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सागर में एयरपोर्ट की तैयारी तेज, 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स में शामिल

सागर में एयरपोर्ट की तैयारी तेज, 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स में शामिल



तीनबत्ती न्यूज: 10 अगस्त, 2026

सागर। सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद बढ़ी है। विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश की 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें सागर भी शामिल है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने और उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई। प्रस्तावित सूची में सागर के अलावा सिंगरौली, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

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वर्तमान हवाई पट्टी का विस्तार मुश्किल

विधायक जैन के अनुसार सागर की वर्तमान हवाई पट्टी के आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका एयरपोर्ट के रूप में विस्तार कठिन है। इसी वजह से नए एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक और पर्याप्त भूमि की तलाश की जा रही है।उन्होंने बताया कि विमानन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से भी इस संबंध में चर्चा की गई है। पर्याप्त भूमि उपलब्ध होते ही सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विधायक जैन ने कहा कि सागर में आधुनिक एयरपोर्ट बनने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा और निवेश को नई गति मिलेगी। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण केंद्र सागर को देश के प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र के आर्थिक और रोजगार विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से सागर में एयरपोर्ट के विकास के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त भूमि की उपलब्धता इस परियोजना को आगे बढ़ाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी।


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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा, सुरखी के हर मंडल में होगा आयोजन

तिरंगे के सम्मान में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा

मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करते हुए

तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और देश की एकता-अखंडता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपने निज निवास मातेश्वरी से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। मंत्री राजपूत स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते नजर आए।यात्रा में हजारों कार्यकर्ताओं, युवाओं और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

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मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा, सुरखी के हर मंडल में होगा आयोजन

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मंत्री राजपूत ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके तीन रंग और अशोक चक्र देश की विविधता, शांति, साहस, प्रगति और कर्तव्य का संदेश देते हैं। तिरंगे को हाथ में लेकर चलना राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी व्यक्त करने का माध्यम है।


सुरखी विधानसभा के हर मंडल में निकलेगी तिरंगा यात्रा

मंत्री राजपूत ने बताया कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक मंडल में भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत बिलहरा मंडल में 11 अगस्त, सीहोरा मंडल में 12 अगस्त तथा राहतगढ़ और जैसीनगर मंडल में 14 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।

उन्होंने कहा कि गांव-गांव निकलने वाली इन यात्राओं का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति तक राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाना और नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान तथा राष्ट्रीय ध्वज के महत्व से जोड़ना है।

हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर उत्साह

राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2022 में आजादी के 75वें वर्ष के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू किया गया था। अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और तिरंगा यात्राओं को लेकर उत्साह का वातावरण है। नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस की गरिमा बढ़ाने और अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील की जा रही है।

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BMC Sagar में 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता की बची जान, 24 घंटे में वेंटिलेटर से बाहर

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में बड़ी चिकित्सा सफलता, 85 वर्षीय सर्पदंश पीड़िता को मिला नया जीवन

BMC Sagar doctors successfully treat 85-year-old snake bite patient

तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर । बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की त्वरित कार्यशैली एवं बेहतर समन्वय से सर्पदंश की गंभीर स्थिति में पहुंची 85 वर्षीय वृद्धा की जान बचाई गई। छतरपुर जिले के बक्सवाहा (भीमपुरा) निवासी श्रीमती बाजरानी बसुदेव को गंभीर हालत में बीएमसी लाया गया था।

सर्पदंश के विषैले प्रभाव के चलते वृद्धा को सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी विभाग की टीम ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार शुरू किया। इसके बाद मरीज को आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट, एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं दी गईं।

महज 24 घंटे में हुआ सुधार

डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लगातार निगरानी एवं उपचार के परिणामस्वरूप मरीज की हालत में महज 24 घंटे के भीतर उल्लेखनीय सुधार हुआ और उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से बाहर निकाल लिया गया। पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद वृद्धा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

इस सफल उपचार में इमरजेंसी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र उइके, सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ जैन तथा मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश पांडे के मार्गदर्शन में रेसिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।रेसिडेंट डॉक्टरों में डॉ. मोनालिसा, डॉ. श्वेता, डॉ. विशाल, डॉ. दृष्टि, डॉ. मंजुनाथ, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. सर्वेश गांवकर, डॉ. रुचिका अनुरागी, डॉ. शशांक जैन, डॉ. यशवंत एवं डॉ. स्वप्नजीत सिंह अरोड़ा शामिल रहे। वहीं नर्सिंग अधिकारी श्री अरुण चोरड़िया, सुश्री ऋचा, सुश्री इंद्रा विश्वकर्मा, सुश्री नीतू अहिरवार एवं सुश्री मनीषा राठौर का भी उपचार में महत्वपूर्ण योगदान रहा।


बीएमसी के डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और नर्सिंग स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल तथा समर्पित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि गंभीर सर्पदंश के मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम और आवश्यकता पड़ने पर वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

वृद्धा के परिजनों ने बीएमसी प्रबंधन, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आभार जताते हुए नि:शुल्क जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा और समय पर उपचार के लिए धन्यवाद दिया।


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सागर कलेक्ट्रेट में बिना हेलमेट एंट्री बंद, ₹6,200 का चालान वसूला

सागर कलेक्ट्रेट में बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों की एंट्री बंद, अब तक ₹6,200 का चालान


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर कलेक्ट्रेट परिसर सहित संभागीय और जिला स्तरीय कार्यालयों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है।

1 अगस्त 2026 से कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान बिना हेलमेट पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को रोका जा रहा है और नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में ₹6,200 का शमन शुल्क वसूल किया जा चुका है। यह कार्रवाई मोटरयान अधिनियम की धारा 128, 138(1), 138(3) एवं 129 के तहत की जा रही है।



अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर आम नागरिकों तक नियम लागू

कलेक्ट्रेट एवं अन्य संभागीय तथा जिला स्तरीय कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और आवश्यकतानुसार चालानी कार्रवाई भी की जा रही है।

जीवन सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूरी

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें और यातायात नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जीवन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।



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सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर: प्रधान आरक्षक को आया हार्ट अटैक : डायल-112 की FRV से लाया गया हॉस्पिटल : FRV कैमरों से 30 किमी तक हुई लाइव मॉनिटरिंग

सागर पुलिस डायल 112 FRV में लाइव कैमरों से प्रधान आरक्षक की मॉनिटरिंग


तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। डायल-112 की आधुनिक तकनीक और पुलिस की संवेदनशीलता का मानवीय उदाहरण सागर में सामने आया। थाना बांदरी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आने के बाद डायल-112 की FRV-29 से सागर स्थित बंसल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने FRV में लगे लाइव कैमरों के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक उनकी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया डायल-112 के नोडल जिला प्रभारी हैं। घटना के समय वे पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 60 डायल-112 पायलटों की बैठक ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बांदरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हार्ट अटैक आया है और FRV-29 उन्हें तत्काल उपचार के लिए सागर लेकर रवाना हुई है।

लाइव कैमरे से रखी मरीज की स्थिति पर नजर

सूचना मिलते ही एएसपी भदौरिया ने FRV में लगे कैमरों के माध्यम से लाइव मॉनिटरिंग शुरू कर दी। करीब 30 किलोमीटर के सफर के दौरान उन्होंने मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी। साथ ही FRV में मौजूद पुलिस स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए और प्रधान आरक्षक को लगातार ढांढस बंधाया।

विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी किया संपर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने बंसल अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर मरीज को अस्पताल पहुंचाने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी ली। इसके बाद FRV में मौजूद पुलिसकर्मियों को चिकित्सकों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया।


समय पर उपचार से मिली मदद


FRV-29 प्रधान आरक्षक को सुरक्षित रूप से बंसल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिली।


तकनीक और संवेदनशीलता का बेहतर उदाहरण

सागर पुलिस की इस पहल ने दिखाया कि डायल-112 की FRV में लगे लाइव कैमरे केवल निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया की त्वरित पहल, संवेदनशीलता और लगातार मॉनिटरिंग ने तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण पेश किया।

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सागर-विदिशा में सड़क नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार, NHAI मुख्यालय में सांसद लता वानखेड़े की समीक्षा

सागर-विदिशा लोकसभा क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार, NHAI मुख्यालय में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने की समीक्षा



तीनबत्ती न्यूज : 10 अगस्त 2026

सागर। सागर लोकसभा क्षेत्र की सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने और क्षेत्र में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने नई दिल्ली स्थित NHAI मुख्यालय, द्वारका में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में NHAI के सदस्य (प्रोजेक्ट्स) विपिनेश शर्मा के साथ मध्य प्रदेश, विशेषकर सागर एवं विदिशा लोकसभा क्षेत्र में चल रही, प्रस्तावित और आगामी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की गति, समय-सीमा और क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

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सागर बाईपास और रिंग रोड को प्राथमिकता

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने सागर शहर को भारी यातायात के दबाव से राहत देने के लिए नए सागर बाईपास की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बाईपास से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाकर इसे शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।

बैठक में सागर रिंग रोड-1 तथा बेरखेड़ी–रानीपुरा मार्ग को भी महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया। इन परियोजनाओं को तेजी से पूर्ण कराने तथा आगामी 6 से 8 माह में बेरखेड़ी–रानीपुरा मार्ग को चालू करने की दिशा में कार्य करने पर चर्चा हुई।

सागर–भोपाल फोरलेन पर भी हुई चर्चा

बैठक में सागर–भोपाल फोरलेन परियोजना को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। सांसद ने परियोजना का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सागर–भोपाल फोरलेन के पूर्ण होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा और सागर की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से सागर–भोपाल यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे तक लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

सिरोंज, शमशाबाद और कुरवाई को बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी

बैठक में सिरोंज, शमशाबाद और कुरवाई क्षेत्र में नई हाईवे कनेक्टिविटी विकसित करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही बीना रिंग रोड को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।

सांसद ने कहा कि सागर लोकसभा क्षेत्र में एक साथ कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र मजबूत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ेगा।

NHLML चेयरमैन से भी की मुलाकात

NHAI मुख्यालय में सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के चेयरमैन आलोक दीपांकर से भी मुलाकात की।

इस दौरान NHLML से संबंधित परियोजनाओं और सागर-विदिशा क्षेत्र में भविष्य की संभावित कनेक्टिविटी एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा हुई। सागर को लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

‘सागर को बड़ा रोड एवं कनेक्टिविटी हब बनाना प्राथमिकता’

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि सागर को मध्य प्रदेश के बड़े रोड एवं कनेक्टिविटी हब के रूप में विकसित करना प्राथमिकता है। सागर बाईपास, रिंग रोड, बेरखेड़ी–रानीपुरा, सागर–भोपाल फोरलेन सहित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध गति देने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर दिखाई दें।

सांसद ने कहा कि मजबूत सड़क कनेक्टिविटी से सागर के साथ-साथ बीना, सिरोंज, शमशाबाद, कुरवाई और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग, रोजगार एवं पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कनेक्टिविटी के माध्यम से सागर को मध्य भारत के प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य है।

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मध्यप्रदेश पुलिस में 27,534 पदोन्नति, CM मोहन यादव ने बांटे नियुक्ति पत्र

पुलिस की पदोन्नति पर जवानों ने जताया सीएम डॉ. मोहन यादव का आभार, मुख्यमंत्री बोले- सरकार आपके परिवार के लिए सबकुछ करेगी


तीनबत्ती न्यूज:10 अगस्त 2026

सागर। मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से लंबित पदोन्नति और नई भर्तियों को लेकर भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को आभार प्रदर्शन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बैज लगाए।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास, सेवा और समर्पण का प्रतीक है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभाएं, सरकार उनके परिवार के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने चंबल अंचल से दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी सेवाओं और उपलब्धियों के लिए बधाई दी।

पुलिस के 58 संवर्गों में 27,534 को पदोन्नति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया लागू होने में समय लगने के कारण करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त भी हो गए।उन्होंने बताया कि 30 रक्षित निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नति मिली है।

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खंडवा में बनेगी नई पुलिस बटालियन


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। इनमें अति पिछड़े वर्गों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग की कंपनियां शामिल होंगी।



दो साल में पूरी होगी लंबित पुलिस भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एएसएल की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।वर्ष 2026 में विभिन्न पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार का प्रयास है कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है।

नक्सलवाद के खिलाफ हॉक फोर्स की अहम भूमिका

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में पुलिस की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नई नियुक्तियां हुई हैं।

डीजीपी ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन आने की संभावना है। नई भर्ती के बाद प्रशिक्षण प्राप्त पुलिस बल सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहेगा।

पदोन्नति से बढ़ा पुलिसकर्मियों का मनोबल

कार्यक्रम में पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि कई पुलिसकर्मी दो दशक से सेवा दे रहे हैं और उनकी पदोन्नति उनके परिवार के सपनों से भी जुड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय को पुलिसकर्मियों के लिए सम्मान बताया।

निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से उनके परिवार के तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने भी पुलिस सेवा के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया।नवीन भर्ती में चयनित आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से खाकी वर्दी पहनना उनका सपना था और शादी तथा बच्चों के बाद पुलिस विभाग में चयन होना उनके लिए गौरव की बात है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव • अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू • मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ

अगले दो महीने में प्रारंभ होगी भोपाल से शारजाह तक डायरेक्ट इंटरनेशनल फ्लाइट : सीएम डॉ. यादव

• अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नायडू

• मध्यप्रदेश में जल्द ही बनेंगे पांच नए एयरपोर्ट: चार नई सीधी उड़ानों का हुआ शुभारंभ



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखा


तीनबत्ती न्यूज: 09 अगस्त ,2026

भोपाल: मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

पांच नए एयरपोर्ट मिले


चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल-रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

दस महीनों में बढी सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर-अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।


2036 तक हवाई सेवाओं के विकास-विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार




केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।


केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा-कोलकाता, रीवा-पटना, जबलपुर-कोलकाता और भोपाल-रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। श्री नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।



केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।


उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी- 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा-भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा-कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।


केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है। श्री शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।


चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी


आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल-रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल-पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल-पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल-रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।


सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम


सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल-रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर-कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल-रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल-पटना एवं रीवा-कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर-कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।


किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ


सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल-रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल-पटना 4,500 रुपये, रीवा-कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर-कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग श्री चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग) श्री अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र श्री एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष श्री अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ श्री राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ श्री विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।

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