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सोशल मीडिया पर अप्रमाणित , सनसनीखेज दावों से पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने पर हाईकोर्ट सख्त • मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश

सोशल मीडिया पर अप्रमाणित , सनसनीखेज  दावों से पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने पर हाईकोर्ट सख्त

• मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश



तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

सागर। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और प्रकाशनों पर सुनवाई के बाद दिए आदेश में  गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि संबंधित सामग्री में से कई पोस्ट और वीडियो वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने तथा मामले को सनसनीखेज बनाने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तुत सामग्री निष्पक्ष रिपोर्टिंग अथवा तथ्यात्मक आलोचना के बजाय मामले पर समय से पहले निष्कर्ष निकालती हुई प्रतीत होती है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक प्रतिवादियों को श्री भूपेन्द्र सिंह के विरुद्ध इसी प्रकार के या समान मानहानिकारक आरोप वाली पोस्ट प्रकाशित करने से रोकने के साथ सूचीबद्ध आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की आड़ में किसी व्यक्ति की गरिमा और सम्मान को बदनाम या अपमानित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रेस को जनहित से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता निरंकुश नहीं है और मीडिया मंचों को किसी व्यक्ति की चरित्र-हत्या से बचना चाहिए।


इस प्रकरण में प्रतिवादी ‘सबकी खबर’ न्यूज चैनल के संचालक रवीन्द्र जैन, फेसबुक यूजर अभिषेक जैन सहित अन्य पांच प्रतिवादी शामिल हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में प्रतिवादी अभिषेक जैन के फेसबुक प्रोफाइल, ‘सबकी खबर’ यूट्यूब चैनल, ‘नई दुनिया’ के डिजिटल विंग से जुड़े पत्रकार, एक कांग्रेस कार्यकर्ता तथा ‘राजधानी तक’ न्यूज चैनल के संचालकध्मुख्य समाचार एंकर सहित सोशल मीडिया मंचों से जुड़े प्रतिवादियों का उल्लेख किया गया है। उच्च न्यायालय के समक्ष वादी श्री भूपेन्द्र सिंह  की ओर से यह आरोप रखा गया था कि इन माध्यमों से उनके विरुद्ध भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री को लगातार प्रसारित कराया गया।


उच्च उच्च न्यायालय ने आपत्तिजनक वीडियो, लेखों और सोशल मीडिया पोस्टों को प्रथम दृष्टया देखने के बाद कहा कि इनमें से अनेक पोस्ट जानबूझकर वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और मामले को सनसनीखेज बनाने का प्रयास करती प्रतीत होती हैं। उच्च न्यायालय के अनुसार, प्रतिवादी ने सोशल मीडिया पोस्टों और वीडियो श्रृंखला के माध्यम से कथित मानहानिकारक अभियान को आगे बढ़ाया। पत्रकारिता संबंधी जांच के नाम पर पूछे गए सवालों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया कि उनसे यह धारणा बनती है कि वादी ने सक्रिय रूप से प्रताड़ित किया, जबकि प्रसारित आरोपों और उनसे तैयार किए गए पक्षपाती कथानक के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण सामने नहीं रखा गया है।


उच्च न्यायालय ने अपने निष्कर्ष में कहा कि विवादित वीडियो, पोस्ट और प्रकाशनों को प्रथम दृष्टया देखने पर वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग अथवा तथ्यात्मक आलोचना प्रस्तुत करते हुए दिखाई नहीं देते। बल्कि इन सामग्रियों में मामले पर समय से पहले ही निष्कर्ष निकालते हुए वादी को बिना किसी तथ्यात्मक आधार या न्यायिक निर्धारण के तानाशाह और उत्पीड़क के रूप में प्रस्तुत किया गया है।


उच्च न्यायालय ने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति की सार्वजनिक आलोचना की सीमा सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक व्यापक होती है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के नाम पर किसी व्यक्ति की गरिमा और सम्मान को बदनाम या अपमानित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। न्यायालय ने कहा कि मानहानि और सार्वजनिक आलोचना के बीच बहुत महीन अंतर है और इस संतुलन को बनाए रखना न्यायालयों का महत्वपूर्ण दायित्व है। आदेश में लक्ष्मी मुर्देश्वर पुरी बनाम साकेत गोखले मामले की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सोशल मीडिया के दौर में किसी सार्वजनिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना बेहद आसान हो गया है तथा वर्षों की निस्वार्थ सेवा से अर्जित प्रतिष्ठा को एक विचारहीन टिप्पणी भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उच्च न्यायालय ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत व्यक्ति के जीवन, गरिमा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के बीच नाजुक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रेस को जनहित के विषयों पर रिपोर्टिंग करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता निरंकुश नहीं है और इसका प्रयोग सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। मीडिया मंचों को किसी व्यक्ति की चरित्र-हत्या से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जनता के मन में पूर्वाग्रह पैदा होने के साथ उसकी प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।


उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा कि जब समाचार रिपोर्टिंग समय से पहले किसी निष्कर्ष को व्यक्त करने लगे और प्रभावी रूप से उस न्यायिक प्रक्रिया का स्थान लेने लगे, जो केवल न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में है, तो ऐसी स्थिति ‘मीडिया ट्रायल’ का रूप ले लेती है। उच्च न्यायालय के अनुसार, मीडिया द्वारा इस प्रकार समानांतर जांच और अन्वेषण किया जाना न्याय के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है। इसलिए अप्रमाणित आरोपों के गंभीर परिणामों से नागरिकों की रक्षा के लिए ऐसी प्रवृत्ति पर उचित नियंत्रण आवश्यक है, विशेषकर तब जब आरोपों को सनसनीखेज रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा हो।


उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने के बाद उच्च न्यायालय प्रथम दृष्टया इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि प्रतिवादियों द्वारा प्रसारित और प्रकाशित पोस्ट तथा वीडियो अप्रमाणित दावों को सनसनीखेज बनाते हैं और वादी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं। उच्च न्यायालय ने इन परिस्थितियों में प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक वादी के खिलाफ इस तरह के अथवा इसी प्रकार के मानहानिकारक आरोप वाली कोई पोस्ट प्रकाशित करने से रोकने का आदेश दिया है। साथ ही प्रतिवादी रविन्द्र जैन, अभिषेक जैन तथा आशुतोष शर्मा को तालिका में सूचीबद्ध यूट्यूब पर प्रसारित मानहानिकारक पोस्ट और वीडियो तत्काल हटाने तथा अगली सुनवाई तक उस स्थिति को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों को दो हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करने का आदेश देते हुए सुनवाई के लिये 5 नवम्बर 2026 की तारीख नीयत की है।



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कांग्रेस सेवा दल ग्रामीण की संगठनात्मक बैठक संपन्न, सागर में संगठन विस्तार पर जोर

कांग्रेस सेवा दल की संगठनात्मक बैठक संपन्न, जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प

• सेवा दल को जनता के बीच जाकर सेवा भाव के कार्य करना होगा : प्रताप नारायण मिश्रा

• कांग्रेस के विचार को जन-जन तक पहुंचाना है : अवनीश भार्गव


तीनबत्ती न्यूज:  12 अगस्त 2026

सागर। जिला कांग्रेस सेवा दल सागर ग्रामीण की संगठनात्मक बैठक जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के कार्यालय, पद्माकर नगर मकरोनिया में आयोजित की गई। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के सचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा, मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक अवनीश भार्गव तथा यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत वंदे मातरम गीत के साथ हुई। इसके बाद महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का स्वागत जिला मुख्य संगठक बी.डी. पटेल एवं यंग ब्रिगेड अध्यक्ष संजय रोहिदास ने किया।

जनता के बीच जाकर सेवा कार्य करने पर जोर

बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस सेवा दल के सचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा ने कहा कि सेवा दल को जनता के बीच जाकर सेवा भाव के कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी समय में सेवा दल को ब्लॉक और ग्राम स्तर तक मजबूत किया जाएगा। संगठन तभी मजबूत होगा, जब कार्यकर्ता सीधे जनता के बीच जाकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनेंगे और सेवा कार्य करेंगे।


कांग्रेस के विचार जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक अवनीश भार्गव ने कहा कि कांग्रेस के विचार को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की विचारधारा और भाजपा की विचारधारा के बीच अंतर को जनता के सामने रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर संगठन की विचारधारा और नीतियों को प्रभावी तरीके से रखना होगा।

जनता के मुद्दों को उठाने की जरूरत

यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष गजानन तिवारी ने कहा कि सेवा दल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। उन्होंने महंगाई और भ्रष्टाचार सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जनता के बीच पहुंचने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूर्व सरकारों की नीतियों और वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी जनता तक पहुंचाना आवश्यक है।

वरिष्ठ नेताओं ने भी रखे विचार

बैठक को पूर्व सांसद आनंद अहिरवार, वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सुहाने, सेवा दल के जिला प्रभारी शिवकुमार नीखरा, सेवा दल के प्रदेश महासचिव विजय साहू, जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक गौर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रिचा सिंह, महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव सीमा चौधरी एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष आंचल आठिया ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के सचिव मनोज पवार ने किया तथा आभार यंग ब्रिगेड अध्यक्ष संजय रोहिदास ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

बैठक में अवधेश सिंह सिमरिया, उमा नवैया, दीपक कुर्मी, अवधेश तोमर, शैलेंद्र तोमर, राशिद खान, यासीन खान, शेर सिंह लोधी, हरिओम पटेल, नारायण कुर्मी, बिहारी कुशवाहा, तीरथ कुर्मी, गोविंद सिंह लोधी, प्रभुदयाल कुर्मी, मनोज कुमार अहिरवार, कमलेश बंसल, पूरन सिंह, रामजी सिंह ठाकुर, प्यारे लाल पटेल, विकास सिंह दांगी, मनोज शिलावर, हरिओम कुर्मी, मुन्ना कुर्मी, प्रभुदयाल सिंह बीना, केदार सिंह पटेल, नवल सेन, रमेश बरौदा, प्रमोद राय, आनंद पटेल, उदयभान अहिरवार, बाबूलाल अहिरवार, दयाराम अहिरवार, कृष्ण कुमार अहिरवार, गणेश रैकवार, नितिन यादव, दिलीप रैकवार, राजपाल सिंह खुरई, कुलदीप दुबे, मोनू अहिरवार, जयेश पटेल, केके ब्यारे, आशुतोष चौरसिया, अशफाक खान, फरत रजक, रहिस खान, राजू दीक्षित, इशाक खान, राजकुमार खटीक, सुनील खटीक, रोहित कुर्मी, सुनील वैद्य, मुहम्मद इकबाल, सेतु अहिरवार, सुखलाल अहिरवार, रावेंद्र सिंह लोधी, कैलाश कुर्मी, बृजबिहारी कुर्मी, भूपेंद्र कुर्मी, शंकर लाल कुर्मी, मुकेश कुमार रहली, राजा पटेल, विकास जैसीनगर, अरबाज राईन, शाकिर राईन, कन्हैयालाल, बाबूलाल पटेल, संजय सिंह ठाकुर, रामबाबू कुर्मी, मुरलीधर कुर्मी, दिनेश कुर्मी, वीरेंद्र कुर्मी, नीरज कुर्मी, जीवन कुर्मी, संतोष कुर्मी, वृंदावन कुर्मी, संतोष यादव, रंजीत अहिरवार, रामबहादुर कुर्मी, प्रहलाद कुर्मी, राजेश शुक्ला, गोबर्धन तिवारी, लक्ष्मीनारायण लोधी, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, ओमप्रकाश पंजाबी पासु, कमलेश विंधरी, महेंद्र यादव, जयराम आठिया, विवेक वर्मा, असलम मंसूरी, राहुल अहिरवार, धर्मेंद्र पटना, नीरज पटेल, हरिदयाल पटेल, इदरीश खान, दीपक ब्रह्मभट्ट, रंजीत अहिरवार, विनोद तिवारी सेसई, विनोद पटेल बहरोल, अरबाज खान, रामनिवास लोधी, धर्मेंद्र कुर्मी, अरविंद लोधी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।


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एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव का फैसला

एमपी में एनालॉग पनीर पर लगेगा बैन, सीएम मोहन यादव ने दिए खाद्य सुरक्षा के सख्त निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 12 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएम डॉ. मोहन ने एमपी में बैन किया एनालॉग पनीर

मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन लग गया है। इस तरह का पनीर बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य में प्राकृतिक पनीर को ही प्रोत्साहित करेंगे। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को मीडिया से कहा कि हमने ये निर्णय किया है कि मध्यप्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। देश के अन्य राज्यों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। हमारे यहां प्राकृतिक दूध के उत्पाद हैं हम प्राकृतिक पनीर बनाएंगे। हम इन उत्पादों के बलबूते पर राज्य की पहचान बनाएंगे। 

बिल्कुल बढ़ावा नहीं देंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे चल रहे हैं। एनालॉग पनीर की बिक्री जैसी गतिविधियों को हम बढ़ावा नहीं देंगे।सरकार के अनुसार बाजार में दूध से बने पारंपरिक पनीर के स्थान पर सस्ते एनालॉग पनीर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर, प्रोटीन, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

होटल, मिठाई दुकानों और डेयरी में होगी जांच

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें होटल, मिठाई की दुकानों, डेयरी, रेस्टोरेंट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में जांच अभियान चला सकती हैं। जांच के दौरान एनालॉग पनीर पाए जाने पर नमूने लिए जाएंगे और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की लेबलिंग और उपभोक्ता जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को आम तौर पर असली पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक तरीके से केवल दूध को फाड़कर तैयार किए गए पनीर से अलग होता है।

इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में वनस्पति या पाम ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन, केसिन, स्टार्च, इमल्सीफायर और स्टेबलाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। खाद्य उद्योग में इसका इस्तेमाल कुछ फास्ट फूड, फ्रोजन फूड और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों में किया जाता है।

असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर

असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है और इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन, वसा और कैल्शियम प्रमुख पोषक तत्व होते हैं।

एनालॉग पनीर: दूध के अलावा अन्य वसा और खाद्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। इसकी पोषण संरचना इस्तेमाल की गई सामग्री पर निर्भर करती है।

उपभोक्ताओं को पैकेट पर दिए गए लेबल को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि किसी उत्पाद पर “Paneer Analogue”, “Imitation Paneer” या इसी तरह की जानकारी लिखी हो तो उसे पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग समझना चाहिए।


उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?


पनीर खरीदते समय पैकेट पर उत्पाद की सामग्री, लेबल और निर्माता की जानकारी जरूर देखें। खुले में बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।



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सागर रेल कनेक्टिविटी को लेकर सांसद लता वानखेड़े ने रेल मंत्री से की मुलाकात, नई रेल लाइन के सर्वे और आरओबी कार्यों में तेजी की मांग

सागर रेल कनेक्टिविटी को लेकर सांसद लता वानखेड़े ने रेल मंत्री से की मुलाकात, नई रेल लाइन के सर्वे और आरओबी कार्यों में तेजी की मांग


तीनबत्ती न्यूज, 11 अगस्त 2026

सागर। सागर लोकसभा क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और रेलवे से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को गति देने के लिए सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर रेल मंत्री को मांग पत्र सौंपा।

सांसद ने मुख्य रूप से सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के कार्यों में तेजी लाने, नई रेल लाइनों के सर्वे के आदेश जल्द जारी करने, महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव बढ़ाने तथा रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना के विकास की मांग रखी।

बीना-कुरवाई-पठारिया-सिरोंज-आरोन-लटेरी-ब्यावरा-भोपाल रेल लाइन के सर्वे की मांग

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने बीना, कुरवाई, पठारिया, सिरोंज, आरोन, लटेरी, सुठालिया, ब्यावरा और भोपाल को जोड़ने वाली प्रस्तावित नई रेल लाइन के सर्वे के लिए जल्द आदेश जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल मार्ग सागर लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ विदिशा, राजगढ़, गुना और भोपाल से जुड़े ऐसे अनेक क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ सकता है, जो वर्तमान में रेल सुविधा से वंचित हैं।

कुरवाई, सिरोंज, लटेरी, सुठालिया, आरोन और आसपास के क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी मिलने से लाखों लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे रोजगार, व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिल सकती है।

निर्माणाधीन आरओबी के कार्यों में तेजी की मांग

सांसद ने रेल मंत्री को सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की सूची, राज्य सरकार द्वारा बनाए जा रहे सर्विस रोड की स्थिति और रेलवे की ओर से किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि आरओबी परियोजनाएं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। लंबे समय से चल रहे इन कार्यों को जल्द पूरा किए जाने की आवश्यकता है।


भोपाल-रायसेन-सागर-छतरपुर-खजुराहो रेल लाइन की भी मांग

सांसद ने भोपाल-रायसेन-सागर-छतरपुर-खजुराहो नई रेल लाइन की मांग भी रेल मंत्री के समक्ष रखी। प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई लगभग 320 किलोमीटर बताई गई है और इसके सर्वेक्षण के लिए रेलवे द्वारा बजट स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।

सांसद ने कहा कि इस रेल लाइन के निर्माण से भोपाल, रायसेन, सागर, छतरपुर और खजुराहो के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे पर्यटन, उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होने की संभावना है।


खुरई स्टेशन पर इन ट्रेनों के ठहराव की मांग

सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने सागर लोकसभा क्षेत्र के खुरई रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी। इनमें—

- गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस

- हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग एक्सप्रेस

- जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस

- दुर्ग-उधमपुर एक्सप्रेस

- दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस

- जबलपुर एक्सप्रेस

शामिल हैं।

इसके साथ ही खुरई रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और आधारभूत संरचना के विकास की मांग भी की गई।



रेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश


सांसद द्वारा रखी गई मांगों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को सागर लोकसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी आरओबी के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की समीक्षा किए जाने का आश्वासन भी दिया।

अन्य मांगों के संबंध में भी रेल मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सांसद द्वारा प्रस्तुत मांग पत्रों और प्रस्तावों को संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजते हुए तत्काल प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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सागर पुलिस ने अवैध हथियार फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

सागर पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

• देशी कट्टा, रिवाल्वर और पिस्टल सहित 3 जिंदा कारतूस बरामद, हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त


तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

सागर। जिले में अवैध हथियारों के निर्माण, सप्लाई और इनके जरिए दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सागर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कैंट पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा, एक देशी रिवाल्वर, एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके साथ ही अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और सामग्री भी जब्त की गई है।


मामले का खुलासा एडिशनल एसपी द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में किया गया।

कजलीवन मैदान के पास कट्टा लेकर घूम रहा था आरोपी

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया द्वारा जिले में अवैध हथियार रखने, उनका उपयोग कर दहशत फैलाने तथा कानून-व्यवस्था एवं आम शांति को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इसी के तहत थाना कैंट पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध व्यक्तियों और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी।

इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि कजलीवन मैदान के पास एक व्यक्ति अवैध देशी कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा है। सूचना पर कैंट पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर दबिश देकर एक संदिग्ध युवक को पकड़ा।

पूछताछ और तलाशी में उसकी पहचान अनुज सेन पिता स्व. केदार सेन, उम्र 24 वर्ष, निवासी लक्ष्मीपुरा वार्ड, थाना कोतवाली, जिला सागर के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक .315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

पूछताछ में सामने आई हथियार निर्माण और सप्लाई की कड़ी

पुलिस के अनुसार अनुज सेन से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उक्त देशी कट्टा उसे साहिल अहिरवार पिता शिवप्रसाद अहिरवार, उम्र 24 वर्ष, निवासी भीम वार्ड, थाना बीना, जिला सागर से प्राप्त हुआ था।

अनुज से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने साहिल अहिरवार के निवास पर दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .38 बोर की देशी रिवाल्वर और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

इसके अलावा पुलिस को उसके पास से अवैध हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और सामग्री भी मिली। इनमें ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, तीन कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी और लोहे की पत्तियां सहित अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद सामग्री से अवैध हथियारों के निर्माण से जुड़े नेटवर्क की महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।


तीसरे आरोपी तक भी पहुंची पुलिस

साहिल अहिरवार से पूछताछ के दौरान पुलिस को तीसरे आरोपी के संबंध में जानकारी मिली। पूछताछ में साहिल ने पुलिस को बताया कि उसने एक देशी पिस्टल सूरज अहिरवार पिता हेमराज अहिरवार, उम्र 23 वर्ष, निवासी आवासीय कॉलोनी, थाना मोतीनगर, जिला सागर को दी थी। पुलिस टीम ने सूरज अहिरवार की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक .32 बोर की देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार और निर्माण सामग्री जब्त

इस कार्रवाई में थाना कैंट पुलिस ने अवैध हथियार रखने, निर्माण करने और सप्लाई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल—

- 01 नग .315 बोर का देशी कट्टा

- 01 नग .38 बोर की देशी रिवाल्वर

- 01 नग .32 बोर की देशी पिस्टल

- 03 जिंदा कारतूस

- अवैध हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और सामग्री बरामद की है।


बरामद हथियार निर्माण सामग्री

पुलिस द्वारा जब्त सामग्री में ड्रिल मशीन, पेचकस, पाना, हथौड़ा, लोहे की रॉड, पाइप, स्प्रिंग, 03 कटी हुई नाल, स्क्रू, लकड़ी के गुटके, स्प्रिंग लॉक, कैंची, रापी और लोहे की पत्तियां सहित अन्य सामग्री शामिल है।

पुलिस की इस कार्रवाई से सागर में अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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सागर में प्रशासनिक फेरबदल: दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना, शैलेश द्विवेदी को SCTSL का अतिरिक्त प्रभार

सागर में प्रशासनिक फेरबदल: दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना, डिप्टी कलेक्टर शैलेश द्विवेदी को SCTSL का अतिरिक्त प्रभार


तीनबत्ती न्यूज:11 अगस्त 2026

सागर। प्रशासनिक कार्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए सागर जिले में अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर श्री शैलेश द्विवेदी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (SCTSL) के प्रभारी कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

दो तहसीलदारों की नवीन पदस्थापना

जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार श्री अनिल कुशवाहा को तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, सागर के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं तहसीलदार श्री रामप्रताप सिंह ठाकुर को तहसीलदार मालथौन के वर्तमान दायित्व के साथ-साथ आगामी आदेश तक तहसीलदार बांदरी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

शैलेश द्विवेदी को SCTSL की जिम्मेदारी

प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत डिप्टी कलेक्टर सागर श्री शैलेश द्विवेदी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (SCTSL), सागर के प्रभारी कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।प्रशासनिक स्तर पर किए गए इन बदलावों का उद्देश्य विभागीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना और प्रशासनिक कार्य सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है।

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12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण • सारिका घारू

12 अगस्त  को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण : आपके शहर  में रात, यूरोप में दिन में छाएगा अंधेरा 

• सारिका घारू


तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

12 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण  लगेगा, जिसके कारण दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय ही पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा। इस खगोलीय घटना को लेकर नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं।

सारिका घारू ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण विशेष रूप से यूरोप महाद्वीप के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि वहां पूरे 27 साल बाद कोई पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देने जा रहा है। इससे पहले यूरोप ने साल 1999 में ऐसा नजारा देखा था।

सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समयानुसार यह ग्रहण आज (12 अगस्त ) की रात 9:04 बजे शुरू होगा और मध्य रात्रि को पार करते हुए मध्‍यरात्रि के बाद (13 अगस्त की)  01:27 बजे समाप्त होगा। चूंकि ग्रहण की पूरी अवधि भारत में रात के समय होगी, जब सूर्य पहले से ही क्षितिज  के नीचे छिपा होगा , इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा ।

ग्रहण के दौरान चंद्रमा की विशाल छाया पृथ्वी के एक बड़े हिस्से को कवर करेगी। पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा, जहाँ लोग दिन में रात होने का अनुभव करेंगे। इसके अलावा, पूरे यूरोप, कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

अंधविश्वासों से रहे दूर

सारिका घारू ने लोगों से अपील की है कि वे ग्रहण से जुड़े अंधविश्वासों से दूर रहें और इसे केवल एक सुंदर प्राकृतिक और खगोलीय घटना के रूप में देखें। इस ग्रहण को विश्‍व की लगभग 12 प्रतिशत जनसंख्‍या प्रत्‍यक्ष देख सकेगी । वहीं भारत के खगोल प्रेमी इस अद्भुत दृश्य को नासा  या अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं के ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकते हैं।

इस ग्रहण के 15 दिन के बाद 28 अगस्‍त को आंशिक  चंद्रग्रहण होगा लेकिन इसे भी भारत मे नहीं देखा जा सकेगा ।

अगर भारत मे आप इसे अपने शहर मे देखना चाहते हैं तो 2 अगस्‍त 2027 तक का इंतजार करना होगा जब यह आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिख सकेगा ।

ग्रहण की शुरुआत:                  12 अगस्त, रात 09:04 बजे से

पूर्ण ग्रहण (टोटैलिटी) की शुरुआत: रात 10:28 बजे से

ग्रहण का पीक टाईम :              रात 11:16 बजे (जब चंद्रमा सूर्य को सबसे ज्यादा ढकेगा)

पूर्ण ग्रहण की समाप्ति:              रात 12:05 बजे

ग्रहण का पूर्ण समापन:           13 अगस्त, 01:27 बजे तक

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सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू

सीएम डॉ. मोहन यादव पहुंचे सिचुएशन रूम, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा; 527 लोगों का रेस्क्यू



तीनबत्ती न्यूज: 11 अगस्त, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 11 अगस्त को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचकर राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर उनका हालचाल जाना।

सिचुएशन रूम में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक मदद पहुंचाई जा रही है।



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहत एवं बचाव कार्य में लगे मैदानी अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली।

527 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वर्तमान में बारिश का समय है। इस बार प्रदेश में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई है, वहां आम नागरिकों को राहत पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि राहत एवं बचाव दल ने अभी तक 527 लोगों की जान बचाई है। खंडवा में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बनी स्थिति में 7 कांवड़ियों का भी रेस्क्यू किया गया।

नदी-नालों के किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान अचानक नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं और प्रशासन की सलाह का पालन करें। आवश्यकता होने पर पड़ोसी जिलों से भी राहत एवं बचाव के लिए मदद ली जा रही है।

दिन-रात राहत और बचाव में जुटी टीमें

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहत एवं बचाव दल दिन-रात लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की मॉनिटरिंग की और रेस्क्यू किए गए लोगों से भी बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्तर पर आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए काम कर रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर प्रदेश स्तर से निगरानी रखी जा रही है।

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