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शुक्रवार, 5 मार्च 2021

राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी जेड यू शेख को रिश्वत के मामले में पांच साल की सजा, वही क्लर्क को हुई चार साल की सजा

राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी जेड यू शेख को रिश्वत के मामले में पांच साल की सजा, वही क्लर्क को हुई चार साल की सजा



भोपाल । मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के वरिष्ठ अधिकारी और शिवपुरी जिले  के तत्कालीन अपर कलेक्टर जेड यू शेख को सजा दी गई है। एडीजे कोर्ट ने तत्कालीन अपर कलेक्टर जेड यू शेख को 5 साल की सजा सुनाई है, लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
यह मामला आज से 5 साल पुराना है, 7 नबम्बर 2015 को तत्कालीन अपर कलेक्टर जेड यू शेख को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था, वर्तमान में शेख भोपाल के पशुपालन विभाग में पदस्थ हैं।
जेडयू शेख रिश्वतखोरी के मामले में दोषी पाए गए हैं। कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोप में जेडयू शेख को 5 साल जेल की सजा सुनाई है। जेडयू शेख को लोकायुक्त पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय शिवपुरी में एक छापामार कार्रवाई के दौरान रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसमे साथी क्लर्क  रामगोपाल राठौर को चार साल की सजा सुनाई गई है। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधाकिशन मालवीय ने सजा सुनाई।
शिवपुरी के  तत्कालीन एडीएम जेडीयू शेख के लिए रिश्वत की डील करने वाले क्लर्क राम गोपाल राठौर को भी 4 साल की सजा सुनाई गई है। राम गोपाल राठौर ने खदान संचालक दिवाकर अग्रवाल से कुल ₹20000 की मांग की थी। इसमें से ₹10000 एडीएम को दिए गए, ₹5000 राम गोपाल राठौर ने रख लिए और शेष ₹5000 ऑफिस के बाकी स्टाफ में बांटने के लिए बोल दिया था। 


IAS अवार्ड मिलने से पहले ही भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हो गया था 

1988 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जेडयू शेख को 5 साल पहले IAS अवार्ड होने वाला था। शिवपुरी ADM खान का नाम DPC के लिए प्रस्तावित था। जिस समय उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया सीनियर अफसर का वेतनमान उन्हें मिल रहा था। पद, प्रतिष्ठा और वेतन में कोई कमी नहीं थी।

दिवाकर अग्रवाल ने शिवपुरी कलेक्ट्रेट में एक खदान की लीज के लिए आवेदन किया था। इसके लिए खनिज सेक्शन के क्लर्क गोपाल राठौर ने रिश्वत मांगी थी। दिवाकर को बताया गया था कि इसके लिए ADM जेडयू खान को भी हिस्सा देना होगा। गोपाल ने दिवाकर की बात भी ADM खान से करा दी। दिवाकर ने मामले की शिकायत लोकायुक्त को कर दी। शिकायत की तस्दीक के लिए लोकायुक्त की टीम ने दिवाकर से ADM और क्लर्क की टेलीफोनिक बातचीत रिकार्ड कराई। शिकायत सच पाई गई तो, लोकायुक्त टीम ने सारी रणनीति बना कर रिश्वत की पहली किस्त 15 हजार रुपए के केमिकल युक्त नोट दिवाकर के जरिए ADM खान को भेजे। ADM खान ने जैसे ही रकम हाथ में ली, इशारा पाकर लोगायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हातों पकड़ कर मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद क्लर्क गोपाल को भी हिरासत में ले लिया गया।

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