अभियोजन अधिकारियों की साग़र संभाग की एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

सोमवार, 30 मार्च 2020

लॉक डाऊन मे सागर में फंसे मजदूरो से कराया जबरन कार्य,खाने को मुहताज,घर पैदल जाने की तैयारी, मौके पर पहुचा प्रशासन

लॉक डाऊन सागर मे फंसे मजदूरो से कराया  जबरन  कार्य,खाने को मुहताज,घर पैदल जाने की तैयारी, मौके पर पहुचा प्रशासन
#झारखंड ,उत्तरप्रदेश और एमपी के 40 मजदूर  फंसे,जरुआखेड़ा में 

सागर। लाकडाउन में भी मजदूरो से जबरन काम कराने और समय पर खाने  पीने की व्यवस्था नही करने जैसे मामले भी सामने आ रहे है। मामला एमपी के  सागर जिले का है। 
यहां सागर -बीना रोड का निर्माण कार्य तोमर बिल्डर्स कम्पनी के द्वारां कराया जा रहा है। जरुआखेड़ा में इसके धसान नदी पर पुल का  निर्माण कार्य चल रहा है।  जहां लॉक डाउन मे झारखंड, बिहार,छतरपुर के लगभग 40मजदूर फंसे हुऐ है। जो अब अपने घर वापिस लोटना चाहते हैं । एक राहगीर ने जब मजदूरो को देखा तो उनके खाने पीने की मौके पर व्यवस्था भी की।
ऐसे मे कम्पनी के द्वारा इन लोगो को कोई मदद नही दी जा रही  हैै। यहां धसान नदी के पुल पर कार्य कर रहें  मजदूरो ने बताया की,कोरोना बीमारी के चलते सोशल डिसटेंस बनाना और लॉक डाउन चल रहा । जिसमें एक दो मीटर की दूरी बनाकर मजदूरो द्वारा काम किया  जा रहा।

पढ़े: आपदा से निपटने पूर्व विधायक राठौर परिवार ने की करीब छह लाख की मदद

जबरन कराया जा रहा है काम
जरुआखेड़ा में पुल का कार्य करा रहे उत्तरप्रदेश के बनारस के भवनाथ त्रिपाठी ने  कम्पनी  के मैनेजर एम ललित पर आरोप लगाते हुऐ बताया की कम्पनी के पी एम ललित द्वारां जबरजस्ती कार्य कराया जा रहा है । हम लोगो ने कार्य करने का मना किया की कोई घटना घट ती है तो कौन होगा जिम्मेदार तो मैनेजर  ने हाथ खडे करते हुआ कहां की ना हम जिम्मेदार है ना कम्पनी।और बताया की घर जाने के लिए भी कम्पनी के द्वारां कोई वाहन नही कराया जा रहा,और वेतन भी नही दिया जा रहा,हमारे पास खाने का समान कुछ दिनोके  लिए ही बचा है और पैसे भी खत्म हो गऐ,अब हम लोग ऐसे हालात मे क्या करेगे।
घर जा रहे है हम काम छोड़कर कम्पनी नही कर रही मदद
वही पुल का निर्माण कर रहे दूसरे केम्प के मजदूर अजय कुमार प्रजापति ने बताया की,हम लोगो से कम्पनी मे समान जमा करने तो कहा गया है और कम्पनी ने सामान लेने गाडी भी है,लेकिन हम लोगो को छतरपुर के लवकुशनगर में घर जाना है।  जहां कम्पनी ने  गाडी का मना कर दिया। यहां खाने को भी कुछ नही बचा,अब हम लोग सामान जमा करने के बाद पैदल ही छतरपुर निकलेगें।

कम्पनी वालो से बात की है :DSP अर्चना रावत
मौके पर  नरयावली थाना पुलिस और परिवीक्षाधीन डीएसपी अर्चना रावत से बात की तो उन्होने बताया की मौके पर मजदूरो से जानकारी ली है और कम्पनी के पी एम ललित से इन लोगो को खाने पीने और घर जाने की ववस्था करने कहां गया है। 
★तीनबत्ती न्यूज़. कॉम  ★ 94244 37885

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें


नौरादेही अभ्यारण : प्रभावित लोगों का शत-प्रतिशत होगा विस्थापन : कलेक्टर

Archive