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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का घोटाला, 5 पर केस; 3 गिरफ्तार

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला, पांच पर केस; तीन आरोपी गिरफ्तार




तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

गढ़ा सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी सहित विभिन्न मदों से नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित की थी।

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मनी रसीद और बैंक जमा राशि में मिला बड़ा अंतर

आंतरिक कमेटी ने 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि में कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की। जांच के दौरान मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा कराई गई राशि में बड़ा अंतर पाया गया।

जांच के अनुसार, इस अवधि में करीब ₹1,63,78,000 की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक षड्यंत्र के तहत राशि के गबन से जुड़ा मामला माना।

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कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी

मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी के अनुसार संबंधित अवधि में कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ रहे थे।

कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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पांच आरोपियों पर मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार

गढ़ा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अब वित्तीय अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, मनी रसीद बुक और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शासकीय राशि किस तरह बैंक खातों में जमा होने से रोकी गई।


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सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देने पर TVS पर जुर्माना, 950 वाट का चार्जर देने का आदेश

सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला : TVS कंपनी और डीलर पर जुर्माना


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

सागर। ई-स्कूटी के साथ निर्धारित क्षमता से कम क्षमता वाला चार्जर दिए जाने और शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदले जाने के मामले में सागर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड और स्थानीय डीलर बड़ेकुल मोटर्स को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार मानते हुए उपभोक्ता को एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

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2.19 लाख रुपये में खरीदी थी ई-स्कूटी

सागर निवासी दुर्गेश, पिता मुकेश जड़िया ने 16 जनवरी 2025 को TVS की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। वाहन की मूल कीमत 1,97,519 रुपये थी। बीमा, आरटीओ, एक्सेसरीज और अन्य खर्च जोड़ने के बाद वाहन की कुल कीमत 2,19,300 रुपये हुई थी। कंपनी की ओर से वाहन पर 5 वर्ष की वारंटी/गारंटी भी दी गई थी।

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रातभर चार्ज करने के बाद भी बैटरी नहीं हुई फुल


स्कूटर घर लाने के बाद दुर्गेश ने जब उसे रातभर चार्जिंग पर लगाया, तो बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीलर से शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि स्कूटर के लिए 950 वाट क्षमता का चार्जर होना चाहिए, जबकि ग्राहक को दिए गए पैकेट में 650 वाट का चार्जर था।

बताया गया कि चार्जर के डिब्बे पर 950 वाट अंकित था, लेकिन अंदर 650 वाट का चार्जर निकलने की बात सामने आई। डीलर की ओर से ई-मेल के माध्यम से नया चार्जर मंगाकर देने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद निर्धारित चार्जर उपलब्ध नहीं कराया गया।

उपभोक्ता आयोग में पहुंचा मामला

लगातार शिकायतों और डीलर के चक्कर लगाने के बाद दुर्गेश ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड, चेन्नई और बड़ेकुल मोटर्स, भोपाल रोड, सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया।

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा की पीठ ने की।


आयोग ने दिए ये आदेश

मामले में आयोग ने सेवा में कमी और उपभोक्ता को हुए मानसिक कष्ट को ध्यान में रखते हुए विपक्षीगणों को निर्देश दिए हैं—


- एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए।

- मानसिक कष्ट एवं सेवा में कमी के लिए 5,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।

- परिवाद व्यय के रूप में 2,000 रुपये का भुगतान किया जाए।


इस तरह आयोग के आदेश के अनुसार उपभोक्ता को निर्धारित चार्जर के साथ कुल 7,000 रुपये की राशि क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में प्राप्त होगी।


उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला


यह मामला इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ मिलने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण माना जा सकता है। आयोग के आदेश से यह संदेश भी जाता है कि कंपनी या डीलर द्वारा गलत उपकरण उपलब्ध कराए जाने और शिकायत के बाद उचित समाधान नहीं करने पर उपभोक्ता उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है।


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अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश

अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर :शासकीय सांदीपनि महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक–1, सागर में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक आदित्य कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण सागर संभाग के संयुक्त संचालक (एस.पी. सिंह बिसेन) द्वारा 17 अगस्त 2026 को इस संबंध में औपचारिक निलंबन आदेश जारी किया गया।

बिना अनुमति वीडियो बनाना और अमर्यादित आचरण

प्राप्त आदेश के अनुसार, शिक्षक आदित्य कुमार पांडे पर आरोप है कि वे अध्यापन के दौरान छात्राओं का वीडियो बनाकर बिना अनुमति के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट करते थे। इसके अतिरिक्त, प्राचार्य के साथ पारिवारिक विवाद के चलते स्कूल परिसर में आए दिन अनुशासनहीनता और विवाद की स्थिति निर्मित करते थे। छात्राओं, अभिभावकों तथा साथी शिक्षकों ने भी उनके खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।



समीक्षा बैठक में की अमर्यादित बयानबाजी

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की टीम (सहायक संचालक रंजन शर्मा के नेतृत्व में) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षक देरी से पहुंचे। सामाजिक विज्ञान का परीक्षा परिणाम कम आने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। जांच में उनके ऊपर लगे सभी आरोप सही पाए गए।

छेड़छाड़ और BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज

शिक्षक पर गोपालगंज थाना (सागर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75, 15(1)(i), 296(A) के तहत छेड़छाड़ का मामला दर्ज (FIR क्रमांक-266, दिनांक 10-06-2026) किया गया है। 20 जुलाई 2026 को माननीय JMFC न्यायालय सागर में इसका चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

निलंबन अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय 'कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सागर जिला-सागर' नियत किया गया है।  नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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सागर में पुलिसकर्मियों के परिवारों को 40 लाख के बीमा चेक, SBI ने दिया लाभ,

विशेष पुलिस सैलरी पैकेज : स्टेट बैंक सागर ने पुलिस कर्मियों के परिवारों को प्रदान किए 40 लाख रुपये के बीमा चेक



तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर। भारतीय स्टेट बैंक द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए संचालित विशेष पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मुफ्त जीवन बीमा सुविधा का लाभ पुलिस कर्मियों के परिजनों को दिलाया गया। 10वीं बटालियन मकरोनिया के चार पुलिसकर्मियों के निधन के बाद भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं और पुलिस विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बीमा राशि स्वीकृत कराई गई।

इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया की उपस्थिति में स्वर्गीय पुलिसकर्मियों के परिजनों को सांकेतिक बीमा चेक प्रदान किए गए।

इनको मिली बीमा राशि

बीमा योजना के अंतर्गत श्रीमती काजल गौतम, पत्नी स्वर्गीय श्री प्रहलाद गौतम (आरक्षक), श्रीमती रुक्मणी, पत्नी स्वर्गीय श्री श्रीनिवास सिंह (उप निरीक्षक), श्रीमती मुन्नी बाई, पत्नी स्वर्गीय श्री मनसुखलाल (प्रधान आरक्षक) तथा श्रीमती विमला देवी, पत्नी स्वर्गीय श्री करण बहादुर (प्रधान आरक्षक) को भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 10-10 लाख रुपये, कुल 40 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की गई।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में परिजनों को चेक सौंपे। पुलिस विभाग और बैंक की संयुक्त कार्रवाई से मृत पुलिसकर्मियों के परिवारों को समय पर बीमा योजना का लाभ मिल सका।

कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक की ओर से आशु साहू, मुख्य प्रबंधक सिविल लाइंस शाखा, अजय तिवारी, शाखा प्रबंधक मकरोनिया शाखा एवं पंकज श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक यूनिवर्सिटी शाखा उपस्थित रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से सूरजमल राजौरिया, उप सेनानी एवं संतोष कुमार, कार्यवाहक उप निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के नाम कैंट सीईओ को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन, स्टेडियम निर्माण की मांग

कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के नाम कैंट सीईओ को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन

• कैंट क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विकास और स्टेडियम निर्माण की उठाई मांग


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त, 2026

सागर। सदर कैंट क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विकास, स्टेडियम निर्माण सहित विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में छावनी परिषद सागर के सीईओ से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के रक्षा मंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर खेल सुविधाओं के विस्तार की मांग की।

पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि छावनी क्षेत्र के अंतर्गत कजलीवन मैदान का लंबे समय से खेल गतिविधियों के लिए उपयोग होता रहा है। क्षेत्र के बच्चों एवं युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मैदान के विकास के लिए शीघ्र कार्रवाई आवश्यक है।

ज्ञापन में सदर कजलीवन मैदान में स्टेडियम का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की गई, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके साथ ही सदर कैंट क्षेत्र की सभी शालाओं का खेल महोत्सव डीएनसीबी स्कूल में आयोजित करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे विद्यार्थियों में खेल भावना, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

ज्ञापन में कजलीवन मैदान में आयोजित होने वाली फुटबॉल प्रतियोगिताओं के लिए पूरे आयोजन की शुल्क राशि 21,100 रुपये निर्धारित करने की मांग भी रखी गई, जिससे खिलाड़ियों और आयोजकों को सुविधा मिल सके।

वहीं कैंटोनमेंट क्षेत्र की सभी शालाओं में खेल के लिए निर्धारित समय तय कर नियमित खेल गतिविधियां प्रारंभ कराने की मांग की गई।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर छावनी परिषद सागर के सीईओ ने नियमानुसार एवं न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी, वरिष्ठ नेता सुनील तोमर, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सदर कैंट अध्यक्ष पं. रवि उमाहिया, युवा कांग्रेस नरयावली विधानसभा अध्यक्ष रोहित वर्मा, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष समीर मकरानी, इंजीनियर सत्यम सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

चार सूत्रीय मांगें

  1. सदर कजलीवन मैदान में शीघ्र स्टेडियम का निर्माण।
  2. कैंट क्षेत्र की सभी शालाओं का खेल महोत्सव डीएनसीबी स्कूल में आयोजित किया जाए।
  3. कजलीवन मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिताओं के आयोजन की शुल्क राशि 21,100 रुपये निर्धारित की जाए।
  4. कैंटोनमेंट क्षेत्र की सभी शालाओं में निर्धारित समय पर नियमित खेल गतिविधियां शुरू कराई जाएं।
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कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा का किया निरीक्षण, बच्चों से सुना पहाड़ा


तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026

सागर । कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को शासकीय प्राथमिक शाला लालेपुरा पहुंचकर विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों से आत्मीयता से बातचीत की और बच्चों से पहाड़ा सुना।

बच्चों ने बेझिझक होकर कलेक्टर के सामने पहाड़ा सुनाया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने उनका उत्साहवर्धन किया और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।



निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि बच्चे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं, वे नियमित रूप से स्कूल आते हैं या नहीं और विद्यालय में मिलने वाला भोजन ठीक से करते हैं या नहीं। बच्चों से हुई इस आत्मीय बातचीत से विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की समझाइश दी। उन्होंने बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन करने की सलाह देते हुए कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और बच्चों की शिक्षा एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री रोहित वर्मा सहित विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।

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सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कटनी में ₹2.10 लाख की साइबर ठगी

सीहोर में फर्जी ट्रेडिंग ऐप का कॉल सेंटर पकड़ा, कटनी में चोरी के मोबाइल से ₹2.10 लाख की साइबर ठगी


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त ,2026

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर और कटनी में दो अलग-अलग मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीहोर में पुलिस ने ‘FX Trade’ नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। वहीं कटनी में चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए बैंक खातों से 2 लाख 10 हजार रुपये निकालने वाले झारखंड निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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सीहोर में छह महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सीहोर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा शीतल बिहार कॉलोनी, सीहोर में पिछले करीब छह महीने से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।

कॉल सेंटर में छह कर्मचारी लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफे का लालच देकर ‘FX Trade’ ऐप के माध्यम से निवेश करवाते थे। जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश की जानकारी सामने आई है।

ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों द्वारा म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक और लिंक सिम हासिल कर उनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद ATM से रकम निकाल ली जाती थी।

NCRP पर जांच के दौरान इन बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिससे नेटवर्क के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी सामने आई।


पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड मोबाइल, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक, FX Trade आईडी कार्ड और सिम कार्ड जब्त किए हैं।


कटनी में चोरी के मोबाइल से बैंक खातों पर निशाना

दूसरी कार्रवाई कटनी जिले के बाकल थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक फरियादी का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद उसके बचत खाते और KCC खाते से अलग-अलग तारीखों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में UPI PIN सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने 14 मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। गिरोह द्वारा कटनी के अलावा जबलपुर, सिहोरा, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी वारदात किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की आमजन से अपील

मध्यप्रदेश पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन, नौकरी, लोन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या बैंक से लिंक मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

साथ ही WhatsApp या Telegram से मिले अनजान लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड न करें और असामान्य मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज करें।


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मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: नमन मिशन को मंजूरी, लाड़ली बहना के लिए ₹1.14 लाख करोड़

मध्यप्रदेश में नर्मदा संरक्षण से लेकर लाड़ली बहना तक बड़े फैसले, मंत्रि-परिषद ने दी करीब ₹1.46 लाख करोड़ की मंजूरी



तीनबत्ती न्यूज:18 अगस्त 2026
सागर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में आगामी वर्षों में प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के निरंतर संचालन सहित विभिन्न योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

बैठक का प्रमुख निर्णय जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति रहा।

नमन मिशन के जरिए होगा नर्मदा का वैज्ञानिक प्रबंधन

मंत्रि-परिषद ने नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र के संरक्षण के लिए नमन मिशन को स्वायत्त संस्था के रूप में गठित करने की मंजूरी दी है। मिशन को मध्यप्रदेश सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत पंजीकृत किया जाएगा।

मिशन की सर्वोच्च साधारण सभा के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष तथा 19 सहभागी विभागों के मंत्री सदस्य होंगे। नदी विज्ञान, जल विज्ञान, पर्यावरण, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन के विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

मिशन की प्रशासनिक कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। संचालन के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। IISER, IIT, IRMA, NIH, IIFM, ICAR और NEERI जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

नर्मदा संरक्षण के लिए राज्य अनुदान से प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये तथा CAMPA निधि से भी प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त CSR, केंद्रीय सहायता और PPP मॉडल से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।

मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट AI, डेटा एनालिटिक्स, GIS, रिमोट सेंसिंग, डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से नदी के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी।

लाड़ली बहना योजना के लिए ₹1,14,365 करोड़

मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के निरंतर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। योजना के तहत वर्तमान में लगभग 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं और पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326.47 करोड़

मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना से अब तक लगभग 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।

मातृ वंदना योजना के लिए ₹2,137.65 करोड़

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रथम प्रसव पर निर्धारित शर्तों के अनुसार कुल 5 हजार रुपये तथा द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म होने की स्थिति में 6 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹11,835.35 करोड़

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11,835.35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें उप स्वास्थ्य केन्द्र योजना के लिए ₹4,742.45 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए ₹518.93 करोड़, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए ₹3,219.22 करोड़ और आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के लिए ₹3,354.75 करोड़ शामिल हैं।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए ₹870.16 करोड़

कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए ₹310.23 करोड़, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए ₹469.93 करोड़ और कृषि अधोसंरचना विकास योजना के लिए ₹90 करोड़ शामिल हैं।

विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र के लिए ₹734 करोड़

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण के लिए 734 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार के अनुसार पिछले 20 वर्षों में वैज्ञानिक अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण के लिए बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि हुई है।
अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए ₹201.28 करोड़, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए ₹119.04 करोड़, विज्ञान के प्रसार के लिए ₹172.52 करोड़ और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए ₹241.16 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पूर्व स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। पूर्व से स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी 18 सितंबर 2031 तक रखी जाएगी। इससे लगभग ₹4.12 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।

मंत्रि-परिषद के इन फैसलों से नर्मदा संरक्षण, महिला कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीकी विकास तथा आधारभूत संरचना को आगामी वर्षों में गति देने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं।
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