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सागर के आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेगा NO ABUSE बोर्ड, 17 सितंबर को नो एब्यूज डे

सागर के आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेगा “NO ABUSE” बोर्ड :  17 सितंबर को मनाया जाएगा “नो एब्यूज डे”



तीनबत्ती न्यूज: 20 अगस्त, 2026

सागर। महिलाओं के सम्मान, संस्कारित भाषा और स्वस्थ सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित “वैचारिक स्वच्छता अभियान” को सागर जिले में संस्थागत समर्थन मिला है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में “NO ABUSE” बोर्ड लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।

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जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सागर द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आदेश क्रमांक म.बा.वि./आईसीडीएस/2026-27/3780 के माध्यम से जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार “NO ABUSE” बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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डॉ. वंदना गुप्ता के पत्र के बाद जारी हुआ आदेश

विभाग का यह आदेश समाजसेविका एवं समाज सुधारक डॉ. वंदना गुप्ता द्वारा 6 अगस्त 2026 को कलेक्टर, जिला सागर को भेजे गए पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि मां, बहन और बेटी के नाम पर अपमानजनक गालियों का प्रयोग समाज में असम्मानजनक भाषा, सामाजिक संवेदनशीलता में कमी और नैतिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में सम्मानजनक भाषा और संस्कारित संवाद को बढ़ावा देना जरूरी है।

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सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में लगाए जाएंगे बोर्ड

महिला एवं बाल विकास विभाग ने संबंधित परियोजना अधिकारियों को अपने कार्यालयों के साथ-साथ परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में निर्धारित प्रारूप के अनुसार “NO ABUSE” बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाना सुनिश्चित करने को कहा गया है।


“बच्चों के संस्कार निर्माण की शुरुआत घर और आंगनवाड़ी से”


वैचारिक स्वच्छता अभियान की संस्थापक डॉ. वंदना गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी आदेश का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “बच्चों के संस्कार निर्माण की शुरुआत घर और आंगनवाड़ी से होती है। यदि बचपन से ही बच्चों को सम्मानजनक भाषा और मां, बहन एवं बेटी के सम्मान का संस्कार दिया जाए, तो आने वाली पीढ़ी अधिक संवेदनशील और सभ्य समाज का निर्माण करेगी।”

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डॉ. गुप्ता ने कहा कि “NO ABUSE” केवल एक बोर्ड नहीं, बल्कि भाषा और विचारों की स्वच्छता का सामाजिक संदेश है। 17 सितंबर को “नो एब्यूज डे – जनजागृति संकल्प दिवस” के रूप में मनाने का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प दिलाना है कि वह मां, बहन और बेटी से जुड़ी अपमानजनक गालियों का प्रयोग नहीं करेगा और दूसरों को भी ऐसी भाषा के प्रयोग से रोकेगा।

उन्होंने कहा कि सागर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल वैचारिक स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और सभी परियोजना अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि इस अभियान को जिले के अन्य शासकीय एवं सामाजिक संस्थानों में भी आगे बढ़ाया जाएगा।

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सागर में “आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचौपाल” का 22 वाँ शिविर सम्पन्न: महापौर संगीता तिवारी ने सुनी नागरिकों की समस्याएं: मौके पर हुआ समाधान

सागर में “आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचौपाल” का 22 वाँ शिविर सम्पन्न: महापौर संगीता तिवारी ने  सुनी नागरिकों की समस्याएं:  मौके पर हुआ समाधान


तीनबत्ती न्यूज:  19 अगस्त 2026

सागर। नगर निगम सागर द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “आपकी महापौर आपके द्वार एवं जनचौपाल” अभियान के तहत बुधवार को तिलकगंज वार्ड में 22वां जनचौपाल शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित नगर निगम अधिकारियों को समस्याओं का समयबद्ध एवं त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

जलप्रदाय, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याएं पहुंचीं

जनचौपाल में नागरिकों ने जलप्रदाय, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं महापौर के समक्ष रखीं। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को उनके वार्ड में ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। जनचौपाल के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, संबल योजना, समग्र आईडी, राशन पर्ची और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है।



उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण किया जाए।महापौर ने नागरिकों से अपील की कि जो लोग अभी तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ जनचौपाल शिविर में पहुंचें। पात्रता के अनुसार उन्हें संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करने की अपील

शिविर के दौरान महापौर ने नागरिकों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का पालन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने में नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है। नागरिक अपने घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे का उचित पृथक्करण करें तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही कचरा नगर निगम को दें।


वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी ने कहा कि महापौर की पहल पर आयोजित किए जा रहे जनचौपाल शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कराने की प्रभावी पहल की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप समाज की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और एक ही स्थान पर उनकी समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी ने कहा कि जनचौपाल शिविर नागरिकों और नगर निगम के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। महापौर द्वारा नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिए जाने से लोगों को त्वरित राहत मिल रही है।


पार्षद ने महापौर का किया स्वागत, सौंपा ज्ञापन

तिलकगंज वार्ड पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेष केशरवानी ने महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनचौपाल के माध्यम से वार्ड के नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे महापौर के समक्ष रखने का अवसर मिला है। पार्षद शैलेष केशरवानी ने वार्ड की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए महापौर को ज्ञापन भी सौंपा। महापौर ने शीघ्र समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि महापौर के प्रयासों से तिलकगंज वार्ड के विकास कार्यों को गति मिली है और आवश्यक कार्य पूर्ण किए गए हैं।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य शैलेन्द्र ठाकुर, पार्षद प्रतिनिधि सोमेश जड़िया, सुरेंद्र तिवारी, कमलेश प्रजापति, गोलू पटेल, जॉनी ठाकुर, जितेंद्र तोमर, अमृत पटेल, मीना केसरवानी, भगवानदास पटेल, संदीप कोरी, आशारानी पटेल, रजनीश कुशवाहा, मनीष कुशवाहा, संजय सेन, अनिल पटेल, गोविंद पटेल, शिवांश सोनी, संतोष सेन सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

नगर निगम की ओर से उपायुक्त एस.एस. बघेल, सहायक यंत्री संजय तिवारी, राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव, कर संग्राहक नीता श्रीवास्तव, श्रीमती आसिमा तिर्की, प्रकाश विभाग, एनयूएलएम सिटी मैनेजर विक्रम जैन, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार, आसिफ खान, मंगल तिवारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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जतारा में 1000 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र, 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

जतारा में 1000 एकड़ भूमि पर विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र, झांसी-मऊरानीपुर के 35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

टीकमगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की क्षेत्रीय औद्योगिक विकास नीति के तहत टीकमगढ़ जिले में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। जिले की जतारा और पलेरा तहसीलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


जतारा में लगभग 1000 एकड़ भूमि पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसके विकास को लेकर एमपीआईडीसी, क्षेत्रीय कार्यालय सागर के कार्यकारी संचालक श्री प्रतुल चंद्र सिन्हा ने टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त चर्चा की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विद्युत, जल और औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



झांसी और मऊरानीपुर के उद्योगपतियों से निवेश को लेकर चर्चा


टीकमगढ़ और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक ने उत्तर प्रदेश के झांसी और मऊरानीपुर में उद्योगपतियों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

बैठकों में निवेशकों को मध्यप्रदेश शासन की उद्योग अनुकूल नीतियों, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, सुविधाओं और सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी गई। साथ ही उद्योगपतियों से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं और उनकी अपेक्षाओं को लेकर सुझाव भी लिए गए।

औद्योगिक क्षेत्र में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

बैठक में निवेशकों को जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए उपलब्ध भूमि, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में ईटीपी, एसटीपी, स्कूल, पार्क, बैंक, एटीएम, पुलिस थाना, फायर स्टेशन, चौड़ी सड़कें, नालियां, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।

इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि निवेशक अनुकूल नीतियां, शीघ्र अनुमतियां, प्रतिस्पर्धी भूमि दरें और मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम मध्यप्रदेश में निवेश के प्रमुख आकर्षण हैं।


रणनीतिक स्थान पर स्थित है जतारा

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह क्षेत्र जतारा तहसील के साथ-साथ पलेरा और लिधौरा तहसीलों के नजदीक है तथा टीकमगढ़ जिले के आसपास के क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

इसके अलावा जतारा क्षेत्र की कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र और छतरपुर जिले से भी बेहतर है। ऐसे में बुंदेलखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच स्थित होने के कारण जतारा में उद्योगों के लिए व्यापक संभावनाएं देखी जा रही हैं।

35 निवेशकों ने जताई निवेश की सहमति

झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों के दौरान निवेशकों ने जतारा के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

झांसी में आयोजित बैठक में 15 निवेशकों ने तथा मऊरानीपुर में आयोजित बैठक में 20 निवेशकों ने जतारा औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने की सहमति जताई। इस तरह दोनों बैठकों में कुल 35 निवेशकों ने जतारा में निवेश की इच्छा व्यक्त की है।

निवेशकों ने मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न योजनाओं और सिंगल विंडो सिस्टम से संबंधित जानकारी भी चाही। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक द्वारा निवेशकों के सवालों के जवाब देते हुए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया।



उद्योग जगत के प्रतिनिधि रहे मौजूद


झांसी और मऊरानीपुर में आयोजित बैठकों में विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल, बुंदेलखंड चेंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री धीरज खुल्लर, लघु उद्योग भारती जिला अध्यक्ष श्री राजीव वब्बर, आईसीएआई झांसी चेयरमैन श्री जयतमनी जैन, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल अध्यक्ष श्री संजय पटवारी सहित विभिन्न उद्योगपति और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जतारा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से टीकमगढ़ और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

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संत श्री केशवगिरी जी महाराज के सानिध्य में विधायक शैलेंद्र जैन के निवास पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक

श्रावण मास में विधायक शैलेंद्र जैन के निवास पर हुआ पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक

• संत केशवगिरी महाराज के पावन सानिध्य में सपरिवार विधायक शैलेंद्र जैन ने किया पूजन-अर्चन, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया धर्मलाभ


तीनबत्ती न्यूज:19 अगस्त, 2026

सागर। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन के निवास पर संत पूज्य श्री केशवगिरी महाराज के पावन सानिध्य में असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन-अर्चन एवं रुद्राभिषेक का भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान भोलेनाथ के जयघोष और शिव आराधना से विधायक निवास का पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

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इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने सपरिवार श्रद्धापूर्वक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और देवाधिदेव महादेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं रुद्राभिषेक किया। आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की तथा परिवार, समाज एवं समस्त विश्व के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की।

संत केशवगिरी महाराज के सानिध्य में हुआ रुद्राभिषेक

संत पूज्य श्री केशवगिरी महाराज के पावन सानिध्य में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का विधि-विधानपूर्वक पूजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने पूर्ण भक्तिभाव के साथ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर जल, दुग्ध एवं अन्य पूजन सामग्री से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।

श्रावण मास की पावन बेला में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भगवान शिव के जयकारों और मंत्रोच्चार से विधायक निवास का संपूर्ण परिसर शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना कर सर्वकल्याण की प्रार्थना की।



शिव आराधना से आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार : शैलेंद्र जैन

विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि श्रावण मास देवाधिदेव महादेव की आराधना, साधना और भक्ति का अत्यंत पवित्र अवसर है। पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक हमारी सनातन संस्कृति की प्राचीन और पुण्यदायी परंपरा है। ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है, बल्कि समाज में धर्म, संस्कार और सद्भाव की भावना भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा सागर सहित संपूर्ण प्रदेश और राष्ट्र पर अपनी कृपा बनाए रखें। 

जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों ने लिया धर्मलाभ

धार्मिक आयोजन में सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, शहडोल संभाग प्रभारी गौरव सिरोठिया, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, जगन्नाथ गुरैया, विक्रम सोनी, मनीष चौबे, निकेश गुप्ता, सुमित यादव, यश अग्रवाल, श्रीकांत जैन, मेघा दुबे, नीलम अहिरवार, नीरज यादव, धर्मेंद्र खटीक, पराग बजाज, कैलाश हसानी, देवेंद्र अहिरवार, नीरज गोलू कोरी, डब्बू साहू, भरत अहिरवार, नीरज गोलू जैन, नितिन सोनी, कन्हई पटेल, नरेश धानक, विशाल खटीक, राहुल वैद्य, धर्मेंद्र रजक, अमन चौरसिया, रीतेश तिवारी एवं जय सोनी सहित जिला एवं मंडल पदाधिकारी, भाजपा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद

सागर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का किया पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ नकद और 30 लाख का सोना बरामद: ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग का खुलासा

• 30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा, कई फर्जी कंपनियो के एटीएम, पासबुक, चेकबुक, मोबाईल एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद



तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

सागर। सायबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सागर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों और म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन करने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी फरार बताए गए हैं।

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग का नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद और करीब 30 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर सागर लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले पुलिस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसपी अनुराग सुजानिया ने आज मीडिया के सामने पूरा खुलासा किया।पुलिस ने इनसेनोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।




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बेरोजगार लोगों के दस्तावेज लेकर खुलवाते थे फर्जी खाते

सागर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार एवं सामान्य लोगों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त करते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्में तैयार की जाती थीं और निजी बैंकों में उनके नाम से करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे।बाद में इन बैंक खातों को गिरोह अपने नियंत्रण में लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन एवं सर्कुलेशन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था।

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शिकायत से खुला करोड़ों के नेटवर्क का राज

13 अगस्त 2026 को मकरोनिया थाने में रोहित पिता रूपराज पटेल ने शिकायत की थी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई और फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट खुलवाया गया।

पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि रोहित के नाम से 'ग्लैमर इंटरप्राइजेस' नामक फर्म बनाई गई थी। फरवरी 2026 से करीब छह महीने के दौरान इस खाते में लगभग 90 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ था।

     (नोट गिनने कि जब्त मशीन)

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर नरेंद्र सोलंकी के पर्यवेक्षण में मकरोनिया थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों, फर्मों, लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया।

भोपाल और मुंबई से जुड़े तार

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी धर्मेंद्र नाहर ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों के नेटवर्क से जुड़ा काम अमित विश्वकर्मा से सीखा था। इसके बाद धर्मेंद्र ने सागर के स्थानीय साथी सोनू दांगी तथा सरमन उर्फ शुभम रैकवार, विपिन गिरी और स्वर्णेंद्र पांडे के साथ मिलकर फर्जी फर्में तैयार कर बैंक खाते खुलवाने का काम शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन बेटिंग का संचालन रिषभ पटेल द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने रिषभ पटेल को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 2,69,42,700 रुपये नकद और करीब 30 लाख रुपये का सोना बरामद हुआ।



टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रिषभ पटेल ने बताया कि वह ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों और अन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खिलाता था। फर्जी फर्मों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराकर उसे नकद निकाला जाता था।

आरोपी ने कथित तौर पर टेलीग्राम के माध्यम से ग्राहकों का ग्रुप बना रखा था। इस नेटवर्क के जरिए ग्राहकों को ऑनलाइन सट्टेबाजी पैनल की लिंक और क्रेडिट कॉइन उपलब्ध कराए जाते थे।

पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल को न्यायालय से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उनसे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है।


30 से अधिक फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस के तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण में अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता चला है। इनमें से जांच में सामने आई प्रमुख फर्में हैं—

1. ग्लैमर इंटरप्राइजेस

2. भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस

3. सूर्या इंटरप्राइजेस

4. समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स

5. लवली स्वीट एंड मसाला चाट सेंटर

6. कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स

7. स्टार इंटरप्राइजेस

8. राजपूत इंटरप्राइजेस

9. अनुभव ट्रेडर्स

10. सागर ट्रेडर्स

11. शर्मा जी इंटरप्राइजेस

12. सौरभ इंटरप्राइजेस

13. माखन इंटरप्राइजेस

14. अंकेश इंटरप्राइजेस

15. तनविक इंटरप्राइजेस

16. यूनिक टूर एंड ट्रेवल्स

17. महाकाल ट्रेडर्स

18. मैक्स ट्रेडर्स

19. बालाजी ट्रेडर्स

20. जय महाकाल टूर एंड ट्रेवल्स

पुलिस के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में इन फर्मों से संबंधित बैंक खातों में करीब 5.50 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन पाया गया है। पुलिस द्वारा सभी खातों के लेन-देन का विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

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फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

सागर पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के पंजीयन और बैंक खातों को खुलवाने की प्रक्रिया में किन व्यक्तियों अथवा संस्थाओं की भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म पंजीयन या बैंक खाते खोलने में किसी स्तर पर लापरवाही अथवा आपराधिक संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



ये आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों की गिरफ्तारी की है—

- धर्मेंद्र पिता हरिदास नाहर, निवासी खजुराहो, छतरपुर, हाल शिवनगर, थाना बहेरिया, सागर।

- सोनू दांगी पिता रामेश्वर दांगी, निवासी ग्राम बमोरी घाट, थाना जैसीनगर, सागर।

- अमित विश्वकर्मा पिता जगदीश प्रसाद विश्वकर्मा, निवासी इंदौर, हाल रोहित नगर, भोपाल।

- विपिन गिरी पिता अशोक गिरी, निवासी नीरजा नगर, जेके रोड, भोपाल।

- स्वर्णेंद्र पांडे पिता चंद्रभान पांडे, निवासी पीताम्बरा होम्स, खजूरी कला, भोपाल।

- रिषभ पटेल पिता स्वर्गीय रवि पटेल, निवासी मंडला, वर्तमान पता भोपाल।

दो आरोपी फरार

पुलिस के अनुसार सरमन उर्फ शुभम रैकवार निवासी खजुराहो, छतरपुर, वर्तमान पता भोपाल तथा ऋषि केशव सिंह निवासी सीधी, वर्तमान पता भोपाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

पुलिस की नागरिकों से अपील

सागर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने यह भी चेताया है कि किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता या फर्म खुलवाकर उसका संचालन दूसरे व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है। यदि ऐसे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी अथवा अन्य अवैध गतिविधियों की रकम के लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना मकरोनिया प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल, थाना प्रभारी बहेरिया उपनिरीक्षक शशिकांत गुर्जर, बिलहेरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रामअवतार धाकड़, सउनि काशीराम ठाकुर, साइबर सेल सागर के प्रआर सौरभ रैकवार, आरक्षक हेमेन्द्र ठाकुर सहित थाना मकरोनिया, साइबर सेल और थाना शाहपुरा की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का घोटाला, 5 पर केस; 3 गिरफ्तार

जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ₹1.63 करोड़ का वित्तीय घोटाला, पांच पर केस; तीन आरोपी गिरफ्तार




तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता और कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में गढ़ा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।

गढ़ा सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा में छात्रों की फीस, आईपीडी, ओपीडी सहित विभिन्न मदों से नकद राशि मनी रसीद बुक के माध्यम से प्राप्त की जाती है। कैश शाखा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच के लिए आंतरिक कमेटी गठित की थी।

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मनी रसीद और बैंक जमा राशि में मिला बड़ा अंतर

आंतरिक कमेटी ने 1 अप्रैल 2020 से 30 नवंबर 2025 तक की अवधि में कैश शाखा के रिकॉर्ड और बैंक खातों में जमा राशि की जांच की। जांच के दौरान मनी रसीद बुक से प्राप्त राशि और निर्धारित बैंक खातों में जमा कराई गई राशि में बड़ा अंतर पाया गया।

जांच के अनुसार, इस अवधि में करीब ₹1,63,78,000 की शासकीय राशि संबंधित बैंक खातों में जमा नहीं कराई गई। कमेटी ने प्रथम दृष्टया इसे आपराधिक षड्यंत्र के तहत राशि के गबन से जुड़ा मामला माना।

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कैश शाखा में पदस्थ थे आरोपी

मेडिकल कॉलेज की जांच कमेटी के अनुसार संबंधित अवधि में कैश शाखा में मनोहर केवट, सेवानिवृत्त कैशियर, साधना चंद्रोल, कैशियर, भानू सिंह शाक्यवार, सहायक ग्रेड-3, अरविंद धुर्वे, सह-प्रभारी और विशाल सराठे, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारी पदस्थ रहे थे।

कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने वित्तीय अनियमितता के संबंध में गढ़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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पांच आरोपियों पर मामला दर्ज, तीन गिरफ्तार

गढ़ा पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 316, 318 और 61 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस अब वित्तीय अनियमितता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, मनी रसीद बुक और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में किन-किन लोगों की भूमिका रही और शासकीय राशि किस तरह बैंक खातों में जमा होने से रोकी गई।


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सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देने पर TVS पर जुर्माना, 950 वाट का चार्जर देने का आदेश

सागर में ई-स्कूटी के साथ गलत चार्जर देने पर उपभोक्ता आयोग का फैसला : TVS कंपनी और डीलर पर जुर्माना


तीनबत्ती न्यूज: 19 अगस्त, 2026

सागर। ई-स्कूटी के साथ निर्धारित क्षमता से कम क्षमता वाला चार्जर दिए जाने और शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदले जाने के मामले में सागर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड और स्थानीय डीलर बड़ेकुल मोटर्स को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार मानते हुए उपभोक्ता को एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

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2.19 लाख रुपये में खरीदी थी ई-स्कूटी

सागर निवासी दुर्गेश, पिता मुकेश जड़िया ने 16 जनवरी 2025 को TVS की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी। वाहन की मूल कीमत 1,97,519 रुपये थी। बीमा, आरटीओ, एक्सेसरीज और अन्य खर्च जोड़ने के बाद वाहन की कुल कीमत 2,19,300 रुपये हुई थी। कंपनी की ओर से वाहन पर 5 वर्ष की वारंटी/गारंटी भी दी गई थी।

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रातभर चार्ज करने के बाद भी बैटरी नहीं हुई फुल


स्कूटर घर लाने के बाद दुर्गेश ने जब उसे रातभर चार्जिंग पर लगाया, तो बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीलर से शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि स्कूटर के लिए 950 वाट क्षमता का चार्जर होना चाहिए, जबकि ग्राहक को दिए गए पैकेट में 650 वाट का चार्जर था।

बताया गया कि चार्जर के डिब्बे पर 950 वाट अंकित था, लेकिन अंदर 650 वाट का चार्जर निकलने की बात सामने आई। डीलर की ओर से ई-मेल के माध्यम से नया चार्जर मंगाकर देने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद निर्धारित चार्जर उपलब्ध नहीं कराया गया।

उपभोक्ता आयोग में पहुंचा मामला

लगातार शिकायतों और डीलर के चक्कर लगाने के बाद दुर्गेश ने TVS मोटर कंपनी लिमिटेड, चेन्नई और बड़ेकुल मोटर्स, भोपाल रोड, सागर के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में परिवाद दायर किया।

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा की पीठ ने की।


आयोग ने दिए ये आदेश

मामले में आयोग ने सेवा में कमी और उपभोक्ता को हुए मानसिक कष्ट को ध्यान में रखते हुए विपक्षीगणों को निर्देश दिए हैं—


- एक माह के भीतर 950 वाट का ओरिजिनल चार्जर उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाए।

- मानसिक कष्ट एवं सेवा में कमी के लिए 5,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाए।

- परिवाद व्यय के रूप में 2,000 रुपये का भुगतान किया जाए।


इस तरह आयोग के आदेश के अनुसार उपभोक्ता को निर्धारित चार्जर के साथ कुल 7,000 रुपये की राशि क्षतिपूर्ति एवं वाद व्यय के रूप में प्राप्त होगी।


उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण फैसला


यह मामला इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ मिलने वाले उपकरणों की गुणवत्ता और निर्धारित स्पेसिफिकेशन के अनुरूप सामान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण माना जा सकता है। आयोग के आदेश से यह संदेश भी जाता है कि कंपनी या डीलर द्वारा गलत उपकरण उपलब्ध कराए जाने और शिकायत के बाद उचित समाधान नहीं करने पर उपभोक्ता उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है।


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अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश

अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और FIR के बाद सांदीपनि विद्यालय शिक्षक निलंबित: सागर संभागीय संयुक्त संचालक का बड़ा आदेश


तीनबत्ती न्यूज: 18 अगस्त, 2026

सागर :शासकीय सांदीपनि महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक–1, सागर में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक आदित्य कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण सागर संभाग के संयुक्त संचालक (एस.पी. सिंह बिसेन) द्वारा 17 अगस्त 2026 को इस संबंध में औपचारिक निलंबन आदेश जारी किया गया।

बिना अनुमति वीडियो बनाना और अमर्यादित आचरण

प्राप्त आदेश के अनुसार, शिक्षक आदित्य कुमार पांडे पर आरोप है कि वे अध्यापन के दौरान छात्राओं का वीडियो बनाकर बिना अनुमति के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट करते थे। इसके अतिरिक्त, प्राचार्य के साथ पारिवारिक विवाद के चलते स्कूल परिसर में आए दिन अनुशासनहीनता और विवाद की स्थिति निर्मित करते थे। छात्राओं, अभिभावकों तथा साथी शिक्षकों ने भी उनके खिलाफ कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं।



समीक्षा बैठक में की अमर्यादित बयानबाजी

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल की टीम (सहायक संचालक रंजन शर्मा के नेतृत्व में) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षक देरी से पहुंचे। सामाजिक विज्ञान का परीक्षा परिणाम कम आने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। जांच में उनके ऊपर लगे सभी आरोप सही पाए गए।

छेड़छाड़ और BNS की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज

शिक्षक पर गोपालगंज थाना (सागर) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 74, 75, 15(1)(i), 296(A) के तहत छेड़छाड़ का मामला दर्ज (FIR क्रमांक-266, दिनांक 10-06-2026) किया गया है। 20 जुलाई 2026 को माननीय JMFC न्यायालय सागर में इसका चालान भी प्रस्तुत किया जा चुका है।

निलंबन अवधि में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय 'कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सागर जिला-सागर' नियत किया गया है।  नियम अनुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

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