रविवार, 15 दिसंबर 2019

जबलपुर, सागर, रीवा संभागों में अगले 24 घंटों तक बारिश जारी रहने के आसार

जबलपुर, सागर,  रीवा संभागों में अगले 24 घंटों तक बारिश जारी रहने के आसार
 सागर।मौसम विज्ञानी डॉ शैलेंद्र नायक के अनुसार उत्तर भारत में आए मौसम में बदलाव की तरह ही मध्य प्रदेश  में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। पिछले 24  घंटों के दौरान रीवा शहडोल, जबलपुर एवं होशंगाबाद संभागों के जिलों में कहीं-कहीं  वर्षा हुई है एवं चम्बल संभाग के न्यूनतम तापमानों में काफी गिरावट दर्ज की गई। पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अरब सागर से आने वाली आर्द्र हवाओं और उत्तर भारत से आ रही शुष्क हवाओं के मध्य भारत पर एक साथ मिलने के कारण मध्य भारत के भागों पर मौसम सक्रिय हुआ है और कुछ स्थानों पर बारिश देखने को मिल रही है। इन क्षेत्रों में बीते 2 दिनों से मौसम ने करवट ली है जिससे कई शहरों में बारिश दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश  में पिछले 24 घंटों के दौरान न सिर्फ बारिश हुई है बल्कि सुबह के समय बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में घना कोहरा भी छाया है। कम से कम अगले 24 घंटों तक ऐसी ही स्थितियां बरकरार रहेंगी, जिसकी वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है।
वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पूर्व की ओर खिसक गया है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 18 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र की पहाड़ियों को प्रभावित करने की संभावना है, इस कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र की पहाड़ियों में कुछ स्थानों या कहीं कहीं बारिश / बर्फवारी होने की संभावना है.  इस यह पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में किसी भी महत्वपूर्ण मौसम की संभावना नहीं है। पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में स्थित  पर प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण अब अब दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश में स्थित है एवं  औसत समुद्र तल से 2.1 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। बिहार औरआसपास के क्षेत्रों पर स्थित  चक्रवाती परिसंचरण अब औसत समुद्र तल से 2.1 किमी ऊपर उत्तरी  बिहार और आसपास के क्षेत्रों में स्थित है। पूर्वी बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों  में स्थित चक्रवाती परिसंचरण अब अब उत्तरी असम एवं आसपास के क्षेत्रों में  में स्थित है  और समुद्र तल से 1.5 और 2.1 किमी के बीच फैली हुई है। केरल तट से दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर पूर्वी हवाओं  में बनी द्रोणिका अब मालदीव से उत्तर लक्षद्वीप क्षेत्र तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर  स्थित है।
आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान मध्य प्रदेश में हल्के से मध्यम कुहरा की  बहुत संभावना है. 
आगामी २४ घंटों के दौरान सतना, सागर, पन्ना, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, खजुराहो और आसपास के इलाके बारिश से प्रभावित हो सकते हैं। इस समय बारिश होने से दिन के तापमान में गिरावट आती है और सर्दी बढ़ जाती है, और यही हालात देखने को फिलहाल मिल रहे हैं। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा।
पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ में अधिकांश स्थानों पर दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अगले 24 घंटों तक इसमें बढ़ोतरी नहीं होगी, उसके बाद बारिश का प्रभाव कम होते ही तापमान फिर से बढ़ सकता है। लेकिन बारिश बंद होने के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, क्योंकि उत्तर पश्चिमी हवाएं मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के भागों तक पहुंचनी शुरू हो जाएंगी, जिससे पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मध्य भारत में भी तापमान में गिरावट और बढ़ती सर्दी के रूप में देखने को मिलेगा।
अगले 2 से 3 के दौरान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक न्यूनतम तापमान में गिरावट किआ बहुत संभावना है. 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक मध्य प्रदेश का मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. मध्य में  में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश दर्ज की गई।

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें


नौरादेही अभ्यारण : प्रभावित लोगों का शत-प्रतिशत होगा विस्थापन : कलेक्टर

Archive