विधायक शैलेंद्र जैन ने CM डॉ. मोहन यादव से की मुलाकात: शिक्षक पात्रता परीक्षा नियम पर पुनर्विचार की मांग रखी
तीनबत्ती न्यूज : 07 अप्रैल, 2026
सागर। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मंगलवार को भोपाल प्रवास के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता के नियम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने विधायक जैन के निवास पर पहुंचकर इस विषय पर पुनर्विचार हेतु ज्ञापन सौंपा था। उसी के संदर्भ में विधायक जैन ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिक्षकों की मांग को प्रमुखता से रखा। विधायक जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप विधिवत की गई है। इन शिक्षकों ने बीते 25-30 वर्षों से निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ अपनी सेवाएं देते हुए प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुभव और शिक्षण कौशल से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू करना उनके मनोबल को प्रभावित कर रहा है, जिससे व्यापक स्तर पर असंतोष और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।
विधायक जैन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश शासन से अपेक्षा है कि वह भी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक विधिक पहल करे।
उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश के हजारों अनुभवी शिक्षकों के भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जाए, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके और शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व एवं गुणवत्ता बनी रहे।







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