डोहेला महोत्सव हमारी समृद्ध विरासत और लोकजीवन का प्रतीक, भूपेन्द्र भैया ने इसे पुनर्जीवित किया : सांसद लता वानखेड़े
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तीनबत्ती न्यूज: 06 अप्रैल, 2026
खुरई। डोहेला महोत्सव-2026 के दूसरे दिन बालीवुड की प्रसिद्ध पार्श्वगायिका अकासा सिंह ने दर्शकों के आनंद और उत्साह को आसमान पर पहुंचा दिया। दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद , भाजपा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती लता वानखेड़े ने युवा भाजपा नेता अविराज सिंह के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि खुरई के डोहेला महोत्सव की परंपरा को पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने पुनर्जीवित कर नई भव्यता प्रदान की है, वे सेवा और लोक कल्याण के नये आयाम खड़े करने वाले संवेदनशील नेता हैं।
सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने अपने दृढ़ संकल्प से खुरई नगर में विकास की जो गाथा लिखी वह अद्वितीय है। आप सभी ने उन्हें अवसर दिया और उन्होंने क्षेत्र की तकदीर व तस्वीर बदल दी। सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि भूपेंद्र भैया जैसा संवेदनशील नेतृत्व हमें मिला है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र भैया का खुरई के लिए प्रेम ऐसा है कि यदि उनका बस चले तो वे आसमान से पूरे तारे तोड़ कर खुरई विधानसभा क्षेत्र की जनता को दे दें। उन्होंने कहा कि खुरई की पावन धरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए नई पहचान दी। खुरई के डोहेला किले ने हमारी आस्था और लोकजीवन को सुरक्षित रखा है। 1707 में गौरवशाली दांगी वंश के प्रतापी राजा श्री खेमचंद्र दांगी जी ने यह क़िला बनवाया था। यह हमारी परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। हमारे नेता भूपेन्द्र भैया ने डोहेला महोत्सव की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित कर इसे अद्वितीय भव्यता प्रदान की है। अविराज सिंह ने इसे दिव्यता प्रदान करने में बहुत परिश्रम किया है। यह आयोजन आज सांस्कृतिक एकता व समरसता का प्रतीक बन गया ।सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि भूपेंद्र भैया ने सेवा और लोककल्याण की की नई परंपराएं आरंभ की हैं और नित नये आयाम गढ़े हैं। यह विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर खुरई नगर इसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि आज यहां मेरा स्वागत मेरे लाडले भतीजे अविराज ने स्टेशनरी की सामग्री से किया जो हमारे नेता भूपेन्द्र भैया द्वारा शुरू की गई परंपरा है। फूल मालाओं से स्वागत के स्थान पर जरूरतमंदबच्चों और गरीबों के उपयोग की सामग्री से स्वागत कराया और अभी तक 40 लाख की इस तरह मिली सामग्री वे वितरित कर चुके हैं। भूपेन्द्र भैया ने अपने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर आयोजित करके अभी तक 14 हजार यूनिट रक्त एकत्रित कर जरूरतमंदों को दिया है। उन्होंने समाज की जरूरतमंद बेटियों को सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बना कर दिया ताकि वे सुरक्षित वातावरण में आगे पढ़े सकें। और अब निशुल्क सामूहिक विवाह आयोजित कर रहे हैं।
युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने कहा कि खुरई के प्रसिद्ध डोहेला महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2015 में मकर संक्रांति से हुई थी। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने ऐतिहासिक डोहेला किले का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराने के बाद इस सांस्कृतिक आयोजन की परंपरा डाली थी। उन्होंने एक ऐतिहासिक किले की शांति को एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव की गूँज में बदल दिया है। डोहेला महोत्सव खुरई की पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में ऐसे महोत्सव युवाओं को अपनी वास्तविक जड़ों और स्थानीय संस्कृति से रूबरू कराने का काम करते हैं और उन्हें अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव हमारी प्राचीन धार्मिक मान्यताओं को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम हैं जिनके माध्यम से हमारी धार्मिक विरासत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक बिना किसी लिखित दस्तावेज के भी सुरक्षित रहती है।
डोहेला महोत्सव संगीत और संस्कृति का महाकुंभ, इसने खुरई को वैश्विक पहचान दी- अविराज सिंह
युवा भाजपा नेता श्री अविराज सिंह ने कहा कि डोहेला महोत्सव केवल एक मेला नहीं है बल्कि एक सामूहिक अनुष्ठान है, जो समाज के हर वर्ग को धर्म और नैतिकता के सूत्र में पिरोकर आपसी सौहार्द को बढ़ावा देता है। यह हमें प्रेरणा देता है कि हम विकास के साथ-साथ अपनी जड़ों और इतिहास को भी सहेजकर रखे।









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