रविवार, 1 मार्च 2020

एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम की शुरुआत , नागालैंडऔर एमपी- बुन्देलखण्ड को जानेंगे एक दूसरे की सँस्कृति

एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम की शुरुआत , नागालैंडऔर एमपी- बुन्देलखण्ड को जानेंगे एक दूसरे की सँस्कृति
सागर । भारत सरकार के मॉनव संसाधन विकास मंत्रालय के "एक भारत श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम के तहत डॉ हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि सागर में नागालैंड विवि का दल एक मॉर्च से छह मॉर्च तक एक दूसरे की कला सँस्कृति का साझा करेंगे। नागालैंड विवि का 40 सदस्यीय दल यहां आया हुआ है । आज विवि के स्वर्ण जयंती सभागार में इसकी विधिवत शुरुआत हुई। एक भारत श्रेष्ठ भारत के आयोजन को लेकर सागवासियो में उत्साह दिखा।

उदघाट्न अवसर पर डॉ गौर विवि के कुलपति प्रो आर पी तिवारी नागालैंड की  भाषा  के शब्दों का प्रयोग किया तो नागालेंड से आये लोगो ने हिंदी के शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी बात कही। प्रथम दिन दोनो अंचलों की कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतिया हुई। दर्शकों ने करतल ध्वनि से इनको  सराहा।

इस मोके पर विवि के कुलपति प्रो तिवारी ने कहा कि नागालैंड उस सँस्कृति को अपनाए जिसमे सिर्फ पहनावे से उनके कबीलों या इलाको की पहचान हो जाती है। उन्होंने कहा कि देश की कला सँस्कृति को जानना ,सीखना और इनका सम्मान करना ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना है । यही हमारी एकता को मजबूत बनाये रखेगी।इस मौके पर नागालैंड विवि की प्रो राधा रानी, नोडल अधिकारी ए पाल, नोडल अधिकारी EBSB पीटर की और EBSB के कोराडीनेटर सोमनाथ चक्रवर्त्ती ने भी विचार रखे।

बारात में दिखेगी बुन्देली सँस्कृति
इसके समन्वयक राकेश सोनी ने बताया कि इसके तहत एक शादी का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमे बुन्देलखण्ड अंचल की सभी परम्पराओं जैसे खानपान,लोक गीत और पहनावा आदि को बताया जाएगा । ताकि नागालैंड के लोग हमारी सँस्कृति को जान सके । इसी के साथ ही ऐतिहासिक स्थानों का भृमण भी कराया जाएगा। 
उद्घाटन समारोह में डॉ गौर  विवि की स्थानीय समन्वयक डॉ विजया सुंदरी ने  नागालैंड के बारे में बताते हुए कहा कि नागालैंड में 11 सदसिय्य दल गया था। जिसने कला सँस्कृति के अध्ययन के साथ ही पुरातत्व से जुड़े स्थानों का भी भृमण किया था । प्रकृति की दृष्टि से अदभुत सुदरता था कि हॉइ।  डॉ सुंदरी कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत नागालैंड जा चुकी है।

मंच से किया दल का स्वागत कुलपति ने

इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो तिवारी और कुलसचिव राकेश मोहन ने नागालैंड के पूरे दल को मंच पर आमंत्रित कर स्वागत किया। 
मंच पर बुन्देलखण्ड अंचल के लोक कलाकार राम सहाय पांडे और बुन्देली मार्शल आर्ट के भगवान दास रैकवार का मंच पर सम्मानित किया गया है । ये कलाकार अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है और कई सम्मान मिल चुके है। लोकनर्तक राम सहाय पांडे ने अपनी कला का हल्का प्रदर्शन कर दर्शकों का मनमोह लिया। इस मौके पर एसवीएन विवि  के कुलपति डॉ अनिल तिवारी, गर्ल्स डिग्री कालेज की अंजना चतुर्वेदी,सागर के विवि के शिक्षक ,विधार्थी ,अन्य एकेडमिक संस्थानों के लोग और नागरिकगणो की भागीदारी रही।

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