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सागर में भक्ति का महासागर, माता हरसिद्धि को चढ़ाई 1100 मीटर लंबी चुनरी, जयकारों से गूंजा शहर

सागर में भक्ति का महासागर, माता हरसिद्धि को चढ़ाई 1100 मीटर लंबी चुनरी, जयकारों से गूंजा शहर

• महिलाएं हाथों में चुनरी थामे पूरे रास्ते माता के जयकारे लगाती रहीं


तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

सागर। शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथी पर सागर में मां हरसिद्धि की आराधना के लिए भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। मां हरसिद्धि सेवा समिति, राजीव नगर वार्ड के आयोजन में 1100 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए प्रसिद्ध बाघराज माता मंदिर तक का सफर तय किया। मंदिर पहुंचकर माता हरसिद्धि देवी को चुनरी अर्पित की गई।

चुनरी यात्रा के आयोजन विनोद प्रजापति ने बताया कि, यात्रा की शुरुआत राजीव नगर वार्ड स्थित हरसिद्धि माता मंदिर से हुई। इसके बाद यात्रा मोतीनगर चौराहा पहुंची और फिर चमेली चौक, रामबाग मंदिर, बड़ा बाजार, सराफा बाजार, इतवारा बाजार, केशवगंज, काकागंज, पंतनगर और संजय ड्राइव होते हुए बाघराज माता मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।


हाथों में चुनरी, जुबां पर माता के जयकारे

चुनरी यात्रा में महिलाएं और श्रद्धालु 1100 मीटर लंबी चुनरी को हाथों में थामकर आगे बढ़ते रहे। रास्तेभर माता के भजन और जयकारे गूंजते रहे। यात्रा में अखाड़े, आकर्षक झांकियां, डीजे, बैंड पार्टी, रमतूला और ढिल-ढिल घोड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।


जगह-जगह हुआ चुनरी यात्रा का स्वागत


यात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। मोतीनगर चौराहे पर यशवंत करोसिया और काली कमेटी की ओर से स्वागत किया गया। मोतीनगर क्षेत्र में पम्मा कसाई और फिरदौस कुरैशी ने भी स्वागत किया। सराफा तिराहे पर अभिराज सिंह ठाकुर की ओर से स्वागत किया गया।

प्रसन्न मेडिकल, रूबी पटेल, कमल प्रजापति, भरत माते, मुन्ना लाल, काली कमेटी काकागंज, कैप्टन पटेल, महेश पटेल, श्रीगोपालन कॉलोनी, राधाकृष्ण गार्डन, गोलू रिछारिया और पवन ठाकुर हॉस्पिटल की ओर से भी चुनरी यात्रा का स्वागत किया गया।

जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

चुनरी यात्रा में विधायक शैलेंद्र जैन, अविराज सिंह ठाकुर, अशोक सिंह बामौरा, वैदिक वानखेड़े, अतुल नेमा, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व विधायक सुनील जैन, प्रभुदयाल पटेल और पार्षद अनूप उर्मिल सहित अन्य लोग शामिल हुए।

आयोजन में मां हरसिद्धि सेवा समिति, राजीव नगर वार्ड की ओर से भगवती प्रसाद प्रजापति, संतोष प्रजापति, राजेश प्रजापति, विनोद प्रजापति, राजू पटेल लंबरदार, कैलाश प्रजापति, विट्टू प्रजापति, वेदांत, रोहित, अक्षत, दीपक, भूपेंद्र, राजकुमार प्रजापति, मोती प्रजापति, सचिन प्रजापति, रिंकू प्रजापति और मनोज पवार सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

नवरात्र की पंचमी पर निकली इस भव्य चुनरी यात्रा ने सागर में आस्था, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का विशेष दृश्य प्रस्तुत किया। बाघराज माता मंदिर में 1100 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर श्रद्धालुओं ने माता हरसिद्धि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

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भोपाल में दोहरे हत्याकांड के दोषी उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरा आजीवन कारावास

 भोपाल में दोहरे हत्याकांड के दोषी उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरा आजीवन कारावास

• पत्नी और साली की चाकू से हत्या के मामले में विशेष न्यायालय का फैसला, आर्म्स एक्ट में भी 3 साल का सश्रम कारावास



तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

भोपाल। पत्नी और साली की निर्मम हत्या के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी उपनिरीक्षक योगेश कुमार मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 15 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) श्रीमती सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है। आरोपी मंडला जिले में पदस्थ था। 

शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती सुधाविजय सिंह भदौरिया ने प्रकरण में पैरवी की।

घर में घुसकर चाकू से किया था हमला

अभियोजन के अनुसार, घटना 3 दिसंबर 2024 की है। इस दिन फरियादिया आर्या मंडावी को उसकी मौसी के घर काम करने वाली महिला सेवती ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उसने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे जब वह काम करने पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तभी आरोपी योगेश मरावी चाकू लेकर घर में घुस गया। उसने महिला को अंदर आने से रोक दिया और दरवाजा बंद कर लिया।

कुछ देर बाद घर के अंदर से बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई दीं। महिला ने पड़ोसियों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। बाद में आरोपी घर से बाहर निकला, दरवाजे पर ताला लगाया और वहां से चला गया।

सूचना मिलने पर आर्या मंडावी अपने परिजनों के साथ मौसी के घर पहुंची। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर मेघा उईके और विनीता के शव कमरे के फर्श पर पड़े मिले। दोनों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से हमले के गंभीर निशान थे और मौके पर काफी खून फैला हुआ था।

सुसाइड नोट, सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्य बने अहम

घटना की सूचना पर ऐशबाग थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 518/24 दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों मृतकों के संबंध में अलग-अलग मर्ग कायम किए गए। विवेचना के दौरान आरोपी योगेश कुमार मरावी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सुसाइड नोट जब्त किया, जिसमें घटना को अंजाम देने का उल्लेख होने की बात अभियोजन ने न्यायालय में रखी। इसके अतिरिक्त घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया। चाकू के प्रतिबंधित आकार-प्रकार का होने के कारण मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई।

जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डीवीआर सहित जब्त की गई। अभियोजन ने न्यायालय में गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हस्तलिपि संबंधी साक्ष्य, दस्तावेजी साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने सुनाई ये सजाएं

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, लिखित तर्कों और न्यायिक दृष्टांतों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी योगेश कुमार मरावी को दोषी ठहराया।

न्यायालय ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए दो अलग-अलग आजीवन कारावास की सजाएं सुनाईं। प्रत्येक मामले में 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।

इस प्रकार पत्नी और साली की हत्या के मामले में आरोपी   उपनिरीक्षक को दोहरे आजीवन कारावास सहित आर्म्स एक्ट में भी सजा सुनाई गई।

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बुंदेलखंड का चमत्कारी अबार माता मंदिर! एक हजार साल पुराने मंदिर की अनोखी मान्यता, 75 फीट ऊंची चट्टान से जुड़ी है आस्था

बुंदेलखंड का चमत्कारी अबार माता मंदिर! एक हजार साल पुराने मंदिर की अनोखी मान्यता, 75 फीट ऊंची चट्टान से जुड़ी है आस्था

• मनोकामना के लिए उल्टा हाथ और मुराद पूरी होने पर सीधा हाथ रखने की परंपरा, आल्हा-ऊदल से भी जुड़ी है मंदिर की लोककथा


तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

सागर। बुंदेलखंड की धरती पर आस्था और लोकविश्वास की अनेक अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। इन्हीं में एक है अबार माता मंदिर, जहां करीब एक हजार साल पुराने मंदिर और 75 फीट ऊंची विशाल चट्टान से जुड़ी मान्यताएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। सागर-छतरपुर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश की सीमा के आसपास प्रचलित इस धार्मिक परंपरा के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद माता रानी पूरी करती हैं। यही वजह है कि दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि पर देवी जी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। 


75 फीट ऊंची चट्टान है मंदिर की खास पहचान

अबार माता मंदिर की सबसे खास विशेषता यहां मौजूद करीब 75 फीट ऊंची विशाल चट्टान है। इस चट्टान को लेकर स्थानीय लोगों के बीच एक अनोखी मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर चट्टान तिल भर बढ़ जाती है। इस दावे को लेकर लोगों में कौतूहल बना रहता है, हालांकि चट्टान के बढ़ने संबंधी मान्यता की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के लिए यह चट्टान आस्था और विश्वास का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है।

उल्टे हाथ से मांगते हैं मन्नत, सीधे हाथ से जताते हैं आभार

अबार माता मंदिर की एक और अनूठी परंपरा श्रद्धालुओं का ध्यान खींचती है। यहां मनोकामना मांगते समय चट्टान पर उल्टा हाथ रखने की मान्यता है। वहीं, जब श्रद्धालु की मुराद पूरी हो जाती है, तो वह चट्टान पर सीधा हाथ रखकर माता के प्रति आभार व्यक्त करता है।मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 50 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। यहाँ हर वर्ष वैशाख महीने में विशाल मेला लगता है।


स्थानीय धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस परंपरा के माध्यम से भक्त अपनी मनोकामना माता के समक्ष रखते हैं और मुराद पूरी होने पर धन्यवाद देते हैं। निःसंतान दंपतियों के बीच भी माता के आशीर्वाद को लेकर विशेष आस्था बताई जाती है।

आल्हा-ऊदल से जुड़ी है मंदिर की स्थापना की लोककथा

बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा-ऊदल का नाम यहां की लोकगाथाओं में विशेष स्थान रखता है। अबार माता मंदिर की स्थापना को लेकर भी उनसे जुड़ी एक लोककथा प्रचलित है। कहा जाता है कि जंगल में रात्रि विश्राम के दौरान आल्हा-ऊदल को देवी के दर्शन हुए थे। इसके बाद उन्होंने यहां मंदिर का निर्माण कराया।

आस्था, लोकसंस्कृति और रहस्य का अनूठा संगम

अबार माता मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की लोकपरंपराओं और धार्मिक विश्वासों का भी प्रतीक है। करीब एक हजार साल पुराने मंदिर की मान्यता, विशाल चट्टान से जुड़ी लोककथा और मन्नत मांगने की अनोखी परंपरा इसे विशिष्ट पहचान देती है।

पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं के कारण अबार माता मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां की परंपराएं बुंदेलखंड की उस सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करती हैं, जिसमें लोककथाएं, धार्मिक विश्वास और जनआस्था एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

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Sagar News: कलेक्टर ने सागर में निर्माण कार्यों की समीक्षा, देरी पर ठेकेदारों को नोटिस और पेनल्टी के निर्देश

निर्माण कार्यों में देरी पर ठेकेदारों को नोटिस और पेनल्टी के निर्देश

• कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की हिदायत


तीनबत्ती न्यूज :15 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के डिपॉजिट वर्क्स एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में हाउसिंग बोर्ड की धर्मश्री मंगल विहार आवासीय योजना के तहत 167 मकानों के निर्माण की जानकारी दी गई। इनमें 49 MIG-A, 54 MIG-B, 31 LIG-A और 33 EWS-B मकान शामिल हैं। वर्तमान में कॉलम फुटिंग एवं सरिया बांधने का कार्य चल रहा है। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।

खुरई रिडेंसिफिकेशन योजना के तहत पशु चिकित्सालय एवं शासकीय आवास हैंडओवर किए जा चुके हैं। तहसील एवं एसडीएम कार्यालय भवन, रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी ऑफिस, हिनौता गौशाला, बस पिकअप स्टेशन, क्रिकेट ग्राउंड एवं गुलार रोड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

राहतगढ़ सीएचसी का कार्य फिनिशिंग स्टेज में है। कलेक्टर ने इसे दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का 42 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष रूफ स्लैब सहित लंबित कार्यों को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से समन्वय कर जून 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।

देरी पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई

कलेक्टर ने ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण में हुई देरी का आकलन करने और संबंधित ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पेनल्टी लगाने के सख्त निर्देश दिए। शासकीय स्वशासी कन्या उत्कृष्टता महाविद्यालय सागर की बाउंड्री वॉल, पं. दीनदयाल उपाध्याय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय तथा शासकीय महाविद्यालय मकरोनिया बुजुर्ग के निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को कहा।

सांदीपनि विद्यालय गढ़ाकोटा के निर्माण में विलंब पर कलेक्टर ने चिंता जताते हुए स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए। शासकीय कन्या शिक्षा परिसर केसली के स्वीकृत प्रोजेक्ट में भी तेजी लाने को कहा गया। आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल सागर के हॉस्टल, एडमिन ब्लॉक और अस्पताल ब्लॉक के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

सड़क और ओवरब्रिज परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में सेंट्रल जेल सागर रिडेंसिफिकेशन (चितौरा) के अत्याधुनिक जेल के संशोधित डीपीआर पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई। एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के सड़क, ओवरब्रिज और वेस्टर्न बायपास कार्यों की भी समीक्षा की गई।

सागर-छतरपुर-कबरई मार्ग तथा बेरखेड़ी-सुनई/बेरखेड़ी-गढ़ाकोटा (सागर लिंक रोड) का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने प्रचलित परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण एवं विवादों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों।

सागर-लखनादौन मार्ग सुधारीकरण, व्हीकुलर अंडरपास, मसूराई टोड़ा-जैसीनगर मार्ग, बीना-बमहोरी मार्ग, धर्मश्री-भोपाल बायपास, मकरोनिया-सिविल लाइन व्हाइट टॉपिंग और पीजी रोड्स के नवीनीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को प्रत्येक परियोजना की जियो-टैग फोटो सहित साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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सागर के बाल नवाचारकर्ता अर्जुन उपाध्याय का कमाल, ‘Impact OS’ बनाया; बेंगलुरु में मिला ‘यंग इनोवेटर’ सम्मान

सागर के बाल नवाचारकर्ता अर्जुन उपाध्याय ने बनाया ‘Impact OS’, बेंगलुरु में मिला ‘यंग इनोवेटर’ सम्मान

• पानी की गुणवत्ता, वायु प्रदूषण, मौसम और जर्जर इमारतों की जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की पहल


तीनबत्ती न्यूज:15 अक्टूबर, 2026

सागर। आर्मी पब्लिक स्कूल, सागर में कक्षा छठवीं के छात्र अर्जुन उपाध्याय ने तकनीक के रचनात्मक उपयोग से शहरी समस्याओं के समाधान की दिशा में अभिनव पहल की है। अर्जुन ने ‘Impact OS’ नामक वेब पोर्टल एवं ऐप विकसित किया है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पानी की गुणवत्ता, वायु गुणवत्ता, मौसम और जर्जर इमारतों सहित विभिन्न शहरी सुविधाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।

अर्जुन के इस नवाचार को बेंगलुरु में आयोजित हैक फेस्ट में सराहना मिली, जहां उन्हें ‘यंग इनोवेटर’ सम्मान से सम्मानित किया गया।

AI की मदद से अलग-अलग स्रोतों की जानकारी एक डैशबोर्ड पर

अर्जुन के अनुसार, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और दिल्ली में जर्जर इमारतों से जुड़ी घटनाओं ने उन्हें इस परियोजना पर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से विभिन्न सार्वजनिक सूचना स्रोतों से जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की परिकल्पना की।

‘Impact OS’ में नगर निगमों, स्थानीय प्रशासन, जल परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा मौसम और वायु गुणवत्ता से संबंधित सार्वजनिक पोर्टलों से उपलब्ध जानकारी को एकीकृत डैशबोर्ड के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अपने आसपास के पर्यावरण और शहरी सुविधाओं से जुड़ी उपयोगी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।

हवा, मौसम से लेकर जर्जर भवनों तक की जानकारी

‘Impact OS’ की परिकल्पना के अनुसार उपयोगकर्ता अपने आसपास के क्षेत्र में पानी और हवा की गुणवत्ता, मौसम तथा अन्य शहरी सुविधाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इसके साथ ही नगर निकायों द्वारा की जाने वाली जल आपूर्ति, ऊर्जा संसाधनों, बिजली एवं सौर ऊर्जा के उपयोग और पौधरोपण से संबंधित आंकड़ों को भी एक स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।

प्लेटफॉर्म में जर्जर भवनों से संबंधित जानकारी और अलर्ट की सुविधा भी प्रस्तावित है। उदाहरण के लिए, यदि किसी नगर निकाय द्वारा किसी जर्जर भवन के संबंध में नोटिस जारी किया जाता है, तो उससे जुड़ी जानकारी उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती है।

पिता के पुराने लैपटॉप से शुरू हुआ तकनीक का सफर

अर्जुन की तकनीकी यात्रा महज आठ वर्ष की उम्र में शुरू हुई। उनके पिता ने उन्हें अपना पुराना लैपटॉप दिया था। लैपटॉप में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के प्रयास के दौरान उनकी कंप्यूटर और तकनीक में रुचि बढ़ी।

इसके बाद अर्जुन ने YouTube वीडियो के माध्यम से प्रोग्रामिंग और कोडिंग सीखना शुरू किया। स्कूल की एक प्रतियोगिता के लिए ऐप बनाने के दौरान मिले प्रोत्साहन ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

लगभग आठ महीने की मेहनत और स्कूल के शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने ‘Impact OS’ विकसित किया। इस परियोजना को और अधिक उन्नत एवं उपयोगी बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उनके सहपाठी अर्णव निरंजन भी इस प्रयास में सहयोग कर रहे हैं।

वैज्ञानिक परिवार से मिला प्रोत्साहन

अर्जुन के पिता डॉ. चंद्रमा प्रकाश उपाध्याय डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी माता डॉ. देवांशी उपाध्याय DST वुमन साइंटिस्ट हैं।

अर्जुन ने अपने विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन के कारण ही इस नवाचार को विकसित करना और आगे बढ़ाना संभव हो पाया।

Google Play Store पर लॉन्च करने की तैयारी

अर्जुन अब ‘Impact OS’ ऐप को Google Play Store पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका यह प्रयास बताता है कि जिज्ञासा, निरंतर सीखने की इच्छा और तकनीक के रचनात्मक उपयोग से विद्यार्थी भी समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर सकते हैं।

‘Impact OS’ इसी सोच का परिणाम है, जिसमें शहरी सुविधाओं और पर्यावरण से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।


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बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘आरब्धि 2026’ का भव्य शुभारंभ, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन

बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘आरब्धि 2026’ का भव्य शुभारंभ, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन


तीनबत्ती न्यूज: 14अक्टूबर, 2026

सागर। बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सिरोंजा परिसर में प्रथम वर्ष के बी.टेक. एवं बी.फार्मा. के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ‘आरब्धि 2026’ (Aarabdhih 2026) इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 5 अक्टूबर 2026 को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित कराना और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में बीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ‘घड़ी’, सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन, रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह, बीटीआईपीएस के निदेशक (आर एंड डी) डॉ. संजय जैन, प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार जैन, बीटीआईआरटी के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुस्केले तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।



डिग्री के साथ कौशल और नैतिक मूल्यों पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी अवंति बाई लोधी विश्वविद्यालय, सागर के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ज्ञानार्जन, नवाचार, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

बीटी ग्रुप के अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ‘घड़ी’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक परंपराओं, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने अच्छे संस्कारों, नैतिक मूल्यों और मेहनत को सफलता का आधार बताया।

संस्थान के सचिव डॉ. सत्येंद्र जैन ने नवाचार, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शैक्षणिक ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता, संचार कौशल, टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

अनुसंधान, करियर और व्यक्तित्व विकास पर मार्गदर्शन

रजिस्ट्रार डॉ. तरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों एवं अनुशासन का पालन करते हुए व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की सलाह दी। वहीं, बीटीआईपीएस के निदेशक (आर एंड डी) डॉ. संजय जैन ने अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की महत्ता बताई।

प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सलाहकार डॉ. सचिन चौधरी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगारपरक कौशल के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्रारंभ से ही करियर के प्रति जागरूक रहने और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

बीटीआईपीएस के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार जैन ने ‘आरब्धि 2026’ को विद्यार्थियों के जीवन की नई और सकारात्मक शुरुआत बताया। नैक प्रत्यायित तकनीकी संस्थान बीटीआईआरटी के प्राचार्य डॉ. वीरेश कुमार फुस्के ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, अनुशासन और नवाचार के माध्यम से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया।

पूर्व विद्यार्थी ने साझा किए अनुभव, सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन

कार्यक्रम में आईडीएमसी लिमिटेड में कंट्रोल सिस्टम्स इंजीनियर के पद पर कार्यरत संस्थान के पूर्व विद्यार्थी विकास रैकवार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने और उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की सलाह दी।

इस अवसर पर प्रथम सेमेस्टर की छात्रा पूर्वी साहू ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिए।

‘आरब्धि’ का अर्थ नई शुरुआत है। इसी भावना के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आपसी सहयोग और शैक्षणिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करने की तैयारी विकसित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने किया। अंत में डॉ. रूपसी जैन ने आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, संस्थान के पदाधिकारियों, प्राध्यापकों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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सुरखी में 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया मंत्री-सांसद ने

सुरखी में 10 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया मंत्री-सांसद ने

तीनबत्ती न्यूज, 14 अक्टूबर 2026

सागर। सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ग्राम सेमरा गोपालमन, चादौनी, करैया और जैसीनगर में 10 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में सड़क एवं पहुंच मार्ग, पेयजल टंकी, नाली और चबूतरा निर्माण सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। इस दौरान जैसीनगर में आधार केंद्र का शुभारंभ भी किया गया।

इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, पेयजल आपूर्ति और जल निकासी जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, आधार केंद्र शुरू होने से स्थानीय लोगों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी।


विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर : गोविंद सिंह राजपूत

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।


उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा में हो रहे विकास कार्यों से कुछ लोगों की राजनीति प्रभावित हुई है, इसलिए भ्रमित करने वाला प्रचार किया जा रहा है। लेकिन जनता विकास कार्यों को देख रही है और योजनाओं से मिल रहे लाभ को महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।


मंत्री राजपूत की सोच ने बदली सुरखी की तस्वीर : सांसद लता वानखेड़े

कार्यक्रम में सांसद लता वानखेड़े ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से सुरखी विधानसभा क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयास क्षेत्र को अलग पहचान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री राजपूत क्षेत्र की जनता के बीच लगातार उपलब्ध रहते हैं। जनता के साथ उनका पारिवारिक जुड़ाव और विश्वास ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की ताकत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गांव-गांव में विकास कार्य दिखाई दे रहे हैं और भाजपा सरकार की नीतियों से सुरखी की तस्वीर बदल रही है।

सड़क, पेयजल और नाली निर्माण से ग्रामीणों को राहत

सुरखी विधानसभा के विभिन्न गांवों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों को ग्रामीण जीवन की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए मंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें किसानों को उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में सहूलियत देती हैं।मंत्री ने कहा कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ आम नागरिक के दैनिक जीवन में दिखाई दे। सुरखी विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष रामबाबू सिंह, राजा करैया, साहब सिंह सेमरा, हरनाम सिंह, धर्मेंद्र पटेल, मंडल अध्यक्ष संतोष पटेल, उमेश गढ़ेरिया, निर्भय सिंह, नारायण पटेल, हाकम सिंह, लाखन सिंह, विश्वनाथ सिंह, सिहोनी लाल सिंह, सूरज सिंह, मदन सिंह, छोटे सिंह, गोवर्धन सिंह, डब्बू आढ़तिया, पप्पू तिवारी, प्रहलाद प्रजापति, देवेंद्र दुबे, राजकुमार सिंह, हेमंत सिंह, चंद्रभान सिंह, रामराज सिंह, राजाराम प्रजापति, निर्भय गोंड और गजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


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सागर में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश • शाहगढ़ और बण्डा CDPO का वेतन रोकने के निर्देश, सुपरवाइजर को नोटिस

 सागर में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

• शाहगढ़ और बण्डा CDPO का वेतन रोकने के निर्देश, सुपरवाइजर को नोटिस; शत-प्रतिशत फेस रिकग्नीशन, ABHA ID, ई-केवाईसी और DBT पूर्ण करने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज:14 अक्टूबर 2026

सागर। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित हों और कोई भी बेड खाली न रहे। अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल NRC में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने विभागीय कार्यों में लापरवाही और मैदानी स्तर पर प्रभावी निगरानी नहीं रखने पर शाहगढ़ एवं बण्डा के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) का वेतन आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। वहीं कम वजन वाले बच्चों के सही चिन्हांकन और नियमित वजन मापने के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर शाहगढ़ की सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री भरत सिंह राजपूत, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जियो फेंसिंग क्षेत्र से ही दर्ज हो ई-उपस्थिति

कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि हितग्राहियों के स्वास्थ्य एवं पोषण की निगरानी के लिए मैदानी अमला शत-प्रतिशत होम विजिट सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क ऐप पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ई-उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। कार्यकर्ता आंगनवाड़ी खुलने के समय निर्धारित जियो फेंसिंग क्षेत्र में रहकर ही उपस्थिति दर्ज करें। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्र की जियो फेंसिंग की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

पोषण ट्रैकर पर बंद दिखाई दे रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्काल खुलवाने के लिए भी निर्देशित किया गया।

NRC में कोई बेड खाली न रहे

स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्रों की बेड क्षमता और वर्तमान में उपचाररत बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी NRC पूर्ण क्षमता से संचालित किए जाएं और कोई भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने अति गंभीर कुपोषित बच्चों की त्वरित पहचान कर उन्हें NRC में भर्ती कराने तथा उन्हें समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

शत-प्रतिशत बच्चों का वजन मापने के निर्देश

कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों के अंतर्गत आने वाले बच्चों के वजन चिन्हांकन का कवरेज तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों का नियमित एवं सही तरीके से वजन मापा जाए, ताकि SAM, MAM और अंडरवेट बच्चों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके हुए भोजन (HCM) की गुणवत्ता और वास्तविक मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ पोषण ट्रैकर पर इसकी शत-प्रतिशत रियल-टाइम प्रविष्टि करने को कहा गया।

ई-केवाईसी, DBT, फेस रिकग्नीशन और ABHA ID जल्द पूर्ण हों

कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के सभी हितग्राहियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी, DBT, फेस रिकग्नीशन और ABHA ID का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा चाइल्ड लाइन से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पेंडेंसी शीघ्र शून्य करने के निर्देश दिए।

50 और 100 दिन से लंबित CM हेल्पलाइन शिकायतें एक सप्ताह में बंद हों

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों की निरंतर मॉनीटरिंग करने तथा 50 और 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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