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दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर सागर में जश्न, शहर और ग्रामीण कांग्रेस ने मनाया विजय उत्सव

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर सागर में जश्न: शहर और ग्रामीण कांग्रेस ने की आतिशबाजी, बांटी मिठाई


तीनबत्ती न्यूज : 3 अगस्त 2026

सागर। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की ऐतिहासिक जीत पर सागर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। जिला शहर कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण ने अलग-अलग स्थानों पर आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी, एक-दूसरे को बधाई दी और कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाए।

जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश जाटव ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व, नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दतिया की जनता को बधाई देते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल एक सीट नहीं, बल्कि जनता का विश्वास भी जीता है। उन्होंने कहा कि सागर से भी अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता दतिया पहुंचकर चुनाव अभियान में दिन-रात जुटे रहे, जिनके परिश्रम का परिणाम यह ऐतिहासिक जीत है।

पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि यह जीत केवल कांग्रेस प्रत्याशी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, जनविश्वास और जनता की आकांक्षाओं की जीत है। दतिया की जनता ने अपने मतदान से स्पष्ट संदेश दिया है कि वह जनहित, विकास और जवाबदेही की राजनीति चाहती है। 

कांग्रेस नेता अमित रामजी दुबे ने कहा कि बूथ स्तर तक प्रत्येक कार्यकर्ता ने अथक मेहनत की, जिसके कारण यह जीत संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि घनश्याम सिंह ने पूरे चुनाव के दौरान जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिसका उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिला।

संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करेंगे। 




वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा के निर्देशन ने मकरोनिया चौराहे पर कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर, मिठाइयां बांटकर और विजय रैली निकालकर जीत का जश्न मनाया।

भूपेंद्र सिंह मुहासा ने कहा कि यह जीत कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की जीत है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने मत से भाजपा की नीतियों का जवाब दिया है और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के विनम्र व्यक्तित्व तथा जनसंपर्क पर भरोसा जताया है।

जिला संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने कहा कि दतिया उपचुनाव की यह विजय आने वाले समय में मध्यप्रदेश में कांग्रेस के लिए नई संभावनाओं का संकेत है।


शहर और ग्रामीण कांग्रेस के कार्यक्रमों में पूर्व विधायक सुनील जैन, पूर्व अध्यक्ष जगदीश यादव, पुरुषोत्तम मुन्ना चौबे, बाबू सिंह बब्बू यादव, सिंटू कटारे, सुरेंद्र सुहाने, संदीप सबलोक, पप्पू गुप्ता, हेमराज रजक, वीरेंद्र राजे, नरेंद्र मिश्रा, राहुल चौबे, आनंद हेला, महेश अहिरवार, पार्षद शिवशंकर गुड्डू यादव, रिचा सिंह, ताहिर खान, रेखा सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ग्रामीण कांग्रेस के कार्यक्रम में आशीष ज्योतिषी, आर.आर. पाराशर, सुरेंद्र सिंह चावड़ा, अवधेश सिंह सिमरिया, सूर्या शुक्ला, अवधेश तोमर, संजय रोहिदास, डॉ. हेमंत लारिया, सीमा कमल चौधरी, अजय अहिरवार, जतिन चौकसे, संदीप चौधरी, रोहित वर्मा, जय पाराशर एवं अन्य कार्यकर्ता भी शामिल रहे।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: विस्थापन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश, प्रमुख सचिव (वन) ने की समीक्षा

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व: विस्थापन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश, प्रमुख सचिव (वन) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के गांवों के विस्थापन, पुनर्वास और मुआवजा कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल एवं वन-राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित

तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त 2026

सागर। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले गांवों के विस्थापन कार्य को समयसीमा में पूरा करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को प्रमुख सचिव (वन) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शेष बचे गांवों के विस्थापन, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन, मुआवजा वितरण और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शेष बची विस्थापन प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही प्रभावित ग्रामीणों को देय मुआवजा, पुनर्वास पैकेज तथा कट-ऑफ डेट के निर्धारण से संबंधित लंबित प्रस्तावों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

रहली और देवरी के गांवों पर विशेष चर्चा

बैठक में तहसील रहली एवं देवरी के अंतर्गत आने वाले प्रभावित गांवों, जिनमें ग्राम मुहली, भरई, पटना मुहली सहित अन्य गांव शामिल हैं, के पुनर्वास, मुआवजा राशि वितरण तथा कट-ऑफ डेट के पुनरीक्षण से जुड़े प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में बची हुई परिसंपत्तियों का त्वरित एवं सटीक मूल्यांकन किया जाए। परीक्षण पूर्ण होने के बाद प्रस्तावों को बिना विलंब वरिष्ठ कार्यालय भेजा जाए, ताकि स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं मुआवजा पैकेज निर्धारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों की आयु एवं पात्रता का निर्धारण दाखिला पंजी तथा अन्य आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर किया जाए, जिससे किसी भी पात्र व्यक्ति का अधिकार प्रभावित न हो।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में वन मंडल अधिकारी रजनीश सिंह, भू-अर्जन अधिकारी, एसडीएम देवरी मुनव्वर खान, एसडीएम रहली कुलदीप पाराशर सहित वन विभाग के एसडीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विस्थापन कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।

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IMR कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की विशेष बैठक, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी पर सख्त निर्देश

सागर: मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल की बड़ी पहल, जिला अस्पताल-BMC और स्वास्थ्य अमले की संयुक्त समीक्षा

कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में सागर में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। जिले में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को न्यूनतम स्तर पर लाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहली बार जिला चिकित्सालय, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) और स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु के कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन वास्तविक कारणों की पहचान करना है जिनके चलते मरीज प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर होकर जिला अस्पताल या बीएमसी पहुंचते हैं और बाद में मातृ अथवा शिशु मृत्यु के मामलों में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप (Timely Intervention) सुनिश्चित किया जाए।

गंभीर एनीमिया और हाई ब्लड प्रेशर बने प्रमुख कारण

समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश मातृ मृत्यु के मामलों में गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया तथा गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप (Pregnancy Induced Hypertension) की समस्या पाई गई। इसके अलावा हेपेटिक फेलियर, पोस्टपार्टम हैमरेज, एक्लेम्पसिया और प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताएं भी प्रमुख कारण रहीं।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित ब्लड प्रेशर (BP) और हीमोग्लोबिन (HB) जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा जोखिम वाले मामलों की लगातार निगरानी रखी जाए।

हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी बर्थ मैपिंग

बैठक में निर्णय लिया गया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की बर्थ मैपिंग की जाएगी। संभावित प्रसव तिथि से 7 से 15 दिन पहले ऐसी महिलाओं को संबंधित अस्पताल के बर्थ वेटिंग एरिया में भर्ती कराया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके।

इसके साथ ही आशा, एएनएम, सीएचओ और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने तथा परिवार को भी निर्धारित अस्पताल की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर बोले— हाई-रिस्क मां तो बच्चा भी हाई-रिस्क

बैठक में बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि यदि मां हाई-रिस्क गर्भवती है तो उससे जन्म लेने वाला शिशु भी हाई-रिस्क श्रेणी में आता है। इसलिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान उचित चिकित्सकीय प्रबंधन से समय पूर्व प्रसव और नवजात जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

नवजात मृत्यु के कारणों की भी हुई समीक्षा

आईएमआर की समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश शिशु मृत्यु जन्म के बाद पहले 28 दिनों (नियोनेटल पीरियड) में हो रही हैं। इसके प्रमुख कारण समय से पहले जन्म (Prematurity) और जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी (Birth Asphyxia) पाए गए।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी गर्भवती महिलाओं की चारों एएनसी जांच समय पर कराई जाए, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक दवाओं का नियमित सेवन सुनिश्चित कराया जाए तथा समय से पहले प्रसव रोकने के लिए हाई-रिस्क मामलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए।

डेथ ऑडिट केवल औपचारिकता नहीं बने

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैटरनल डेथ रिव्यू (MDR) और चाइल्ड डेथ रिव्यू (CDR) पूरी गंभीरता के साथ किए जाएं। फॉर्म-1 से फॉर्म-6 तक की सभी जानकारी पारदर्शिता के साथ भरी जाए तथा बीएमसी, जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय की संयुक्त टीम नियमित ऑडिट कर कमियों को दूर करे।

बीएमओ को मैदानी अमले की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम, आशा सुपरवाइजर और सीएचओ के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। डेटा एंट्री की गुणवत्ता, समयबद्धता और चिन्हांकन की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।

प्रसव के बाद भी होगी विशेष निगरानी

कलेक्टर ने कहा कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की देखभाल उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी गर्भावस्था के दौरान जांच। आशा और एएनएम प्रसूता के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करें, आवश्यक परामर्श दें और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का रिकॉर्ड अपडेट रखें।

उन्होंने अनमोल 2.0 पोर्टल पर वास्तविक समय में डेटा अपडेट करने, असुरक्षित डिलीवरी पर नजर रखने तथा नियमित टीकाकरण अभियान को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश भी दिए।

"समन्वय से बचाई जा सकती है हर जान"

बैठक के अंत में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि यदि मैदानी स्वास्थ्य अमला और विशेषज्ञ डॉक्टर मिलकर काम करें तो मातृ एवं शिशु मृत्यु के अधिकांश मामलों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे ताकि जिले में एक भी मां या नवजात की असमय मृत्यु न हो।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, बीएमसी डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया, सिविल सर्जन डॉ. आर.एस. जयंत सहित बीएमसी, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे।

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BMC सागर में शोध कौशल पर कार्यशाला: प्रोफेसरों ने सीखी रिसर्च मेथडोलॉजी, AI और वैज्ञानिक लेखन की बारीकियां

प्रोफेसरों ने सीखीं रिसर्च की बारीकियां: बीएमसी में शोध कौशल संवर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

"बीएमसी सागर में शोध कौशल संवर्धन कार्यशाला में शामिल डीन, विशेषज्ञ वक्ताओं और संकाय सदस्यों का समूह चित्र।"


तीनबत्ती न्यूज: 03 अगस्त, 2026

सागर। चिकित्सा शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MDRU) द्वारा 1 अगस्त 2026 को स्किल लैब में "Strengthening Research Skills for Faculties" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य संकाय सदस्यों के शोध कौशल को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, वैज्ञानिक लेखन और शोध परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करना था।

बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।

विशेषज्ञों ने शोध के विभिन्न पहलुओं पर किया मार्गदर्शन

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। इसके बाद विशेषज्ञ वक्ताओं ने शोध से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

  • डॉ. तपस चकमा ने Fundamentals of Health Research, Research Methodology, Study Design तथा Scientific Writing पर व्याख्यान दिया।
  • डॉ. नवीन कांगो ने शोध एवं वैज्ञानिक प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटबॉट्स के जिम्मेदार उपयोग, उनकी सीमाओं तथा आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।
  • भोपाल से आए डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने Ethical Writing, Informed Consent तथा MDRU की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
  • डॉ. आकांक्षा तोमर ने Sample Size Calculation, Data Collection, Review of Literature तथा Reference Management (Mendeley एवं Zotero) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
  • एम्स भोपाल से आए डॉ. संजीव कुमार ने सही जर्नल चयन, शोध पत्र प्रकाशन की प्रक्रिया और Plagiarism (साहित्यिक चोरी) से बचाव के उपाय बताए।

उच्च गुणवत्ता वाले शोध को मिलेगा बढ़ावा

डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने कहा कि कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक और उपयोगी रही। इससे संकाय सदस्यों को बेहतर शोध पत्र, शोध परियोजनाएं और गुणवत्तापूर्ण शोध थीसिस तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर जोर दिया।

आधुनिक शोध तकनीकों से कराया परिचय

मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार नए शोध और तकनीकें सामने आ रही हैं। ऐसे में संकाय सदस्यों को आधुनिक शोध पद्धतियों, वैज्ञानिक लेखन और एआई जैसे नए माध्यमों से परिचित कराने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई। इससे मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च कल्चर को बढ़ावा मिलेगा और अंततः चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों की देखभाल भी और बेहतर होगी।

सफल आयोजन में इनका रहा योगदान

कार्यशाला का आयोजन एमडीआरयू की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता भटनागर के मार्गदर्शन तथा सह-नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के सहयोग से किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं में रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. नीतू मिश्रा, डॉ. सौम्या सक्सेना, डॉ. पूजा सिंह तथा टेक्निकल टीम के सिद्धांत पांडे, सृष्टि पटेल और तरुण श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं विशेषज्ञ वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

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सागर में संकल्प फाउंडेशन का पौधरोपण अभियान जारी, संस्कृत विद्यालय में लगाए 30 फलदार पौधे

संकल्प फाउंडेशन का पौधरोपण अभियान जारी:  संस्कृत विद्यालय में लगाए फलदार पौधे


तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। संकल्प फाउंडेशन का 11 हजार वृक्षारोपण अभियान जनभागीदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण को समर्पित इस हरित अभियान के तहत रविवार को अंबेडकर वार्ड स्थित संस्कृत विद्यालय परिसर में 30 फलदार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही फाउंडेशन द्वारा लगाए गए पौधों की संख्या बढ़कर 1,560 हो गई है।

इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष  रिशांक तिवारी ने कहा कि हरित सागर का संकल्प, आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन की शुरुआत से ही पर्यावरण संरक्षण उसकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इसी सोच के साथ 11 हजार वृक्षारोपण अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें समाज के हर वर्ग का सहयोग लगातार मिल रहा है।



कार्यक्रम में उपस्थित संस्कृत विद्यालय के  ज्वाला प्रसाद रिछारिया ने कहा कि विद्यालय परिसर में फलदार पौधे लगाना विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने की सार्थक पहल है। उन्होंने संकल्प फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ उन्हें प्रकृति संरक्षण का व्यावहारिक संदेश भी देते हैं।

इस दौरान अभियान से जुड़े संकल्प फाउंडेशन के सदस्य कार्तिक जाटव ने कहा कि यह अभियान युवाओं को सकारात्मक सामाजिक कार्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं से इस मुहिम का हिस्सा बनने का आह्वान किया। वहीं अपने विचार व्यक्त करते हुए संकल्प फाउंडेशन के सदस्य मोनू लारिया ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाना है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हरियाली बढ़ाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।

ये रहे शामिल

पौधारोपण अभियान में दीपेश मिश्रा, शुभम नामदेव, स्वराज उपाध्याय, नीरज करोसिया, सोनिल पाठक, कमलेन्द्र (अन्नू) जाटव, रत्नेश जाटव, भास्कर मुखरिया, अनुराग तिवारी, सजल जैन, शौर्य भाट, हुकुम सिंह जाट, अजीत पाल जाट, मनीष सर्वईया, कमलेश जाट, प्रेम नारायण, अंशु जाटव, प्रतीक जाटव, शुभम जाटव, योगेश जाटव, नितिन जाटव, हरीश जाटव, जशवंत जाटव, पंकज जाटव, निखिल जाटव एवं कपिल जाटव सहित बड़ी संख्या में संकल्प फाउंडेशन के सदस्यों ने सहभागिता निभाई।

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गृह निर्माण मंडल की कॉलोनियों से शहर का होगा सुनियोजित विकास एवं विस्तार : गोविंद राजपूत • सागर में 14.27 एकड़ में विकसित होगी कालोनी, 167 मकान और 94 प्लॉट

गृह निर्माण मंडल की कॉलोनियों से शहर का होगा सुनियोजित विकास एवं विस्तार : गोविंद राजपूत

• सागर में 14.27 एकड़ में विकसित होगी कालोनी, 167 मकान और 94 प्लॉट


तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित की जा रही मंगल विहार धर्मश्री कॉलोनी सागर शहर के सुनियोजित विकास और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह कॉलोनी आम नागरिकों को बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराएगी।

रविवार को धर्मश्री कॉलोनी स्थित संविधान चौक के समीप आयोजित भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में भूमि पूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष ओम जैन ने की।

मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि गृह निर्माण मंडल द्वारा आम लोगों को किफायती दरों पर मकान और विकसित आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवार भी अपने घर का सपना पूरा कर सकेंगे।

मंत्री ने गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष ओम जैन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मंडल की जनहितकारी आवासीय योजनाओं को नई गति मिली है और भविष्य में प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसी आधुनिक कॉलोनियां विकसित की जाएंगी।

18 माह में तैयार होगी आधुनिक कॉलोनी

मंडल के अध्यक्ष ओम जैन ने बताया कि मंगल विहार धर्मश्री कॉलोनी 14.27 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना को 48.37 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति तथा 35.78 करोड़ रुपये की तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। आगामी 18 माह में सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आधुनिक एवं सुव्यवस्थित कॉलोनी तैयार कर दी जाएगी।

167 मकान और 94 विकसित प्लॉट होंगे उपलब्ध

परियोजना के तहत कुल 167 आवासीय भवन बनाए जाएंगे, जिनमें 49 एमआईजी-ए, 54 एमआईजी-बी, 31 एलआईजी-ए और 33 ईडब्ल्यूएस-बी श्रेणी के मकान शामिल हैं। इसके अलावा 94 विकसित आवासीय प्लॉट भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें 11 एमआईजी-ए, 33 एमआईजी-बी, 25 एलआईजी-ए और 25 ईडब्ल्यूएस-बी श्रेणी के प्लॉट होंगे। इनकी कीमतें आम नागरिकों की पहुंच के अनुरूप रखी जाएंगी।

ओम जैन ने कहा कि यदि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो भविष्य में इसी प्रकार की आधुनिक एवं सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां भी विकसित की जाएंगी। कार्यक्रम को भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने भी संबोधित किया।

ये रहे शामिल

इस अवसर पर मेघा दुबे, पूर्व महापौर अभय दरे, संजीव दुबे, निकेश गुप्ता, विशाल खटीक, नीरज यादव, अनीता अहिरवार, चेतराम अहिरवार, नीलम अहिरवार, मनीष चौबे, विक्रम सोनी, देवेंद्र फुसकेले, अनुराग प्यासी, धर्मेंद्र खटीक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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सागर: वाटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए 12वीं के छात्र की डूबने से मौत, SDRF और पुलिस ने निकाला शव

सागर: वाटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए 12वीं के छात्र की डूबने से मौत, SDRF और पुलिस ने निकाला शव


तीनबत्ती न्यूज:02 अगस्त, 2026

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित सरईवन वाटरफॉल पर रविवार को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए 17 वर्षीय छात्र की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्चिंग अभियान चलाया और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को गहरे पानी से बरामद किया। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुआरखास निवासी 17 वर्षीय ललित साहू रविवार को अपने चार दोस्तों के साथ सरईवन वाटरफॉल पर पिकनिक मनाने गया था। वाटरफॉल पहुंचने के बाद सभी दोस्त पानी में उतरकर नहाने लगे। नहाते समय अचानक पत्थर से ललित का पैर फिसल गया, जिससे वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में चला गया।

देखते ही देखते ललित पानी में डूबने लगा। साथी दोस्तों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वे उसे नहीं बचा सके।

घंटों चली सर्चिंग, SDRF ने निकाला शव

घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। शुरुआत में स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक पानी में छात्र की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस, स्थानीय प्रशासन और SDRF की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घंटों की मशक्कत के बाद ललित के शव को बाहर निकाला गया।

सरस्वती शिशु मंदिर का छात्र था मृतक

मृतक ललित साहू सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में कक्षा 12वीं का छात्र था। महाराजपुर थाना प्रभारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सरईवन वाटरफॉल में डूबने से एक नाबालिग छात्र की मौत हुई है। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है

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सागर में विशेष मोबाइल कोर्ट: 110 वाहन चालकों पर कार्रवाई, ₹1.30 लाख से अधिक का समन शुल्क वसूला

सागर में विशेष मोबाइल कोर्ट: 110 वाहन चालकों पर कार्रवाई, ₹1.30 लाख से अधिक का समन शुल्क वसूला



तीनबत्ती न्यूज: 02 अगस्त, 2026

सागर। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को जिला न्यायालय सागर के न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में विशेष वाहन चेकिंग अभियान और मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 110 वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए ₹1,30,700 का समन शुल्क वसूला गया।

यह विशेष अभियान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) श्रीमती नेहा बंसल, रजिस्ट्रार एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) श्री प्रीतम बंसल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री रोहित शर्मा तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती शिखा चतुर्वेदी की उपस्थिति में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में यातायात पुलिस द्वारा सिविल लाइन चौराहा स्थित पम्मा साहू कॉम्प्लेक्स के सामने चलाया गया।



इन उल्लंघनों पर हुई कार्रवाई

मोबाइल कोर्ट के दौरान ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिन्होंने अपने वाहनों में अनधिकृत रूप से सायरन, हूटर, लाल-नीली बत्ती, ब्लैक फिल्म, वीआईपी स्टिकर और अवैध साइलेंसर लगाए थे। इसके अलावा बिना आवश्यक दस्तावेज, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी मोटरयान अधिनियम के तहत चालान किए गए।

110 वाहनों पर कार्रवाई, ₹1.30 लाख से अधिक का जुर्माना

विशेष वाहन चेकिंग अभियान में कुल 110 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ₹1,30,700 का समन शुल्क वसूला गया। साथ ही वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा वाहनों में किसी भी प्रकार के अनधिकृत संशोधन नहीं कराने की समझाइश भी दी गई।

एसपी ने की नियमों के पालन की अपील

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी प्रकार नियमित और प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवस्था के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।


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