नीट पेपर लीक कांड : युवाओं का टूटा भरोसा: सरकार ने नहीं सीखा सबक,कोई सख्त कार्रवाई नहीं: समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर
तीनबत्ती न्यूज|27 मई, 2026
सागर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संरक्षक रघु ठाकुर ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली पर से युवाओं का भरोसा समाप्त हो गया है। देश में लगातार 2 वर्ष से लेट परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो रहा है।यह गंभीर बात है। सरकार ने पेपर लीक होने के बाद भी ना तो कोई सबक सीखा और ना ही पेपर लीक होने मामले में कोई सख्त कार्रवाई की।
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श्री ठाकुर आज सागर स्थित निवास पर पत्रकारो से चर्चा कर रहे थे। उन्होने कहा कि नीट परीक्षा का संचालन करने वाली समिति ने फीस के नाम पर 5 करोड रुपए का मुनाफा कमाया है जो सरकार पढ़ाई और परीक्षा को ठीक से नहीं कर पा रही, वह पेपर लीक के मामले में करोड़ों का मुनाफा कमा रही है ।बेहतर होगा कि प्रधानमंत्री को स्वयं इस्तीफा देना चाहिए। श्री ठाकुर ने कहा कि अमेरिका सरकार की वीजा नीति के कारण 8 लाख से अधिक भारतीय छात्रों को वापस भारत लौटना पड़ा, इन छात्रों का भविष्य अंधकार में है। भारतीय प्रतिभाओं के भविष्य पर भाजपा सरकार ने कालिख पोत दी है। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह का संबंध देश के शिक्षा मंत्री से है, शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
श्री ठाकुर ने कहा कि अमेरिका और ईरान का युद्ध फिलहाल समाप्त होने की स्थिति में नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि शांति वार्ता वेंटिलेटर पर है। उनके इस बयान का तो यही अर्थ निकाल रहा है कि भारत सरकार की विदेश नीति पूरी तरह फैल रही। इस कारण तेल और गैस का संकट भारत को झेलना पड़ रहा है। भारतीय जनता महंगाई के दौर से गुजर रही है।सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। एक परिवार एक कार के सिद्धांत को लागू कर दिया जाना चाहिए जिससे करोड़ों रुपए का डीजल और पेट्रोल बचेगा। उन्होने कहा कि ललितपुर सागर छिंदवाड़ा रेल लाइन का दो बार सर्वे पूरा हो चुका है। इसके बाद भी बुंदेलखंड के नैताओ को गुमराह कर तीसरी बार सर्वे करने की बात कही गई है । इस अंचल की जनतिनिधि जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं।
छतरपुर पन्ना के आसपास रेल लाइन को डालने के नाम पर 55000 पेड़ काटे गए। अब इस ट्रैक को गलत बताया जा रहा है। नया ट्रैक डालने के नाम पर फिर 50000 पेड़ काटने की तैयारी है। यह आपराधिकृत करने वाले रेल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए।नया ट्रैक बनाने की जगह पहाड़ काटकर टनल बनाई जाना चाहिए, जिससे पेड़ों की रक्षा हो सके।







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