गुरुवार, 10 मार्च 2022

रहस मेला का आयोजन लोककला और संस्कृति को जीवित रखने का सार्थक प्रयास : राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल★ जनजातीय संग्रहालय शुरू होगा : मंत्री गोपाल भार्गव ★ तीन दिवसीय रहस मेला और आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ

  

रहस मेला का आयोजन लोककला और संस्कृति को जीवित रखने का सार्थक प्रयास : राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल

★ जनजातीय संग्रहालय शुरू होगा : मंत्री गोपाल भार्गव

 ★ तीन दिवसीय रहस मेला और आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ

सागर । राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल ने आज सागर जिले के गढ़ाकोटा में वर्षों से आयोजित हो रहे रहस लोकोत्सव मेला और विशाल आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ करने के बाद कहा कि मेले लोक कला और संस्कृति को जीवित रखने का सार्थक प्रयास है। इस दिशा में रहस मेला का आयोजन एक सराहनीय पहल है । उन्होंने कहा कि रहस मेले जैसे आयोजन से युवा पीढ़ी तो लोक संस्कृति से परिचित होती  ही है, साथ ही हमारी संस्कृति, सभ्यता और परंपरा भी संरक्षित होती है ।  शुभारंभ कार्यक्रम में
आयोजक  लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, खनिज साधन और श्रम मंत्री श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, श्री गौरव सिरोठिया, संभागायुक्त श्री मुकेश शुक्ला, आईजी श्री अनुराग, कलेक्टर श्री  दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक श्री तरुण नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।



राज्यपाल ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री द्वारा  गढ़ाकोटा में आयोजित रहस लोकोत्सव से  जनजातीय समाज को शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी अनुकरणीय पहल है ।  क्षेत्र के विकास के साथ ही बुंदेली परंपरा को सहेज कर रखना अकल्पनीय कार्य है, इसके लिए श्री भार्गव साधुवाद के पात्र है  । राज्यपाल श्री पटेल ने गढाकोटा को साधु-संतों सहित स्वतंत्रता सेनानियों का गढ़ भी बताया ।   उन्होंने कहा कि लोकोत्सव मेला प्रारंभ  कर  सागर क्षेत्र का विकास एवं बुंदेली परंपराओं को सहेज कर उसको आगे बढ़ाना अनुकरणीय कार्य है  ।  सभी को विशेषकर इस वर्ग के युवाओं को रहस मेले के माध्यम से जनजातीय समाज के व्यक्तियों को शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना चाहिये ।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि अपने कुल की वीर बलिदानियों को याद रखने के लिए यह मेला यादगार साबित होगा ।उन्होंने कहा कि महारानी दुर्गावती, शंकर शाह,  रघुनाथ शाह,  तात्या भीम , भीमा नायक सहित अनेक ऐसे बलिदानी रहे जिनको आज हमें याद रखना होगा।  श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार  जो कार्य कर रही हैं, उसके माध्यम से जनजातीय समाज अवश्य आगे बढ़ेगा । उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता कैसे प्राप्त हुई इसकी जानकारी देने के लिए हमें प्रयास करने होंगे ,जिससे आज की नई पीढ़ी स्वतंत्रता की महत्ता को समझ सके । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनेक  लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश की जनता को लाभान्वित किया जा रहा है । उन्होंने चूल्हे से निकलने वाले वाले धुएं  की पीड़ा को समझते हुए उज्जवला योजना बनाई और आज हमारी माताएं- बहने सभी गैस के माध्यम से खाना तैयार कर रही हैं । श्री मंगू भाई पटेल ने कहा कि संस्कृति और लोककला के इस मेले में जो व्ययस्थाएँ की गई हैं ,उसके लिए वे श्री गोपाल भार्गव एवं उनके सुपुत्र श्री अभिषेक भार्गव को मैं बधाई देता हूं । राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए जा रहे ,वे  सराहनीय है । बेहतर योजनाओं   के माध्यम से ही आज जनजातीय समाज को मूल धारा से जोड़ने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है ।उन्होंने गुजरात की वन बंधु कल्याण योजना के बारे में भी बताया ।

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का  जो नारा दिया गया है, उसका हमें अक्षरशः  पालन करना होगा । सर्वप्रथम हमें  बेटी को बचाना है उसके बाद उसको पढ़ाकर आगे बढ़ाना होगा । उन्होंने समस्त लोगों से अपील की कि अपनी बेटियों को खूब बढ़ाएं और आगे बढ़ाएं । उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल मंत्र सबका साथ, सबका विकास है । इसी के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार कार्य कर रही हैं । उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उनके बच्चों में  सिकल सेल एनीमिया बीमारी होती हैं, किंतु उनकी जांच नहीं हो पाती । इसके लिए  समस्त आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य  केंद्रों व स्कूलों  में जांच होनी चाहिए ।

इस अवसर पर  लोक निर्माण मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने  लोगों से कहा कि रहस लोकोत्सव मेला में आनंद के साथ शासन की लोक कल्याणकारी योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें । उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एक आयोजन और होगा ,जिसमें मैं क्षेत्र की कन्याओं की पैर पखारूँगा । उन्होंने कहा कि हमें अपने उन वीर बलिदानियों को हमेशा याद रखना चाहिए ,जिनके कारण आज हम इस मुकाम पर हैं । उन्होंने कहा कि 214 वर्ष पुराने इस रहस मेले को सहेज कर रखने में सभी का सहयोग मिल रहा है ।
उन्होंने बताया कि   इस क्षेत्र के  आदिवासी बहुल क्षेत्र में शीघ्र ही  जनजातीय संग्रहालय प्रारंभ किया जाएगा । साथ ही रानी दुर्गावती ,शंकर शाह ,रघुनाथ शाह की प्रतिमाएं भी स्थापित होंगी।  श्री भार्गव ने  जनजातीय समाज का आव्हान किया कि वे जागरूक और  उत्साहपूर्वक  अपने बच्चों को पढ़ाएं और  किसी भी स्थिति में उनसे मजदूरी न कराएं । उन्होंने  बताया कि मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से संबल कार्ड के तहत सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु होने पर 4 लाख , प्रसूति के समय 16 हजार, कफन- दफन के लिए 5 हजार एवं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विवाह के लिए 51 हजार रुपए की राशि सहित अन्य प्रकार के लाभ  लगातार प्रदान किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शीघ्र ही पुनः क्षेत्र में कन्यादान महोत्सव का आयोजन होगा । उन्होंने कहा कि इस मेले में शत प्रतिशत संबल कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड अवश्य बनावएं ।  आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निशुल्क 5 लाख तक का निःशुल्क इलाज किया जाता है  ।

मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि जनजातीय परिवार के लिए जन जागरण कर आगे बढ़ाने का कार्य भी किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि रहली - गढ़ाकोटा क्षेत्र के समस्त घरों  एवं आदिवासियों बहुल क्षेत्र में भी प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल  उपलब्ध करवाया जायेगा । उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए आपचन्द ,कैथ  सहित अन्य परियोजनाएं भी प्रारंभ की गई हैं । उन्होंने कहा कि रहस मेले में दिव्यांग प्रमाण पत्र के साथ हितग्राही को उपकरण भी प्रदान किए जा रहे ।  दिव्यांग भाई- बहन अपने आप पर बोझ न समझे हम शीघ्र ही उनको इंजन लगी ट्राई साईकिल भी प्रदान करेंगे। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि रहस मेला के माध्यम से जंगलों में निवास करने वाले वनवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने का जो अभियान प्रारंभ किया गया है उससे समस्त जनजातीय बंधुओं को समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा।

खनिज साधन मंत्री श्री ब्रजेन्द्र  प्रताप सिंह ने कहा कि गढ़ाकोटा साधु संतों का ही नही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का  भी गढ़ रहा है । उन्होंने कहा कि मंत्री श्री भार्गव और श्री अभिषेक भार्गव के द्वारा जो प्राचीन एवं बुंदेली परंपरा को सहेज कर आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है, वह अद्भुत व अनुकरणीय है । उन्होंने कहा कि हमारे मांगलिक कार्यक्रमों में जो बुंदेली गीत गाए जाते हैं उसके सामने आज के आधुनिक गीत की कोई कीमत नहीं है । 
उन्होंने कहा कि गढ़ाकोटा में शीघ्र ही प्रसिद्ध कथा वाचक राजेंद्र दास जी की कथा भी आयोजित होगी । उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में गढ़ाकोटा बसारी एवं हटा में प्राचीन संस्कृति को बचाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह सराहनीय है ।  श्री सिंह ने कहा कि पुरानी परंपरा, व्यंजनों एवं संस्कृति को सहेज कर जो कार्य इस मेले के माध्यम से किया जा रहा है, वह अवश्य ही मील का पत्थर साबित होगा ।

प्रारंभ में राज्यपाल श्री  मंगु भाई पटेल ने मंत्रीद्वय श्री गोपाल भार्गव एवं  श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ गणेश पूजन किया । उन्होंने राजा मर्दन सिंह जूदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया ।  जनजातीय समुदाय के   गणमान्य नागरिकों द्वारा श्री मंगु भाई पटेल का स्वागत किया गया । श्री गोपाल भार्गव द्वारा राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल का शाल, श्रीफल एवं श्री गणेश की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया ।  श्री अभिषेक भार्गव द्वारा स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया । श्री अभिषेक भार्गव ने कहा कि आज रहस मेला के प्रथम दिन आदिवासी सम्मेलन आयोजित कर जनजातीय समाज को शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने  के साथ ही उसकी  जानकारी प्रदान की जाएगी । कार्यक्रम के अंत में आभार आदिवासी नेता श्री धैर्य प्रताप सिंह गोंड  ने माना ।  कार्यक्रम का  संचालन डॉक्टर अरविंद जैन एवं श्री विक्की जैन ने किया । रहस मेला में विभिन्न शासकीय विभागों की ओर से स्टॉल एवं  उत्पादों  की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी ।



कलेक्टर और सीईओ ने गढ़ाकोटा रहस मेला  में विभिन्न विभागों की स्टाल का अवलोकन किया

 रहस लोकोत्सव एवं विशाल सांस्कृतिक सम्मेलन स्थल पर विभिन शासकीय विभागों  द्वारा लगाई गईं  स्टॉल का कलेक्टर श्री दीपक आर्य और जिला पंचायत के सीईओ श्री क्षितिज सिंघल ने अवलोकन किया। इन स्टॉल पर विभागों तथा स्व-सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। कलेक्टर  श्री आर्य ने स्टॉल पर प्रदर्शित सामग्री को देखा तथा हितग्राहियों व कर्मचारियों से चर्चा की। कई विभागों के द्वारा हितग्राहियों की सुविधा के लिए स्थल पर ही आयुष्मान,बीपीएल, राशन आदि कार्ड बनाने की व्यवस्था भी की गई है।

  प्रदर्शनी स्थल  पर स्वास्थ्य, वन, आयुष, स्कूल शिक्षा, खाद्द एवं नागरिक आपूर्ति,राष्ट्रीय आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उद्धानिकी, कृषि, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, जल जीवन  मिशन,श्रम, माटी कला बोर्ड,जिला केंद्रीय सहकारी बैंक आदि की ओर से स्टॉल लगाए गए है।

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