजूदगी और किसानों की उपज की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि खरीदी केंद्रों पर लापरवाही जारी रही और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

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इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पं. रवि उमाहिया, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी, पूर्व सरपंच हरप्रसाद अहिरवार, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष अरविन्द पंथी, युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा सिंह बुंदेला, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राहुल कुशवाहा, इंजीनियर सत्यम सिंह सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।

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सुरखी में गली-गली पहुंचे मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा

सुरखी में गली-गली पैदल पहुंचे मंत्री गोविंद राजपूत, घर-घर सुनीं समस्याएं; 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा


तीनबत्ती न्यूज : 8 अगस्त 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जन-संवाद की मंशा को जमीन पर उतारते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार को सुरखी नगर परिषद क्षेत्र का पैदल भ्रमण किया। मंत्री गली-गली और घर-घर पहुंचे और नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों से जमीनी स्थिति की जानकारी ली और समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।मंत्री राजपूत ने सुरखी नगर परिषद भवन का लोकार्पण किया। साथ ही नगर परिषद क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की और कई कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।

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सड़क, पुलिया और सामुदायिक भवन समेत कई कार्य

घोषित एवं शुरू किए गए कार्यों में वार्ड क्रमांक 1 एवं 2, 6, 9, 10 एवं 11, 12 एवं 13 तथा 14 एवं 15 में सीसी रोड निर्माण शामिल है। इसके अलावा मिड़वासा में डब्ल्यूबीएम रोड एवं पुलिया, विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण, वार्ड क्रमांक 9 में फर्श निर्माण तथा गोशाला में प्रथम तल पर सामुदायिक भवन सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।


सुरखी मेरी विधानसभा नहीं, मेरा परिवार है”

जनता से संवाद करते हुए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें और विकास कार्यों का वास्तविक फीडबैक लें। उन्होंने कहा, “सुरखी मेरी विधानसभा ही नहीं, मेरा परिवार है। यहां आने का उद्देश्य कोई राजनीतिक कार्यक्रम या चुनाव प्रचार नहीं, बल्कि जनता से सीधे मिलना, उनकी समस्याएं सुनना और यह देखना है कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं।”

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बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं से लिया फीडबैक

पैदल भ्रमण के दौरान मंत्री ने बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात की। उन्होंने सड़क, नाली, पेयजल और आवागमन सहित मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की छोटी से छोटी समस्या को भी गंभीरता से लिया जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

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ये रहे शामिल

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष बुंदेल सिंह, नर्मदा सिंह, मोनू सिंह मोकलपुर, अरुण गौतम, सरमन सिंह, कमलेश पांडे, भोले राजा, मूरत सिंह, शुभम सिंह, पवन दुबे, बहादुर सिंह, टीकाराम चौबे, बसंत लोधी, नेपाल सिंह, अतुल भार्गव, लक्ष्मण सिंह, सत्येंद्र सिंह, ताहिर गौड़, मनमोहन सिंह, संदीप सिंह, अनु वासुदेव, शिवप्रसाद, विजय पटेल, डॉ. राजेंद्र सिंह, कौशल चौबे, आकाश पटेल, रोशन गौतम, दिनेश मिश्रा, विजय सिंह, सेलू घोषी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में बंटेगा सांची पेड़ा, फूड पॉइजनिंग के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश

15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में बंटेगा ‘सांची पेड़ा’, फूड पॉइजनिंग की शिकायतों के बाद कमिश्नर ने दिए निर्देश

15 अगस्त और 26 जनवरी पर स्कूलों में वितरित होगा सांची पेड़ा

तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर। राष्ट्रीय पर्वों के दौरान स्कूली बच्चों को वितरित की जाने वाली मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सागर संभाग प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयुक्त सागर संभाग एवं प्रशासक बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित सागर अनिल सुचारी ने संभाग के सभी जिलों में 15 अगस्त 2026 और 26 जनवरी 2027 के समारोहों में स्कूली बच्चों को मिठाई के रूप में ‘सांची पेड़ा’ वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

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आयुक्त कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर स्कूलों में आयोजित राष्ट्रीय पर्व समारोहों में बच्चों को मिठाई तथा नागरिकों को नाश्ता वितरित किया जाता है। इस दौरान कई बार अमानक स्तर की मिठाई के कारण फूड पॉइजनिंग की शिकायतें सामने आती हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित मिठाई उपलब्ध कराने के लिए सांची पेड़ा के वितरण का निर्णय लिया है।

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छह जिलों के शासकीय विद्यालयों और कार्यालयों में होगा वितरण

निर्देश के अनुसार सागर संभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिले के सभी शासकीय विद्यालयों एवं कार्यालयों में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पर्व समारोहों में बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर द्वारा निर्मित ‘सांची पेड़ा’ वितरित किया जाएगा।

सात दिन पहले देनी होगी पेड़ा की मांग

आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त 2026 और 26 जनवरी 2027 के राष्ट्रीय पर्वों के लिए सांची पेड़ा की अग्रिम मांग कम से कम 7 दिन पहले दुग्ध संघ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि समारोहों के लिए समय पर पर्याप्त मात्रा में मिठाई उपलब्ध कराई जा सके।

अग्रिम मांग के लिए बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ के मोबाइल नंबर 9893874217, 9981359019, 9752265003 और 7805957186 पर संपर्क किया जा सकता है।

किसान हित में संचालित सहकारी संस्था है सांची डेयरी

बुंदेलखण्ड सहकारी दुग्ध संघ किसानों के हित में संचालित सहकारी संस्था है। संघ द्वारा संभाग के विभिन्न जिलों के दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध का संकलन कर उसका प्रसंस्करण किया जाता है और ‘सांची’ ब्रांड के नाम से दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों का विक्रय किया जाता है।

प्रशासन के इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्वों के दौरान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मिठाई उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को रोकना भी है।

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सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध • इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- सुशासन का वास्तविक आधार न्याय, सरकार सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध

• इंदौर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- संवाद, गरिमा और समावेशन से ही न्याय की पहुंच होगी समान

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और CJI जस्टिस सूर्यकांत


तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार न्यायपालिका की भावना के अनुरूप अपने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ प्रत्येक नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व लोकतंत्र के आधार हैं। मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे मामलों का समाधान कर केस पेंडेंसी जैसी गंभीर समस्या को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'इंहेंसिंग एक्सेस टू जस्टिस' विषय पर आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

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कार्यक्रम में 'Ensuring Access Protecting Rights Building Futures' पुस्तक, निवारक एवं रणनीतिक विधिक सेवा योजनाएं, 'न्याय सबके लिए', ब्रेल लिपि में मार्गदर्शिका और 'न्याय के स्वर' का विमोचन किया गया। नालसा का थीम सॉन्ग भी प्रस्तुत किया गया। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने नालसा शिक्षा स्कीम तथा थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लॉन्च किया।

इंदौर में Access to Justice कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


अंग्रेजों के बनाए कई कानून खत्म किए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बदलाव का स्वर्णिम समय चल रहा है। अंग्रेजों के दौर के अनेक गैर-जरूरी कानूनों को समाप्त कर न्याय व्यवस्था को अधिक सरल और सुलभ बनाया गया है। ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, डिजिटल डेटा संग्रह और आधुनिक न्याय प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं न्याय प्रक्रिया को आधुनिक बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की दिशा में भी काम हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं से जुड़े पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई के लिए इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए गए हैं।

'न्याय में देरी भी अन्याय'

डॉ. यादव ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। मध्यप्रदेश में साइबर सुरक्षा, राष्ट्रीय स्वचालित प्रणाली और ई-जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से पुलिस प्रणाली को वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने मालवा की न्याय परंपरा का उल्लेख करते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य के उदाहरण प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने लगभग 250 वर्ष पहले सुशासन और न्याय की उत्कृष्ट परंपरा स्थापित की। उनके शासन में न्याय करते समय पुत्र और प्रजा में भेदभाव नहीं किया जाता था।



CJI जस्टिस सूर्यकांत बोले- संवाद से ही संभव है समाधान

भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सशक्त भविष्य, गरिमा और समावेशन केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि विधिक सहायता की वास्तविक परिभाषा हैं। न्याय की पहुंच केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं हो सकती, इसके लिए संवाद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित को न्याय मिलने से पहले यह विश्वास होना जरूरी है कि उसकी समस्या को कोई सुन रहा है। मध्यस्थता की प्रक्रिया भी सामने वाले को सुनने से शुरू होती है। न्यायपालिका, विधिक सेवा संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर न्याय की पहुंच को आसान बनाना होगा।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अलग-अलग समुदायों की समस्याएं अलग होती हैं, इसलिए उनके समाधान भी उनकी परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार होने चाहिए। गरीब, आर्थिक रूप से पिछड़े और महिलाओं की सहायता करना चैरिटी नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है।

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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे न्याय

उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में ही समानता का वास्तविक भाव छिपा है। पैरा लीगल वॉलेंटियर्स समाज और विधिक व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इसकी पहुंच होना जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 39A के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने की भावना व्यक्त की गई है।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्याय प्रक्रिया को बहुभाषीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को देखते हुए यहां न्याय की पहुंच को और व्यापक बनाना जरूरी है।

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मध्यस्थता से विवादों का समाधान

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने मध्यस्थता को विवादों के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया। सम्मेलन में 'विवाद से सहमति' मध्यस्थता सर्टिफिकेट कोर्स और जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया।

ब्रेल लिपि में विधिक मार्गदर्शिका के विमोचन को दृष्टिबाधित लोगों के लिए न्याय की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इंडियन साइन लैंग्वेज में नालसा थीम सॉन्ग के शुभारंभ से दिव्यांगजनों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने की पहल को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जस्टिस विजय बिश्नोई, जस्टिस आलोक आराधे, जस्टिस शील नागु, जस्टिस संजीव सचदेवा, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल, न्यायाधीश आनंद पाठक सहित विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारी एवं इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंद पाठक ने आभार व्यक्त किया।


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रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया • राज्यसभा में सांसद रजनीश अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के प्रभाव पर संसद में सरकार का जवाब: जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया

• राज्यसभा में सांसद रजनीश  अग्रवाल के प्रश्न पर आया जवाब: 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

नई दिल्ली। कृषि योग्य भूमि पर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के प्रभाव को लेकर राज्यसभा में भाजपा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न पर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस संबंध में मंत्रालय द्वारा कोई अध्ययन नहीं कराया गया है। हालांकि, सरकार ने मिट्टी की गुणवत्ता और संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक करने और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने की जानकारी दी।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत अधिसूचित किए जाने से पहले उर्वरकों की जैव-प्रभावकारिता और विषाक्तता का परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षणों की समीक्षा केंद्रीय उर्वरक समिति के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जाती है।

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26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित

सरकार के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मृदा उर्वरता में सुधार के लिए संतुलित एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।

वर्ष 2014-15 से अब तक 26.26 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए/वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 1,30,627 किसानों को प्रशिक्षण, 7.17 लाख प्रदर्शन तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों को लेकर 7,425 किसान मेले/अभियान आयोजित किए गए हैं।

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कीटनाशकों के उपयोग पर भी नियामक व्यवस्था

सरकार ने बताया कि कीटनाशक अधिनियम, 1968 की धारा 5 के तहत गठित पंजीकरण समिति कीटनाशकों की प्रभावकारिता के साथ-साथ मानव, पशु और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका पंजीकरण करती है। स्वीकृत लेबल और सूचना पत्र के अनुसार उपयोग किए जाने वाले पंजीकृत कीटनाशकों से नुकसान की संभावना नहीं होने की बात सरकार ने कही है। इनके निरंतर उपयोग के संबंध में समय-समय पर तकनीकी समीक्षा भी की जाती है।

जैविक और प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा

जवाब में सरकार ने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार ने जैविक खाद, फसल अवशेष, जैव उर्वरक और अन्य जैविक इनपुट के साथ रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया है। साथ ही उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत जैविक उर्वरक, जैव-उर्वरक, सल्फर लेपित यूरिया, जैविक कार्बन संवर्धक और नैनो उर्वरक को अधिसूचित किया गया है।

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18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती के दायरे में

सरकार के अनुसार, वर्ष 2015-16 से परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया गया है और 33.63 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट (MOVCDNER) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक खेती में लाया गया है और 2.74 लाख किसानों को लाभ मिला है।

प्राकृतिक खेती मिशन को भी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 25 नवंबर 2024 को रासायनिक मुक्त और ऑन-फार्म इनपुट के उपयोग के जरिए प्रकृति आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) को मंजूरी दी थी। जवाब के अनुसार, अब तक 23.13 लाख किसान पंजीकृत हो चुके हैं और 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के अंतर्गत कवर किया गया है।


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एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

एससी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति के आरोप में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के डीन निलंबित

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, विश्वविद्यालय ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्यवाही



तीनबत्ती न्यूज: 08 अगस्त, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने के आरोपों से घिरे बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर डॉ. श्री भागवत (Shree Bhagwat) को विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. भगवान वर्तमान में स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन के पद पर कार्यरत थे।

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विश्वविद्यालय द्वारा 7 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, डॉ. भागवत की प्रारंभिक नियुक्ति 16 अप्रैल 2005 को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पद पर लेक्चरर के रूप में हुई थी। उनके द्वारा प्रस्तुत एससी प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी।

कमेटी ने बताई ये प्रारंभिक बातें

विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया है कि 30 जुलाई 2026 को गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 5 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। कमेटी के रिकॉर्ड परीक्षण में प्रथम दृष्टया पाया गया कि—

  • डॉ. भागवत की नियुक्ति अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर हुई थी।
  • रिकॉर्ड में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध स्थायी एससी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिला।
  • उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र का संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारी के रिकॉर्ड से सत्यापन नहीं हो सका।
  • संबंधित प्राधिकारियों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया डॉ. भागवत के उत्तर प्रदेश की बिंद समुदाय, जिसे वहां अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में बताया गया है, से संबंधित होने की बात सामने आई।
  • कमेटी ने प्रथम दृष्टया माना कि एससी आरक्षण के आधार पर नियुक्ति अमान्य अथवा गलत जाति दावे पर प्राप्त किए जाने की आशंका है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की थी। साथ ही, यदि सक्षम प्राधिकारी यह संतुष्ट होता है कि नियुक्ति गलत जाति दावे के आधार पर प्राप्त की गई थी तो अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक निलंबन सहित आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिपोर्ट पर विचार करने के बाद आरोपों को गंभीर और कर्मचारी की एससी आरक्षित पद पर नियुक्ति की पात्रता से जुड़ा हुआ माना। आदेश में यह भी कहा गया कि डॉ. भगवान के डीन पद पर बने रहने से अनुशासनात्मक जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

जांच पूरी होने तक निलंबन

विश्वविद्यालय ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत डॉ. श्री भागवत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर रहेगा और वे सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता और अन्य अनुमन्य भत्ते मिलेंगे। साथ ही, बिना पूर्व अनुमति विश्वविद्यालय के किसी कार्यालय या प्रशासनिक अनुभाग में प्रवेश पर भी रोक रहेगी, सिवाय अनुशासनात्मक कार्यवाही के संबंध में आवश्यकता होने पर।

अंतिम निर्णय अनुशासनात्मक जांच के बाद

विश्वविद्यालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक (prima facie) निष्कर्षों के आधार पर की गई है। मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) द्वारा लिया जाएगा।

प्रो. भागवत का पक्ष:

​इस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए डॉ. भागवत ने कहा, "मैं लगातार विवि में हो रही गड़बड़ियों और गलतियों के खिलाफ बोलता रहा हूँ। इसीलिए बदले की भावना के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस द्वेषपूर्ण कार्रवाई में केवल 8 दिनों के भीतर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई और मेरा पक्ष तक नहीं सुना गया।"


अन्य नियुक्तियों की शिकायतों पर उठते सवाल

​इस निलंबन के बाद विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आमतौर पर महीनों और सालों तक फाइलों को दबाकर रखने वाला प्रशासन इस मामले में मात्र 8 दिनों के भीतर जांच से लेकर निलंबन तक की प्रक्रिया पूरी करने में 'एक्सप्रेस रफ्तार' से चला।



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सागर में भाजपा की मासिक बैठक: प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- तिरंगा यात्रा राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का जनअभियान

सागर में भाजपा की मासिक बैठक: तिरंगा यात्रा को जनअभियान बनाने का आह्वान, प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वर्चुअल किया संबोधित

सागर भाजपा की मासिक बैठक में  संबोधित करते जिला प्रभारी लोकेंद्र पाराशर और भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी

तीनबत्ती न्यूज: 07 अगस्त, 2026

सागर। भारतीय जनता पार्टी की मासिक बैठक संभागीय भाजपा कार्यालय सागर में आयोजित की गई। बैठक को उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक प्रगति के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना भी आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल और जिला स्तर तक पूरे उत्साह के साथ हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा को सफल बनाने का आह्वान किया।



बैठक को प्रदेश मंत्री एवं सागर जिला प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के अभियान केवल संगठनात्मक गतिविधियां नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, जनजागरण और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता के माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सागर भाजपा संगठन हमेशा प्रदेश में अनुकरणीय कार्य करता आया है और इस बार भी हर घर तिरंगा अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाकर नया उदाहरण प्रस्तुत करना है।

लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, स्वाभिमान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और 140 करोड़ भारतीयों की एकता का प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर नागरिकों को अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और युवाओं के बीच संविधान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे विषयों पर संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि सागर जिले ने पूर्व में भी विभिन्न संगठनात्मक अभियानों में प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। यह कार्यकर्ताओं की एकजुटता और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर पूरी ऊर्जा और अनुशासन के साथ कार्य किया जाएगा।

बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुधा जैन, जिला महामंत्री चैन सिंह ठाकुर, चेतराम अहिरवार, सुमित यादव सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष, प्रकोष्ठ संयोजक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक का संचालन जिला मंत्री अर्जुन पटेल ने किया, जबकि आभार जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने व्यक्त किया। जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने जानकारी दी।


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