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एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव का फैसला

एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव ने दिए खाद्य सुरक्षा के सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में बैन किया एनालॉग पनीर

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे। 

बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।सरकार के अनुसार बाजार में दूध से बने पारंपरिक पनीर के स्थान पर सस्ते एनालॉग पनीर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

होटल, मिठाई दुकानों और डेयरी में होगी जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, मिठाई की दुकानों, डेयरी, रेस्टोरेंट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में जांच अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान एनालॉग पनीर पाए जाने पर नमूने लिए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को आम तौर पर असली पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक तरीके से केवल दूध को फाड़कर तैयार किए गए पनीर से अलग होता है।

इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में वनस्पति या पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन, केसिन, स्टार्च, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। खाद्य उद्योग में इसका इस्तेमाल कुछ फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर

असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, वसा और कैल्शियम प्रमुख पोषक तत्व होते हैं।

एनालॉग पनीर: दूध के अलावा अन्य वसा और खाद्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसकी पोषण संरचना इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करती है।

उपभोक्ताओं को पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी उत्पाद पर “Paneer Analogue”, “Imitation Paneer” या इसी तरह की जानकारी लिखी हो तो उसे पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग समझना चाहिए।


उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?


पनीर खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद की सामग्री, लेबल और निर्माता की जानकारी जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।



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सागर रेल कनेक्टिविटी को लेकर सांसद लता वानखेड़े ने रेल मंत्री से की मुलाकात, नई रेल लाइन के सर्वे और आरओबी कार्यों में तेजी की मांग

सागर रेल कनेक्टिविटी को लेकर सांसद लता वानखेड़े ने रेल मंत्री से की मुलाकात, नई रेल लाइन के सर्वे और आरओबी कार्यों में तेजी की मांग


तीनबत्ती न्यूज, 11 अगस्त 2026

सागर। सागर लोकसभा क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और रेलवे से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर रेल मंत्री को मांग पत्र सौंपा।

सांसद ने मुख्य रूप से सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के कार्यों में तेजी लाने, नई रेल लाइनों के सर्वे के आदेश जल्द जारी करने, महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव बढ़ाने तथा रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना के विकास की मांग रखी।

बीना-कुरवाई-पठारिया-सिरोंज-आरोन-लटेरी-ब्यावरा-भोपाल रेल लाइन के सर्वे की मांग

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने बीना, कुरवाई, पठारिया, सिरोंज, आरोन, लटेरी, सुठालिया, ब्यावरा और भोपाल को जोड़ने वाली प्रस्तावित नई रेल लाइन के सर्वे के लिए जल्द आदेश जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल मार्ग सागर लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ विदिशा, राजगढ़, गुना और भोपाल से जुड़े ऐसे अनेक क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ सकता है, जो वर्तमान में रेल सुविधा से वंचित हैं।

कुरवाई, सिरोंज, लटेरी, सुठालिया, आरोन और आसपास के क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी मिलने से लाखों लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे रोजगार, व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सकती है।

निर्माणाधीन आरओबी के कार्यों में तेजी की मांग

सांसद ने रेल मंत्री को सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की सूची, राज्य सरकार द्वारा बनाए जा रहे सर्विस रोड की स्थिति और रेलवे की ओर से किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आरओबी परियोजनाएं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। लंबे समय से चल रहे इन कार्यों को जल्द पूरा किए जाने की आवश्यकता है।


भोपाल-रायसेन-सागर-छतरपुर-खजुराहो रेल लाइन की भी मांग

सांसद ने भोपाल-रायसेन-सागर-छतरपुर-खजुराहो नई रेल लाइन की मांग भी रेल मंत्री के समक्ष रखी। प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई लगभग 320 किलोमीटर बताई गई है और इसके सर्वेक्षण के लिए रेलवे द्वारा बजट स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।

सांसद ने कहा कि इस रेल लाइन के निर्माण से भोपाल, रायसेन, सागर, छतरपुर और खजुराहो के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे पर्यटन, उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होने की संभावना है।


खुरई स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव की मांग

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने सागर लोकसभा क्षेत्र के खुरई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी। इनमें—

- गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस

- हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस

- जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस

- दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस

- दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस

- जबलपुर एक्सप्रेस

शामिल हैं।

इसके साथ ही खुरई रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और आधारभूत संरचना के विकास की मांग भी की गई।



रेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश


सांसद द्वारा रखी गई मांगों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी आरओबी के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की समीक्षा किए जाने का आश्वासन भी दिया।

अन्य मांगों के संबंध में भी रेल मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सांसद द्वारा प्रस्तुत मांग पत्रों और प्रस्तावों को संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजते हुए तत्काल प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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सागर पुलिस ने अवैध हथियार फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

सागर पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

• देशी कट्टा, रिवाल्वर और पिस्टल सहित 3 जिंदा कारतूस बरामद, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त


तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

सागर। जिले में अवैध हथियारों के निर्माण, सप्लाई और इनके जरिए दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सागर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कैंट पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, एक देशी रिवाल्वर, एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके साथ ही अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और सामग्री भी जब्त की गई है।


मामले का खुलासा एडिशनल एसपी द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में किया गया।

कजलीवन मैदान के पास कट्टा लेकर घूम रहा था आरोपी

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया द्वारा जिले में अवैध हथियार रखने, उनका उपयोग कर दहशत फैलाने तथा कानून-व्यवस्था एवं आम शांति को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इसी के तहत थाना कैंट पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।

इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि कजलीवन मैदान के पास एक व्यक्ति अवैध देशी कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा है। सूचना पर कैंट पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर दबिश देकर एक संदिग्ध युवक को पकड़ा।

पूछताछ और तलाशी में उसकी पहचान अनुज सेन पिता स्व. केदार सेन, उम्र 24 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुरा वार्ड, थाना कोतवाली, जिला सागर के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक .315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

पूछताछ में सामने आई हथियार निर्माण और सप्लाई की कड़ी

पुलिस के अनुसार अनुज सेन से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उक्त देशी कट्टा उसे साहिल अहिरवार पिता शिवप्रसाद अहिरवार, उम्र 24 वर्ष, निवासी भीम वार्ड, थाना बीना, जिला सागर से प्राप्त हुआ था।

अनुज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने साहिल अहिरवार के निवास पर दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .38 बोर की देशी रिवाल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

इसके अलावा पुलिस को उसके पास से अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और सामग्री भी मिली। इनमें ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, तीन कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी और लोहे की पत्तियां सहित अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद सामग्री से अवैध हथियारों के निर्माण से जुड़े नेटवर्क की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।


तीसरे आरोपी तक भी पहुंची पुलिस

साहिल अहिरवार से पूछताछ के दौरान पुलिस को तीसरे आरोपी के संबंध में जानकारी मिली। पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि उसने एक देशी पिस्टल सूरज अहिरवार पिता हेमराज अहिरवार, उम्र 23 वर्ष, निवासी आवासीय कॉलोनी, थाना मोतीनगर, जिला सागर को दी थी। पुलिस टीम ने सूरज अहिरवार की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक .32 बोर की देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार और निर्माण सामग्री जब्त

इस कार्रवाई में थाना कैंट पुलिस ने अवैध हथियार रखने, निर्माण करने और सप्लाई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल—

- 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा

- 01 नग .38 बोर की देशी रिवाल्वर

- 01 नग .32 बोर की देशी पिस्टल

- 03 जिंदा कारतूस

- अवैध हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और सामग्री बरामद की है।


बरामद हथियार निर्माण सामग्री

पुलिस द्वारा जब्त सामग्री में ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, 03 कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी और लोहे की पत्तियां सहित अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस की इस कार्रवाई से सागर में अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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सागर में प्रशासनिक फेरबदल: दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना, शैलेश द्विवेदी को SCTSL का अतिरिक्त प्रभार

सागर में प्रशासनिक फेरबदल: दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना, डिप्टी कलेक्टर शैलेश द्विवेदी को SCTSL का अतिरिक्त प्रभार


तीनबत्ती न्यूज:11 अगस्त 2026

सागर। प्रशासनिक कार्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए सागर जिले में अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर श्री शैलेश द्विवेदी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (SCTSL) के प्रभारी कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना

जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार श्री अनिल कुशवाहा को तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, सागर के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं तहसीलदार श्री रामप्रताप सिंह ठाकुर को तहसीलदार मालथौन के वर्तमान दायित्व के साथ-साथ आगामी आदेश तक तहसीलदार बांदरी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

शैलेश द्विवेदी को SCTSL की जिम्मेदारी

प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत डिप्टी कलेक्टर सागर श्री शैलेश द्विवेदी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (SCTSL), सागर के प्रभारी कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।प्रशासनिक स्तर पर किए गए इन बदलावों का उद्देश्य विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना और प्रशासनिक कार्य सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है।

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12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण • सारिका घारू

12 अगस्त  को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण : आपके शहर  में रात, यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा 

• सारिका घारू


तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

12 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण  लगेगा, जिसके कारण दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय ही पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा। इस खगोलीय घटना को लेकर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

सारिका घारू ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण विशेष रूप से यूरोप महाद्वीप के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि वहां पूरे 27 साल बाद कोई पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देने जा रहा है। इससे पहले यूरोप ने साल 1999 में ऐसा नजारा देखा था।

सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समयानुसार यह ग्रहण आज (12 अगस्त ) की रात 9:04 बजे शुरू होगा और मध्य रात्रि को पार करते हुए मध्‍यरात्रि के बाद (13 अगस्त की)  01:27 बजे समाप्त होगा। चूंकि ग्रहण की पूरी अवधि भारत में रात के समय होगी, जब सूर्य पहले से ही क्षितिज  के नीचे छिपा होगा , इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा ।

ग्रहण के दौरान चंद्रमा की विशाल छाया पृथ्वी के एक बड़े हिस्से को कवर करेगी। पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा, जहाँ लोग दिन में रात होने का अनुभव करेंगे। इसके अलावा, पूरे यूरोप, कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

अंधविश्वासों से रहे दूर

सारिका घारू ने लोगों से अपील की है कि वे ग्रहण से जुड़े अंधविश्वासों से दूर रहें और इसे केवल एक सुंदर प्राकृतिक और खगोलीय घटना के रूप में देखें। इस ग्रहण को विश्‍व की लगभग 12 प्रतिशत जनसंख्‍या प्रत्‍यक्ष देख सकेगी । वहीं भारत के खगोल प्रेमी इस अद्भुत दृश्य को नासा  या अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं के ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकते हैं।

इस ग्रहण के 15 दिन के बाद 28 अगस्‍त को आंशिक  चंद्रग्रहण होगा लेकिन इसे भी भारत मे नहीं देखा जा सकेगा ।

अगर भारत मे आप इसे अपने शहर मे देखना चाहते हैं तो 2 अगस्‍त 2027 तक का इंतजार करना होगा जब यह आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिख सकेगा ।

ग्रहण की शुरुआत:                  12 अगस्त, रात 09:04 बजे से

पूर्ण ग्रहण (टोटैलिटी) की शुरुआत: रात 10:28 बजे से

ग्रहण का पीक टाईम :              रात 11:16 बजे (जब चंद्रमा सूर्य को सबसे ज्यादा ढकेगा)

पूर्ण ग्रहण की समाप्ति:              रात 12:05 बजे

ग्रहण का पूर्ण समापन:           13 अगस्त, 01:27 बजे तक

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सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू

सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू



तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 11 अगस्त को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचकर राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना।

सिचुएशन रूम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक मदद पहुंचाई जा रही है।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली।

527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्तमान में बारिश का समय है। इस बार प्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई है, वहां आम नागरिकों को राहत पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि राहत एवं बचाव दल ने अभी तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बनी स्थिति में 7 कांवड़ियों का भी रेस्क्यू किया गया।

नदी-नालों के किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान अचानक नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन की सलाह का पालन करें। आवश्यकता होने पर पड़ोसी जिलों से भी राहत एवं बचाव के लिए मदद ली जा रही है।

दिन-रात राहत और बचाव में जुटी टीमें

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहत एवं बचाव दल दिन-रात लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की मॉनिटरिंग की और रेस्क्यू किए गए लोगों से भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्तर पर आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए काम कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर प्रदेश स्तर से निगरानी रखी जा रही है।

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खेल परिसर में वाक शुल्क और पेंशन में देरी के विरोध में कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

खेल परिसर में वाक शुल्क वसूली और वृद्धावस्था पेंशन में विलंब के विरोध मे कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन



तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

सागर: खेल परिसर में पैदल टहलने वालो से शुल्क वसूले जाने का विवाद थम नहीं रहा है। खेल प्रेमियों और मार्निंग वाक वालों के विरोध के बाद एक अगस्त से इसका लागू होना रुका है। दूसरी तरफ विधायक शैलेंद्र जैन ने इसको घटाने का सुझाव भी जिला खेल अधिकारी को दिया। अब इसके खिलाफ कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है। 

कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश जाटव एवं नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह बब्बू यादव के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल को जनसमस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि शहर का खेल परिसर मैदान वर्षों से आम नागरिकों के लिए सुबह-शाम व्यायाम, भ्रमण और योग के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहा है। अब प्रशासन द्वारा वहां आने वाले लोगों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 500 रुपये और प्रतिमाह 300 रुपये शुल्क वसूलने का आदेश जारी किया गया है।

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गरीबो पर अत्याचार

जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि यह आदेश ब्रिटिश शासन के फरमान जैसा और गुंडा टैक्स के समान है। शासन किस भुखमरी की कगार पर आ गया है जो जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी इस सुविधा पर भी टैक्स वसूला जा रहा है। उन्होंने खेल परिसर को यथावत निःशुल्क रखने की मांग की। जिला खेल अधिकारी को बर्खास्त कर देना चाहिए ऐसे आदेश देने पर साथ ही सागर की जनता ने जिनको विधानसभा भेजा वो इस शुल्क के पक्षधर बन बैठे हैं।ये खेलप्रेमियों के साथ अन्याय है । इसके अलावा अध्यक्ष महेश जाटव ने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं कल्याणी पेंशन की 6 माह से लंबित राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग भी की।

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तुगलकी फरमान है मार्निंग वाक शुल्क

नेता प्रतिपक्ष बाबू सिंह बब्बू यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि कुंभकर्ण की नींद सो रहे हैं। न तो उन्हें खेल परिसर के तुगलकी फरमान की आवाज सुनाई दे रही है, न ही पिछले 6 महीने से पेंशन से वंचित गरीब, वृद्ध और दिव्यांगजनों की पीड़ा दिखाई दे रही है। रक्षाबंधन जैसा त्यौहार नजदीक है और लोग परेशान हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि एक-दूसरे से बड़ा दिखने की होड़ में लगे हैं।

सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे ने कहा कि गरीबों को पेंशन योजना का लाभ लेने में भारी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर निगम को जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए आदेशित करे।

ये रहे शामिल 

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमराज रजक, नरेंद्र मिश्रा, आनंद हैला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. किरण लता सोनी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष सागर साहू, खट्टू शुक्ला सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे।



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खेल परिसर में  मार्निग वाक का शुल्क 200 रुपए महीने का सुझाव दिया विधायक शैलेंद्र जैन ने : वरिष्ठ नागरिकों को शुल्क से मुक्त रखने पर होगा विचार: खेल अधिकारी से की चर्चा


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त, 2026

सागर। सागर शहर में स्वस्थ्य रहने के लिए खेल परिसर में मार्निंग वाक करने वालो को मासिक शुल्क लगेगा। पिछले दस दिनों से मामला गहराया है। खेल अधिकारी ने 500 रुपए रजिस्ट्रेशन और 300 शुल्क रखा था। इसका बोर्ड भी लगाया गया था। जिसका काफी विरोध खेल प्रेमियों और घूमने वालो ने किया। इस मामले में विधायक शैलेंद्र जैन हस्तक्षेप किया है।  

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विधायक शैलेन्द्र जैन ने की चर्चा

खेल परिसर में खिलाड़ियों एवं नियमित रूप से वॉक करने वाले नागरिकों से पंजीयन एवं मासिक शुल्क लिए जाने के संबंध में विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने जिला खेल अधिकारी श्रीमती शर्मिला डाबर से चर्चा की। प्रस्तावित शुल्क को लेकर विधायक जैन ने कहा कि नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए और शुल्क को न्यूनतम एवं सामान्य रखा जाना चाहिए।

घटाकर शुल्क लगाने का सुझाव

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने जिला खेल अधिकारी से चर्चा के दौरान ₹500 पंजीयन शुल्क एवं ₹300 मासिक शुल्क के स्थान पर ₹200 पंजीयन शुल्क एवं ₹200 मासिक शुल्क किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल परिसर में खिलाड़ियों और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसलिए उसके रखरखाव एवं व्यवस्थाओं के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाना उचित है, लेकिन यह शुल्क इतना अधिक भी नहीं होना चाहिए कि आम नागरिकों को बोझ महसूस होने लगे।

वरिष्ठ नागरिकों को शुल्क से मुक्त रखने पर विचार

विधायक जैन ने कहा कि खेल परिसर का उपयोग बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक भी सुबह-शाम सैर एवं स्वास्थ्य लाभ के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को प्रस्तावित शुल्क से मुक्त रखने के संबंध में विचार किया जा रहा है, ताकि उनकी नियमित सुबह-शाम की सैर और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों पर किसी प्रकार का आर्थिक प्रभाव न पड़े।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित वॉक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में उन्हें शुल्क से मुक्त रखने से वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के खेल परिसर का उपयोग कर सकेंगे।

बेहतर सुविधाओं के लिए न्यूनतम शुल्क जरूरी

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से शहर में एक व्यवस्थित एवं आधुनिक खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। यहां खिलाड़ियों एवं नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिसर के रखरखाव, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं को भी निरंतर बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कुछ न्यूनतम शुल्क लिया जाना आवश्यक है, लेकिन शुल्क निर्धारित करते समय आम नागरिकों की सुविधा और आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। ₹200 का शुल्क सामान्य रूप से वहन करने योग्य है और इससे खेल परिसर की सुविधाओं एवं रखरखाव की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की जा सकती है।विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य खेल परिसर में उपलब्ध बेहतर सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों और खिलाड़ियों तक पहुंचाना है। शुल्क को तर्कसंगत एवं सुविधाजनक रखने से नागरिक नियमित रूप से खेल परिसर का उपयोग कर सकेंगे और शहर में स्वस्थ जीवनशैली एवं खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

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