शनिवार, 29 फ़रवरी 2020

कपिल धारा का कुआँ बना कागजो में ,अदालत ने दिए कार्यवाही के निःर्देश

कपिल धारा का कुआँ बना कागजो में ,अदालत ने दिए कार्यवाही के निःर्देश
सागर । सागर जिले के रहली के ग्राम पंचायत बरोदा  में हुई बढी धाधली भ्रष्टाचार किसान का कपिल धारा योजना का कुंआ गायब हो गया। किसान ने  उच्च न्यायालय की शरण ली ।  उच्च न्यायालय ने दिये दो माह में प्रकरण के संबंध में निराकरण के निर्देश जिला कलेक्टर न्यायालय ने किये है। 
मीडिया को एडवोकेट दीपक पौराणिक और पीड़ित राजबहादुर सिंह ने आज मीडिया को पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 
न्यायालय कलेक्टर जिला सागर म0प्र0 के प्रकरण क्र. 0298/बी 121/2017-18 ग्राम बरोदा के राजबहदुर सिहं विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन के मामले में दिये आदेश के अनुपालन में आवेदन स्वीकार कर मुख्य कार्यपालन अधीकारी जिला पंचायत सागर की ग्राम पंचायत बरोद रहली के पंचायत के कौन से सदस्य/सरपंच/सचिव/ग्राम रोजगार सहायक/ उत्तरदायी है, तथा जनपद पंचायत स्तर पर कौन अधिकारी उत्तरदायी है उनके विरूद्ध वैधानीक कार्यवाही हो ।
प्रकरण इस प्रकार 

 राजबहादुर सिंह पिता श्री जगतसिंह ग्राम बरोदा रहली ने माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्र. 1020/2018 लगाई गई माननीय उच्च न्यायालय में 20.04.2018 को आदेश/निर्देष दिया की जिलाधीश सागर  दो माह के समय में कार्यवाही करे तथा आवेदक के द्वारा अधिवक्ता के माध्यम से जिला कलेक्टर महोदय की न्यायालय में मय दस्तावेजो के लगाया गया ।उक्त प्रकरण में आवेदक राजबहादूर सिंह ने अपनी खेती सिंचित करने के लिए खसरा क्र. 61 पर कपिल धारा योजना के अंतर्गत आवेदन किया लेकिन कार्यलायों से ज्ञात हुआ की उस स्थान पर उपरोक्त योजना का कूप बना दिया गया है एवं राशि का भी भुगतान हो चुका है।  तब किसान राजबहादूर सिंह ने सूचना के अधिकार के माध्यम से जब दस्तावेज प्राप्त किये तो पाया की उसके फर्जी एवं झूठे दस्तावेज बनाकर झूठे हस्ताक्षर कर एवं झूठा मस्टर बनाकर यहां तक की मृत व्यक्तियों के खातें में मजदूरी का पैसा भेज कर उस कुऐं की राशि तक भूगतान हो चुका है। तब आवेदक ने जिला पंचायत, कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई तब आवेदन ने अधिवक्ता के माध्यम से  उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिसमें मान. उच्च न्याय. ने आदेशानंुसार जिला कलेक्टर सागर की कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत किया प्रकरण के आदेश में जिला कलेक्टर महोदया ने यह लिखा है कि खसरा क्र. 61 पर जिसका रकवा 2.50 है उस पर कोई कुआ नहीं है, तथा ग्राम पंचायत की संपूर्ण कार्यवाही संधिग्ध पाई जाती है और जिला पचायंत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निदेशित किया कि इस में कौन कौन उत्तरदायी है और संबंधितो पर वैधानिक कार्यावाही करे।
 उक्त प्रकरण में आवेदक राजबहादुर सिंह की ओर से अधिवक्ता दीपक पौराणिक ने पैरवी की।

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