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सागर में पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिध्य में विश्व का विराट माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन सम्पन्न, 50 हजार श्रद्धालुओं ने रचा आस्था का इतिहास

सागर में रचा गया आस्था, भव्यता और दिव्यता का इतिहास

• परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ विश्व का विराट "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान

• लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति, कई किलोमीटर तक उमड़ा आस्था का सैलाब, एक माह की अथक तैयारियों ने रचा सनातन का स्वर्णिम अध्याय


तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई, 2026

सागर: सागर की पावन धरा ने आज एक ऐसे ऐतिहासिक, अलौकिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक आयोजन का साक्षात्कार किया, जिसने सनातन संस्कृति की विराटता, वैदिक परंपरा की दिव्यता और सामूहिक आस्था की अद्भुत शक्ति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री के पावन सान्निध्य एवं दिव्य मार्गदर्शन में श्री रावतपुरा सरकार आश्रम, वेदांती परिसर, धर्मश्री स्थित मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में आयोजित "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" महाअनुष्ठान ने भव्यता और दिव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित श्रद्धालु जीवनभर विस्मृत नहीं कर पाएंगे।



लगभग एक माह से चल रही सतत तैयारियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। दिन-रात हजारों स्वयंसेवक, आचार्य, साधक और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ता सेवा और समर्पण की भावना से जुटे रहे। विशाल यज्ञशाला का निर्माण, भव्य मंडपों की स्थापना, हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास, पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग, सुरक्षा, यातायात, पूजन सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की सूक्ष्मतम व्यवस्थाएँ निरंतर युद्धस्तर पर की गईं। लगभग 20 एकड़ में विस्तृत परिसर को इस प्रकार सजाया गया कि प्रत्येक दिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत समन्वय दिखाई दे रहा था।


देशभर से आए श्रद्धालु

29 जुलाई की प्रातः बेला से ही सागर की ओर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा कि आयोजन स्थल तक पहुँचने वाले मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई देने लगीं। मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा तथा देश के अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपने परिवारों सहित इस दिव्य महाअनुष्ठान में सम्मिलित होने पहुँचे। अनुमानतः लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

आस्था की भव्यता और दिव्यता का संगम

यज्ञभूमि में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भव्य वैदिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं, विशाल मंडपों, अलंकृत वेदियों, दिव्य श्री यंत्र, पुष्पों की सुगंध, दीपों की पंक्तियों और वैदिक मंत्रों की अनुगूँज ने किया। 1100 वैदिक आचार्यों द्वारा एक साथ उच्चारित वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना से स्पंदित कर दिया। शंखनाद, घंटानाद, डमरुओं का प्रचंड निनाद और "जय माँ राजराजेश्वरी" के गगनभेदी उद्घोष ने सम्पूर्ण परिसर को देवमय बना दिया।


इस महाअनुष्ठान की सबसे विशिष्ट विशेषता रही माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन, जिसमें माँ को अतिप्रिय हरिद्रा (हल्दी) और आदिशक्ति के चैतन्य का प्रतीक कुमकुम करोड़ों अर्चनों के माध्यम से अर्पित किया गया। यह केवल पूजन नहीं, बल्कि लोकमंगल, विश्वशांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण का सामूहिक वैदिक संकल्प था।



इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए देश के विभिन्न भागों से पूजन सामग्री विशेष रूप से मंगाई गई। देवास से 100 क्विंटल पवित्र हरिद्रा, नेपाल से रुद्राक्ष, दिल्ली से फल, पुष्प एवं 11 हजार कमल पुष्प, सूरत से 11 हजार साड़ियाँ एवं माँ के श्रृंगार के वस्त्र, कानपुर से सरसों का तेल, उड़ीसा से 31 हजार नारियल, वाराणसी से कुश, पवित्री, सुपारी, हवन सामग्री, कलावा, शहद एवं श्रृंगार सामग्री, हरिद्वार से गंगाजल, बरमान से माँ नर्मदा का पावन जल, इंदौर से शक्कर, नागपुर से किशमिश, छत्तीसगढ़ से चावल, बेंगलुरु से रजत मुद्राएँ, नौगाँव से हजारों कलश एवं एक लाख दीप, तथा देशभर से लगभग दो करोड़ बिल्वपत्र इस महाअनुष्ठान के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त सवा लाख बूंदी के लड्डू, 11 टन आम, 11 टन केले, 11 क्विंटल बताशे, 5 क्विंटल पेठा, एक लाख बीड़ा पान, एक लाख खुले पान, 15 हजार नारियल, 11 क्विंटल किशमिश सहित असंख्य पूजन सामग्री माँ के श्रीचरणों में समर्पित की गई। यह दृश्य ऐसा प्रतीत करा रहा था मानो सम्पूर्ण भारत की श्रद्धा एक ही यज्ञभूमि पर एकत्रित हो गई हो।



महाअनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री का दिव्य आगमन हजारों डमरुओं, शंखों, पुष्पवर्षा और जयघोष के मध्य हुआ। श्रद्धालुओं ने करबद्ध होकर अपने आराध्य का स्वागत किया। जैसे ही महाराज श्री यज्ञमंडप में पहुँचे, सम्पूर्ण वातावरण "जय माँ राजराजेश्वरी" के उद्घोष से गूँज उठा और वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ।


लगभग ढाई घंटे तक चले इस विराट अर्चन में हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ सहभागिता की। प्रत्येक अर्चन के साथ केवल हरिद्रा और कुमकुम ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की कामना, विश्वास, परिवार का मंगल, राष्ट्र की समृद्धि और विश्वकल्याण का संकल्प भी माँ राजराजेश्वरी के श्रीचरणों में समर्पित होता रहा।


सायंकाल सम्पन्न हुई भव्य महाआरती इस आयोजन का चरम क्षण सिद्ध हुई। एक लाख दीपों की ज्योति से आलोकित सम्पूर्ण यज्ञभूमि, वैदिक ऋचाओं की अनुगूँज, शंखों का महाघोष, डमरुओं का प्रचंड निनाद और हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक स्वर में गाए जा रहे आरती के स्वर ने ऐसा अलौकिक वातावरण निर्मित किया कि उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भावविभोर हो उठा। अनेक श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं और उनके मुख पर आत्मिक शांति एवं आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था।


इस अवसर पर परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री ने अपने मंगल संदेश में कहा कि माँ राजराजेश्वरी की उपासना केवल व्यक्तिगत समृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के कल्याण, धर्म की प्रतिष्ठा, मानवता की उन्नति और लोकमंगल का दिव्य संकल्प है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सेवा, संस्कार, सदाचार और सनातन मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।


आज सागर की इस पुण्यभूमि पर सम्पन्न हुआ "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित हो गया। भव्यता, दिव्यता, अनुशासन, वैदिक परम्परा और जनसहभागिता का यह अद्वितीय संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा तथा यह संदेश देता रहेगा कि जब आस्था, सेवा और संकल्प एक साथ खड़े होते हैं, तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता—रचा जाता है।

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BMC Sagar में VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 CHO हुए प्रशिक्षित, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती

 BMC सागर में तीन दिवसीय VIA प्रशिक्षण सम्पन्न, 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हुए प्रशिक्षित

सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग को मिलेगी मजबूती, महिला स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की पहल



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार कॉम्प्रिहेन्सिव प्राइमरी हेल्थ केयर कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), सागर में 27 से 29 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सागर, दमोह एवं पन्ना जिले के 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का आयोजन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन तथा अधीक्षक डॉ. राजेश जैन के सहयोग से प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग और शीघ्र उपचार की क्षमता विकसित करना था, ताकि महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।



प्रशिक्षण में सैद्धांतिक और व्यावहारिक जानकारी

तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ. जागृति नगर, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. रुचि जायसवाल, डॉ. सिफ्ती बंगा, डॉ. रिंशु सुजोरिया, डॉ. रिया एवं डॉ. पूजा सिंह ने प्रतिभागियों को VIA स्क्रीनिंग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्क्रीनिंग तकनीक, संक्रमण नियंत्रण, रिपोर्टिंग, केस चयन और हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का पोस्ट-टेस्ट एवं कौशल मूल्यांकन भी किया गया।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण डॉ. संदीप गौतम, नोडल अधिकारी (एनसीडी), जिला सागर द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अब अपने-अपने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं की नियमित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कर सकेंगे। इससे रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान, समय पर उपचार तथा सर्वाइकल कैंसर से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।

डीन ने NHM का जताया आभार

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.एस. ठाकुर ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश के मिशन संचालक डॉ. प्रभाकर तिवारी एवं NHM का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राथमिक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम को मजबूत करने के साथ महिला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने प्रशिक्षण में सहयोग देने वाले सभी प्रशिक्षकों, अधिकारियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

प्रशिक्षण रहा उपयोगी

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम को प्रभावी बनाने तथा महिला स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।



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सागर: कार और ओमनी वैन की टक्कर, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल

सागर: सुरखी में कार और ओमनी वैन की भिड़ंत, 7 घायल; डायल-112 ने पहुंचाया जिला अस्पताल



तीनबत्ती न्यूज, 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र के बननान गांव में कार और ओमनी वैन की आमने-सामने टक्कर में सात लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाकर भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना बुधवार सुबह 11:38 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सुरखी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरवी वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुंचे आरक्षक दीपक जैन और पायलट संदीप सिंह दांगी ने देखा कि कार और ओमनी वैन की टक्कर में सात लोग घायल हो गए हैं। डायल-112 टीम ने बिना देर किए सभी घायलों को एफआरवी वाहन से शासकीय जिला चिकित्सालय सागर पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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सागर: शून्य मृत्यु दर लक्ष्य के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश

सागर में मातृ-शिशु सुरक्षा पर कलेक्टर प्रतिभा पाल सख्त, 'शून्य मृत्यु दर' लक्ष्य के लिए मैदानी अमले को दिए कड़े निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। सागर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने और 'शून्य मृत्यु दर' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले का ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। गढ़ाकोटा में आयोजित प्रशिक्षण में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान समय पर पहली एएनसी (ANC) जांच नहीं होने से कई गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार एएनसी जांच समयबद्ध तरीके से कराना अनिवार्य है।

उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र के सभी योग्य दंपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा नवविवाहित दंपत्तियों से नियमित संपर्क बनाए रखा जाए। आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला के पंजीयन से लेकर प्रसव और बच्चे के नियमित टीकाकरण तक लगातार ट्रैकिंग सुनिश्चित करें।

प्रशिक्षण में आशा और एएनएम को घर-घर जाकर परिजनों की काउंसलिंग करने, हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के निर्देश दिए गए। संभावित प्रसव तिथि के आधार पर जटिल मामलों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से 7 से 10 दिन पहले ही बर्थ वेटिंग रूम में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि जिले में चिन्हित सभी हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं का शत-प्रतिशत फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए। बीएमओ, सीएचओ और एएनएम साप्ताहिक बैठकों में हाई-रिस्क मामलों की नियमित समीक्षा करें। साथ ही अनमोल और युविन पोर्टल पर समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित डेटा अपडेट किया जाए तथा प्रतिदिन डेटा का विश्लेषण कर कमियों में तत्काल सुधार किया जाए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु जीवन की सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का विषय है। सही समय पर सही कदम उठाकर प्रत्येक जीवन की रक्षा करना ही स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



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सागर कलेक्ट्रेट में 1 अगस्त से बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक, आईएसआई मार्क हेलमेट हुआ अनिवार्य

सागर कलेक्ट्रेट में 1 अगस्त से बिना हेलमेट प्रवेश पर रोक, आईएसआई मार्क हेलमेट अनिवार्य



तीनबत्ती न्यूज: 29 जुलाई 2026

सागर। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार 1 अगस्त 2026 से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नवीन कंपोजिट भवन स्थित कलेक्टर कार्यालय सहित सभी संभागीय एवं जिला प्रमुख कार्यालयों पर लागू होगी। अब दोपहिया वाहन चालक केवल आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनकर ही कार्यालय परिसर में प्रवेश कर सकेंगे।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना हेलमेट कार्यालय परिसर में पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों पर समान रूप से लागू

यह आदेश जिले के सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों पर समान रूप से लागू रहेगा। कलेक्टर ने सभी से शासन के सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

प्रशासन का मानना है कि हेलमेट का नियमित उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से कार्यालय परिसरों में भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।


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सागर में 29 जुलाई को होगा विश्व का सबसे बड़ा माँ राजराजेश्वरी कुमकुमार्चन

विश्व के सबसे बड़े माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन के लिए मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर अपने पूर्ण वैभव में तैयार

• 31 हजार कलश, 15 हजार पूजन थालियों से सजा दिव्य परिसर, 50 हजार श्रद्धालुओं के स्वागत की सभी तैयारियाँ पूर्ण


• 29 जुलाई को सागर में रचा जाएगा इतिहास, परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सान्निध्य में होगा कलियुग का सबसे प्रभावी माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन


तीनबत्ती न्यूज: 28 जुलाई, 2026

सागर। धर्मनगरी सागर कल एक ऐसे ऐतिहासिक आध्यात्मिक महाआयोजन की साक्षी बनने जा रही है, जिसकी भव्यता और दिव्यता देश ही नहीं, विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। 29 जुलाई को मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर में परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के पावन सान्निध्य में विश्व का सबसे बड़ा "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन" आयोजित होगा। इस महाअनुष्ठान की सभी तैयारियाँ अंतिम रूप ले चुकी हैं और पूरा परिसर अपने दिव्य एवं भव्य स्वरूप में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजकर तैयार है।



पूरे आयोजन स्थल को 31 हजार पवित्र कलशों एवं 15 हजार पूजन थालियों से अलंकृत किया गया है। विशाल परिसर में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के बैठने, पूजन करने एवं दर्शन करने की समुचित व्यवस्थाएँ की गई हैं। भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक सजावट, विशाल यज्ञ एवं अर्चन स्थल, सुव्यवस्थित मार्ग, पेयजल, प्रसाद वितरण, चिकित्सा, सुरक्षा और पार्किंग सहित प्रत्येक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा चुका है।


मंगलवार को परम पूज्य श्री रावतपुरा सरकार ने स्वयं आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आयोजन समितियों, वेदाचार्यों एवं सेवकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि देशभर से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित एवं दिव्य वातावरण में माँ राजराजेश्वरी की आराधना का पुण्य लाभ प्राप्त हो सके।


यह माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कलियुग का सबसे प्रभावी लक्ष्मी-प्राप्ति महाअनुष्ठान माना जाता है। शास्त्रों में माँ राजराजेश्वरी को आदिशक्ति एवं समस्त सिद्धियों की अधिष्ठात्री देवी बताया गया है। माँ की कृपा से साधक के जीवन में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, वैभव और लक्ष्मी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिव्य अर्चन में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करने से व्यक्ति के जीवन के अनेक कष्ट, विघ्न एवं बाधाएँ दूर होती हैं तथा आध्यात्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।



धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महाअनुष्ठान कालसर्प दोष सहित विभिन्न प्रकार के ग्रहदोषों के शमन, जीवन की अनेक बाधाओं के निवारण, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। श्रद्धा एवं विश्वास के साथ माँ राजराजेश्वरी की आराधना करने वाले भक्तों पर माँ की विशेष कृपा बरसती है और उनके जीवन में मंगलमय परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।


आयोजन समिति ने बताया कि यह विराट महाअनुष्ठान पूर्णतः निःशुल्क है। इसमें सम्मिलित होने के लिए किसी प्रकार का शुल्क या पंजीयन आवश्यक नहीं है। समाज के हर वर्ग, हर आयु एवं प्रत्येक श्रद्धालु को इस ऐतिहासिक आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया गया है।


आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मंशापूर्ण बालाजी मंदिर परिसर, सागर पहुँचकर माँ राजराजेश्वरी के इस विश्वविख्यात महाअनुष्ठान का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा इतिहास के साक्षी बनें।

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NSD विद्यार्थियों ने मानव संग्रहालय में सीखी ‘अंकीय भावना’ नाट्य परंपरा, हिमालयन विलेज और जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में “अंकीय भावना नाट्य” पर व्याख्यान सुना,मानव संग्रहालय के हिमालयन विलेज एवं जनजातीय संग्रहालय का किया अध्ययन भ्रमण


तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026।

भोपाल :  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला के पाँचवें दिन विविध अकादमिक एवं संग्रहालयीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। दिन का प्रमुख आकर्षण संग्रहालय के सहायक कीपर श्री एन. सकमाचा सिंह द्वारा दिया गया व्याख्यान रहा।


श्री सकमाचा सिंह ने अपने व्याख्यान में “अंकीय भावना” (Ankiya Bhaona) -नाट्य परंपरा का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाट्य विधा  असम की विशिष्ट वैष्णव नाट्य परंपरा है, जिसका मंचन मुख्यतः माजुली नदी द्वीप स्थित वैष्णव सत्रों (सतरा) आश्रम में किया जाता है। व्याख्यान में उन्होंने माजुली नदी द्वीप की सांस्कृतिक विरासत, वैष्णव संप्रदाय की परंपराओं तथा अंकीय भावना नाट्य की संरचना, प्रस्तुति शैली, गायन-वादन, वेशभूषा, संगीत, अभिनय तथा सूत्रधार की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।


व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत रुचि एवं एकाग्रता के साथ विषय को सुना। व्याख्यान के उपरांत आयोजित परिचर्चा में विद्यार्थियों ने अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका श्री सकमाचा सिंह ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय की गहन जानकारी साझा की। संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों के लिए भारतीय पारंपरिक रंगमंच की इस महत्वपूर्ण धरोहर को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया।



कार्यशाला संयोजक श्री राजेंद्र झरिया ने बताया कि NSD के छात्र छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत विद्यार्थियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की हिमालयन विलेज प्रदर्शनी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक जीवन शैली, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन किया। इसके पश्चात उन्होंने संग्रहालय के संरक्षण (कंजर्वेशन) अनुभाग का अवलोकन कर संग्रहालयीय धरोहरों के संरक्षण, पुनर्स्थापन एवं वैज्ञानिक देखभाल की प्रक्रियाओं को निकट से समझा।



दिन के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों ने श्यामला हिल्स स्थित मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समुदायों की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं जीवन-दर्शन को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन किया तथा संग्रहालय की अवधारणा और प्रस्तुति शैली की सराहना की।


संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शैक्षिक भ्रमण एवं कार्यशाला विद्यार्थियों को भारतीय रंग परंपराओं, लोक एवं जनजातीय संस्कृति तथा संग्रहालय विज्ञान के विविध आयामों से परिचित कराने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम का संचालन संग्रहालय के पुस्तकालय प्रभारी डॉ मोहम्मद रेहान ने किया।

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सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने ली अपराध समीक्षा बैठक : अपराध नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण पुलिसिंग पर दिया जोर



तीनबत्ती न्यूज, 28 जुलाई 2026

सागर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की अध्यक्षता में जिले की व्यापक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

एसपी अनुराग सुजानिया ने सभी थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण, गंभीर मामलों की वैज्ञानिक एवं समयबद्ध विवेचना, फरार एवं इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी, स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों की प्रभावी तामील तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संगठित एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी पर भी विशेष जोर दिया।



बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, साइबर अपराधों की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही रात्रि गश्त, कॉम्बिंग गश्त और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

एसपी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत और अपराध को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेते हुए पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा व विश्वास का वातावरण मजबूत करना सागर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए उत्कृष्ट पुलिसिंग, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को और मजबूत करने का आह्वान किया।

फोकस में रहे प्रमुख निर्देश

  • लंबित अपराधों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण।
  • फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी।
  • महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई।
  • साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष फोकस।
  • अवैध शराब, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा के खिलाफ सतत अभियान।
  • रात्रि गश्त और कॉम्बिंग गश्त को और प्रभावी बनाना।
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनसुनवाई शिकायतों का समयबद्ध निराकरण।
  • पीड़ित-केंद्रित, संवेदनशील एवं पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित करना।


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